Sunday , 5 July 2020

आखिर क्‍यों ठुकरा दिया नीलम रावत ने सरकारी नौकरी का तौहफा

ऊपर से कठोर पर दिल से नर्म हैं नीलम रावत

छोटे बच्‍चों के साथ वरदान फाउंडेशन की संस्‍थापक नीलम रावत

नई दिल्‍ली। समाज सेवा के लिए बहुत कम लोग ऐसे होते है जो अपने परिवार का बलिदान देते है। अगर बात करें महिलाओं की तो महिलाओं में समर्पण भाव सबसे ज्यादा होता हैं लेकिन समाज सेवा के लिए परिवार का त्याग करने की शक्ति बहुत ही कम महिलाओं में होती है। जिनकी संख्या ना के बराबर है लेकिन ऐसी ही एक शख्सियत है नीलम रावत। आधुनिक विचारों से पूर्ण, निडर, साहसी, ईमानदार व अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित। महिलाओं के लिए विशेष तौर पर आवाज उठाई जिसका खामियाजा उन्हें अपने पारिवारिक जीवन का त्याग करके देना पड़ा। अगर हम कहें कि नीलम रावत महिला सशक्तिकरण का एक अच्छा उदाहरण है तो शायद गलत नहीं होगा। नीलम रावत का जन्म हरियाणा के कुरूक्षेत्र में रहने वाले एक साधारण परिवार में हुआ। छोटा सा परिवार एक भाई, माता, पिता। पिता स्वर्गीय लाल सिंह सरकारी कर्मचारी थे तो माता श्रीमती आशा देवी एक साधारण गृहणी जो अपने जीवन में खुश थी। समाज सेवा की भावना व निडरता उन्हें परिवार से ही मिली। नीलम रावत से इस संबंध में बात करने पर उन्होंने बताया कि उनके पिता ने उन्हें कभी एक लड़की नहीं समझा। भगवान ने उन्हें लड़की बनाया। समर्पण, त्याग, कोमल ह्दय जैसा एक लड़की में होता है भगवान ने उन्हें दिया तो दूसरी ओर उनके पिता से उन्हें निडरता, साहस, ईमानदारी प्राप्त हुई। यह उनके पिछले जन्म के पुण्य ही होंगे जो उन्हें एक महिला के तौर पर जन्म लिया क्योंकि एक महिला ही घर व परिवार संभाल सकती हैं। लेकिन कहते है जीवन इतना आसान नहीं होता जब नीलम रावत छोटी सी थी तो उनके पिता का आकस्मिक रूप से देहांत हो गया। परिवार में बड़ी लड़की होने के कारण घर की पूरी जिम्मेवारी उनके कंधों पर आ गई। यहीं से नीलम के जीवन में संघर्ष ओर मेहनत का मोड़ आया। पिता तो नहीं रहें लेकिन जो शिक्षा पिता ने अपनी बेटी को बेटा बनाने के लिए डाली थी वह आज भी नीलम को जीवन में संघर्ष करने के लिए ताकत देती हैं। शायद पिता की शिक्षा का ही नतीजा था कि इस मोड़ पर नीलम रावत ने अपने स्वाभिमान का परिचय देते हुए एक ऐसा निर्णय लिया जिसके कारण वह या तो आराम का जीवन जी सकती थी या फिर संघर्ष पूर्ण जीवन चुन सकती थी। लेकिन नीलम ने संघर्ष पूर्ण जीवन का चुनाव किया। जी हां जिस सरकार नौकरी के लिए लोग लाखों रुपए देने के लिए तैयार रहते हैं, वर्षों मेहनत करते है फिर भी उन्हें वह सरकारी नौकरी नहीं मिलती। वह सरकारी नौकरी उनके घर तक चलकर आई। पिता की मृत्यु के बाद सरकारी नियम के अनुसार नीलम के परिवार में से किसी एक को सरकारी नौकरी देने थी अधिकारी नीलम के घर पर आए ओर नीलम की शिक्षा से संबंधित कागजात मांगे क्योंकि भाई अभी नाबालिक था व मां एक सीधी साधी गृहणी।

नीलम की सरकारी नौकरी उसके दरवाजे पर चल कर आई थी लेकिन उस समय नीलम के निर्णय ने सबको चौंका दिया। नीलम ने अधिकारियों से कहा कि नौकरी पर उसे भाई का अधिकार है लेकिन भाई छोटा है तो उसकी मां को नौकरी दी जाए क्योंकि कुछ समय बाद उसकी शादी हो जाएगी तो उसके परिवार की जिम्मेदारी कौन संभालेगा। मां को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इस लिए यह नौकरी मां को मिलनी चाहिए। पिता की संपत्ति की असल हकदार मां हैं। मां ने बहुत मना किया ओर नीलम को नौकरी लेने को कहा अधिकारियों ने भी समझाया लेकिन नीलम ने किसी की नहीं सुनी ओर नौकरी अपनी मां को दिलवा दी। खुद परिवार ओर घर की जिम्मेदारी संभल ली। मां कभी घर से बाहर नहीं गई तो उसे ऑफिस लाने ले जाने की जिम्मेदारी भी नीलम रावत न बखुभी निभाई। पिता की मृत्यु के बाद नीलम रावत का परिवार दिल्ली के नरेला में आकर बस गया। नई जगह नए लोग, उपर से मां की तनख्वाह भी कम थी जिसके कारण नीलम ने अपने शिक्षा को प्राइवेट के तौर पर पूरी करने व नौकरी करने का निर्णय लिया। सुबह घर का सारा काम करने के बाद मां को ऑफिस छोड़ कर वापस आने पर नीलम ने एक शोरूम में सेल्स गल्र्स की नौकरी कर ली मात्र छह हजार रुपए में फिर शाम को ऑफिस से अपनी मां को लेकर घर आना ओर फिर घर का काम करनेके पश्चात अपनी पढ़ाई करना यहीं नीलम के जीवन का आधार बन गया था लेकिन नीलम के जीवन में एक कसक सी जी। क्या यहीं जीवन है इसका उत्तर उन्हें मिला जब एक शाम वह नौकरी से घर आ रही थी तो रास्ते में एक महिला एक घर के बाहरण पागलों की तरहा बैठी अंदर आने की भीख मांग रही थी बात करने पर नीलम को पता चला कि उसके मां बाप बहुत गरीब है। उन्होंने अपने सामथ्र्य के अनुसार एक घर में शादी कर दी लेकिन ससुराल वाले लालची निकले। रोज दहेज की मांग करते ओर मांग पूरी ना होने पर उसे मारते पीटते । जब फिर भी मांग पूरी नहीं हुई तो उसे घर से निकाल दिया उसके हाथ में एक साल का बच्चा था। बस वहीं से नीलम ने निर्णय लिया कि वह महिलाओं के लिए कार्य करेंगी। अपने रोज के जीवन या फिर हफ्ते में एक दिन की छुटटी मिलने पर वह निकल जाती अपने आस पास की महिलाओं के लिए कार्य करने के लिए। समय के साथ साथ जैसे जैसे महिलाओं स उनका संपर्क बढ़ा तो पता चला कि यह समस्यां तो बहुत बडी है जिसका निदान महीने में कुछ घंटे निकाल कर नहीं किया जाता। फिर एक बार नीलम ने अपने व्यक्तित्व के अनुसार निर्णय लिया ओर अपनी नौकरी छोड़ पूर्ण रूप से महिलाओं के लिए कार्य करने का निर्णय लिया । उसके इस निर्णय को जान कर उसके बॉस ने उसकी सैलरी दो गुना बढ़ाने का प्रस्ताव रखा लेकिन नीलम ने पीडि़त महिलाओं के साथ खड़े होने का फैसला किया वह नौकरी का त्याग कर दिया। लेकिन जैसे हमारे समाज की रीत है नीलम आखिर है तो एक लड़की ही जिसकी शादी करने के पश्चात उसे अपने पति के घर जाना पड़ता है। नीलम की भी शादी २०१४ में कर दी गई। शादी के दो साल बाद २०१६ में नीलम को एक खूबसूरत बच्चे वरदान ने जन्म लिया। लेकिन कहते है ना हमारा समाज पुरूषवादी है जहां महिलाओं को केवल घर के कार्य करने के लिए ही समझा जाता है। फिर नीलम तो आधुनिक विचारों वाली व एक संघर्ष पूर्ण जीवन की साक्षात स्वरूप थी जिसे केई पुरूषवादी सोच वाला व्यक्ति कैसे अपने विचारों में जकड़ सकता था इस कारण परिवार में मनमुटाव होने लगा आखिर वह दिन भी आ गया जिसकी संभावना सभी को थी। नीलम के पति ने साफ कहा कि या तो परिवार को चुन लो या फिर पीडि़त महिलाओं को। नीलम ने यहां भी एक मिसाल रखते हुए समाज सेवा का ही चुनाव किया ओर इसी कारण पति से तलाख हो गया। जिसके बाद अब नीलम रावत ने समाज सेवा का दामन पूर्ण रूप से थाम लिया। अपने समाज सेवा के लक्ष्य को पूरा करने के लिए नीलम रावत ने अपने बेटे वरदान के ना से वरदान फाउंडेशन के नाम से एक एनजीओ की स्थापना की। आज नीलम रावत अपने महिलाओं के उत्थान के लिए वरदान फाउंडेशन के द्वारा समाज सेवा में पूर्ण रूप से समर्पित हैं। यह तो नीलम रावत का सामाजिक जीवन है उनका अगर व्यक्तिगत जीवन पर नजर डाले तो नीलम रावत बाहर से जितनी सख्त नजर आती है अंदर से उतनी ही कोमल व नटखट हैं। जहां जिसका स्वरूप आपको उनके वीडियो में मिलेगा

जी हां नीलम रावत एक एक्ट्रेस भी है। कुछ हरियाणवी गानों में नीलम रावत ने काम किया है जिसे लोगों ने खूब पसंद किया हैं। जहां एक ओर उनकी समाज सेवा से लोगों में उनके प्रति सम्मान का भाव देखा जाता है तो दूसरी ओर उनकी अदाकारा भूमिका ने लोगों को अपना दिवाना बना रखा हैं। अब देखना ये है कि समय के साथ साथ वे किस मुकाम पर पहुंचेंगी।

गाने की शुटिंग के दौरान नीलम रावत

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One comment

  1. Vrey nice

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