Jat Pariwar

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Buzurgon ka samman ही हमारी संस्कृति- डॉ संतोष दहिया
Buzurgon ka samman
बुजुर्ग के साथ डॉ संतोष दहिया व परिवार के सदस्‍य


Buzurgon ka samman नई दिल्ली। बुजुर्ग हमारी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते है। जीवन के आखिरी पड़ाव पर अगर बुजुर्गों को सम्मानित किया जाता है तो यह एक तारीफ योग्य कार्य है। और यह कार्य करने का बीड़ा उठाया है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रान्ड अम्बेस्डर व सर्व जातीय खाप महापंचायत की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संतोष दहिया ने।

अपनी इस कार्य को क्रियान्वित करते हुए डॉ. संतोष दहिया ने बाबैन खंड के गांव संगौर की बुजुर्ग महिला जागीरों देवी उम्र 107 वर्ष व बहारावी देवी उम्र 105 वर्ष को सम्मानित किया। Buzurgon ka samman
आपको बता दें कि जागीरों देवी आज अपने सामने पांच पीढिय़ों को संसार को देख रही है। जागीरो देवी के 5 पुत्र व पुत्रियां, 10 पोते, 4 पोतियां व 9 पड़पोते व 2 पड़पोतियों का संसार है तो वहीं दूसरी और बहारावी देवी के 4 पुत्र,4 पुत्री, 10 पोते, 4 पोतियां, 9 पडपोते और 2 पड़पोतियों का संसार उनके सामने हंस खेल रहा हैं। Buzurgon ka samman

Buzurgon ka samman
बुजुर्ग के परिवार के साथ डाॅ संतोष दहिया व परिवार के सदस्‍य

Buzurgon ka samman डॉ. संतोष दहिया का मानना है कि

आज की युवा पीढ़ी जीने का अर्थ भूल गई है। थोड़ी सी उम्र में ही थोड़ी थोड़ी परेशानी में ही बहुत ही खतरनाक कदम उठा लेत हैं। हमें सीख लेनी चाहिए इन बुजुर्ग महिलाओं से जिन्होंने जीवन का एक बड़ा हिस्सा पर करने के बाद भी आज भी जीवन को जीने की ललक है। इसी कला को सम्मानित करने का हमने फैसला लिया ताकि आज की नौजवान पीढी को भी जीवन का महत्व समझ आए एवं जीवन के प्रति एक सकारात्मक नजरिये को बढ़ावा मिले।

महिलाओं के इर्द गिर्द ही घूमता है जीवन चक्र

डॉ. संतोष दहिया का मनना है कि महिलाओं के इर्द गिर्द ही जीवन और पारिवारिक चक्र घूमता है। एक परिवार को चलाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। महिलाएं ही दो परिवारों को जोडऩे का एक महत्वपूर्ण आधार होती है। महिलाएं बिना किसी अवकाश के पूरा जीवन परिवार के सेवा में लगा देती है। महिलाओं के इसी जज्बे और समर्पण को हम जीवन के आखिर पड़ाव में सम्मानित करने का कार्य हाथ में उठाया है।

आखिर क्‍यों किया एक जाट ने डंडे से बंदूक का सामना

jat aarakshan के दौरान शहीद हुए वीरों को दी समाज के लोगों ने दी श्रद्धांजलि
jat aarakshan
jat aarakshan

jat aarakshan निजामपुर। जाट आरक्षण के दौरान शहीद हुए योद्धाओं के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया । सभा का आयोजन जाट सेवा संघ एवं अखिल भारतीय जाट आरक्षण (jat aarakshan) संघर्ष समिति व जिला महेन्द्रगढ़ की कार्यकारिणी के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। इस मौके पर भारी संख्या में जाट समाज के लोगों ने श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की । एवं jat aarakshan के दौरान शहीद हुए भाईयों के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।

jat aarakshan हजारी लंबोरा ने सभी को संबोधित किया

इस मौके पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष हजारी लंबोरा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि आज समाज में विभिन्न नेताओं के द्वारा फूट डालने का कार्य हो रहा है जो कि समाज के विकास के लिए उचित नहीं हैं। समाज के लोगों में आपसी भाईचारा होना चाहिए। किसी भी राजनीतिक षडय़ंत्र का शिकार नहीं होना चाहिए। सभी को जाति धर्म आदि में बांटा जा रहा है लेकिन इतिहास गवाह है कि जाट समाज ने हमेशा ही देश और समाज के विकास के लिए अपना योगदान दिया हैं।

जाट समाज ही एक ऐसा समाज का निर्माण करता है जो कि 36 बिदादरियों को लेकर एक साथ चलता हैं। इसके साथ ही साथ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व केन्द्र सरकार दोहरा बर्ताव कर रही है या तो सभी का आरक्षण बंद कर दिया जाए या फिर हमारे समाज को भी आरक्षण दे दिया जाए। सरकार का कर्तव्य है कि वह हर जाति व धर्म को सम्मान दें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सभी जाट समाज के लोगों को मिलकर एक दूसरे की मदद करनी चाहिए और समाज के बेहतरी के लिए कार्य करना चाहिए।

इस अवसर पर जिला कोषाध्यक्ष करण सिंह, जिला सचिव विकास छीलरो, प्रशांत, रोहतास नंबरदार, नमन, अभय सिंह, रवि, दिनेश, सरजीत के साथ जाट बिरादरी व अन्य जाति के लोगों ने भी जाट आरक्षण के दौरान शहीद हुए योद्धआों को फूल चढ़ा कर श्रद्धांजलि दी गई व दीप प्रज्वलित के साथ नमन भी किया।

ravish kumar ने National Channel पर जाटों ओर गुर्जरों के बारे में क्या कहा गया…
जाटों की ravish ne ki tariph
जाटों की तारीफ की नेशनल चैनल एनडीटीवी पर रवीश कुमार ने

पूरी दुनिया के सामने Ravish kumar ने रखी जाटों की असल पहचान

National Channel नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके है। इस दौरान एनडीटीवी के वरिष्ट एंकर व पत्रकार ravish kumar ने jatओर गुर्जरों की तारीफ की। कार्यक्रम के दौरान एक गेस्ट ने शाहीन बाग का जिक्र आने पर कहा कि दिल्ली में जाट समुदाय jat में उबाल लाने के लिए शाहीन बाग को खाली कराने में जाटों की तरफ से एक मैसेज चलाया गया। जाट समुदाय के महत्वपूर्ण नेता प्रवेश वर्मा jat से यह सब बुलवाया गया है। जिसके बाद पत्रकार रविश कुमार ने कहा कि

क्या कहा रविश कुमार ने


आज दिल्ली को इतना बड़ा विस्तार देने में जाट ओर गुर्जरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के किसी भी हिस्से में चले जाए लेकिन जितना प्यार ओर सम्मान के साथ जाटों ने अलग समुदाय के लोगों को अपनाया है और किसी ने भी नहीं अपनाया है। इस संबंध में जाटों ओर गुर्जरों को कोई मात नहीं दे सकता है। जिस खुले दिल से उन्होंने लोगों को अपनाया और दिल्ली को बड़ा होने दिया, कभी टक्कराए नहीं, आप जितने आश्वस्त तरीके से जाट ओर गुर्जर के गांव में जाकर रह सकते है शायद देश के किसी भी दूसरे हिस्से में आप माईग्रेट करके जाते है तो इतनी आराम से नहीं रह सकते। वो संरक्षक का भी काम करते है।

आप मुनिरिका का देख ले या बेगसराय का देख ले। मकान मालिक जरूर जाट व गुर्जर समुदाय के लोग है लेकिन हम लोगों का अनुभव उनके साथ लाजवाब रहा है। इन्हें इसका श्रेय देना चाहिए कि इस दिल्ली को कोस्मोपॉलिटन बनाने में जाट ओर गुर्जरों का बड़ा योगदान रहा है। लेकिन उनके कैरेक्टर को बदलने का प्रयास किया गया।

समाज में दूसरे किरदार से पेश किया जाता है जाटों को


इतने गौरवशाली इतिहास होने के बावजूद आज समाज में जाटों को दूसरे तरीके से ही पेश किया जाता है। दूसरे समुदाय के लोगों को खुले दिल से अपनाने के बावजूद अन्य लोगों के द्वारा घोडू शब्द का प्रयोग किया जाता है। जाट खापों को तालिबानी बताया जाता है। जबकि फिल्म इंडस्ट्री में जाट बोल को एक गंवार की बोली के रूप में दिखाया जाता है क्या यह सही है। यह समाज को सोचना होग।

कितने जाटों ने मारी दिल्ली विधानसभा में बाजी

दो जाटों की लड़ाई में किसने की जीत दर्ज

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभाdelhi election चुनाव में आम आदमी पार्टी को एक बार फिर भारी बहुमत मिला है । अगर जीते हुए विधायकों पर नजर दौड़ाए तो हम पाएगे कि सबसे ज्यादा आप पार्टी के विधायकों में जाट समाज jat samaj के विधायकों ने भारी संख्या में जीत हासिल की हैं

जीते हुए विधायक

जीते हुए विधायकों में समाज के मुंडका से आप पार्टी के धरमपाल लाकडा, नांगलोई से रघुविंदर शौकीन आप, नजफगढ से कैलाश गहलोत आप, उत्तर नगर से नरेश बालयान आप, बिजवासन से बीएस जून आप, आर के पूरम से प्रमिला टोकस आप, दिल्ली केंट से विरेन्द्र कादियान आप ओर हरिनगर से राजकुमारी ढिल्लो ने जीत हासिल की है। यह दिल्ली चुनाव में सबसे ज्यादा जीत हासिल करने वाले एक ही समाज से संबंधित विधायक है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जाट समाज कितना सशक्त ओर मजबूत हैं। लेकिन कहीं कहीं स्थिति उलट नजर आई। एक ही विधानसभा में दो जाटों को टिकट मिलने के कारण तीसरा व्यक्ति फायदा उठा गया। जी हां हम बात कर रहें है नरेला विधानसभा की

बीजेपी से नीलदमन खत्री व कांग्रेस से सिद्धार्त कुंडू


नरेला विधानसभा से ज्यादातर विधायक पर पर जाट से ही संबंधित रहा है। नरेला एक जाट बाहुल्य क्षेत्र है जिस कारण हर बार सभी पार्टियां कोशिश करती है कि किसी जाट को ही टीकट दिया जाए। यही कारण है कि हर बार जाट वोट बैंक बटने के कारण कई बार कोई दूसरा फायदा उठा ले जाता है। इस बार भी स्थिति ऐसी ही नजर आई जहां भारतीय जनता पार्टी से नीलदमन खत्री को टिकट मिला तो दूसरी ओर कांग्रेस से सिद्धार्थ कुंडू को। जिसके कारण वोट बैंक बंट गया ओर यहां से एक बार फिर आम आदमी पार्टी के शरद चौहान से जीत दर्ज की।

यूपी चुनाव में कितने जाट विधायकों ने जीत हासिल की ?

डबास जाट गोत्र का इतिहास history dabaj jaat
Parvin Dabas actresses
Parvin Dabas actresses

डबास (dabas) गोत्र जाटों में एक प्रमुख गोत्र के रूप में गिना जाता है। यह अति प्राचीन क्षत्रिय संघ का गोत्र है। आपको बता दें कि डबास गोत्र दहिया जाट गोत्र की शाखा है। दोनों गोत्रों का काफी पुराना भाईचारा है इसीलिए दहिया ओर डबास (dabas) गोत्रों में आपस में शादी- ब्याह के रिश्ते नहीं होते है। इन दोनों गोत्रों के जाट विदेशों में तथा भारत में साथ-साथ रहे हैं। आज भी ये दोनों गोत्र साथ-साथ आबाद हैं। डबास (dabas) जाट छठी शताब्दी ईस्वी पूर्व कैस्पियन सागर के दक्षिण-पूर्व में बसे हुए थे। इनके साथ-साथ दहिया जाट भी उसी क्षेत्र में आबाद थे जिनके नाम पर यह सागर दधी सागर कहलाया था। यूनान के एक इतिहासकार ने अपनी भाषा में डबासों का नाम डरबिस लिखा है। सीथिया देश (मध्य एशिया) का एक प्रांत मस्सागेटाई जाटों का एक छोटा तथा शक्तिशाली राज्य था जिसकी रानी तोमरिस थी। 529 ई0 पू0 में इस रानी की जाट सेना का युद्ध महान् शक्तिशाली सम्राट् साईरस से हुआ था। इस युद्ध में सम्राट् साईरस मारा गया और जाट महारानी तोमरिस विजयी रही। इस युद्ध में दहिया/डबास जाट महारानी की ओर से साईरस के विरुद्ध लड़े थे।

जब दहिया जाटों का राजस्थान में राज्य समाप्त हो गया तब ये लोग डबास जाटों के साथ हरियाणा में जिला रोहतक व सोनीपत में आकर आबाद हो गये। डबास जाटों के गांव निम्न प्रकार से आबाद हैं – दिल्ली प्रान्त में सोनीपत तहसील की सीमा के निकट कंझावला डबास खाप का प्रधान गांव है। रसूलपुर, सुलतानपुर, पूंठ खुर्द, घेवरा, रानीखेड़ा, मारगपुर, लाडपुर, मदनपुर, चांदपुर, माजरा डबास, बरवाला आदि गांव डबास जाटों के हैं।
इधर से ही निकास प्राप्त करके डबास जाट जिला बिजनौर में आकर बसे। इस जिले में पीपली, डबासोंवाला, सिकैड़ा, पाड़ली, लाम्बाखेड़ा (कुछ घर), मण्डावली, मुजफरा, झिलमिला और नगीना आदि डबास जाटों के गांव हैं।
,दिल्ली में गाँव रानीखेड़ा,मुबारकपुर मदनपुर, रसूलपुर, सुल्तानपुर डबास ,कंझावला ,लाडपुर ,पूठ खुर्द ,बरवाला ,माजरा डबास ,चांदपुर ,घेवरा,गालिबपुर ,जाट खोर

झज्जर में गाँव

गिरावर ,मोहम्मदपुर माजरा,कुलताणा। हिसार में बुडाना,शेखपुरा। राजस्थान में अलवर जिले में भानोत,सराय कलां,टोडरपुर आदि गांव हैं।
समाज सेवी
डॉ. पूर्णसिंह डबास, चौधरी ईश्वर सिंह डबास, चौधरी हरिरत्न सिंह डबास, चौधरी तारासिंह मोहन सिंह, रामसहाय सिंह आदि गणमान्य व्यक्ति हुए हैं।

Sarv Jatiya Khap Panchayat का आयोजन किया गया
 (Sarv Jatiya Khap Panchayat)

Sarv Jatiya Khap Panchayat: जाट आरक्षण आंदोलन फरवरी 2016 में तत्कालीन वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का घर व संस्थानों को जलाने के मामले में सर्वजातीय सर्व खाप पंचायत (Sarv Jatiya Khap Panchayat) ने सामुहिक रूप से 11 हजार रूपये गौ शाला में दान देने का जुर्माना लगा सामाजिक तौर पर इस मामले का समाधान कर दिया । सतरोल खाप एवं सिंधु परिवार ने इस जुर्माने को माफ कर दिया। आज यहां हुई सर्व खाप पंचायत (Sarv Jatiya Khap Panchayat) की अध्यक्षता सतरोल खाप के प्रधान रामनिवास लोहान ने की । इसमें उत्तर भारत के अधिकांश खाप प्रमुखों व पदाधिकारियों ने भाग लिया।

सर्व खाप पंचायत को इस मामले में सीबीआई द्वारा बनाए गए अभियुक्तों ने एक माफीनामा दिया। जिसमें लिखा था कि सिंधु निवास पर जो हमला, लूटपाट और आगजनी हुई उसके लिए हम खेद व्यक्त करते हैं। इस विषय में हमारी प्रत्यक्ष एवं परोक्ष भूमिका, गलती या भूल चूक के लिए क्षमा प्रार्थी हैं। समाज की तरफ से आयोजित इस पंचायत में जो भी निर्णय लिया जाएगा हम उसे स्वीकार करेंगे। सिंधु परिवार ने भी कहा कि पंचायत जो भी फैसला करेंगी वह उसे मानेगा । इस मामले में पंचायत की कार्यवाही के बाद 21 सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई जिसने यह फैसला पंचायत के समक्ष रखा।

सर्व खाप पंचायत में वक्ताओं ने रोहतक स्थित सिंधु भवन, वेद मंदिर, कार्यालय, इंडस पब्लिक स्कूल, हरिभूमि प्रैस आदि में आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट और हमले को बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण बताया और इस पर खेद व्यक्त किया। यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि स्वर्गीय चौधरी मित्रसेन के परिवार ने हर मामले में अग्रणी रहकर समाज को सहयोग प्रदान किया। उनके घर तथा वहां पर मौजूद 10 सदस्यों जिनमें महिला, पुरूष व बच्चे शामिल थे को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। यह पंचायत उसकी घोर निंदा करती है। पंचायत इस हिंसा में प्रत्यक्ष या प्ररोक्ष रूप से शामिल रहने वाले हर व्यक्ति या संगठन की भर्तस्ना करती है।

पंचायत इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि कैप्टन अभिमन्यु या उनके परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज के विरूध एक गहरी साजिश थी। इस साजिश में जो भी लोग सम्मिलित रहे हैं, यहां तक की शासन प्रशासन से जूड़े लोग भी इसमें शामिल हैं तो उन सभी की पंचायत निंदा करती है। दिल दहला देने वाली इस घटना के बाद जिस भी व्यक्ति या संगठन ने मिथ्या, अनर्गल या मनघडंत आरोप लगाकर सिंधु परिवार को बदनाम करने का और समाज के भाईचारे को बिगाड़ने की कोशिश की यह पंचायत उसकी भी निंदा करती है।

यह पंचायत सिंधु परिवार का आभार व्यक्त करती है कि इस अत्यंत कठिन समय मे भी परिवार ने संयम नहीं खोया और परिजनों पर जानलेवा हमले के बाद भी बदले की भावना के तहत किसी तरह की प्रतिहिंसा नहीं की और अपना स्ंयम बनाए रखा।

पंचायत ने प्रस्ताव पास कर कहा कि सिन्धु परिवार के सैक्टर 14 स्थित निवास पर आगजनी व लूटपाट मे करोडो रूपये की हानि के बावजूद नुकसान की भरपाई के लिये मिले सरकारी मुआवजे की पूरी राशि गरीब कन्याओं की शादी मे व्यय करके परिवार ने एक आदर्श प्रस्तुत कर महान कार्य किया हैं। समाज इनके धैर्य व अच्छे कार्य की सराहना करता है।

यह भी कहा गया कि यदि भविष्य में इस विषय पर झूठी, अर्नगल या अनावश्यक ब्यानबाजी की तो पंचायत उसे अवमानना मान कर सामाजिक दंड देने का काम करेगी।
सिन्धु परिवार पर किये गए हमले से जुडे मामलों मे जो सीबीआई जांच चल रही है और उसमे जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है वे तमाम लोग यहां उपस्थित हैं। उन्होने अपने या अपने परिवार की ओर से अपना माफीनामा पंचायत को सौंपा है। पंचायत उनके कृत्य की वजह से उन्हे समाज के प्रति दोषी मानती है और उन्हे पंचायत की तरफ से दंड दिया जाता है।

यह निर्णय सामाजिक भाईचारा कायम करने एवं आपस में द्वेश भावना मिटाने के लिए किया गया है। भविष्य में सीबीआई जांच में नए विषय या सक्ष्य आने के मुद्दे इस पंचायत के फैसले के दायरे से बाहर रहेंगे । अदालत की किसी कार्यवाही से इस पंचायत का कोई ताल्लूक नहीं है। पूरा समाज सिंधु परिवार के साथ है।

न्यायिक मामले के लिए एक कमेटी गठित की गई है जो कानूनी सलाह लेकर पंचायत के फैसले को अमल में लाने के लिए आगामी भूमिका तय करेगी । इसके बाद भी न्यायलय कोई फैसला सुनाता है तो वह सर्वपरि है और इसमें एक-दूसरे को दोषी नहीं ठहराया जाएगा । कमेटी में पालम 360 के प्रधान रामकरण, पुनिया खाप के शमशेर नम्बरदार, टेकराम कंडेला, राजकुमार रेडु, मास्टर किताब सिंह मलिक, बलबीर सिहाग, मानसिंह दलाल, महेन्द्र नांदल, सतबीर सिंह, मलिक राज मलिक, जयसिंह अहलावत, सुरेंद्र दहिया, भलेराम नरवाल, चौधरी राजमल जाटू खाप आदि शामिल थे।

ऐतिहासिक कदम
पंचायत का यह फैसला ऐतिहासिक कदम है। इससे समाज में सदभाव बढ़ेगा और दोषियों को पंचायती तौर पर दंडित करने से एक अच्छा संदेश गया है। :- मास्टर किताब सिंह मलिक प्रधान सातबास खाप

विधायक चुने जाने के बाद रोहतक क्षेत्र की खाप पंचायतों ने मुझे सम्मानित किया था, क्योंकि मैं भी सांगवान खाप का अध्यक्ष हूं। उसी दौरान रोहतक क्षेत्र की खापों ने आग्रह किया था कि इस मामले का सामाजिक समाधान किया जाना चाहिए। इसके लिए अनेक खापे प्रयासरत थी जो कार्य आज सिरे चढ़ गया। मुझे आज बहुत खुशी है। :- सोमवीर सांगवान विधायक एवं प्रधान सांगवान खाप

स्वर्गीय चौधरी मित्रसेन हमारी खाप के गांव जुलानी में विवाहित थे उनके निधन के बाद हमारी बहन परमेश्वरी देवी सिंधु परिवार की मुखिया है। कैप्टन अभिमन्यु हमारी कंडेला खाप के भांजे हैं। घर व परिवार के सदस्यों पर हुए हमले व आगजनी का पूरे कंडेला खाप को दुख था इसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता लेकिन पंचायत ने जो फैसला किया है उससे सभी संतुष्ट हैं। :- टेकराम कंडेला प्रधान कंडेला खाप

सिंधु परिवार का संबंध बेशक सतरोल से हो लेकिन पिछले 70 साल से रोहतक में रहने के कारण वे हमारे भाई हैं। परिवार ने हमेशा ही क्षेत्र के सुख-दुख में साथ दिया है, इस परिवार द्वारा रोहतक क्षेत्र को दिए योगदान को भुलाया नहीं जा सकता । एक बूरा समय था निकल गया। रोहतक के लोग सिंधु परिवार के साथ मजबूती के साथ खड़े हैँ । :- महेन्द्र सिंह नांदल खाप –

जोधपुर एम्स (AIIMS jodhpur) आने वालों को अब नहीं करना होगा इस समस्यां का सामना

जल्द ही बिल्डिंग का निर्माण कार्य होगा शुरू

जोधपुर। जोधपुर एम्स में अपने मरीजों को लेकर जाने वाले लोगों को अब रात गुजारने के लिए परेशान नहीं होना होगा। जल्द ही जोधपुर एम्स के सामने जाट भवन का निर्माण किया जाएगा जिससे एम्स में आने वाले जाट समाज बंधुओ ओर अन्य समाज के लोगों को रात बिताने के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना होगा। हाल ही में जाट समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने जोधपुर एम्स के सामने लगभग 1986 वर्ग गज का भूखण्ड खरीदा है।
जानकारी के अनुसार जाट समाज के गणमान्य लोगों ने समाज हित के लिए इस जमीन को खरीदा हैं। हर रोज हजारों लोग जोधपुर एम्स में अपनी बीमारी के ईलाज के संबंध में आते है लेकिन आस पास रहने की कोई उचित व्यवस्था नहीं हैं। अमीर लोग तो आस पास के होटलों में किसी तरह अपने रहने के लिए जगह ले लेते है लेकिन गरीब लोग अपनी रात खुले आसमान के नीचे बिताते हैं जिसके कारण कई बार बीमार के साथ आए हुए लोग भी बीमार हो जाते हैं। लेकिन आशा है कि इस समस्यां से जल्द ही निजात मिल सकती हैं। इस मौके पर जाट समाज के गणमान्य व्यक्तियों में पूर्व सांसद श्रीमान् बद्रीराम जाखड़, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पीसीसी सदस्य मोतीराम बैरु,पूर्व प्रधान लूणी शैलाराम सारण, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पोकर राम डऊकिया वकील साब, मुकनाराम सारण ठेकेदार साब, छैलाराम मुण्डन ठेकेदार एमसीसी, मोहनराम जाखड़ जाखड़ ट्रेवल्स, चम्पालाल सारण पूर्व सरपंच, प्रकाश बेनीवाल प्रदेशाध्यक्ष आदर्श जाट महासभा, ओमाराम सांई ठेकेदार , मुलाराम जी पोटलिया उद्योगपति ,मांगीलाल गोदारा हरि मोटर्स एवं पदमाराम जी जाखड़ शिक्षा अधिकारी सहित समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर आए हुए सभी लोगों ने सेठ बाबूलाल जी का भी धन्यवाद किया क्योंकि उन्होंने अपनी जमीन बाजार कीमत से कम दाम पर बेच कर समाज सेवा में अपना भी योगदान दिया हैं।
जोधपुर एम्स के लिए जाट समाज ने अपील की है कि जमीन तो मिल चुकी है लेकिन उस पर बिल्डिंग बनाने का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। यह कार्य धर्म के लिए है इस लिए सभी से अपील है कि वे तन, मन, ओर धन से इस कार्य में सहयोग करें। जोधपुर एम्स में ना जाने कहां कहां से लोग अपन ईलाज के लिए आते है अगर उन्हें इस अवसर पर रहने की परेशानी का सामना ना करना पड़े तो उनकी काफी समस्याओं का हल हो सकता हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए जल्द ही बिल्डिंग का निर्माण कराया जाएगा।