Jat Pariwar

समाज के लिए एक प्रयास, आईये आप भी जुडिये हमारे साथ

दिल्ली देहात की बेटी यशिता राणा ने वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में जीता सिल्वर मेडल

  • उत्तर-पश्चिम दिल्ली के कुतुब गढ़ गांव की बेटी ने एथेन्स (ग्रीस) में हुई वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में देश का मान बढ़ाया

नई दिल्ली- यशिता राणा ने एथेन्स (ग्रीस) में हुई वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के कुतुब गढ़ गांव की बेटी यशिता की इस जीत पर दिल्ली देहात में खुशी की लहर दौड़ गई है। पहली बार देश से बाहर कुश्ती प्रतियोगिता के मैट पर दमखम दिखाने के लिए उतरी यशिता के लिए रजत पदक अपने नाम कर लेना एक बड़ी उपलब्धि है।

यह भी पढ़े- राजस्थान और हरियाणा के जाटों में क्या अंतर है?

देश की उभरती पहलवान यशिता राणा इससे पहले कुश्ती की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी पदक जीत चुकी है। एथेन्स में अंडर 17 आयु वर्ग में हासिल की इस शानदार उपलब्धि के साथ ही यशिता ने न केवल अपने परिवार और गांव, बल्कि पूरे देश का सम्मान बढ़ाया है।

दिल्ली देहात की मिट्टी से कुश्ती के दांव पेंच सीखे यशिता राणा ने

दिल्ली देहात की मिट्टी से कुश्ती के दांव पेंच सीखने वाली चैंपियन यशिता राणा, सर्वोदय कन्या विद्यालय, कुतुबगढ़ में 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। विद्यालय की प्रिंसीपल, टीचर्स और छात्राओं ने यशिता को बधाई दी है। वह बचपन से ही कुश्ती को लेकर बेहद जुनूनी रही हैं।

अपने गांव के देसी अखाड़े से शुरुआत करने वाली यशिता ने कई राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिताओं में भी पदक जीतकर खुद को साबित किया है। वर्ल्ड चैंपियनशिप का रजत पदक उसकी मेहनत, संघर्ष और समर्पण का अंतर्राष्ट्रीय प्रमाण है। ग्रीस की इस प्रतियोगिता में उन्होंने दुनिया भर की प्रतिभावान पहलवानों से मुकाबला किया और फाइनल तक पहुंचने का अद्भुत कमाल कर दिखाया।

दिल्ली देहात के ग्रामीणों और कुश्ती के प्रशंसकों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अपील करते हुए कहा है कि यशिता को उनकी इस जीत पर सरकार सम्मानित करे। गांव वालों का कहना है कि एक सीमित आय वाले परिवार ने अपनी बेटी को तमाम आर्थिक कठिनाईयां झेलते हुए कुश्ती में आगे बढ़ाया है।

यशिता ने अपनी प्रतिभा साबित भी की है लिहाजा दिल्ली सरकार को यशिता के लिए इनामी राशि की घोषणा भी करनी चाहिए। यशिता के पिता कृष्ण राणा दिल्ली परिवहन निगम के रानी खेड़ा बस डिपो में कांट्रैक्ट कंडक्टर के तौर पर कार्यरत है। जाहिर है कि यशिता के लिए अपने सपनों को उड़ान देना और परिवार के लिए उसकी कुश्ती संबंधी जरूरतों और खुराक का बंदोबस्त करना बहुत ही संघर्ष भरा रहा है। यशिता आने वाले समय में कॉमनवेल्थ और ओलंपिक खेलों में भी देश के लिए पदक जीतेगी ऐसी उम्मीद की जा रही है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से यशिता को सम्मानित करने की अपील की

दिल्ली देहात के ग्रामीणों और कुश्ती के प्रशंसकों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से यशिता को सम्मानित करने की अपील की
डीटीसी में कांट्रैक्ट कंडक्टर की बेटी ने तमाम आर्थिक संघर्षों से जूझते हुए अपनी प्रतिभा साबित की
यशिता राणा, सर्वोदय कन्या विद्यालय, कुतुबगढ़ में 12वीं कक्षा की छात्रा है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *