Jat Pariwar

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jat kahawat in hindi

जाटों का इतिहास लाखों साल पुराना है। समय समय पर जाट समाज को लोगों ने समझा और इससे जुड़ी हुई कहावतें प्रसिद्ध हो गई। आज भी यह कहावतें jat kahawat जाट समाज को लेकर प्रसिद्ध है जिससे आपको जाट समाज को समझने में मदद मिल सकती है। आज हम आपको जाट व्यक्ति के बारे में प्रसिद्ध कहावतों jat kahawat के बारे में बता रहें है जिससे आपको जाट समाज को समझने में मदद मिल सकती है। हो सकता है कि आपको यह पसंद ना आए लेकिन हमने आपके सामने केवल समाज में जाटों को लेकर कही जाने वाली कहावतें को बताया है। आप आप पर है कि आप इसे सही मानते है या फिर गलत…

1) बिन जाटां, किसनें पानीपत जित्ते!
2) जाटणी कदे, विधवा ना होती!
3) अनपढ़ जाट पढ़े बरगा अर पढय़ा जाट खुदा बरगा!
4) जाट रै जाट, सोलह दूणी आठ!
5) दो पाट्टां (पाट) के बीच म्ह साबूत रह्या ना जाट!
6) जाट बलवान, जय भगवान!
7) जाट छिक्या अर राह रुका!
8) ऐकले जाट कै फसियो ना, इनकी पंचायत तैं डरियो ना!
9) अक्ल मारी जाट की, रांघड़ राखय़ा हाली, वो उसनै काम कह, वो उसनै दे गाली!
10) आग्गम बुद्धि बाणिया, पाच्छ्म बुद्धि जाट!
11) बावन बुद्धि बाणिया, छप्पन बुद्धि जाट!
12) कविता सोहै भाट की, खेती सोहै जाट की (खेती जट्ट की, बाजी नट की)!
13) काला बाह्मण, धोला चमार, तिलकधारी बाणीया अर कैरे जाट तें बच कें रहणा चहिये!
14) खागडा की लड़ाई म्ह, भेडिय़ों की चतुराई म्ह, अर जाट की बुराई म्ह कदे नी फसना चाहिए!
15) गूमड़ा अर जाटडा, बंधे ही भले!

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16) गुज्जर के सौ, जाट के नौ अर माली के दो किल्ले बराबर हो सें।
17) जाट बाहरने (दर) पै आये के घर तक बसा दे!
18) गाम के चौराहे पै, जाट गावै राहे पै!
19) जाट ने हारया तब जाणिये, ज्ब कह पुराणी बात!
20) जाट-जाट का दुश्मन, ज्यांते जाट की 36 कौम दुश्मन!
21) जाट-जाट के साठे करदे, घाले-माले (जाट मर्द साठा ते पाठा।)
22) जाट जब तक साथी, हाथ म्ह होवै लाठी!
23) जाण मारे बाणिया, पिछाण मारे जाट!
24) जाट अर सांप म्ह तै पहल्यां किसने मारे, सांप नै जाण दे अर जाट नै समारे!
25) जाट, बैरागी, नटवा, चौथा राज-दरबार, यें चारों बंधे भले, खुल्ले करें बिगाड़!
26) जाट जब दुश्मन पिछानना अर मंत्रणा करणी शुरु कर दे, तै सब काहें नै कूण म्ह धर दे!
27) जाट एक समुन्दर सै अर जो भी दरिया (जाति) इसमै पड़ती है वा: समुन्दर की बण ज्या सै!
28) जाट एक दमड़ी पै लहू-लुहान, बाणिया सौ पै भी ना खींचा-ताण!
29) जाट जितना कटेगा, उतना ही बढ़ेगा!

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30) जाट सोई पांचों झटकै, खासी मन ज्यों निशदिन अटकै!
31) जाटड़ा और काटड़ा, अपणे को ही मारे!
32) जाट कै लाग्गी हंगाई, म्हास बेच कैं घोड़ी बिसहाई!
33) जाट नै मरया जद जाणिये जब उसकी तेरहँवी हो ले!
34) जाट जाट को मारता यही है भारी खोट, ये सारे मिल जायें तो अजेय इनका कोट!
35) जाट नै कै तै जाट मारै अर नहीं तै भगवान (जाट को मारै जाट या फिर करतार)।
36) जाट तैं यारी अर शेर की सवारी – एक बात हो सें।
37) जाट की मरोड़, भला कूण दे तोड़।
38) जाट कै तो खा कै मरेगा कै बोझ ठा कै मरेगा।
39) जाटां का बुड्ढा, बुढापे मै बिगडय़ा करै।
40) जाट नाट्या अर कर्जा पाट्या।
41) जाट रै जाट, खड़ी करदे तेरी खाट, बीज खोस ले बोण नी दे। सोड़ खोस ले सोण नी दे, डोग्गा मारै रोण नी दे।
42) नट विद्या आ जावै पर जट विद्या कोनी आवै।
43) पात्थर म्ह घुणाई कोन्या, जाट म्ह समाई कोन्या!
44) कटे जाट का, सीखै नाई का!
45) ब्राह्मण खा मरे, तो जाट उठा मरे!
46) बणिया हाकिम, ब्राह्मण शाह, जाट मुहासिब, जुल्म खुदा।
47) भूरा चमार, काला जाट अर कानी लुगाई, काले भीतर आले बताये!
48) भरा पेट जाट का, हाथी को भी गधा बतावे (भरा पेट जाट का, अम्बर म्ह मओहरे करे!)
49) माँगे तो, जाट दे ना गंडा भी, बिन मांगे दे दे भेल्ली।
50) मकौड़ा, घोड़ा और जठोड़ा पकडऩे पर कभी छोड़ते नहीं!
51) मिट्टी के बर्तन म्ह धरया घी, हिन्दू की दाड़ी, कई बेटियों वाले पिता और जाट को दिए कर्ज का कभी भरोसा नहीं करना चाहिए।
52) जाटां का समूह, अलसु-पलसु बाताँ का ढूह।
53) जाट जब आप्पे तैं बाहर हो ज्या तो खुदा-ए उसनें थाम सकै।
54) जाट की हांसी आम आदमी की पसली चटका दे।
55) जै जाट किसे-नैं घी-दूध खुवावैगा, तो उसके गल में रस्सा डाल कें।
56) 4 मण के चार पाए, 40 मन की खाट, 80 मण का कोठडा, अर 100 मण का जाट

जाट जमाई भाणजा रेबारी सोनार
कदैई ना होसी आपरा कर देखो उपकार

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मेहरिया जाट Mehria jat is very old gotra
mehriya jat

मेहरिया काफी पुराना और प्रसिद्ध गोत्र है। राजस्थान में मेहरिया जाटों का काफी सम्मान के तौर पर देखा जाता है। इस गोत्र को ऊंचा गोत्र समझा जाता है। जानकारी के अनुसार शिवि लोगों की बहुत सी शाखाएं है। इनहीं में से एक मेहरिया जाट गोत्र के लोगों की भी शाखा है। अगर हम इतिहास की पुस्तके देखे तो पता चलता है कि शिवि लोगों की शासन व्यवस्था की काफी प्रशंसा की गई है जिससे पता चलता है कि ये लोग पहले काफी अच्छे राजा हुआ करते थे। तथा इनका राज्य काफी व्यवस्थीत होता था। जानकारी के अनुसार उनके मंत्रिमंडल में सेनापति को वीरभद्र के नाम से जाना जाता था।

मालमंत्री पद से निकला है मेहरिया जाट गोत्र

जब राजस्थान की कुछ पुस्तकों को देखा गया तो पता चला कि मेहरिया जाटों को मेहीवाल, माहे, माहित, महरिया, महार आदि नामों से भी जाना जाता है।
मेहरिया गोत्र के बारे में जब जानकारी प्राप्त करने के लिए इतिहास की पुस्तकों को देखा गया तो पता चला कि मेहरिया गोत्र मालमंत्री के पद से निकला है। शिवि राज्य में रेवेन्यू मिनिस्टर (मालमंत्री ) को महि हेरक कहा जाता है जो समय के साथ महेरिया बन गया। इसी को आज कल लोग महेरिया के नाम से जानते है। मेहरिया जाटों का एक गांव कूदन बहुत प्रसिद्ध है। जानकारी के अनुसार कूदन को भीमजी नाम के एक प्रसिद्ध महेरिया जाट ने आबाद किया था। उसी की तीसरी पीढी में रामनारायण जी हुए। रामनारायण जी के बड़े पुत्र चौधरी जीवनराम जी थे जो गणेशराम जी के बड़े भाई के रूप में जाने जाते है।

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सीकर वाटी में राव राजा के प्रिय चौधरी नाथाराम महरिया थे। इसी परंपरा को उनके बेटे शिवबक्स महरिया ने निभाया। शिवबक्स कूदन के बेताज बादशाह थे। गांव में सुण्डा गोत्र के जाट अधिक संख्या में हैं। महरिया और सुंडा में हमेशा प्रतिस्पर्धा चलती रही है। लेकिन शिवबक्स महरिया के ऊंचे रसूख के कारण वे सुंडा लोगों पर भारी पड़ रहे थे। महरिया एक पोली (दरवाजा) के भीतर रहते थे, जिसे मेहरिया पोली कहा जाता था। आज भी इस पोली के विशेष स्मारक के रुप में सुरक्षित हैं। विशेष रुप से नाथाराम महरिया गढों और महलों में प्रसिद्धि प्राप्त करते रहे हैं। किसान वर्ग में रहते हुए भी मेहरिया परिवार किसानों से अलग रहते एवं उनमें उच्च वर्ग की भावना थी।

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महरिया परिवारों का आदि पुरुष किसना मेहरिया थे, जिनकी छतरी अभी भी कूदन में मौजूद है। किसना राम के दो बेटे थे – 1. भीमाराम और 2.बोयत राम। भींवाराम के चार पुत्र थे जिनके नाम भानाराम, मोटाराम, गुमानाराम और न्योला राम थे। इन चारों ने 25-25 रुपये खर्च कर किसनाराम की छतरी बनाई थी। चारों भाइयों की चार हवेलियां काफी पुरानी हैं जिससे इस परिवार की समृद्धि का पता लगता है। कूदन के महरिया उन्हीं की वंशबेल हैं।

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अगर हम इस गोत्र के लोगों के निवास स्थान की बात करें तो पता चलता है कि ये लोग पंजाब, मध्यप्रदेश और राजस्थान में निवास करते है जबकि इस गोत्र के कुछ गांव अफगानिस्तान में भी मिलते है लेकिन वे लोग वहां मुस्लिम जाट के नाम से जाने जाते है।

अब अगर हम राजस्थान में मेहरिया जाटों के गांव की बात करें तो पता चलता है कि राजस्थान के सीकर जिले में दांतारू, कंसार्दा, कुंदर, मंडीवाल की ढाणी, नरोदरा, सिंगोद्रा, यलसर आदि गांवों के नाम प्रमुख रूप से लिये जाते है जबकि राजस्थान के ही हनुमानगढ़ जिले के गांवों में मेहरिया देवीदास जोकसर, महराणा, साहुवाला, गुंजासरी, रतुसर, महरिया आदि गांवों के नाम प्रमुख रूप से लिये जाते है जबकि राजस्थान के ही गंगानगर में साहुवाला गंगानगर में इस गोत्र के कुछ लोग निवास करते है। वहीं राजस्थान के चूरू जिले में परिहार, रतुसर, सुजानगढ, बीकानेर में बीकानेर गांव, जयपुर जिले में डाबरी रामपुरा, दूदू आदि गांवों के नाम लिये जाते है।

जयपुर शहर में खातीपुरा, नागौर जिले में बदर धींगसरा, हरसोलाव, हीरान खुरी, इंद्रवद, धोलेराव कलां , टोंक जिले में महाआर्य इस गोत्र के प्रमुख जाटों के रूप में देखा जाता है। इसके अलावा भी भारत के अन्य राज्यों में इस गोत्र के लोग मिलते है जैसे मध्यप्रदेश में आत्माराम, भोपाल, पंजाब के पटियाला में राजपुरा तहसील का गांव का नाम लिया जाता है। जैसा की हम आपको पहले भी बता चुके है कि पाकिस्ताम और अफगानिस्तान में भी इस गोत्र के जाटों के गांव मिलते है।

मध्य प्रदेश में वितरण

आत्माराम (हरदा), भोपाल,

पंजाब में वितरण
माहे जाट पंजाब में अमृतसर, शाहपुरा जिलों में पाए जाते हैं।

पटियाला जिले में गाँव
महरिया पंजाब में पटियाला जिले में राजपुरा तहसील का गाँव है।
पाकिस्तान में वितरण
1911 की जनगणना के अनुसार महार प्रमुख मुस्लिम जाट वंश थे
डेरा गाजी खान जिला: महार (702)
बहावलपुर राज्य महावर: 3,022

जाट उल्लेखनीय व्यक्ति

बक्सा राम महरिया – स्वतंत्रता सेनानी
गणेश राम महरिया – स्वतंत्रता सेनानी
सुभाष महरिया – राजनीतिज्ञ, राजस्थान
सुभाष महरिया: -राजस्थान प्रशासनिक सेवा, परिहार, चूरू से

प्राइवेट नौकरियों में 75 प्रतिशत रोजगार देने संबंधित बिल को मंजूरी एक अच्छा निर्णय – प्रेम सिंह धनखड़

हरियाणा के महामहिम राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य द्वारा प्रदेश के युवाओं को प्राइवेट नौकरियों में 75 प्रतिशत रोजगार देने संबंधित बिल को मंजूरी देने के बाद जेजेपी नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने खुशी प्रकट करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का आभार जताया और सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव-2019 में वरिष्ठ जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला व जजपा पार्टी ने राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं का मर्म समझते हुए जेजेपी की सरकार आने पर राज्य के युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में 75 प्रतिशत नौकरियों का अधिकार दिलाने का प्रमुखता से वादा किया था। उन्होंने कहा कि जेजेपी-बीजेपी गठबंधन सरकार में डिप्टी सीएम बनने के बाद दुष्यंत चौटाला निरंतर इस बिल को लागू करवाकर राज्य के लाखों युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए प्रयासरत थे।

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प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने इस बिल को पिछले विधानसभा सत्र के दौरान सदन के पटल पर रखकर पास करवाया था और अब महामहिम राज्यपाल ने भी 75 प्रतिशत रोजगार बिल को हरी झंडी दे दी है यानी कि अब प्रदेश के प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में 75 प्रतिशत हरियाणवी युवाओं का अधिकार होगा। हर प्राइवेट कंपनी, ट्रस्ट व व्यवसाय में 75 प्रतिशत हरियाणा के युवाओं को रोजगार मिलेगा।

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प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि चुनाव के समय में जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने अपना सबसे बड़ा वायदा जो युवाओं से किया था वह आज पूरा हो गया है। धनखड़ ने कहा कि इस बिल की मंजूरी से अब निजी क्षेत्र में राज्य के लाखों युवाओं के लिए रोजगार का द्वार खुल गया है। इससे प्रदेश की सभी प्राइवेट नौकरियों में 75 प्रतिशत हरियाणा के युवाओं को रोजगार मिलेंगे। उन्होंने कहा कि दुष्यंत चौटाला जी प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में अब इस बिल को लागू जाएगा।

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जजपा नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि गठबंधन सरकार युवाओं की बेहतर शिक्षा व उनके रोजगार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में राज्य सरकार निरंतर बड़े-बड़े कदम उठा रही है। धनखड़ ने कहा कि गृह जिलों में प्रतियोगी परीक्षा करवाने के अलावा प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के लिए राज्य सरकार ने निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत नौकरियों देने संबंधित बिल, नई औद्योगिक नीति, रोजगार सहायता केंद्र, रोजगार पोर्टल, कौशल विकास के प्रशिक्षण केंद्र, 15 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज का निर्माण आदि ऐतिहासिक कदम उठाए है।

प्रेम सिंह धनखड़
जननायक जनता पार्टी
फरीदाबाद

नरेला में सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज ने किया निशुल्क हेल्थ चैकअप कैम्प का आयोजन

नई दिल्ली, जाट परिवार। स्वास्थ्य के क्षेत्र में अस्पतालों का अहम रोल होता है। लेकिन जब धर्म और स्वास्थ्य आपस में मिल जाते है तो एक अद्भत नजारा होता है। ऐसा ही नजारा देखने को मिला बाहरी दिल्ली के सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज में जहां श्री महाकाली शक्ति पीठ मन्दिर के पहले स्थापना दिवस के अवसर पर निशुल्क हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया। इस मौके पर विशेष रूप से ब्लड शुगर, ईसीजी, खून की जांच, ब्लड प्रेशर आदि की निशुल्क जांच की गई।

पूजा अर्चना

सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज के प्रागण में स्थित महाकाली मां की पूजा अर्चना से की कैम्प की शुरूआत

कार्यक्रम का आयोजन सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज के द्वारा श्री महाकाली शक्ति पीठ मन्दिर के पहले स्थापना दिवस पर किया गया था। सुबह सबसे पहले खत्री परिवार ने माता की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया जिसके बाद विधिवत रूप से डॉ सुशीला खत्री ने रिब्न काटकर निशुल्क कैम्प की शुरूआत की।

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सोशल डिस्टेंसिंग का रखा गया पालन

कैम्प में डॉक्टर अरूण खत्री (एमबीबीएस) व डॉक्टर आर्यन खत्री (एमबीबीएस), डॉक्टर सुशीला ने विशेष रूप से आए हुए मरीजों की जांच की और उन्हें उचित परामर्श दिया। जाचं के लिए आने वाले मरीजों को देखने के लिए विशेष रूप से कोरोना गाईडलाइन का पालन किया गया। इस दौरान आए हुए मरीजों के हाथ सेनिटाईज किए गए। और सभी मरीजों के शरीर का तापमान मापकर ही कैम्प में प्रवेश दिलाया गया। कैम्प के दौरान विशेष रूप से सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया।

नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं

नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने की पूरी सहायता

इस दौरान काफी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की। सुशीला नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने इस दौरान कोरोना गाईडलाइन का पूर्ण रूप से पालन करते हुए आए हुए मरीजों की मदद की और डॉक्टरों की सहायता की। एक सवाल के जवाब में एक छात्रा ने बताया कि इस प्रकार के निशुल्क कैम्प में शिरकत कर उन्हें काफी प्रसंन्नता हुई है क्योंकि एक ओर जहां उन्होंने प्रैक्टिस का मौका मिला वहीं दूसरी ओर इससे उन्हें लोगों की सेवा करने का भी अवसर प्राप्त हुआ। सुशीला नर्सिंग कालेज की यही सबसे अच्छा बात है कि यहां प्रैक्टिकल और थ्यौरी अच्छी तरह से करने का मौका प्राप्त होता है। हमे आशा करते है कि भविष्य में भी हमें इस प्रकार के कार्यक्रम में शिरकत करने का मौका मिलेगा।

आखिर क्या है सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज

सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज बाहरी दिल्ली के जाने माने अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज में से एक है। बाहरी दिल्ली के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए 111 बैड का उच्च आधुनिक अस्पताल तैयार किया गया है ताकि लोगों को अपने ईलाज के लिए दिल्ली की ओर जाना ना पड़े क्योंकि कई बार आने जाने में काफी समय लग जाता है जिसके कारण कई बार मरीज की जान भी चली जाती है।

सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज

अस्पताल तीन मंजिल तक फैला है ताकि जगह की कोई कमी ना हो। अस्पताल में इमरजेंसी रूम, शारीरिक जांच, व ऑपरेशन आदि की विशेष सुविधा है ताकि आने वाले किसी भी मरीज को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। मरीजों का ख्याल रखते हुए सफाई का विशेष प्रबंध रखा जाता है एवं सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बेड़ों में दुनिया रखी गई है। इसके साथ ही साथ अस्पताल में लिफ्ट का भी प्रबंध है ताकि एक मंजिल से दूसरी मंजिल पर जाने पर लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। इसके साथ ही साथ नर्सिंग कॉलेज में भी सीटें है जहां लडकियां नर्स बनकर अपने देश की सेवा कर सकती है। उनके दिल्ली के आंततिक हिस्सों में जाने की आवश्यकता नहीं है।

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