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कलाकार क्रिकेट लीग का होगा आयोजन, सबसे महंगे बिके तरुण जाट

नई दिल्ली। खेलों में हरियाणा का हमेशा से ही खास दबदबा रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा में पहली बार कलाकार क्रिकेट लीग का आयोजन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार यह लीग 7 अप्रैल से 10 अप्रैल तक आयोजित होगी, जिसमें हरियाणा के प्रमुख कलाकार अपनी-अपनी टीमों के साथ क्रिकेट में अपना हुनर दिखाते नजर आएंगे।

इस लीग में हरियाणवी सिंगर और डायरेक्टर मैदान में उतरकर अपने खेल का जौहर दिखाएंगे। प्रमुख नामों में केडी, खासा आला चाहर, बिंटू पाबड़ा, अमित ढुल, यूके हरियाणवी और सुरेंद्र रोमियो शामिल हैं।

कलाकार क्रिकेट लीग में कलाकारों की लगी बोली

हरियाणा में आयोजित इस कलाकार क्रिकेट लीग के लिए गीत-संगीत इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों की बोली लगाई गई। इस नीलामी में तरुण जाट सबसे महंगे खिलाड़ी रहे। उन्हें सुरीले सूरमा टीम के कप्तान अमित ढुल ने 12 लाख प्वाइंट्स में खरीदा।

हर टीम को कुल 30 लाख प्वाइंट्स दिए गए थे, जिनसे उन्हें अपनी 13 खिलाड़ियों की टीम तैयार करनी थी।

हरियाणा में पहली बार ऐसा आयोजन

इस बारे में जानकारी देते हुए बलविंद्र ढुल ने बताया कि यह लीग 4 दिनों तक चलेगी, जिसमें हरियाणा की फिल्म और गीत-संगीत इंडस्ट्री के लगभग सभी प्रमुख कलाकार हिस्सा लेंगे। हरियाणा में इस प्रकार का आयोजन पहली बार किया जा रहा है, जिससे कलाकारों में उत्साह देखने को मिल रहा है।

कलाकार क्रिकेट लीग का पहले भी हो चुका है आयोजन

कलाकार क्रिकेट लीग (KCL) का यह दूसरा सीजन है। इससे पहले पहला सीजन राजस्थान के झुंझुनू में आयोजित किया गया था, जो काफी सफल रहा था।

इस लीग का मुख्य उद्देश्य क्रिकेट के माध्यम से हरियाणवी कलाकारों के बीच आपसी मेलजोल और भाईचारे को बढ़ावा देना है।

जाट समाज में रिश्तों के कमजोर होने पर चिंता, युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह

अखिल उत्तर प्रदेश जाट महासभा द्वारा गुरुवार को मेरठ में एक महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के सामने खड़ी चुनौतियों पर गंभीर चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कप्तान सिंह सहित कई प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक व्यक्तित्व मौजूद रहे।

अखिल उत्तर प्रदेश जाट महासभा

टूटते रिश्तों और बदलते सामाजिक मूल्यों पर चिंता-जाट समाज

कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज में लगातार कमजोर हो रहे पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और भागदौड़ के कारण लोगों के बीच आपसी जुड़ाव कम होता जा रहा है, जिससे समाज की मूल संरचना प्रभावित हो रही है।
कंकरखेड़ा स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में कर्नेल सिंह, एसएस अहलावत सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में सामाजिक ताना-बाना और अधिक कमजोर हो सकता है।

युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर

मुख्य अतिथि कप्तान सिंह ने अपने संबोधन में विशेष रूप से युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज का युवा ही समाज और देश का भविष्य है, इसलिए उसे सही दिशा में आगे बढ़ाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि अभिभावकों और समाज की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं को सकारात्मक वातावरण दें, जिससे वे अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

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शिक्षा और एकता को बताया प्रगति का आधार

कार्यक्रम में शिक्षा और संगठन की अहम भूमिका पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की तरक्की का मूल आधार शिक्षा होती है। इसलिए बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
इसके साथ ही समाज में आपसी एकता, भाईचारे और संगठन को मजबूत बनाने की अपील की गई। वक्ताओं का मानना था कि संगठित समाज ही हर चुनौती का सामना कर सकता है और विकास के नए आयाम स्थापित कर सकता है।

शादियों में फिजूलखर्ची कम करने की अपील

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सुधार के तहत शादी और अन्य आयोजनों में बढ़ते खर्च पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने लोगों से अपील की कि वे दिखावे से बचें और सादगी को अपनाएं, जिससे आर्थिक बोझ कम हो और समाज में समानता का भाव बना रहे।

आईएएस अधिकारियों का सम्मान

इस मौके पर महासभा की ओर से प्रशासनिक सेवाओं में चयनित 10 आईएएस अधिकारियों को सम्मानित किया गया। मंच से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई और युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में डॉ. जितेंद्र चिकारा, गौरव मलिक, गौरव चौधरी (जिला पंचायत अध्यक्ष), पूर्व विधायक जितेंद्र सतवई, रवि भारत चिकारा, जयवीर सिंह, रवि चौधरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बदनावर में जाट समाज द्वारा आयोजित निःशुल्क सामूहिक विवाह

नई दिल्ली। आने वाली 10 फरवरी को बदनावर में जाट समाज के द्वारा निःशुल्क सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार या 13वां निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन है। जो कि डॉ. आर.एस. जाट सामूहिक विवाह समिति द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

बदनावर में जाट समाज द्वारा आयोजित निःशुल्क सामूहिक विवाह माता पिता अपने बच्चों का पंजीकरण करा सकते है

अगर कोई माता – पिता अपने बच्चों का विवाह इस कार्यक्रम में कराना चाहते है तो वे यहां अपने बच्चों का शादी के लिए पंजीकरण करा सकते है।

“शुभे शुभे मंगलं कुर्यात् विवाहं ते शुभप्रदम्।
सुखसंपत्तिवृद्धिश्च गृहस्थे नित्यं स्थिराऽस्तु वै।।“

सामूहिक विवाह का उद्देश्य

जानकारी के अनुसार इस सामूहिक विवाह का उद्देश्य है कि कम खर्च में व परंपरा को सुरक्षित रखते हुए विवाह को अधिक सम्मान के साथ किया जा सके। आज के दौर में बढ़ते दिखावे और महंगाई को देखते हुए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है ताकि दिखावे के दौर से निकल कर नई पीढी को एक नया राह दिखाया जा सकें।

जाट समाज द्वारा सामूहिक विवाह कब और कहाँ आयोजित होगा कार्यक्रम कब है

तारीख : 10 फरवरी 2026 (मंगलवार), फाल्गुन कृष्ण अष्टमी
समय : प्रातः 8 बजे से
स्थान : बदनावर, जिला धार (म.प्र.)

पंजीयन अंतिम तिथि : 31 दिसम्बर 2025

संपर्क / व्यवस्थापक :
डॉ. आर.एस. जाट सामुहिक विवाह समिति:-मोबाइल: 9893087633, 9754873534, 9926953054, 9753274345, 9589588434

DSP बनी पूजा जाट
पाँचवें प्रयास में 7वीं रैंक लाकर बनीं DSP पूजा जाट

मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। यह पंक्तियाँ पूजा जाट पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। आपको बता दें कि पूजा जाट ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा पास कर ली है। पूजा जाट ने 7वाँ स्थान हासिल किया है और अब वे डीएसपी बनेंगी। इस सफलता के बाद ग्रामीणों और समाज के लोगों ने पूजा जाट व उनके परिवार को हार्दिक बधाई दी है।

साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं पूजा जाट

पूजा जाट एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिताजी एक साधारण किसान हैं, जबकि उनकी माताजी गृहिणी हैं। पूजा का एक बड़ा भाई है, जिसने उनकी पढ़ाई में हर संभव सहयोग दिया।

कर्ज लेकर की पढ़ाई

पूजा के भाई का रुझान हमेशा पढ़ाई की ओर था, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे आगे की पढ़ाई नहीं कर सके और काम में लग गए। फिर भी उन्होंने अपनी बहन को पढ़ाने में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने कई बार कर्ज लेकर पूजा की जरूरतें पूरी कीं। भाई के इसी त्याग और सहयोग की बदौलत पूजा जाट आज यह मुकाम हासिल कर सकीं।

पाँचवें प्रयास में 7वीं रैंक लाकर बनीं DSP

पूजा जाट ने इंदौर में रहकर आठ वर्षों तक पढ़ाई की। लेकिन उनका सफर आसान नहीं था। सफलता कई बार उनके हाथ से फिसली। वे कई बार प्रीलिम्स और मेंस तक पहुँचीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और हर वर्ष मेहनत बढ़ाती गईं। अंततः अपने पाँचवें प्रयास में उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 7वीं रैंक हासिल की और अब वे डीएसपी पूजा जाट कहलाएंगी।

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लड़कियों के लिए बनीं मिसाल

पूजा जाट ने कहा कि उनके भाई की दिन-रात की मेहनत ने उन्हें हर परिस्थिति में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। परिवार ने हमेशा उनका साथ दिया और समाज की नकारात्मक बातों को नज़रअंदाज़ किया। आज वही लोग कहते हैं — “बेटी हो तो पूजा जैसी।

गाँव से ही की पढ़ाई की शुरुआत

जानकारी के अनुसार, पूजा ने अपनी पढ़ाई की शुरुआत गाँव हरवार के प्राथमिक विद्यालय से की थी। आगे की शिक्षा जीरन स्कूल से प्राप्त करने के बाद उन्होंने नीमच कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने के बावजूद पूजा ने अपने दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया।

केवल 1 रुपए लेकर हुई शादी, समाज के लिए बनी मिसाल जाट समाज की अनूठी शादी

सहापनपुर। आज के दौर में जहां अधिकांश परिवार दहेज प्राप्त करने की होड़ में रहते हैं, वहीं सहापनपुर क्षेत्र के एक परिवार ने जाट समाज की अनूठी शादी समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। उन्होंने अपनी बहू के परिवार से सिर्फ 1 रुपए का शगुन लेकर विवाह संपन्न किया।

शादी में केवल 1 रुपए का शगुन स्वीकार

गांव कासेपुरा निवासी जिला पंचायत सदस्य नीरज चौधरी के पुत्र हर्ष चौधरी का विवाह 2 नवंबर को शामली जिले के गांव राझड़ निवासी विनोद चौधरी की पुत्री सीवी चौधरी के साथ संपन्न हुआ।
शादी से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां और वस्तुएं नीरज चौधरी परिवार ने अपने ही खर्च पर पूरी कीं।
जब लड़की पक्ष ने शगुन स्वरूप कुछ धनराशि देने की कोशिश की, तो नीरज चौधरी ने समाज में नई मिसाल पेश करते हुए केवल एक रुपया ही शगुन के रूप में स्वीकार किया।

हर ओर हो रही प्रशंसा

परिवार के इस निर्णय की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि आज के महंगाई भरे दौर में विवाह जैसी जिम्मेदारियां आर्थिक रूप से बेहद कठिन होती जा रही हैं।

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कदम समाज के लिए प्रेरणास्रोत


अच्छे वर की तलाश में लड़की पक्ष को अक्सर भारी दहेज देना पड़ता है, जिससे परिवार आर्थिक संकट में आ जाता है।
ऐसे में नीरज चौधरी परिवार का यह कदम समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है और आने वाली पीढ़ियों को बिना आर्थिक दबाव के सादगीपूर्ण विवाह करने की प्रेरणा दे रहा है।

लोगों का यह भी कहना है कि, “जिसने अपनी बेटी दे दी, उसने अपना सब कुछ दे दिया।”
नीरज चौधरी परिवार की इस पहल को समाज में दहेज-मुक्त विवाह की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

जाटा का छोरा गाने की डिमांड पर भड़के मासूम शर्मा, विवादित बयान दिया

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद हो गया जब एक युवक ने “जाटा का छोरा” गाना गाने की डिमांड कर दी। इस पर गायक मासूम शर्मा द्वारा अपशब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मासूम शर्मा के लेट आने पर भड़के लोग

जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में गायक मासूम शर्मा तय समय से काफी देर से पहुंचे। इसके बाद मौजूद दर्शक नाराज़ हो गए। मंच पर आने के बाद भी कुछ लोगों ने “जाटा का छोरा” गाने की फरमाइश रखी। वीडियो में मासूम शर्मा को उन युवकों से बात करते हुए देखा जा सकता है, लेकिन जब युवक अपनी बात पर अड़े रहे तो मासूम शर्मा ने कथित तौर पर “जाट फद्दू” कह दिया।
इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग मासूम शर्मा के समर्थन में हैं, तो कुछ लोग उनके खिलाफ नाराज़गी जता रहे हैं।

16 हजार की थी कॉन्सर्ट टिकट

जानकारी के अनुसार, जिस कार्यक्रम में यह विवाद हुआ उसकी एक टिकट की कीमत करीब 16 हजार रुपये (200 डॉलर) थी। इस पर लोगों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति इतनी महंगी टिकट लेकर आता है, तो वह अपनी पसंद का गाना गाने की फरमाइश कर सकता है।
लोगों का यह भी कहना है कि मासूम शर्मा को इस प्रकार के अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। यदि कुछ युवकों ने गलत व्यवहार किया भी हो, तो उसके लिए पूरे समाज को दोषी ठहराना उचित नहीं है। इससे विदेशों में हरियाणवी समाज और संस्कृति की छवि खराब होती है।

हंगामे के बाद रद्द हुआ प्रोग्राम

हंगामे के कारण कार्यक्रम को बीच में ही रद्द कर दिया गया। बताया जा रहा है कि मासूम शर्मा इस शो में एक भी गाना पूरा नहीं गा सके।
कई दर्शकों ने इस पर नाराज़गी जताई और कहा कि उन्होंने 200 डॉलर की टिकट लेकर कार्यक्रम देखने आए थे। कई लोग तो दूर-दराज़ से समय और पैसा खर्च कर पहुंचे थे, इसलिए कुछ लोगों की वजह से पूरे कार्यक्रम को रद्द करना गलत निर्णय था।

लोगों ने क्या कहा इस मामले पर

मेलबर्न में रहने वाले पानीपत के ओमपाल आर्या ने कहा कि इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे पूरी कम्युनिटी की छवि खराब हो रही है। उन्होंने कहा, “सिंगर को समझना चाहिए कि कुछ लोगों की वजह से पूरी कम्युनिटी को अपशब्द कहना गलत है। अगर कुछ युवकों ने अनुशासनहीनता की थी, तो उन्हें कार्यक्रम से बाहर कर देना चाहिए था, न कि पूरे समाज को गलत ठहराना चाहिए।”

मासूम शर्मा ने युवकों को समझाने की कोशिश की थी

वायरल वीडियो में कई जगह मासूम शर्मा यह कहते हुए सुने जा सकते हैं कि वे युवकों को समझाने का प्रयास कर रहे थे कि कार्यक्रम को खराब न करें।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने लाखों लोगों के बीच शो किए हैं, लेकिन कुछ लोगों की हरकत के कारण माहौल बिगड़ रहा है। हालांकि, बात नहीं बनी और उन्होंने कथित रूप से आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए मंच छोड़ दिया। कुछ दर्शकों का कहना है कि इस दौरान उन्होंने अनुचित इशारे भी किए।

जाट समाज फरीदाबाद
स्वच्छता अभियान के लिए आगे आया जाट समाज फरीदाबाद
  • देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है जिसमें जाट समाज ने भी अपनी भूमिका निभाने का फैसला किया है।
जाट समाज फरीदाबाद
जाट समाज फरीदाबाद

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर दिल्ली व आस पास के ईलाकों में स्वच्छता अभियान चला जा रहा है। इसी कड़ी में जाट समाज फरीदाबाद ने भी स्वच्छता अभियान में अपनी भूमिका निभाने का फैसला किया है। इसी संबंध में फरीदाबाद सेक्टर -16 स्थित किसान भवन में एक बैठक का आयोजन किया गया । बैठक की अध्यक्षता जाट समाज फरीदाबाद संस्था के प्रधान जेपी एस सांगवान ने की।

स्वच्छता अभियान के लिए क्या लिया फैसला जाट समाज फरीदाबाद ने

इस अवसर पर आए हुए सभी लोगों को संबोधित करते हुए जाट समाज फरीदाबाद संस्था के महासचिव एचएस मलिक ने कहा कि अगर हमें एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना है तो हमें स्वच्छता पर ध्यान देना होगा। जब सरकार पूरे जोर शोर से स्वच्छता अभियान चला रही है तो हमें भी अगे बढ़ कर सरकार के इस प्रयास में भागीदारी निभानी होगी। इस बात को ध्यान में रखते हुए फरीदाबाद में जगह जगह संस्था की और से सफाई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

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जाट समाज ने की है हमेशा दूसरों की मदद

इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि जाट समाज हमेशा ही समाज और देश की सेवा के लिए आगे रहा है। समाज को बेहतर बनाने के लिए समय समय पर संस्था की और से प्रयास किए जाते है। जिसके लिए समय-समय पर वृक्षारोपण, स्वास्थ्य सेवाएं, प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहन तथा शहीदों की वीरांगनाओं का सम्मान आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसी प्रकार से स्वच्छता अभियान में भी समाज आगे बढ़कर अपना योगदान देगा।

समाज को स्वच्छ बनाने का सभी मिल कर प्रयास करेगे

इस अवसर पर अध्यक्ष जेपीएस सांगवान ने कहा कि समाज को स्वच्छ बनाने का सभी मिल कर प्रयास करेगे। स्वच्छ शरीर में ही स्वच्छ आत्मा का निवास होता है। इस लिए सभी लोग मिलकर स्वच्छता अभियान को सफल बनाने का प्रयास करेगे।

कार्यक्रम में एसआर तेवतिया, आई एस दायमा, सूरजमल, एमएस श्योराण, जितेंद्र चौधरी, आर एस. राणा, टीएस. दलाल, रतन सिंह सिवाच, अजय नरवत, रामरतन नरवत, दरयाब सिंह ने भी इस मिशन में अपनी भागेदारी निभाने के लिए संकल्प दोहराया।

जाट सभा चंडीगढ़ बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आई, चंड़ीगढ़ व कटरा में रहने खाने की व्यवस्था फ्री होगी

चंडीगढ़- पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ ने बहुत कहर बरपाया है । बहुत से लोग व समाज व विभिन्न धर्म के लोग बाढ़ पीडितों की मदद को आगे आए है । इसी कड़ी में जाट समाज ने भी पहल करते हुए बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद का हाथ आगे बढ़ाते हुए उनके ठहरने और खाने पीने का इंतजाम किया है। इसके साथ ही साथ समाज के लोगों ने यूक्रेन युद्ध में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस भारत लाए जाने की मांग भी की है। 

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जाट भवन चड़ीगढ़ में रुकने की व्यवस्था की 

जाट सभा चंड़ीगढ़ और पंचकूला की बैठक का आयोजन किया गया । बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए पूर्व पुलिस महानिदेशक डा. महेंद्र मलिक ने बताया कि जाट समाज हमेशा जरुरत पड़ने पर मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। आज जब हमारे हरियाणा, पंजाब औप हिमाचल के भाई बाढ़ जैसी विपदा का सामना कर रहे है तो हम कैसे पीछे रह सकते है इसीलिए बैठक में निर्णय लिया गया है कि जाट भवन चंड़ीगढ़ में बाढ़ पीड़ितों के लिए विशेष रुप से रहने और खाने की व्यवस्था की जाएगी। 

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पंचकूला व कटरा में निशुल्क व्यवस्था 

बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत का हाथ बढ़ाते हुए जाट सभा ने फैसला लिया है कि जाट भवन पंचकूला और जम्मू कश्मीर में कटरा में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए नि:शुल्क रहने और खाने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मेडिकल की भी मदद की जाएगी ताकि लोगों के मेडिकल में छोटी मोटी बीमारी के लिए परेशान ना होना पड़े। 

क्या कहा जाट सभा के प्रधान महेंद्र मलिक ने 

इस अवसर पर जाट सभा के प्रधान महेंद्र मलिक ने हरियाणा सरकार से अपील करते हुए कहा कि बाढ़ में लोगों का बहुत नुकसान हुआ है। उन्हें एक नए सिरे से अपने जीवन की शुरुआत करनी होगी जिसके कारण बाढ़ प्रभावितों को सरकार की और से दी जाने वाली आर्थिक मदद को बढ़ाया जाना चाहिए । इसके साथ ही साथ अगर बाढ़ में किसी की मौत हो गई है तो उसके परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जानी चाहिए । इसके अलावा उन्होंने मांग की है कि बाढ़ के कारण होने वाली किसी मेडिकल स्थिति में पूरा मेडिकल का खर्च सरकार को उठाना चाहिए। 

इसके अलावा उन्होंने कहा कि किसी का मकान क्षतिग्रस्त होने पर कम से कम दो लाथ रुपए, फसल बर्बाद होने पर प्रति एकड़ 50 हजार से लेकर 80 हजार रूपए तक सहायता प्रदान करने की अपील की है। 

किसान मसीहा छोटूराम की प्रतिमा को पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि 

इस अवसर पर बैठक में आए हुए सभी लोगों ने चौधरी छोटूराम की प्रतिमा को श्रद्धांजलि अर्पित की । इसके अलावा आए हुस सभी लोगों ने बैठक में रूस व यूक्रेन युद्ध में फंसे  हुए भारतीय नौजवानों को सुरक्षित भारत लाने के लिए भी चर्चा की व निर्णय लिया कि इस संबंध में भारत सरकार व हरियाणा सरकार को पत्र लिखा जाएगा ताकि सरकार इस समस्यां पर भी ध्यान दे। और नौजवानों के भारत वापिस लेकर आए। 

दिल्ली देहात की बेटी यशिता राणा ने वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में जीता सिल्वर मेडल
  • उत्तर-पश्चिम दिल्ली के कुतुब गढ़ गांव की बेटी ने एथेन्स (ग्रीस) में हुई वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में देश का मान बढ़ाया

नई दिल्ली- यशिता राणा ने एथेन्स (ग्रीस) में हुई वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के कुतुब गढ़ गांव की बेटी यशिता की इस जीत पर दिल्ली देहात में खुशी की लहर दौड़ गई है। पहली बार देश से बाहर कुश्ती प्रतियोगिता के मैट पर दमखम दिखाने के लिए उतरी यशिता के लिए रजत पदक अपने नाम कर लेना एक बड़ी उपलब्धि है।

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देश की उभरती पहलवान यशिता राणा इससे पहले कुश्ती की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी पदक जीत चुकी है। एथेन्स में अंडर 17 आयु वर्ग में हासिल की इस शानदार उपलब्धि के साथ ही यशिता ने न केवल अपने परिवार और गांव, बल्कि पूरे देश का सम्मान बढ़ाया है।

दिल्ली देहात की मिट्टी से कुश्ती के दांव पेंच सीखे यशिता राणा ने

दिल्ली देहात की मिट्टी से कुश्ती के दांव पेंच सीखने वाली चैंपियन यशिता राणा, सर्वोदय कन्या विद्यालय, कुतुबगढ़ में 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। विद्यालय की प्रिंसीपल, टीचर्स और छात्राओं ने यशिता को बधाई दी है। वह बचपन से ही कुश्ती को लेकर बेहद जुनूनी रही हैं।

अपने गांव के देसी अखाड़े से शुरुआत करने वाली यशिता ने कई राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिताओं में भी पदक जीतकर खुद को साबित किया है। वर्ल्ड चैंपियनशिप का रजत पदक उसकी मेहनत, संघर्ष और समर्पण का अंतर्राष्ट्रीय प्रमाण है। ग्रीस की इस प्रतियोगिता में उन्होंने दुनिया भर की प्रतिभावान पहलवानों से मुकाबला किया और फाइनल तक पहुंचने का अद्भुत कमाल कर दिखाया।

दिल्ली देहात के ग्रामीणों और कुश्ती के प्रशंसकों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अपील करते हुए कहा है कि यशिता को उनकी इस जीत पर सरकार सम्मानित करे। गांव वालों का कहना है कि एक सीमित आय वाले परिवार ने अपनी बेटी को तमाम आर्थिक कठिनाईयां झेलते हुए कुश्ती में आगे बढ़ाया है।

यशिता ने अपनी प्रतिभा साबित भी की है लिहाजा दिल्ली सरकार को यशिता के लिए इनामी राशि की घोषणा भी करनी चाहिए। यशिता के पिता कृष्ण राणा दिल्ली परिवहन निगम के रानी खेड़ा बस डिपो में कांट्रैक्ट कंडक्टर के तौर पर कार्यरत है। जाहिर है कि यशिता के लिए अपने सपनों को उड़ान देना और परिवार के लिए उसकी कुश्ती संबंधी जरूरतों और खुराक का बंदोबस्त करना बहुत ही संघर्ष भरा रहा है। यशिता आने वाले समय में कॉमनवेल्थ और ओलंपिक खेलों में भी देश के लिए पदक जीतेगी ऐसी उम्मीद की जा रही है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से यशिता को सम्मानित करने की अपील की

दिल्ली देहात के ग्रामीणों और कुश्ती के प्रशंसकों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से यशिता को सम्मानित करने की अपील की
डीटीसी में कांट्रैक्ट कंडक्टर की बेटी ने तमाम आर्थिक संघर्षों से जूझते हुए अपनी प्रतिभा साबित की
यशिता राणा, सर्वोदय कन्या विद्यालय, कुतुबगढ़ में 12वीं कक्षा की छात्रा है

आस्था पूनिया
नौसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बनी सब लेफ्टिनेंट आस्था पूनिया (Aastha Poonia)

आस्था पूनिया (Aastha Poonia) का चुनाव नौसेना में लड़ाकू विमान लड़ाने के लिए किया गया है। अभी तक पुरूष ही नौसेना में लड़ाकू विमान लड़ाते थे ।

नई दिल्ली। एक समय था जब महिलाओं को समाज में सबसे आखिर में रखा जाता था । घर के बाहर निकलना भी मुश्किल होता था लेकित तेजी से बदलते समय के साथ महिलाओं ने नए नए कीर्तिमान स्थापित किए । इसी कड़ी में सब लेफ्टिनेंट आस्था पूनिया ने भी एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है । उन्होंने नौसेना में पहली महिला फाइटर होने का गौरव प्राप्त किया है।

आस्था पूनिया कहां से है।

आस्था पूनिया उत्तर प्रदेश के मेरठ से हैं । जानकारी के अनुसार उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बी. टेक की पढ़ाई की है जिसके बाद उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) के ज़रिए भारतीय नौसेना में शामिल होकर भारतीय नेवल एकेडमी (Ezhimala) से प्रशिक्षण शुरू किया।

नारी सशक्तिकरण का दिया संदेश

एक बयान में कहा गया है कि एसएलटी आस्था पूनिया को लड़ाकू स्ट्रीम में शामिल करना इस बात का संदेश देता है कि भारतीय नौसेना लैंगिक समानता, अवसर और नारी सशक्तिकरण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का संदेश देता है।

आस्था पूनिया अभी तक पिलाटस PC-7 MK II को उड़ाया है। इसके अलावा वे आईएनएस डेगा में हॉक एडवांस्ड जेट ट्रेनर (AJT) को भी लड़ाया है। जिसके बाद अब उन्हें नौसेना के लड़ाकू विमान जैसे वे मिग -29 के जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान लड़ाने के प्रशिक्षण दिया जाएगा।

विंग्स ऑफ गोल्ड’ से आस्था पूनिया हुईं सम्मानित

3 जुलाई 2025 को विशाखापत्तनम के INS Dega पर आयोजित समारोह में रियर एडमिरल जनक बेवली, सहायक नौसेना स्टाफ (एयर) की तरफ से आस्था पूनिया को ‘विंग्स ऑफ गोल्ड’ सम्मान’ (Wings of Gold) सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान नौसेना की फाइटर पायलट बनने की पात्रता का प्रतीक है। इस मौके पर लेफ्टिनेंट अतुल कुमार ढुल को भी यह सम्मान प्राप्त हुआ। यह समारोह ‘सेकेंड बेसिक हॉक कन्वर्जन कोर्स’ की सफल समाप्ति पर आयोजित हुआ था।