जाट परिवार। चौधरी रामकरण सोलंकी के निधन के बाद उनके छोटे पुत्र चौधरी सुरेंद्र सोलंकी को पालम 360 खाप का प्रधान सर्वसम्मति से नियुक्त किया गया।

पालम गांव में सकल पंचायत पालम 12 के तत्वावधान में एक पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में सर्व खाप, तपों और कई गांव के प्रधान उपस्थित हुए। जिसमें सर्वसम्मति से चौधरी सुरेंद्र सोलंकी को पालम 360 खाप का प्रधान चुना गया। इस दौरान पंचायत में बुजुर्गों ने सुरेंद्र को पगड़ी पहनाकर उनका अभिनंदन किया। अब सुरेंद्र अपने पिता चौधरी रामकरण सोलंकी की जिम्मेदारी को संभालेंगे।
क्या कहा सुरेन्द्र सोलंकी ने
इस अवसर पर चौ. सुरेन्द्र सोलंकी ने कहा कि समाज ने जो बड़ी जिम्मेदारी मुझे दी है वो मैं पूरे तन, मन और धन से समर्पित होकर सर्वसमाज और सर्व धर्म के लोगों को साथ लेकर निभाउंगा। अपने दादा और पिता जी के पदचिन्हों पर चलते हुए इस पकड़ी का मान हमेशा रखूंगा। उन्होंने कहा कि मैं खाप पंचायत और दिल्ली देहात के हितों के लिए आजीवन संघर्ष करने का संकल्प लेता हूं।
पीढी दर पीढी संभालते आ रहे है जिम्मेदारी
बता दें कि उनके दादा रिजक राम चौधरी 30 वर्षों तक पालम 360 खाप के प्रधान रहे। उनके बात सुरेंद्र के पिता स्व. चौ. रामकरण सोलंकी ने 15 वर्षों तक इस जिम्मेदारी को निभाया। अब चौ. सुरेन्द्र सोलंकी को समाज ने सर्वसम्मति से पालम 360 के प्रधान की जिम्मेदारी सौंपी है।
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आखिर खाप क्या है।
आपने खाप के बारे में काफी सुना होगा आपको बता दें कि खाप पंचायतें गांवों का एक सामुदायिक संगठन होती हैं, ये किसी खास जाति या गोत्र से मिलकर बनती हैं। हालांकि इनका कोई कानूनी आधार नहीं है और सुप्रीम कोर्ट भी इन्हे अवैध घोषित कर चुका है। इसके बावजूद खाप पंचायतें अपने समुदाय के अंदर अहम फैसले लेने में अहम भूमिका निभाती हैं। समाज के बनाए नियमों से इतर जाने वालों को खाप पंचायतें दंड सुनाती हैं। इनके तरफ से दिया जाने वाला सबसे बड़ा दंड सामाजिक बहिष्कार माना जाता है।



