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facebook वायस रिकार्डिंग करके अब कमाए फेसबुक से पैसा
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facebook नई दिल्ली । सोशल नेटवर्किंग कंपनी facebook अब यूजर्स को वॉयस रिकॉर्डिंग के लिए पैसे देगा। दरअसल कंपनी वॉयस रिकॉग्निशन टेक्नॉलजी को इंप्रूव करने के लिए ऐसा कर रही है। डेटा प्राइवेसी को लेकर फेसबुक की कारगुजारी किसी से छुपी नहीं है, इसलिए यह कहना मुश्किल है कि इसके पीछे की मंशा क्या है। गौरतलब है कि अमेजन, गूगल, एप्पल और माइक्रोसाफ्ट ने भी स्पीच रिकॉग्निशन के नाम पर लोगों की वॉयस रिकॉर्डिंग्स सुनी हैं।

हालांकि बाद में इन्होंने सफाई दी कि ऐसा वॉयस रिकॉग्निशन को इंप्रूव और सटीक बनाने के लिए किया जा रहा है। facebook ने प्रोननसिएशन नाम का एक प्रोग्राम शुरू किया है। यह आॅप्शन facebook के व्यूप्वॉइंट मार्केट रिसर्च ऐप में होगा। फेसबुक के मुताबिक अगर आप इस प्रोग्राम के लिए क्वॉलिफाई करते हैं तो आप अपनी वॉयस रिकॉर्ड कर सकते हैं।

facebook एक सेट रिकॉर्डिंग पूरा करने के बाद आपको व्यूप्वाइंट्स ऐप में 200 प्वाइंट्स मिलेंगे

एक रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक ने कहा है कि वॉयस रिकॉर्ड करने क लिए हे पोर्टल के बाद अपने फेसबुक फ्रेंडलिस्ट के फ्रंट का पहला नाम बोलना होगा। आप 10 दोस्तों को नाम ले सकते हैं और हर स्टेटेमेंट को दो बार रिकॉर्ड करना होगा। एक सेट रिकॉर्डिंग पूरा करने के बाद आपको व्यूप्वाइंट्स ऐप में 200 प्वाइंट्स मिलेंगे। हालांकि जब तक आप 10000 प्वॉइंट्स पूरे नहीं कर लेते हैं तब तक आपको पैसे नहीं मिलेंगे। ट्रांजैक्शन पेपल के जरिए किया जाएगा और रिवॉर्ड के तौर पर इस प्रोग्राम में हिस्सा लेने वाले यूजर्स को 5 डॉलर मिलेगा। फेसबुक के मुताबिक यूजर्स को पांच सेट रिकॉर्डिंग का मौका मिल सकता है यानी आप 1000 प्वॉइंट्स कमा सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक का कहना है कि यूजर्स द्वारा दिए गए वॉयरस रिकॉर्डिंग को उनके फेसबुक प्रोफाइल के साथ कनेक्ट नहीं किया जाएगा। पॉलिसी के मुताबिक कंपनी अपने व्यूप्वाइंट्स की ऐक्टिविटी फेसबुक या फिर फेसबुक के दूसरे प्लेटफॉर्म पर बिना यूजर्स के इजाजत के शेयर नहीं करती है। फिलहाल प्रोननसिएशन का ये प्रोग्राम अमेरिकी यूजर्स के लिए है। इसके लिए यूजर्स के फ्रेंडलिस्ट में कम से कम 75 लोग होने चाहिए। भारत और दूसरे मुल्कों में ये प्रोग्राम कब से शुरू किया जाएगा, या नहीं किया जाएगा कंपनी

CBSE CTET : पेपर पास करने का आसान तरीका जानिये
CBSE CTET 2020
ctet july 2020
ctet exam पास करना अब बिल्‍कुल आसान

CBSE CTET : अगर इंग्लिश की वजह से नहीं हो रहा पेपर पास तो अपनाए यह तरीका

CBSE CTET 2020: अगर आप शिक्षा के क्षेत्र में अपना भविष्‍य निर्माण करना चाहते हो तो आपको सीबीएसई सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिट टेस्ट सीटेट जुलाई 2020 (CBSE CTET 2020) परीक्षा के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया जारी है। आवेदन की अंतिम तारीख 24 फरवरी 2020 है। अगर आप ने अभी तक आवेदन नहीं किया है या तो जल्‍द से जल्‍द कर दें और अगर आवेदन कर दिया है तो तैयारी में जुट जाए। जिन्‍होंने आवेदन नहीं किया है वे उम्मीदवार विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट https://ctet.nic.in/webinfo/Public/Home.aspx पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।करें CBSE CTET 2020 के को आसानी से पास कर सकते हैं।

क्‍या इंग्लिश में कम नम्‍बर आने की वजह से सीटेट पास नहीं हुआ

क्‍या इंग्लिश में कम नम्‍बर आने की वजह से सीटेट पास नहीं हुआ आप का तो खबराए नहीं। इस बार आपका सीटेट जरूर पास हो जाएगा क्‍योंकि मैंने खुद सात बार सीटेट दिया लेकिन नहीं पास हुआ लेकिन इस बार एक दिन भी बिना पढे मैंने सीटेट पास किया है । यह सच्‍चाई है सीटेट पास करना बहुत मुश्किल काम नहीं है बस जरूरत है तो केवल थोडा सा ध्‍यान देने की और अपना आवेदन करने के दौरान थोडी सी सावधानी रखने की।

सीटेट पास करने के लिए क्‍या करें

सीटेट पास करने के लिए क्‍या करें अगर आपका भी यही सवाल है तो आप सही जगह पर है। अगर आपका हाथ इग्लिश में कमजोर है जिसके कारण हर बार आपके इग्लिश में केवल आठ या दस नम्‍बर आते है जिसके कारण आपका सी टेट हर बार केवल कुछ अंकों से रह जाता है तो इस बार अपने आवेदन में आप इग्लिश की जगह संस्कृत भाषा का चुनाव करें। अपने आवेदन में आपको दो भाषाओं का चुनाव करना होता है जिसमें पहले में आप हिन्‍दी का चुनाव करते है और दूसरे में आप इग्लिश का चुनाव करते है। लेकिन यह जरूरी नहीं कि आप केवल इग्लिश का चुनाव करें आप संस्कृत का भी चुनाव कर सकते है।

संस्कृत में इग्लिश की अपेक्षा ज्‍यादा नम्‍बर आते है

संस्कृत में इग्लिश की अपेक्षा ज्‍यादा नम्‍बर आते है । हर किसी ने आठवीं तक संस्कृत जरूर पढी होगी। आपने भी देखा होगा कि आपने स्‍कूल में संस्कृत पढी नहीं होती लेकिन फिर भी काफी अच्‍छे नम्‍बर आपके आ जाते है संस्कृत में। आपको बस पेपर से कुछ दिन पहले संस्कृत पढने की प्रैक्टिस करनी होगी ताकि आप पेपर में अच्‍छे से संस्कृत पढ सकें। संस्कृत में काफी शब्‍द ऐसे होते है जो कि हिन्‍दी से मिलते जुलते है जिसके कारण थोडी सी प्रैक्टिस ये ही आपको संस्कृत अच्‍छे से समझ आ जाती है जिसके कारण आप आराम से संस्कृत में प्रश्‍नों के उत्‍तर दे सकते है।

जिसके कारण इग्लिश में जहां आपके केवल आठ से दस नम्‍बर आते थे ओर आप दो चार या पांच अंकों से सीटेट पास करने से रह जाते थे वहीं दूसरी ओर संस्कृत में आपके 15 से लेकर 20 तक नम्‍बर आराम से आ जाएगे जिसके कारण अगर आप 10 अंक से भी सीटेट पास करने से रह गए तो दूसरी ओर आपका वह सीटेट आराम से पास हो जाएगा तो अब इंतजार किस बात का इस बार संस्कृत भर कर देखिये।

संस्कृत और इंग्लिश में से आप भर सकते है कोई भी भाषा

अगर आप सोचते हो कि इग्लिश की जगह संस्कृत भरने से आपको आगे कोई परेशानी होगी तो यह आपकी गलत फहमी है। यह जरूरी नहीं कि आप केवल इंग्लिश ही भरे। संस्कृत और इंग्लिश में से आप भर सकते है कोई भी भाषा । सीटेट केवल एक सर्टिफिकेट होता है जिसके कारण आप टीजीटी की जॉब के लिए अप्‍लाई कर सकते है । वहां आपको पेपर तो पास करना ही होगा। आप कौन सी भाषा से यह पास करते है कोई मायने नहीं रखता । आपके पास केवल सीटेट सर्टिफिकेट होना चाहिए। अब आपको देखना है कि आप यह पास करना चाहते है या फिर एक बार फिर ऐसे ही कुछ अंकों से अपना सीटेट गवाना चाहते हैं।

अगर आप चाहते है सच्‍चे प्‍यार की परिभाषा जानना तो लिंक पर जरूर क्लिक करें पाकिस्‍तान की एक सच्‍ची प्रेम कहानी

coronavirus पति के शव तक को नहीं देख पा रहीं पत्‍नी व रिश्‍तेदार
कोरोना वायरस
कोरोना वायरस को खत्‍म करने के लिए धुंआ करते अधिकारी

शव के संपर्क में आते ही रिश्‍तेदारों को भी संक्रमण का खतरा

coronavirus वुहान । कोरोना वायरस ( coronavirus) के कारण में स्थिति काफी खराब हो चुकी है। चीन में सैकडों जिंदगी को कोरोना वायरस खत्‍म कर चुका है। लेकिन इससे निपटने के अभी प्रयाप्‍त उपाय कोई खोज नहीं सकता हैं। कोरोना वायरस लगातार चीन से बाहर भी अपनी जडें जमाता चला जा रहा हैं। इस मानवीय आपदा के कई प्रभाव सामने आ रहे है । वहीं दूसरी ओर इसके भावनात्‍मक प्रभाव को देख कर भी स्थिति खराब हो रही है। अगर किसी के परिवार में कोई चला चाए तो स्थिति काफी दुखदायी होती है । यह स्थिति ओर भी दुखदाय तब बन जाती है जब परिवार वालों को कोरोना वायरस ( coronavirus) के कारण हुई मौत के पश्‍चात उसके शव परिवार व रिश्‍तेदारों को नहीं दिए जा रहें है।

क्‍या कह रहे है डाक्‍टर

वुहान में वुचांग अस्पताल के प्रेजिडेंट डॉक्टर लियु झिमिंग की मंगलवार को कोरोना के संक्रमण से मौत हो गई। परिवार के सामने यह स्थिति थी कि वे शव तक नहीं देख पाए। कोरोना संक्रामक रोग एक से दूसरे व्यक्ति में फैल रहा है। झिमिंग को अस्पताल से शवदाह गृह ले जाने का विडियो वायरल हो रहा है। जिसमें उनका परिवार बल्कि अस्पताल के कर्मचारी भी उन्हें अलविदा कहते हुए फूट-फूटकर रो रहे हैं। बंद गाड़ी में उनका शव अस्पताल से निकलता है । उनकी पत्नी कार के पीछे दौड़ती हैं । उन्हें रोका जा रहा है क्योंकि अगर वह शव के संपर्क में आतीं तो उन्हें भी कोरोना का संक्रमण हो जाता। आखिरी वक्त में अपने पति का वह चेहरा तक नहीं देख पाईं। उनकी इस विवशता ने वहां मौजूद सभी लोगों को रोने पर मजबूर कर दिया।

कोरोना वायरस से निपटने के तरीकों में चीन नाकाम

जानकारी के अनुसार कोरोना वायरस से निपटने के तरीकों में चीन का कोई भी तरीका सफल नहीं हो सकता है। and जिसके कारण पूरी दुनियां में चीन के छवि खराब हो रही है। जानकारी के अनुसार पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के कारण अब तक दो हजार से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी है। तो दूसरी ओर करीब एक लाख से ज्‍यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। but कोरोना वायरस से निपटने के लिए हर देश ने कोशिश करनी शुरू कर दी है and चीन से आने वाले हर यात्री पर विशेष तौर पर नजर रखी जा रही है and उसकी जांच कराई जा रही हैं । because कोरोना वायरस एक व्‍यक्ति से दूसरे में फैलता है जिसके कारण इसके हानिकारकता का पता लगा जा सकता है।

रिश्‍तेदारों में मौत का मातम

एक और रिश्‍तेदारों में मौत का मातम है तो दूसरी और शव को ना देख पाने का दुख लोगों को परेशान कर रहा है। लेकिन प्रशासन व अस्‍पताल की तरफ से हर वह ऐतिहास बरती जा रही है जिसके कारण कोरोना वायरस ओर ना फैले लेकिन चीन इसे रोकने में अब तक असफल रहा है। संक्रमण प्रभावित इलाकों में पीडित के शव को प्रशासन व अस्‍पताल वाले ही पूरी ऐतिहास के साथ चला रहे है और परिवार को केवल राख ही उपलब्‍ध हो पा रही है। जिसके कारण भावनात्‍मक रूप से भी उन्‍हें काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है। कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया में परेशानी का डर का माहौल बना हुए है जिसके कारण लोग छोटे मोटे बुखार में भी कोरोना वायरस की जांच कराते हुए नजर आ रहे है।