Jat Pariwar

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कलाकार क्रिकेट लीग का होगा आयोजन, सबसे महंगे बिके तरुण जाट

नई दिल्ली। खेलों में हरियाणा का हमेशा से ही खास दबदबा रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा में पहली बार कलाकार क्रिकेट लीग का आयोजन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार यह लीग 7 अप्रैल से 10 अप्रैल तक आयोजित होगी, जिसमें हरियाणा के प्रमुख कलाकार अपनी-अपनी टीमों के साथ क्रिकेट में अपना हुनर दिखाते नजर आएंगे।

इस लीग में हरियाणवी सिंगर और डायरेक्टर मैदान में उतरकर अपने खेल का जौहर दिखाएंगे। प्रमुख नामों में केडी, खासा आला चाहर, बिंटू पाबड़ा, अमित ढुल, यूके हरियाणवी और सुरेंद्र रोमियो शामिल हैं।

कलाकार क्रिकेट लीग में कलाकारों की लगी बोली

हरियाणा में आयोजित इस कलाकार क्रिकेट लीग के लिए गीत-संगीत इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों की बोली लगाई गई। इस नीलामी में तरुण जाट सबसे महंगे खिलाड़ी रहे। उन्हें सुरीले सूरमा टीम के कप्तान अमित ढुल ने 12 लाख प्वाइंट्स में खरीदा।

हर टीम को कुल 30 लाख प्वाइंट्स दिए गए थे, जिनसे उन्हें अपनी 13 खिलाड़ियों की टीम तैयार करनी थी।

हरियाणा में पहली बार ऐसा आयोजन

इस बारे में जानकारी देते हुए बलविंद्र ढुल ने बताया कि यह लीग 4 दिनों तक चलेगी, जिसमें हरियाणा की फिल्म और गीत-संगीत इंडस्ट्री के लगभग सभी प्रमुख कलाकार हिस्सा लेंगे। हरियाणा में इस प्रकार का आयोजन पहली बार किया जा रहा है, जिससे कलाकारों में उत्साह देखने को मिल रहा है।

कलाकार क्रिकेट लीग का पहले भी हो चुका है आयोजन

कलाकार क्रिकेट लीग (KCL) का यह दूसरा सीजन है। इससे पहले पहला सीजन राजस्थान के झुंझुनू में आयोजित किया गया था, जो काफी सफल रहा था।

इस लीग का मुख्य उद्देश्य क्रिकेट के माध्यम से हरियाणवी कलाकारों के बीच आपसी मेलजोल और भाईचारे को बढ़ावा देना है।

jat के बारे में बोली सीएम ने बड़ी बात
jat
CM spoke big about Jats

jat चंडीगढ़। गुरुग्राम जिला में jat कल्याण सभा का वार्षिक समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में शिरकत करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने संबोधन में हरियाणा एक -हरियाणवी एक का नारा दिया। इसके अलावा उन्होंने jat समुदाय की प्रशंसा करते हुए कहा कि jat समुदाय देश की रक्षा करने के साथ ही साथ जनता का पेट भरने वाला एक प्रमुख समुदाय है जिसकी जितनी तारीफ की जाए कम हैं। जाट समुदाय ही ऐसा समुदाय है जो शक्ति और शांति को अपने में समाहित करते हुए इनका संतुलन बनाए रखता है।

jat व हरियाणा के बारे में क्या कहा सीएम मनोहर लाल खट़टर ने

jat व हरियाणा के संबंध में बात करते हुए मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हरियाणा कई स्तरों पर आज भी अन्य राज्यों से आगे दिखाई देता है लेकिन जब बात पूरे राष्ट्र की आती है हमें सभी के साथ मिलकर देश के सम्मान और गौरव के लिए एक साथ मिलकर कार्य करना चाहिए। अगर हम समाज व जातियों के निर्माण के इतिहास पर नजर दौड़ाए तो जातियों का निर्माण व्यवस्था और सामाजिक उत्थान व सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए बनाया गया था। इसी लिए सभी का कर्तव्य है कि सभी जातियों व सभी समाज को एक साथ लेकर चलना होगा। जिस प्रकार से परिवार में बड़ा भाई परिवार के सभी सदस्यों का ख्याल रखता है ठीक उसी प्रकार से हम सभी को भी एक साथ मिलकर देश के विकास और राज्य के विकास के लिए कार्य करना होगा।

सीएम मनोहर लाल ने किया जाट महापुरूषों को याद

सभी को संबोधित करते हुए सीएम मनोहर लाल ने कहा कि राजा नाहर सिंह, महेन्द्र प्रताप सिंह, दीनबंधु सर छोटू राम, महारानी किशोरी देवी, सेठ छाजू राम, महाराजा सूरजमल सभी जाट समुदाय के महापुरूष है। सभी ने हमेशा ही देश और समाज के उत्थान के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन महापुरूषों के जीवन से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। देश और समाज का सम्मान सबसे ऊपर होता है।

इसके अलावा भी उन्होंने जाट समाज के नौजवान युवाओं के अलावा युवतियों की बात भी की जो आज राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रही है। उन्होंने मंच से कृष्णा पूनिया ,ममता खरब, गीता फोगाट, गीतिका जाखड़, साक्षी मलिक ,दीपा मलिक, बबिता फोगाट, विनेश फोगाट का नाम लेते हुए कहा कि ये युवतियां देश का नाम रोशन कर रही है। हमें गर्व है ऐसे समाज पर जिसने देश के गौरवांवित करने के लिए ऐसी बेटियां पैदा की।

क्या कहा जमीन की समस्यां के बारे में सीएम ने

इस मौके पर जाट कल्याण सभा ने जमीन की मांग की तो उस संबंध में सीएम ने कहा कि जमीन के बारे में बात की जा रही है उसे सरकारी प्रक्रिया के अनुसार एग्जामिन कराया जाएगा, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। आपको बता दें कि समाज की कोशिश है कि उस भूखंड पर सुंदर भवन निर्माण किया जा सके ताकि आगे चलकर लोग आराम से शीतला माता के दर्शन कर सकें। और श्रद्धालुओं को लाभ प्राप्त हो सकें।

शहीद भगत सिंह के पौत्त ने क्या कहा युवाओं को

कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह के पौत्र तथा हरियाणा युवा आयोग के चेयरमैन यादवेंद्र सिंह ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश के विकास के लिए बहुत ही व्यवस्थित तरीके से कार्य किया है। किसानों के विकास के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व भावांतर भरपाई योजना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हुई है। हरियाणा देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। इसके अलावा उन्होंने युवाओं को भी नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही स्वस्थ देश का निर्माण कर सकता है। देश के विकास के लिए अपना योगदान दें ना कि नशे में अपनी ऊर्जा खत्म करें।

23 मार्च को क्‍यों किया युवाओं के लिए आह़वान

इस अवसर पर युवाओं से 23 मार्च को शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव के शहीदी दिवस के लिए सभी को रंग दे बसंती के रंग में रंगने के लिए सभी को आगे आने का आह्वान किया गया। इसके साथ ही साथ बुजूर्गों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को शहीदों की वीर गाथाएं बताएं । ताकि युवाओं को भी पता चले की आजादी किसी एक पल या एक की मेहनत नहीं बल्कि यह वर्षों की तपस्या और हजारों लाखों लोगों की कुर्बानी से मिला हुआ तप है जिसे सहेज कर रखना ही सभी का कर्तव्य है। आजादी की कीमत पहचानों एवं अपने पूर्वजों का सम्मान करों।
-समारोह में बबीता फोगाट ने खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाने वाली लड़कियों को किया सम्मानित

  • स्कूल विद्यार्थियों ने अपनी कला की मनोहर प्रस्तुतियां दी।
  • मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया जाट कल्याण सभा की स्मारिका का विमोचन
Buzurgon ka samman ही हमारी संस्कृति- डॉ संतोष दहिया
Buzurgon ka samman
बुजुर्ग के साथ डॉ संतोष दहिया व परिवार के सदस्‍य


Buzurgon ka samman नई दिल्ली। बुजुर्ग हमारी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते है। जीवन के आखिरी पड़ाव पर अगर बुजुर्गों को सम्मानित किया जाता है तो यह एक तारीफ योग्य कार्य है। और यह कार्य करने का बीड़ा उठाया है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रान्ड अम्बेस्डर व सर्व जातीय खाप महापंचायत की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संतोष दहिया ने।

अपनी इस कार्य को क्रियान्वित करते हुए डॉ. संतोष दहिया ने बाबैन खंड के गांव संगौर की बुजुर्ग महिला जागीरों देवी उम्र 107 वर्ष व बहारावी देवी उम्र 105 वर्ष को सम्मानित किया। Buzurgon ka samman
आपको बता दें कि जागीरों देवी आज अपने सामने पांच पीढिय़ों को संसार को देख रही है। जागीरो देवी के 5 पुत्र व पुत्रियां, 10 पोते, 4 पोतियां व 9 पड़पोते व 2 पड़पोतियों का संसार है तो वहीं दूसरी और बहारावी देवी के 4 पुत्र,4 पुत्री, 10 पोते, 4 पोतियां, 9 पडपोते और 2 पड़पोतियों का संसार उनके सामने हंस खेल रहा हैं। Buzurgon ka samman

Buzurgon ka samman
बुजुर्ग के परिवार के साथ डाॅ संतोष दहिया व परिवार के सदस्‍य

Buzurgon ka samman डॉ. संतोष दहिया का मानना है कि

आज की युवा पीढ़ी जीने का अर्थ भूल गई है। थोड़ी सी उम्र में ही थोड़ी थोड़ी परेशानी में ही बहुत ही खतरनाक कदम उठा लेत हैं। हमें सीख लेनी चाहिए इन बुजुर्ग महिलाओं से जिन्होंने जीवन का एक बड़ा हिस्सा पर करने के बाद भी आज भी जीवन को जीने की ललक है। इसी कला को सम्मानित करने का हमने फैसला लिया ताकि आज की नौजवान पीढी को भी जीवन का महत्व समझ आए एवं जीवन के प्रति एक सकारात्मक नजरिये को बढ़ावा मिले।

महिलाओं के इर्द गिर्द ही घूमता है जीवन चक्र

डॉ. संतोष दहिया का मनना है कि महिलाओं के इर्द गिर्द ही जीवन और पारिवारिक चक्र घूमता है। एक परिवार को चलाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। महिलाएं ही दो परिवारों को जोडऩे का एक महत्वपूर्ण आधार होती है। महिलाएं बिना किसी अवकाश के पूरा जीवन परिवार के सेवा में लगा देती है। महिलाओं के इसी जज्बे और समर्पण को हम जीवन के आखिर पड़ाव में सम्मानित करने का कार्य हाथ में उठाया है।

आखिर क्‍यों किया एक जाट ने डंडे से बंदूक का सामना

jat भनवाला गोत्र का चौथा राष्ट्रीय महासम्मेलन जीन्‍द में सम्पन्न
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jat मेरे लिए भनवाला खाप का सम्मान बेशकीमती- चौधरी

jat जीन्द- रविवार को भनवाला खाप का राष्ट्रीय महासम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का आयोजन आसन के जय भारत हाई स्कूल में किया गया था। jat
इस अवसर पर प्रमुख रूप से भनवाला खाप के प्रधान सतपाल भनवाला, अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान, कद्दावर राष्ट्रीय जाट नेता व सर्वजातीय खाप महापंचायत के प्रमुख नेता चौधरी पवनजीत सिंह भनवाला, मास्टर किताब सिंह भनवाला, ठेकेदार जयसिंह,शिक्षाविद सतपाल कांसडी आदि गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की।jat कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न मुद्दोंपर चिंतन व मंथन करना था।

इस अवसर पर करोडा, सिंगवाल, कांसडी, आसन, कुकरकंडा, सिवाहा,पिल्लूखेडा,अथो,तारखां,धरौदी,लितानी,डिडवाडी, सारा, झील आदि समेत पूरे देश से भनवाला गोत्र के लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत करते हुए अपना योगदान दिया।
इस अवसर पर सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान चौधरी पवनजीत सिंह भनवाला (jat) ने अपने सम्बोधन में कहा कि यूं तो वो देश के कोने कोने में जाकर समाज के बड़े से बड़े आयोजनों में शिरकत करते हैं चाहे गुजरात की बात हो चाहे मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक तेलंगाना या उत्तर प्रदेश की बात हो हर जगह आयोजनों में आपके इस भाई व बेटे को समाज द्वारा भरपूर मान सम्मान दिया जाता है परंतु भनवाला खाप में मिले मान-सम्मान का महत्व सबसे अधिक है व मैं इससे बहुत अभिभूत हूं और ऐसा लगता है कि मैं अपने परिवार के बीच अपनी बातें कर रहा हूं ।jat

भनवाला खाप के इतिहास पर डाला प्रकाश

चौधरी पवनजीत ने भनवाला खाप के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि सभी भनवाला गोत्र के लोगों को टांग खिंचाई छोड़कर हाथ खिंचाई करनी चाहिए और भनवाला गोत्र का कोई भी व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में अगर आगे बढ़ रहा है तो उसका सहयोग करना चाहिए।

शिक्षा के क्षेत्र पर बोलते हुए पवनजीत ने कहा कि आज कंपटीशन का जमाना है और कंपटीशन क्लियर करने के लिए महंगे महंगे कोचिंग सेंटरों का खर्चा वहन करने में ग्रामीण क्षेत्र के लोग असमर्थ है इसलिए प्रतिभावान बच्चों को कोचिंग व शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढने के लिए खाप को सहायता करनी चाहिए व जरूरतमंद बच्चों को कोचिंग की व्यवस्था भी खाप द्वारा निशुल्क ढंग से करवाई जानी चाहिए। पवनजीत ने कहा कि हमारी खाप 36 बिरादरी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखने वाली खाप है इसलिए खाप की कार्यकारिणी बनाते समय हर वर्ग के जो भी बनवाला गोत्र के गांव में लोग रहते हैं चाहे हरिजन भाई हो चाहे पिछड़े वर्ग के भाई हो सभी जातियों के प्रतिनिधियों को जगह दी जानी चाहिए।

पवनजीत भनवाला ने स्पष्ट किया भनवाला खाप हमेशा से समाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेती रही है। उन्होंने कहा कि खाप व्यवस्था हमारें समाज का एक अभिन्न अंग है इस व्यवस्था से हमारी प्राचीन संस्कृति सभ्यता व परंपरा परंपराओं का संरक्षण भी होता है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए भनवाला खाप के प्रमुख नेता चौधरी किताब सिंह भनवाला ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पवनजीत बनवाला ने जो प्रस्ताव रखे हैं हम उसका समर्थन करते हैं और खाप को शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने की जरूरत है अन्य क्षेत्रों में भी भनवाला खाप को बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए किताब सिंह भनवाला ने कहा कि बेशक पवनजीत बनवाला आज राष्ट्रीय स्तर के कद्दावर जाट नेता है व जाट समाज के संगठन जिनके ये राष्ट्रीय प्रधान हैं उसमें 80 से भी ज्यादा खापों के प्रतिनिधि शामिल हैं

परंतु हमारी खाप के लिए पवनजीत भनवाला एक बेटे ही है और यह एक शानदार उपलब्धि उन्होंने पूरे भारत में हासिल की है इससे उन्होंने ना सिर्फ अपने गांव का अपितु पूरे भनवाला गोत्र का नाम पूरे भारत में रोशन करने का काम किया है अन्य क्षेत्रों में भी भनवाला गोत्र के अलग-अलग बच्चों ने ना सिर्फ अपने गांव का अपितु पूरे भनवाला गोत्र का नाम पूरे देश में रोशन करने का काम किया है हमारी खाप को ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों पर गर्व है और हमारा आशीर्वाद सदैव इन विशेष प्रतिभाशाली बच्चों के साथ रहेगा।

किताब सिंह भनवाला ने खाप के अन्य पहलुओं पर भी प्रमुखता से प्रकाश डाला। खाप के प्रधान सतपाल सिंह भनवाला ने कहा कि भनवाला खाप के गांवों में पंचायतों का चुनाव निर्विरोध रूप से करने का प्रयास करना चाहिए जिससे भाईचारा ना बिगड़े तथा छोटे-मोटे मामले गांव में ही मिल बैठकर सुलझाने चाहिए। इस सम्मेलन को गंगा राज करोड़ा ,जय सिंह आर्य, सतपाल कांसडी, गूगन मास्टर करोडा, पुर्ण सरपंच डिडवाडी,लालू हथो,सतबीर भनवाला ,डाक्टर बलवीर, मा.रामकिशन, दयानन्द नंबरदार, कृष्ण नंबरदार,रामदिया एक्स सरपंच,डाक्टर रामकुमार , टेका भनवाला समेत खाप के दर्जनों प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का मंच संचालन सिवाहा गांव के सरपंच वेदपाल भनवाला ने किया

jat aarakshan के दौरान शहीद हुए वीरों को दी समाज के लोगों ने दी श्रद्धांजलि
jat aarakshan
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jat aarakshan निजामपुर। जाट आरक्षण के दौरान शहीद हुए योद्धाओं के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया । सभा का आयोजन जाट सेवा संघ एवं अखिल भारतीय जाट आरक्षण (jat aarakshan) संघर्ष समिति व जिला महेन्द्रगढ़ की कार्यकारिणी के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। इस मौके पर भारी संख्या में जाट समाज के लोगों ने श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की । एवं jat aarakshan के दौरान शहीद हुए भाईयों के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।

jat aarakshan हजारी लंबोरा ने सभी को संबोधित किया

इस मौके पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष हजारी लंबोरा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि आज समाज में विभिन्न नेताओं के द्वारा फूट डालने का कार्य हो रहा है जो कि समाज के विकास के लिए उचित नहीं हैं। समाज के लोगों में आपसी भाईचारा होना चाहिए। किसी भी राजनीतिक षडय़ंत्र का शिकार नहीं होना चाहिए। सभी को जाति धर्म आदि में बांटा जा रहा है लेकिन इतिहास गवाह है कि जाट समाज ने हमेशा ही देश और समाज के विकास के लिए अपना योगदान दिया हैं।

जाट समाज ही एक ऐसा समाज का निर्माण करता है जो कि 36 बिदादरियों को लेकर एक साथ चलता हैं। इसके साथ ही साथ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व केन्द्र सरकार दोहरा बर्ताव कर रही है या तो सभी का आरक्षण बंद कर दिया जाए या फिर हमारे समाज को भी आरक्षण दे दिया जाए। सरकार का कर्तव्य है कि वह हर जाति व धर्म को सम्मान दें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सभी जाट समाज के लोगों को मिलकर एक दूसरे की मदद करनी चाहिए और समाज के बेहतरी के लिए कार्य करना चाहिए।

इस अवसर पर जिला कोषाध्यक्ष करण सिंह, जिला सचिव विकास छीलरो, प्रशांत, रोहतास नंबरदार, नमन, अभय सिंह, रवि, दिनेश, सरजीत के साथ जाट बिरादरी व अन्य जाति के लोगों ने भी जाट आरक्षण के दौरान शहीद हुए योद्धआों को फूल चढ़ा कर श्रद्धांजलि दी गई व दीप प्रज्वलित के साथ नमन भी किया।

Hema malini ने क्‍यों कहा लोगों को विधायक के पास जाने को
सांसद हेमा मालिनी लोगों से बातचीत करते हुए
हेमा मालिनी एक संवाददाता सम्‍मेलन को दौरान संबाेधित करते हुए

हेमा मालिनी सांसद के तौर पर करना चाहती है कुछ बडा काम

Hema malini मथुरा । सांसद Hema malini ने कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर लोगों को प्रधान या विधायक के पास जाना चाहिए, मैं कुछ बड़ा करना चाहती हूं। उन्होंने कहा कि मैं यहां विकास के ऐसे काम करना चाहती हूं जिनसे नाम हो और आने वाले समय में लोगों को ये विकास कार्य दिखाई भी दें। उन्होंने कहा कि मेरे सांसद बनने के बाद शहरी क्षेत्र बहुत अच्छा हो गया है और हर कोई इसकी तारीफ कर रहा है। कुछ समस्याएं ऐसी हैं जिनको लेकर गांववालों को प्रधान से मिलना चाहिए। कई काम ऐसे हैं जो प्रधान कर सकता है, लेकिन वे सिर्फ मेरे पास आते हैं। Hema malini ने कहा कि वह बडे स्‍तर पर कार्य कर रही है लोगों को समझना होगा । अगर वह छोटे मोटे कार्यों में उलझी रही तो क्षेत्र के लिए वह कार्य नहीं कर पाएगी जिसका उन्‍होंने लक्ष्‍य तय किया है।

सांसद के तौर पर करना चाहती है काम हेमा मालिनी

मैं भी उनसे पूछती हूं कि कुछ काम प्रधान कर सकता है नहीं तो एमएलए कर सकता है। मैं यहां सांसद बनी हूं तो मैं चाहती हूं कि मथुरा के विकास के बहुत बड़े काम करूं, नहीं तो हम सिर्फ नाला बनाते रहेंगे और वह तो एक साल के अंदर खराब हो जाएगा। इससे कुछ नाम नहीं होगा। आने वाले 4 साल के अंदर हम ऐसे काम करना चाहते हैं कि ताकि लोग हमेशा याद रखें। प्रदेश के आम बजट में मथुरा-वृन्दावन को स्मार्ट सिटी में शामिल किए जाने पर सांसद हेमा मालिनी ने मुख्यमंत्री योगी को धन्यवाद देते हुए कहा कि शहर का विकास ऐसा हो जिससे कल लोग पूछें कि हेमा मालिनी सांसद थीं उन्होंने यहां क्या-क्या किया तो यह दिखना भी चाहिए।

मथुरा से है दूसरी बार बनी है हेमा मालिनी सांसद

आपको बता दें कि हेमा मालिनी मथुरा से सांसद है। 2.90 लाख मत से जीत हासिल करके हेमामालिनी दोबारा से मथुरा की सांसद बनी। 2014 में भी हेमा मालिनी ने यहां से जीत हासिल की थी। चुनाव के दौरान हेमा के कई वीडियों सामने आए एवं चुनाव में प्रमुख सीटों में हेमा मालिनी की सीट की भी गिनती की जाती थी । हेमा मालिनी धर्मेंद्र से शादी के बाद एक जाटणी हो गई ।

ravish kumar ने National Channel पर जाटों ओर गुर्जरों के बारे में क्या कहा गया…
जाटों की ravish ne ki tariph
जाटों की तारीफ की नेशनल चैनल एनडीटीवी पर रवीश कुमार ने

पूरी दुनिया के सामने Ravish kumar ने रखी जाटों की असल पहचान

National Channel नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके है। इस दौरान एनडीटीवी के वरिष्ट एंकर व पत्रकार ravish kumar ने jatओर गुर्जरों की तारीफ की। कार्यक्रम के दौरान एक गेस्ट ने शाहीन बाग का जिक्र आने पर कहा कि दिल्ली में जाट समुदाय jat में उबाल लाने के लिए शाहीन बाग को खाली कराने में जाटों की तरफ से एक मैसेज चलाया गया। जाट समुदाय के महत्वपूर्ण नेता प्रवेश वर्मा jat से यह सब बुलवाया गया है। जिसके बाद पत्रकार रविश कुमार ने कहा कि

क्या कहा रविश कुमार ने


आज दिल्ली को इतना बड़ा विस्तार देने में जाट ओर गुर्जरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के किसी भी हिस्से में चले जाए लेकिन जितना प्यार ओर सम्मान के साथ जाटों ने अलग समुदाय के लोगों को अपनाया है और किसी ने भी नहीं अपनाया है। इस संबंध में जाटों ओर गुर्जरों को कोई मात नहीं दे सकता है। जिस खुले दिल से उन्होंने लोगों को अपनाया और दिल्ली को बड़ा होने दिया, कभी टक्कराए नहीं, आप जितने आश्वस्त तरीके से जाट ओर गुर्जर के गांव में जाकर रह सकते है शायद देश के किसी भी दूसरे हिस्से में आप माईग्रेट करके जाते है तो इतनी आराम से नहीं रह सकते। वो संरक्षक का भी काम करते है।

आप मुनिरिका का देख ले या बेगसराय का देख ले। मकान मालिक जरूर जाट व गुर्जर समुदाय के लोग है लेकिन हम लोगों का अनुभव उनके साथ लाजवाब रहा है। इन्हें इसका श्रेय देना चाहिए कि इस दिल्ली को कोस्मोपॉलिटन बनाने में जाट ओर गुर्जरों का बड़ा योगदान रहा है। लेकिन उनके कैरेक्टर को बदलने का प्रयास किया गया।

समाज में दूसरे किरदार से पेश किया जाता है जाटों को


इतने गौरवशाली इतिहास होने के बावजूद आज समाज में जाटों को दूसरे तरीके से ही पेश किया जाता है। दूसरे समुदाय के लोगों को खुले दिल से अपनाने के बावजूद अन्य लोगों के द्वारा घोडू शब्द का प्रयोग किया जाता है। जाट खापों को तालिबानी बताया जाता है। जबकि फिल्म इंडस्ट्री में जाट बोल को एक गंवार की बोली के रूप में दिखाया जाता है क्या यह सही है। यह समाज को सोचना होग।