Jat Pariwar

समाज के लिए एक प्रयास, आईये आप भी जुडिये हमारे साथ

आदर्श जाट महासभा द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय जाट चिंतन शिविर सफलतापूर्वक संपन्न
आदर्श जाट महासभा
international jaat divas
  • जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज सभी मुकद्दमें रद्द करवाने,
  • आंदोलनकारी सभी जाट युवाओं को जेल से बाहर निकलवाने के लिए हर रणनीति पर कार्य करने,
  • मृत्यु भोज व अन्य तमाम समाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने,
  • आदर्श जाट महासभा के 14 राज्यों केअपने संगठन के पूर्नगठन के फैसले,
  • 51सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के शपथग्रहण समारोह व कौम हित के लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ संपन्न हुआ
  • देश की राजधानी क्षेत्र में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय जाट चिंतन शिविर,अलग-अलग सत्रों में अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञों ने रखें अपने-अपने विचार,हर मुद्दे पर की गई खुलकर चर्चा, खोजें गए समाधान, कई मामले में ऐतिहासिक रहा यह शिविर,धरातल पर कार्य करने के लिए बनी टीमें, महासभा बनाएगी अपने संगठन की अलग अलग सैल

नई दिल्ली एन. सी.आर.। देश की राजधानी क्षेत्र में आदर्श जाट महासभा के बैनर तले महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कद्दावर राष्ट्रीय जाट नेता चौधरी पवनजीत सिंह बनवाला की अध्यक्षता में जुटे विश्व भर के जाट सरदारों ने ऐतिहासिक रूप में अपनी कौम के व्यापक हितों के लिए दो दिनों तक कौम के हर मुद्दों पर खुलकर चिंतन व मंथन किया, समाधान खोजें व लिए गए निर्णयों को धरातल पर लागू करने के लिए अलग अलग क्षेत्रों की अलग अलग टीमों का गठन भी किया।

इसे भी पढिये – international jat parliament को जानिये जाटों के गौरवशाली इतिहास के बारे में

देश व विदेश के भी जाट बुद्धिजीवियों की नजर जहाँ राजधानी क्षेत्र में पहली बार अपनी कौम के चिंतन व मनन के लिए लगातार दो दिन व रात तक चिंतन व मनन के लिए जुटे जाट सरदारों पर थी वहीं प्रशासन व शासन की निगाहें भी पुरी तरह से यहाँ टिकी हुई थी जहाँ एक और सरकार का खुफिया तंत्र पुर्ण मुस्तैद था वहीं दूसरी ओर चौधरी पवनजीत सिंह बनवाला व उनकी टीम के प्रत्येक पदाधिकारियों की पल पल की गतिविधियों की रिपोर्टें भी उचित माध्यम से आला अधिकारियों के समक्ष खुफिया तंत्र द्वारा पहुचाई जा रही थी।

वीर तेजा जी महाराज व अन्य जाट महापुरुषों के जयकारों के साथ शानदार तरीके से इस शिविर का आगाज 4जनवरी को किया गया व रात्रि 12:35मिनट तक अलग अलग सत्रों में अलग अलग ढंग से कौम के हर मुद्दों पर खुलकर विचार विमर्श करके चौधरियों ने समाधान खोजने के प्रयास किये। विचारधारा के साथ आगे बढने का संकल्प लेते हुए आदर्श जाट महासभा की अलग अलग विंगों के गठन का ऐलान हुआ तो 51 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का शपथग्रहण भी।

चौधरियों ने चिंतन शिविर के लिए भी विशेष स्थान का चयन किया था। मट्रों स्टेशन के बिल्कुल नजदीक नोएडा के शानदार व पाश क्षेत्र सैक्टर- 39में बने प्रीत मंच में सम्पन्न हुआ यह शिविर कई मामलों में ऐतिहासिक रहा। इस शिविर में हरियाणा के जीन्द जिले के गाँव भिखेवाले के मात्र एक एकड़ के साधारण किसान से लेकर जोधपुर में कपडा मिल के मालिक चौधरी मूलाराम पोटलिया तक ने एक जैसा भोजन ग्रहण किया व सभी के साथ एक जैसा व्यवहार किया गया, कोई मंच नहीं, कोई विशेष औपचारिकताएं नहीं, ऐसा लग रहा था कि मानों एक संस्कारित परिवार के सदस्य आपस में बैठकर अपने परिवार पर चिंतन कर रहे थे।

सेना से रिटायर्ड ब्रिगेडियर व महासभा के एक्स सर्विस मैंन सैल के अध्यक्ष यशवीर सहरावत, कृषि विभाग के रिटायर्ड डायरेक्टर,महासभा के प्रांतीय संयोजक व राजस्थान के आर.ए.एस.जिला रसद अधिकारी झंझनु सुभाष ख्यालिया, प्रसिद्ध भामाशाह व उधोगपति शिवकरण जानू, उधोगपति रविन्दर पोटलिया, मध्यप्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली, हरियाणा समेत तकरीबन 14राज्यों के जाट सरदारों व विदेश में व्यवसाय कर रहे एन.आर.आई. मोहन हुड्डा,महासभा के राष्ट्रीय संयोजक रिटायर्ड क्लास वन अधिकारी श्री डुंगर सिंह बाना समेत अनेक अपने अपने क्षेत्र की महान शख्सियतों ने इस शिविर में शिरकत की वही आम किसानों व ग्रामीण प्रतिनिधियों व अन्य क्षेत्र के साधारण से लेकर उच्च अधिकारियों तक ने अपनी भागीदारी दर्ज की।

शिविर में महासभा के नई दिल्ली के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सिंह आर्य, महाराष्ट्र के प्रदेशाध्यक्ष प्रताप सिंह तरड़, हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष जोधा सिंह समेत तमाम पदाधिकारियों ने महासभा की सभी राज्यों की ईकाइयों को भंग करके तीन महीने में सभी राज्यों में चुनाव करवाकर नई प्रदेश ईकाइयों के गठन का भी फैसला लिया गया।

चुनाव सम्पन्न होने तक अलग अलग राज्यों में अलग अलग कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्क्षों चुनावों तक जिम्मेदारियां भी सौंपी गई जिसमें महाराष्ट्र में कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष श्री सुभाष जी दायर व उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जी साहु तथा राजस्थान में श्री शिवकरण जी जानू को प्रदेशाध्यक्ष व श्री रविन्द्र पोटलिया को उपाध्यक्ष व अन्य प्रदेशों में भी अलग अलग पदाधिकारियों को अलग अलग जिम्मेदारियां दी गई है।

महासभा के माननीय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मूलाराम जी पोटलिया, माननीय राष्ट्रीय महासचिव श्री रघुवीर जी तरड़, माननीय राष्ट्रीय संयोजक श्री डुंगर सिंह जी बाना, मुख्य सचिव श्री संजय तेवतिया जी, आई. टी.सैल के अध्यक्ष श्री देवेंद्र चौधरी जी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री विजेंद्र छिल्लर जी व अन्य सम्मानित पदाधिकारियों की टीम ने काफी सोच विचार कर युवा विंग का पुनर्गठन करते हुए नई दिल्ली के सफदरगंज हस्पताल के नर्सिंग अधिकारी श्री नवीन जी भैड़ा को युवा विंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री संजीव बैनिवाल सिरसा को हरियाणा युवा विंग का प्रदेशाध्यक्ष, श्री प्रदीप फतेहाबाद को युवा विंग हरियाणा का प्रांतीय महासचिव, महिला विंग में श्रीमती मोनल सिंह को महिला विंग मध्यप्रदेश की अध्यक्ष व तकरीबन दो दर्जन नई नियुक्तियों को भी स्वकृतियां प्रदान की।

इस शिविर में महासभा की पुरानी राष्ट्रीय कार्यकारिणी का समस्त लेखा जोखा भी प्रस्तुत किया गया व उस पर गहराई से चिंतन कर उसे स्वकृति दी गई व नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने विधिवत रुप से कार्यभार संभाला।शिविर में महिला विंग की कविता चौधरी, रोशनी सहारण आदि महिला वक्ताओं ने समाज में महिलाओं की स्थिति पर खुलकर विचार रखें।
दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय जाट चिंतन शिविर की झलकियाँ:-

1.शिविर में 15वर्ष तक के बच्चे बच्चियों से लेकर 76वर्ष तक के बुजुर्गों ने भाग लिया।

2. सभी शिविरार्थियों ने एक जगह एक समान भोजन ग्रहण किया व एक साथ ही सामुहिक रात्रि विश्राम किया।

3.सबको समान समझते हुए कोई मंच या स्टेज नहीं बनाई गई।

4.शिविर में बड़े बड़े अधिकारियों, कर्मचारियों, उघोगपतियों, किसानों व जाट कौम के हर तबके के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।

5. सम्मेलन में शामिल सभी लोगों का जोश देखते ही बनता था।

  1. शिविर में महिला प्रतिनिधियों की भी अच्छी खासी भागीदारी रही।
भागवत ज्योति फ्री संस्था केन्द्र में नववर्ष कार्यक्रम का आयोजन
silai center sonipat

बहालगढ ने जो प्यार दिया है उसके लिए धन्यवाद- ममता

नई दिल्ली। बहालगढ में स्थित भागवत ज्योति फ्री संस्था केन्द्र में नववर्ष के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्था के बच्चों ने गानों, कविता व नृत्य की सुंदर प्रस्तुति देकर आए हुए सभी लोगों का मन मोह लिया। एक जनवरी को कुछ विद्यार्थियों का जन्मदिवस भी रहा जिसके लिए संस्था के सभी लोगों ने केक काटकर विद्यार्थियों का जन्मदिवस मनाया। इस अवसर पर यूनिक टैक्ि‍नकल इंस्टिट्यूट के डॉयरेक्टर मनीष आर्या ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि यह काफी खुशी की बात है कि भागवत ज्योति फ्री संस्था केन्द्र दिल्ली के नरेला, आजादपुर में कार्य करने के बाद अब बहालगढ में भी महिलाओं के भविष्य निर्माण में कार्य कर रहा है। हमें आशा है कि जो तजुर्बा दिल्ली जैसे महानगर से इस संस्था ने हासिल किया है वह यहां बहालगढ के महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में व शहर की लड़कियों से प्रतियोगिता करने के लिए यहां गांव की लड़कियों को तैयार करेगा।

महिलाओं को विकास के रास्ते पर लेकर जाना हमारा लक्ष्य-हरीश सैनी

इस अवसर पर संस्था की अध्यक्ष ममता ने भी आए हुए सभी लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि हमें खुशी है कि हमने बहालगढ में अपने कदम रखे। जो प्यार यहां के लोगों से हमें मिला है इसी कारण ये हम इतने कम समय में इतनी तरक् की कर पाए। हमें आशा है कि नए साल में हम ओर ताकत के साथ कार्य करेंगे ओर आनेवाले भविष्य में बहालगढ के लोगों का प्यार हमें इसी प्रकार से मिलता रहेगा।

नए वर्ष में दोगनी ताकत के साथ करेंगे काम- राकेश गौतम

शिक्षा के साथ संस्कार भी देता है मुनि स्कूल – नरेश बालियान
Muni International School

मेरा मकसद शिक्षा देकर पैसा कमाना नहीं, बल्कि समाज को पढ़े लिखे सभ्य व जिम्मेदार इंसान देना है : डॉ. अशोक कुमार ठाकुर

नई दिल्ली – शिक्षा जगत में विश्व स्तर पर पहचान बनाने वाले देश के विख्यात मुनि इंटरनेशनल स्कूल में केवल किताबी शिक्षा नहीं दी जाती बल्कि यहां पढ़ने वाले छात्रों को संस्कार भी दिए जाते हैं। और यहां के छात्रों को एक ही छत के नीचे सात विदेशी भाषाओं को सीखने की सुविधा मिलती है। मुनि इंटरनेशनल स्कूल के वार्षिक समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए ये विचार स्थानीय विधायक नरेश बालियान द्वारा रखे गए।
उन्होंने समारोह में उपस्थित अभिभावकों को बताया कि मैंने खुद डॉ. अशोक कुमार ठाकुर द्वारा संचालित मुनि स्कूल में जाकर देखा है कि वहां के छात्रों को किस प्रकार आधुनिक और पारंपरिक शिक्षा के मेल से बहुत कुछ नया व अनूठा सिखाया जाता हैं, यहां के सभी छात्र फर्राटेदार अंग्रेजी, जापानी, अरेबिक व संस्कृत जैसी भाषाएं आसानी से बोलते हैं, टेबलेट से पढ़ाई करते हैं। जीवन में आगे बढ़ने के लिए नित-नए अविषकार करके देखते हैं, जो छात्रों के लिए लाभकारी होते हैं।
मुनि स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को सभ्य इंसान बनाने के लिए वैल्यू एजुकेशन पर बल दिया जाता है। मुनि स्कूल का शिक्षण मॉडल काफी अद्भुत है, इसी का परिणाम है की आज देश-विदेश में मुनि मेथेड ने अपनी श्रेष्ठता का लौहा मनवाया है,जो काबिले तारीफ है।

child performance in school


जनकपुरी स्थित दिल्ली हाट में आयोजित मुनि इंटरनेशनल स्कूल के वार्षिक समारोह में पधारे मुख्य अतिथि विधायक नरेश बालियान, तथा मुनि स्कूल संस्थापक डॉ. अशोक कुमार ठाकुर द्वारा दीप-प्रज्जवलन से समारोह की शुरूआत की गई। जिसके बाद छात्रों द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर गुजरात स्थित मुनि इंटरनेशनल स्कूल ब्रांच के अध्यक्ष घनश्याम पटेल, न्यू हॉली पब्लिक स्कूल के चेयरमैन अजय अरोड़ा, प्रताप मॉडल स्कूल के संचालक अनिल अहलावत, ओ.के. मॉडल स्कूल से रवि कुमार, थॉमस पब्लिक स्कूल से रोहित कुमार, रोजवेली सी.सै.स्कूल के संस्थापक प्रेम देशवाल, जीनियस ब्रेन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. के.कुमार, सेंट भारती पब्लिक स्कूल से सर्वेश्वर दत्त के अलावा मुनि स्कूल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने वाले समयपाल सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इस मौके पर उपस्थित अभिभावकों को संबोधित करते हुए स्कूल संस्थापक डॉ. अशोक कुमार ठाकुर ने मुनि स्कूल की सफलताओं के लिए छात्रों, अभिभावकों व स्कूल स्टाफ का धन्यवाद करते हुए बताया कि, आज देश के विभिन्न राज्यों के सैंकडों निजि स्कूलों के अलावा दिल्ली के एमसीडी स्कूलों तथा गुजरात सरकार के प्राथमिक विद्याल्यों में मुनि मेथेड को अपनाया गया है,जो हमारे लिए फक्र की बात है। 17 वर्ष पहले मुनि इंटरनेशनल स्कूल का जो पौधा मोहन गार्डन में लगाया गया था, वो आज वट वृक्ष बनकर उभर रहा है, जो दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश की सीमाओं से बाहर भी कई देशों जैसे जापान, इंग्लैंड, कनाडा, दक्षिणी-अफ्रीका, सऊदी अरब व नेपाल जैसे देशों तक में अपनी पहचान बना चुका है। डॉ. अशोक कुमार ठाकुर ने कहाकि मेरा मकसद शिक्षा देकर पैसा कमाना नहीं, बल्कि संसार के लिए छात्रों के रूप में समाज को पढ़े- लिखे सभ्य, जिम्मेदार इंसान देना है, जिसके लिए मैं आजीवन प्रयासरत रहूंगा।
“LET’S CELEBERATE COEXISTENCE” अर्थात “चलो सह-अस्तित्व का उत्सव मनाए” थींम पर आधारित मुनि स्कूल के वार्षिक समारोह के दौरान स्कूली छात्रों ने एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुतियां दी, जिन्हें देख उपस्थित लोगों को दांतों तले उंगलियां दबानी पड़ी, छत्रों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों में नारी शक्ति के साथ-साथ पुरूषों की सोच बदलने, बेटियों को कमजोर ना समझने, समाज में भाई-चारा व सौहार्द बनाए रखने के अलावा भारतीय पारंपरिक व्यवस्था को दर्शाती लघु-नाटिकाओं के द्वारा समाजिक संदेश देने का सार्थक प्रयास किया गया, वहीं छात्रों ने संस्कृत, जापानी व अरेबिक जैसी विदेशी भाषाओं में तैयार कार्यक्रमों की भी उमदा प्रतुतियां देकर भी उपस्थित लोगों से खूब तालियां बटोरने में सफल रहे।
समारोह के दौरान आए अतिथियों व स्कूल के कार्यों में अहम योगदान देने वाले अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया।