Jat Pariwar

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coronavirus पति के शव तक को नहीं देख पा रहीं पत्‍नी व रिश्‍तेदार
कोरोना वायरस
कोरोना वायरस को खत्‍म करने के लिए धुंआ करते अधिकारी

शव के संपर्क में आते ही रिश्‍तेदारों को भी संक्रमण का खतरा

coronavirus वुहान । कोरोना वायरस ( coronavirus) के कारण में स्थिति काफी खराब हो चुकी है। चीन में सैकडों जिंदगी को कोरोना वायरस खत्‍म कर चुका है। लेकिन इससे निपटने के अभी प्रयाप्‍त उपाय कोई खोज नहीं सकता हैं। कोरोना वायरस लगातार चीन से बाहर भी अपनी जडें जमाता चला जा रहा हैं। इस मानवीय आपदा के कई प्रभाव सामने आ रहे है । वहीं दूसरी ओर इसके भावनात्‍मक प्रभाव को देख कर भी स्थिति खराब हो रही है। अगर किसी के परिवार में कोई चला चाए तो स्थिति काफी दुखदायी होती है । यह स्थिति ओर भी दुखदाय तब बन जाती है जब परिवार वालों को कोरोना वायरस ( coronavirus) के कारण हुई मौत के पश्‍चात उसके शव परिवार व रिश्‍तेदारों को नहीं दिए जा रहें है।

क्‍या कह रहे है डाक्‍टर

वुहान में वुचांग अस्पताल के प्रेजिडेंट डॉक्टर लियु झिमिंग की मंगलवार को कोरोना के संक्रमण से मौत हो गई। परिवार के सामने यह स्थिति थी कि वे शव तक नहीं देख पाए। कोरोना संक्रामक रोग एक से दूसरे व्यक्ति में फैल रहा है। झिमिंग को अस्पताल से शवदाह गृह ले जाने का विडियो वायरल हो रहा है। जिसमें उनका परिवार बल्कि अस्पताल के कर्मचारी भी उन्हें अलविदा कहते हुए फूट-फूटकर रो रहे हैं। बंद गाड़ी में उनका शव अस्पताल से निकलता है । उनकी पत्नी कार के पीछे दौड़ती हैं । उन्हें रोका जा रहा है क्योंकि अगर वह शव के संपर्क में आतीं तो उन्हें भी कोरोना का संक्रमण हो जाता। आखिरी वक्त में अपने पति का वह चेहरा तक नहीं देख पाईं। उनकी इस विवशता ने वहां मौजूद सभी लोगों को रोने पर मजबूर कर दिया।

कोरोना वायरस से निपटने के तरीकों में चीन नाकाम

जानकारी के अनुसार कोरोना वायरस से निपटने के तरीकों में चीन का कोई भी तरीका सफल नहीं हो सकता है। and जिसके कारण पूरी दुनियां में चीन के छवि खराब हो रही है। जानकारी के अनुसार पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के कारण अब तक दो हजार से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी है। तो दूसरी ओर करीब एक लाख से ज्‍यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। but कोरोना वायरस से निपटने के लिए हर देश ने कोशिश करनी शुरू कर दी है and चीन से आने वाले हर यात्री पर विशेष तौर पर नजर रखी जा रही है and उसकी जांच कराई जा रही हैं । because कोरोना वायरस एक व्‍यक्ति से दूसरे में फैलता है जिसके कारण इसके हानिकारकता का पता लगा जा सकता है।

रिश्‍तेदारों में मौत का मातम

एक और रिश्‍तेदारों में मौत का मातम है तो दूसरी और शव को ना देख पाने का दुख लोगों को परेशान कर रहा है। लेकिन प्रशासन व अस्‍पताल की तरफ से हर वह ऐतिहास बरती जा रही है जिसके कारण कोरोना वायरस ओर ना फैले लेकिन चीन इसे रोकने में अब तक असफल रहा है। संक्रमण प्रभावित इलाकों में पीडित के शव को प्रशासन व अस्‍पताल वाले ही पूरी ऐतिहास के साथ चला रहे है और परिवार को केवल राख ही उपलब्‍ध हो पा रही है। जिसके कारण भावनात्‍मक रूप से भी उन्‍हें काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है। कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया में परेशानी का डर का माहौल बना हुए है जिसके कारण लोग छोटे मोटे बुखार में भी कोरोना वायरस की जांच कराते हुए नजर आ रहे है।

Love story पाकिस्तान की मुखतार अहमद और शाहीन अखतर की प्रेम कहानी
मुखतार और शाहीन love story
true love story

Love story रब सानू मेल दिता हूण कभी भी ना बिछडा गे, इन शब्दों में पाकिस्तान के मुलतान निवासी मुखतार अहमद और शाहीन अखतर की प्रेम Love story कहानी बया होती है। पत्नी का मानसिक संतुलन खोने पर लोगों ने कहा कि दूसरी शादी कर लो लेकिन मुखतार अहमद ने हमेशा अपनी पत्नी का साथ दिया। शाहीन अखतर का कई बार मिस कैरिज हुआ । जिसके कारण समय के साथ साथ शाहीन अखतर की तबीयत खराब रहने लगी ओर जब आखिरी बार उनका मिसकैरिज हुआ तो शाहीन अखतर ने अपना मानसिक संतुलन खोने लगी जिसके बाद मुखतार अहमद ने अपनी नौकरी सब छोड़ कर शाहीन की देखभाल में जुट गए। Love story

शाहीन अखतर को हमेशा रखते है अपने साथ मुखतार अहमद

mukhtar ahmad and shahin ahmad
रिक्‍शे में मुखतार अहमद के साथ शाहीन अहमद

मुखतार अहमद का मानना है कि दुख और सुख जिंदगी में आते रहते है लेकिन जीवन में ऐसा नहीं होता कि कोई भी तकलीफ आए ओर हम अपनी पत्नी का साथ छोड़ दे। बीवी का साथ हमने हर सफर के लिए पकड़ा है वो चाहे सुख हो या फिर दुख। मुखतार अहमद और शाहीन अखतर की शादी हुई थी जिसके बाद कराची चले आए। वहां वर्कशाप पर काम करते थे अच्छा खासा कमा लेते थे गुजारा सही चल रहा था लेकिन हर बार प्रेग्रेंसी के दौरान मिस कैरेज हो जाता था जिसने शाहीन अखतर को शारीरिक तौर पर तो कमजोर किया ही लेकिन मानिसक तौर पर भी काफी हानि पहुंचाई। समय का पहिया चलता रहा लेकिन जब आखिर बार मिस कैरेज हुए तो वह शाहीन अखतर के साथ नौंवी बार था। हर बार छठे महीने के आस पास मिस कैरेज होता था लेकिन इस बार नौ महीने चार दिन पर मिस कैरेज हुआ जिसने शाहीन अखतर को बहुत बड़ी मानसिक क्षति पहुंचाई। जिसके कारण वो अपना मानसिक संतुलन खोने लगी। और शारीरिक रूप से भी काफी बीमार हो गई। जिसके बाद शाहीन अखतर को हमेशा रखते है अपने साथ मुखतार अहमद।

शाहीन मुखतार के बिना नहीं रह सकती

मुखतार का मनना है कि शाहीन को घर पर रखने की बात करना वैसे ही है जैसे सूरज को इधर से नहीं उधर से निकलने को कहना। क्योंकि शाहीन मुखतार के बिना नहीं रह सकती। बच्चों की चिंता ने उन्हें मानसिक संतुलन और शारीरिक संतुलन बिगाड़ कर रख दिया। जिसके बाद मुखतार ने हमेशा ही उनका खयाल रखा। कभी रोटी देना तो कभी दवाई देना, कभी तेल लगाना तो कभी कंघा करना, सूरमा लगाना, कपड़े धोना, खाना पकाना। एक मर्द होते हुए मुखतार ने एक औरत का निरदार निभाते हुए हमेशा शाहीन की खिदमत की।

दोनों गाय भैंसों वाली जगह पर रहते हैं

मुखतार और शाहीन दोनों गाय भैंसों वाली जगह पर रहते हैं। उसके अंदर एक कमरा है उसी कमरे में दोनों सोते थे लेकिन एक साल पहले इस कमरे की छत भी गिर गई जिसके बाद दोनों कमरे के बाहर ही खुले में सोते हैं। दो खाट है एक पर सामान रखा रहता है तो दूसरी खाट पर दोनों सो जाते हैं। जब कभी बारिश आ जाती है तो अपने ऊपर कोई छप्पर ले लेते हैं। दोनों कपड़े पहन कर ही नहाते है क्योंकि कपड़े उतारने की उनके पास कोई जगह नहीं हैं।

मुखतार अहमद अब रिक्शा चलाते है

मुखतार अहमद अब रिक्शा चलाते है। शाहीन अखतर भी हमेशा उनके साथ रहती हैं।शाहीन की तबियत कब खराब हो जाए पता नहीं चलता जिसके कारण मुखतार को हम वक्त उनके साथ रहना पड़ता है। रिक्शा लेने के कारण अब शाहीद और अहमद साथ रहते है और रोजगार भी चलता रहता हैं। सुबह होटल पर से नाश्ते के लिए एक प्लेट लेकर दोनों खाना खा लेते हैं जिसके बाद दोनों ११-१२ बजे के आसपास निकलते है। अगर उनका खर्चा ३०० रुपए है तो ४०० रुपए कमा कर वापस घर आ जाते हैं।

शाहीन ओर मुखतार को को मोहब्‍बत करते हैं

शाहीन को मुखतार के रिक्‍शे
true love story

लोग हमेशा शाहीन को मुखतार के रिक्शे पर बैठा देखते है तो बोलते है कि क्यों लेकर आया है। जबकि जो कम पढे लिखे होते हैं वो सोचते हैं कि यह बीमार हैं, वो इने साथ बैठने से इंकार कर देते हैं जबकि जो पढ़े-लिखे होते हैं वो शाहीन ओर मुखतार से मोहब्बत करते हैं। उनकी परिस्थितयों को समझते हैं। मुखतार के माता-पिता, दोस्त, यार और रिश्तेदार कहते थे कि कहीं और शादी कर लो, लेकिन मुखतार का मानना है कि जब अल्लाह ने मुझे लाखों में एक बीवी दी है तो फिर दूसरी शादी क्यों करू। मुखतार की बस एक ख्वाहिश है कि उसके मकान की छत बन जाए ताकि शाहीन आराम से रह सकें। अगर शाहीन खुश नहीं रहेगी तो मुखतार भी खुश नहीं रहेंगा।

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