
नई दिल्ली- दिल्ली के अशोक विहार स्थित मॉन्टफोर्ट स्कूल में ‘द ओडिसी – ए टाइमलेस टेपेस्ट्री’ नाम से भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य, नाटक और रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की गौरवशाली सभ्यता, इतिहास, संस्कृति, ज्ञान और परंपराओं की शानदार झलक पेश की।
कार्यक्रम में दिल्ली की शिक्षा निदेशक अंकिता आनंद (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जबकि दिल्ली प्रांत के प्रोविंशियल सुपीरियर रेव. ब्रदर थम्पी एलेक्स विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मॉन्टफोर्ट स्कूल के विद्यार्थियों ने दी शानदार प्रस्तुति
अंकिता आनंद ने विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्पष्ट सोच, निरंतर मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरे आत्मविश्वास और समर्पण के साथ प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए मॉन्टफोर्ट स्कूल के प्रधानाचार्य ब्रदर जॉय थॉमस ने अंकिता आनंद का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए विद्यार्थियों को शाम का असली सितारा बताया।
ब्रदर जॉय थॉमस ने कहा, “आज की शाम के असली सितारे हमारे विद्यार्थी रहे। उनकी शानदार प्रस्तुतियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह उनके कठिन परिश्रम, रचनात्मकता और समर्पण का परिणाम है। मैं इस सफल आयोजन के लिए सभी शिक्षकों और सहयोगी कर्मचारियों को भी हार्दिक बधाई देता हूं, जिनके सामूहिक प्रयासों से यह कार्यक्रम यादगार बन सका।”
भारत की यात्रा को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यतागत यात्रा को समर्पित इस प्रस्तुति में सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर विज्ञान, चिकित्सा, योग, कला और दर्शन के क्षेत्र में भारत के उल्लेखनीय योगदान को दर्शाया गया। इसके साथ ही सांस्कृतिक आदान-प्रदान, ऐतिहासिक संघर्षों, स्वतंत्रता संग्राम और एक आत्मविश्वास से भरे आधुनिक भारत की यात्रा को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
संगीत, नृत्य, नाटक और दृश्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं और महान व्यक्तित्वों को मंच पर जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में कथक, भरतनाट्यम, पंजाबी भांगड़ा, गुजराती और राजस्थानी लोकनृत्य, योग जैसी विविध प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके अलावा प्राचीन भारत, आधुनिक भारत और ऐतिहासिक आक्रमणों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में प्रकृति के पांच तत्वों- पृथ्वी, वायु, जल, अग्नि और आकाश को भी विशेष प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया।
स्कूल के अनुसार, यह प्रस्तुति विद्यार्थियों की ओर से भारत की समृद्ध विरासत को नमन करने, देश की आजादी के लिए दिए गए बलिदानों को याद करने और आने वाली पीढ़ी में देश के प्रति गौरव एवं सम्मान की भावना विकसित करने का एक प्रयास थी। इसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और उसके शाश्वत मूल्यों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना भी रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘द ओडिसी’ के परिचय से हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘द ओडिसी’ के परिचय से हुई। इसके बाद स्वागत भाषण, दीप प्रज्वलन और प्रार्थना गीत प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर स्कूल के कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। अंत में प्रधानाचार्य ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इतिहास, कला और सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत संगम रहा ‘द ओडिसी – ए टाइमलेस टेपेस्ट्री’ भारत की गौरवशाली विरासत के साथ-साथ युवा प्रतिभाओं की रचनात्मकता और क्षमता का उत्सव साबित हुआ।
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