Jat Pariwar

समाज के लिए एक प्रयास, आईये आप भी जुडिये हमारे साथ

राज्यपाल पद की जिम्मेदारी छोडने की क्यों कहा सत्यपाल मलिक ने

मेरठ । सही बात कहना गलत नहीं है। मेरी बात गलत है तो प्रधानमंत्री जिस दिन कहेंगे उसी दिन राज्यपाल पद की जिम्मेदारी भी छोड़ दूंगा। यह बात कहीं है मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल सिंह मलिक ने। राज्यपाल सत्यपाल मलिक लगातार आम जनता और उनके मुद्दों की बात करते रहते है इसका खामियाजा कई बार उन्हें उठाना भी पड़ता है।

बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में पहुंचे सत्यपाल मलिक

बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में पहुंचे सत्यपाल मलिक बोले, लाल किले पर झंडा फहराने का सबसे पहला अधिकार प्रधानमंत्री को और उसके बाद उन गुरु तेग बहादुर के बच्चों को है, जिन्होंने लाल किले के दरवाजे पर देश की खातिर अपनी गर्दन कटवा दी थी। लाल किले पर कुछ लड़के चढ़े तो दिल्ली में ऐसी अफवाह फैला दी गई जैसे कोई आतंकवादी घटना हो गई हो। जबकि लाल किले पर किसी पार्टी का झंडा नहीं, बल्कि निशान साहिब लगाया गया था।

यह भी पढ़े- मैं प्रो एक्टिव नहीं, कॉपी बुक राज्यपाल हूं: जगदीप धनखड़

सत्यपाल मलिक ने मेरठ में हाई कोर्ट बेंच की मांग को उचित बताया

सत्यपाल मलिक ने मेरठ में हाई कोर्ट बेंच की मांग को उचित बताया। कहा, प्रदेश में चार अतिरिक्त हाईकोर्ट बेंच की जरूरत है। वर्ष 1989 में मेरी गलती से मेरठ में हाई कोर्ट बेंच बनने से रह गई। राज्यपाल पद के दायित्व से मुक्त होने के बाद में हाई कोर्ट बेंच के आंदोलन में सहयोग दूंगा। इसके लिए जिम्मेदार लोगों से संपर्क करके बेंच की स्थापना कराई जाएगी। आज जितना किसानों के लिए लड़ रहा हूं रिटायरमेंट के बाद उससे ज्यादा हाई कोर्ट बेंच के लिए संघर्ष करूंगा।

अनुच्छेद 370 का जिक्र किया

उन्होंने कहा जम्मू कश्मीर से हटाई गई अनुच्छेद 370 का भी जिक्र किया और कहा कि मैंने श्रीनगर ही नहीं, बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर में घूम-घूम कर जनता को इसके लिए तैयार कर लिया था। जब यह अनुच्छेद हटाया गया तो पूरे जम्मू कश्मीर में कहीं पर भी कोई हो हल्ला नहीं हुआ, जबकि उससे पहले महबूबा और फारूक अब्दुल्ला खून की नदियां बहाने की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल में श्रीनगर में कोई आतंकी घटना तक नहीं हुई।

मेरठ क्षेत्र की जनता को हाईकोर्ट बेंच की बेहद जरूरत है।

राज्यपाल ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना होनी चाहिए। बेंच बहुत बार मेरठ के लिए आए लेकिन बीच में ही रुक गए। रिटायर होने के बाद में हाई कोर्ट बेंच की लड़ाई लड़ूंगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मैं प्रारंभ से ही हाई कोर्ट बेंच की लड़ाई में शामिल रहा हूं। मेरठ कॉलेज मैं पढ़ाई के दौरान से ही प्रत्येक आंदोलन में सभी के साथ खड़ा रहा और जनता मेरे साथ खड़ी रही। मैं जो भी बना हूं मेरठ कॉलेज की चारदीवारी से बना हूं। उन्होंने कहा कि मेरठ क्षेत्र की जनता को हाईकोर्ट बेंच की बेहद जरूरत है।

यह भी पढ़े- jat kahawat in hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *