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105 वें नेशनल जाट कन्वेंशन में जाटों के बारे में क्या कहा उपराष्ट्रपति ने

नई दिल्ली। नेशनल जाट कन्वेंशन में शिरकत करते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने कहा कि जाटों को अलग करने की साजिश चल रही है। इस साजिश से बच कर रहना चाहिए। किसानों की बहुत सी समस्याए है जिनके समाधान के लिए एक साथ बैठकर और आपस में बातचीत से ही यह संभव किया जा सकता है।

नेशनल जाट कन्वेंशन- किसान राष्ट्र का एक अहम हिस्सा

उपराष्ट्रपति ने कहा कि जाट समुदाय का एक बहुत बड़ा हिस्सा खेती में लगा हुआ है। किसानों ने राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कि है, मेरे लिए किसानों के दरवाजे हमेशा खुले है। इसी समुदाय ने मुझे इस पद पर भेजा है, मैं उस समुदाय का प्रथम सेवक हूं. मैं समुदाय की पूजा करने में कभी पीछे नहीं हटूंगा, और मेरा संकल्प है कि किसान समुदाय को विभाजित करने की नापाक साजिशें कभी सफल नहीं होंगी।

 इस अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने वीर तेजाजी, महाराज सूरजमल, राजा महेंद्र प्रताप और नाथूराम मिर्धा की विरासतों के बारे में भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सभी के इन महान लोगों से सीखना चाहिए और इन्हीं महान लोगों के नैतिक मूल्यों के अपनी आने वाली पीढियों में डालना चाहिए, उन्हें सही रास्ता दिखाना  चाहिए ताकि वे एक बेहतर समाज का निर्माण कर सके।

किसानों के आगे बढ़ने का दिखाया रास्ता

नेशनल जाट कन्वेंशन के दौरान उपराष्ट्रपति ने किसानों को आगे बढ़ने के लिए व्यापार की दिशा में जाने को कहा। उन्होंने कहा कि किसान बहुत बड़ी तादात में उत्पादन करते हैं लेकिन इस से आगे बढ़कर किसानों के व्यापार का भी हिस्सा बनना चाहिए ताकि विकास कर सकें। किसानों के आपस में बैठकर विचार करना चाहिए कि आखिर किस प्रकार से अपना संपदा से संबंधित व्यापार में शामिल हो सके। यह बहुत बडा व्यापार है। सरकार की नीतियों को किसानों के लिए सकारात्मक बताया।

105 वें नेशनल जाट कन्वेंशन में जाटों के बारे में क्या कहा उपराष्ट्रपति ने

नई दिल्ली। नेशनल जाट कन्वेंशन में शिरकत करते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने कहा कि जाटों को अलग करने की साजिश चल रही है। इस साजिश से बच कर रहना चाहिए। किसानों की बहुत सी समस्याए है जिनके समाधान के लिए एक साथ बैठकर और आपस में बातचीत से ही यह संभव किया जा सकता है।

किसान राष्ट्र का एक अहम हिस्सा

उपराष्ट्रपति ने कहा कि जाट समुदाय का एक बहुत बड़ा हिस्सा खेती में लगा हुआ है। किसानों ने राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कि है, मेरे लिए किसानों के दरवाजे हमेशा खुले है। इसी समुदाय ने मुझे इस पद पर भेजा है, मैं उस समुदाय का प्रथम सेवक हूं. मैं समुदाय की पूजा करने में कभी पीछे नहीं हटूंगा, और मेरा संकल्प है कि किसान समुदाय को विभाजित करने की नापाक साजिशें कभी सफल नहीं होंगी।

 इस अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने वीर तेजाजी, महाराज सूरजमल, राजा महेंद्र प्रताप और नाथूराम मिर्धा की विरासतों के बारे में भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सभी के इन महान लोगों से सीखना चाहिए और इन्हीं महान लोगों के नैतिक मूल्यों के अपनी आने वाली पीढियों में डालना चाहिए, उन्हें सही रास्ता दिखाना  चाहिए ताकि वे एक बेहतर समाज का निर्माण कर सके।

किसानों के आगे बढ़ने का दिखाया रास्ता

इस दौरान उपराष्ट्रपति ने किसानों को आगे बढ़ने के लिए व्यापार की दिशा में जाने को कहा। उन्होंने कहा कि किसान बहुत बड़ी तादात में उत्पादन करते हैं लेकिन इस से आगे बढ़कर किसानों के व्यापार का भी हिस्सा बनना चाहिए ताकि विकास कर सकें। किसानों के आपस में बैठकर विचार करना चाहिए कि आखिर किस प्रकार से अपना संपदा से संबंधित व्यापार में शामिल हो सके। यह बहुत बडा व्यापार है। सरकार की नीतियों को किसानों के लिए सकारात्मक बताया।

कोरोना वायरस से मिलकर लडना होगा- प्रेम सिंह धनखड़

फरीदाबाद, जाट परिवार। कोरोना वायरस से पूरा देश प्रभावित है। लेकिन अब तक इसकी कोई दवाई उपलब्ध नहीं हो सकी है। इससे बचने के लिए पूरे भारत में कोविड चैकअप कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बीएन पब्लिक स्कूल, सेक्टर 49, जामिया कॉलोनी, फरीदाबाद में कोविड -19 चैकअप कैम्प का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में लोगों ने कोरोना वायरस का चैकअप कराया। इस मौके पर जजपा नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने भी अपना कोरोना चैकअप कराया।

कोरोना की जांच के समय मौजूद लोग

कोरोना वायरस पर क्या कहा प्रेम सिंह धनखड़ ने

प्रेम सिंह धनखड़ ने बताया कि कोरोना वायरस की अभी तक कोई ऐसी दवाई नहीं आ पाई है जिससे पूरी दुनिया पूर्ण रूप से भरोसा कर सकें। जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती है। तब तक सावधानी ही बचाव की रणनीति अपनी होगी। कुछ लोगों को यह गलत फहमी है कि उन्हें कोरोना नहीं हो सकता लेकिन सभी को समझना होगा कि यह एक बीमारी है जो किसी को भी हो सकती है। कोई पूर्ण प्रमाणिक ईलाज ना होने के कारण इससे जुझना काफी मुश्किल है।

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इसलिए जहां तक हो सकें इससे बचना चाहिए और अपने परिवार को भी बचाना चाहिए। समय समय पर कोरोना की जांच करवाना और थोड़े थोड़े अंतराल के बाद हाथ धोने से ही कोरोना वायरस को हराया जा सकता है। और यह किसी एक व्यक्ति के प्रयास करने से संभव नहीं है बल्कि दुनिया के सभी लोगों को एक साथ मिलकर इसके लिए कार्य करना होगा तभी हम कोरोना की चैन तोड़ सकते है। आज सभी ने अपने रिश्तेदारों या अपनी जान पहचान में किसी ना किसी को कोरोना के कारण खोया है इसी से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कितना खतरनाक है।

क्या कहां स्कूल की प्रिंसिपल रेखा शर्मा ने

इस अवसर पर स्कूल की प्रिंसिपल रेखा शर्मा ने भी बताया कि लोगों को जागरूक होना चाहिए। कोरोना के कारण पूरी दुनिया ढप पड़ गई थी। फिर भी लोग कोरोना वायरस की गंभीरता को नहीं समझ रहें है। कई जगह आज भी लोग बिना मास्क के सड़कों पर घूमते नजर आ जाएगे जो कि काफी गलत है। अपनी हस शर्मनाक हरकत से वे लोग जहां एक ओर अपनी जान के साथ खिलवाड़ कर रहे है वहीं दूसरी ओर अपने परिजनों और अन्य लोगों की जान के साथ भी खिलवाड़ कर रहे है। इस लिए सभी को मिलकर कोरोना वायरस की चैन को तोडऩे के लिए कार्य करना होगा। यह कोविड-19 चैकअप कैम्प इसी मुहिम का एक हिस्सा है जो केवल लोगों के सहयोग से ही सफल हो सकता है।

कोनो वारयरस की जांच कराते लोग
कोरोना वायरस की जांच कराते लोग

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coronavirus news- नीलदमन खत्री ने बांटा आहार

नई दिल्ली। बाहरी दिल्ली के नरेला विधानसभा में जिला अध्यक्ष नीलदमन खत्री ने अपने साथियों के साथ मोदी आहार किट (सूखा राशन) का वितरण किया। इस मौके पर नीलदमन खत्री ने बताया कि लॉकडाउन (coronavirus news) के कारण सभी को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। लेकिन सबसे ज्यादा मजदूर वर्ग परेशान हुआ है। केन्द्र सरकार ने हर संभव प्रयास किया है ताकि गरीबों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। लेकिन जिस प्रकार से कोरोना वायरस coronavirus news ने पूरी दुनिया पर अपना विकराल रूप दिखाया इससे यह संभव नहीं था कि किसी को बिल्कुल परेशानी ना हो।

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neeldaman khatri
neeldaman khatri distributing dry ration

लेकिन सरकार ने हर संभव प्रयास किसी ताकि किसी को कोई परेशानी ना हो। जरूरतमंदों के खाते में सीधे पैसे भिजवाए, विभिन्न योजनाओं से विभिन्न वर्ग के लोगों को राहत देने के लिए हर प्रकार से प्रयास किया गया। लेकिन धीरे धीरे स्थिति सुधर रही है जिससे अभी भी कुछ लोग परेशान है जिसके लिए हम सभी को आगे आना चाहिए ताकि किसी सभी को साथ लेकर चला जा सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर किसी भाई को परेशानी है तो वह उनके आकर संपर्क कर सकता है। उसकी उचित मदद की जाएगी लेकिन किसी को भी परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

शिक्षा का दान देता पुलिस कांस्टेबल धर्मवीर जाखड़

coronavirus news- क्या कहा अशोक अमरोही ने

dry ration
Ashok Amrohi distributing dry ration

इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता अशोक अमरोही ने भी एक सवाल के जवाब में कहा कि सभी को आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। यह एक ऐसा समय है जब हमें जाति-पाति, धर्म, राजनीति, सभी कुछ भूलकर एक साथ मिलकर चलना होगा तभी हम इस समस्यां से निकल सकते है नहीं तो यह समस्यां इतनी बड़ी हो जाएगी जिसमें से निकला किसी के लिए भी काफी मुश्किल होगा। हमारे दरवाजे पर एक दुश्मन खड़ा है जिससे एक देश, एक व्यक्ति मिलकर ही निपटना होगा। 

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हाॅटस्पाॅट क्या होता है? यूपी के 15 जिले पूरी तरह सील

हाॅटस्पाॅट नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण पूरे भारत व विदेशों में भी कई जगह लाॅकडाउन है लेकिन कई जगह पर आपने सुना होगा कि कफ्र्य भी लगा हुआ। लेकिन अब खबर आ रही है कि उत्तर प्रदेश में 15 हाॅटस्पाॅट जगहों को पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा। ना कोई आ सकता है और ना ही कोई इन जिलों से बाहर जा सकता है। इसके अतिरिक्त अगर आपको घर या जरूरी सामान लेना है तो आप इसके लिए भी घर से नहीं निकल सकते । प्रशासन के द्वारा एक हैल्पलाइन नम्बर दिया जाएगा जिस पर संपर्क कर आप अपने लिए जरूरी सामान मंगवा सकते है।
लेकिन ये हाॅटस्पाॅट क्या होता है आपको यह जानने की जरूरत है तो हम आपको बताते है कि आखिर हाॅटस्पाॅट क्या होता है।

hotspot area in up

क्या है हाॅटस्पाॅट

हाॅटस्पाॅट जगह से मतलब होता है जो जगह सबसे ज्यादा संवेदनशील है । कोरोना वायरस के संबंध में हाॅटस्पाॅट जगह से मलब है कि जहां सबसे ज्यादा कोरोना वायरस से पाॅजिटिव मरीज मिल रहें है। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, वाराणसी, शामली, मेरठ, सीतापुर, बरेली, बुलंदशहर, फिरोजशाहबाद, बस्ती, सहारनपुर और महाराजगंज ऐसे जिले हैं जहां उत्तर प्रदेश के बाकी जिलों से इन जिलों में कोरोना वायरस से पीडित लोग ज्यादा तादात में मिले हैं। इन जिलों के उन क्षेत्रों को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा जहां कोरोना के मरीज मिले है। जबकि जहां कोरोना वायरस के मरीज नहीं मिले वहां भारत के अन्य जिलों की तरह सामान्य लाॅकडाउन बना रहेगा।


अन्य इलाकों से हाॅटस्पाॅट वाले इलाके किस प्रकार अलग होंगे

  • जो क्षेत्र सील होगा उन क्षेत्रों में कोई भी व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकल सकेगा किसी भी स्थिति में
  • किसी को कोई आवश्यकता होने पर वह प्रशासन से संपर्क करेंगा प्रशासन ही उसके लिए जरूरी वस्तू प्रदान करेंगा
  • 15 जिलों में हाॅटस्पाॅट वाले स्थानों पर सख्ती से लाॅकडाॅउन के नियम लागू होेंगे।
  • इन क्षे़त्रों से कोई भी व्यक्ति किसी भी हालत में ना बाहर जा सकता है और ना ही क्षेत्र के अंदर आ सकता है।
  • इस दौरान फायर सर्विस की गाडियां क्षेत्र में सेनेटाइज से संबंध कार्य करेगी।
  • जिन जिलों में हाॅटस्पाॅट लगाया गया है वहंा जरूरी वस्तुओं से संबंधित दुकाने जैसे सब्जी, दवाई आदि की दुकाने भी बंद रहेगी।

उत्तर प्रदेश के कौन से जिले है हाॅटस्पाॅट

आगरा में 22 जगह, गाजियाबाद में 13 जगह, लखनउ, कानपुर और नोएडा में 12 जगह, वाराणसी, महाराजगंज, और सहारनपुर में 4 बस्ती , बुलंदशहर, फिरोजाबाद और शामली में 3 जगह, सीतापुर में 1 जगह को हाॅट स्पाॅट जगह घोषित किया गया है। जानकारी के अनुसार ये जगह 14 अप्रैल तक पूरी तरह से सील रहेगी।

lockdown एक देश एक बंद का दिखा असर
 सब बंद
lockdown me sab band raha
  • चीन ने कोरोना का पहला केस सामने आने के 24 दिन बाद और इटली ने 39 दिन बाद लॉकडाउन किया, भारत में 50 दिन बाद भी नहीं

lockdown नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर रविवार को जनता कर्फ्यू lockdown पर सब बंद दिखाई दिया। भारत के इतिहास में पहली बार महत्वपूर्ण सुविधाओं को छोड़ सब बंद रहा। ट्रेन, हवाई जहाज, दुकाने, बंद होने के बावजूद लोग अपने घरों में परिवार के साथ समय बिताया। जनता कर्फ्यू का निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर कोरोना वायरस को प्रकोप को रोकने ले लिए लिया गया है। जिसका असर पूरे भारत पर दिखाई दिया हर जगह सुनसान सड़कें व गलियां दिखाई दी। lockdown

पूरे भारत में शांति दिखाई दी। भारत को पूर्ण रूप से लॉकडाउन से बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। कोरोना वायरस एक प्रकार से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। ना ही दुनिया में अभी इस बीमरी का ईलाज संभव हो पाया है जिसके कारण पूरी दुनिया इसकी चपेट में है। सभी देश अपने यहां कोरोना वायरस को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहें है। कई देशों ने तो अपने यहां लॉकडाउन की घोषणा कर दी है जिसका अर्थ है कि किसी को भी घर से निकले की इजाजत नहीं होगी। दवाई बैंक, राशन की सुविधा के लिए व्यक्ति घर से निकल सकता है लेकिन इसके अलावा किसी भी स्थिति में लोगों को घर से निकलने की इजाजत नहीं होगी।

lockdown जनता कर्फ्यू पर सब दिखा बंद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील जनता कर्फ्यू का असर पूरे भारत पर दिखाई दिया। हर जगह सुनसान सड़के व गलियां ही देखनों को मिली। बंद दुकाने, कंपनियां, मॉल, सिनेमाघर सभी कुछ बंद दिखाई दिया। लोगों ने पहले कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया था। भारत आबादी के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा देश है लेकिन रविवार को सड़कों की हालत देखकर अंदाजा लगाय जा सकता था कि भारत में कितनी कम आबादी है।

जनता कर्फ्यू
khali sadke

जनता कर्फ्यू का क्या फायदा होगा

जनता कर्फ्यू का आह़वन भारत को लॉकडाउन की स्थिति से बचाने के लिए लिया गया है। क्योंकि कोरोना वायरस के कण मनुष्य के शरीर से बाहर आने के बाद भी कुछ घंटों तक जिंदा रहते है जिसके कारण दूसरे मनुष्य के सम्पर्क में आने पर ये उसे भी अपनी चपेट में ले लेते है जिसके कारण कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या लगातार बढने की आशंका रहती है लेकिन जनता कर्फ्यू के कारण कोराना वायरस मनुष्य के शरीर से बाहर आने पर अपने आप नष्ट हो जाएगा जिसके कारण भविष्य में इसके प्रकोप की संभावना कम होगी। अगर कोरोना वायरस पीड़ितों की संख्या इसी प्रकार से बढती रही तो भारत को लॉकडाउन की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

कहां कहां है भारत में लॉकडाउन की स्थिति

भारत के राजस्थान, पंजाब, ओडिशा को पूरी तरह से लॉक़डाउन कर दिया गया है। महाराष्ट्र में भी चार और मध्यप्रदेश के करीब आठ शहरों को लॉकडाउन कर दिया गया है। वहीं गुजरात में भी कई शहरों को लॉकडाउन किया गया है। दुनियाभर में बात करें तो इस महामारी के कारण दुनिया के करीब 35 मुल्कों ने बंद (लॉकडाउन) किया है। सबसे पहले चीन ने वुहान शहर को पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया। इटली, ब्रिटेन, स्पेन आदि देशों ने भी लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। इसके अलावा, अमेरिका ने कैलिफोर्निया को लॉकडाउन कर दिया है।

coronavirus पति के शव तक को नहीं देख पा रहीं पत्‍नी व रिश्‍तेदार
कोरोना वायरस
कोरोना वायरस को खत्‍म करने के लिए धुंआ करते अधिकारी

शव के संपर्क में आते ही रिश्‍तेदारों को भी संक्रमण का खतरा

coronavirus वुहान । कोरोना वायरस ( coronavirus) के कारण में स्थिति काफी खराब हो चुकी है। चीन में सैकडों जिंदगी को कोरोना वायरस खत्‍म कर चुका है। लेकिन इससे निपटने के अभी प्रयाप्‍त उपाय कोई खोज नहीं सकता हैं। कोरोना वायरस लगातार चीन से बाहर भी अपनी जडें जमाता चला जा रहा हैं। इस मानवीय आपदा के कई प्रभाव सामने आ रहे है । वहीं दूसरी ओर इसके भावनात्‍मक प्रभाव को देख कर भी स्थिति खराब हो रही है। अगर किसी के परिवार में कोई चला चाए तो स्थिति काफी दुखदायी होती है । यह स्थिति ओर भी दुखदाय तब बन जाती है जब परिवार वालों को कोरोना वायरस ( coronavirus) के कारण हुई मौत के पश्‍चात उसके शव परिवार व रिश्‍तेदारों को नहीं दिए जा रहें है।

क्‍या कह रहे है डाक्‍टर

वुहान में वुचांग अस्पताल के प्रेजिडेंट डॉक्टर लियु झिमिंग की मंगलवार को कोरोना के संक्रमण से मौत हो गई। परिवार के सामने यह स्थिति थी कि वे शव तक नहीं देख पाए। कोरोना संक्रामक रोग एक से दूसरे व्यक्ति में फैल रहा है। झिमिंग को अस्पताल से शवदाह गृह ले जाने का विडियो वायरल हो रहा है। जिसमें उनका परिवार बल्कि अस्पताल के कर्मचारी भी उन्हें अलविदा कहते हुए फूट-फूटकर रो रहे हैं। बंद गाड़ी में उनका शव अस्पताल से निकलता है । उनकी पत्नी कार के पीछे दौड़ती हैं । उन्हें रोका जा रहा है क्योंकि अगर वह शव के संपर्क में आतीं तो उन्हें भी कोरोना का संक्रमण हो जाता। आखिरी वक्त में अपने पति का वह चेहरा तक नहीं देख पाईं। उनकी इस विवशता ने वहां मौजूद सभी लोगों को रोने पर मजबूर कर दिया।

कोरोना वायरस से निपटने के तरीकों में चीन नाकाम

जानकारी के अनुसार कोरोना वायरस से निपटने के तरीकों में चीन का कोई भी तरीका सफल नहीं हो सकता है। and जिसके कारण पूरी दुनियां में चीन के छवि खराब हो रही है। जानकारी के अनुसार पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के कारण अब तक दो हजार से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी है। तो दूसरी ओर करीब एक लाख से ज्‍यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। but कोरोना वायरस से निपटने के लिए हर देश ने कोशिश करनी शुरू कर दी है and चीन से आने वाले हर यात्री पर विशेष तौर पर नजर रखी जा रही है and उसकी जांच कराई जा रही हैं । because कोरोना वायरस एक व्‍यक्ति से दूसरे में फैलता है जिसके कारण इसके हानिकारकता का पता लगा जा सकता है।

रिश्‍तेदारों में मौत का मातम

एक और रिश्‍तेदारों में मौत का मातम है तो दूसरी और शव को ना देख पाने का दुख लोगों को परेशान कर रहा है। लेकिन प्रशासन व अस्‍पताल की तरफ से हर वह ऐतिहास बरती जा रही है जिसके कारण कोरोना वायरस ओर ना फैले लेकिन चीन इसे रोकने में अब तक असफल रहा है। संक्रमण प्रभावित इलाकों में पीडित के शव को प्रशासन व अस्‍पताल वाले ही पूरी ऐतिहास के साथ चला रहे है और परिवार को केवल राख ही उपलब्‍ध हो पा रही है। जिसके कारण भावनात्‍मक रूप से भी उन्‍हें काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है। कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया में परेशानी का डर का माहौल बना हुए है जिसके कारण लोग छोटे मोटे बुखार में भी कोरोना वायरस की जांच कराते हुए नजर आ रहे है।