Jat Pariwar

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विजयदशमी पर मंत्रोच्चारण के साथ योद्धाओं को शस्त्र पूजा अवश्य करनी चाहिए – बाबा परमेन्द्र आर्य

आज शाम गांव रोरी मे महाराजा सूरजमल अखाड़े मे प्रतिवर्ष कि तरह शस्त्र पूजन कार्यक्रम पारम्परिक रीति से मनाया गया। शस्त्र पूजन कार्यक्रम में काफी संख्या में पुरूषों और महिलाओं ने भाग लिया। सर्वप्रथम यज्ञ हवन किया गया और शमी के वृक्ष की पूजा की गई व शस्त्रों का मंत्रो द्वारा उच्चारण कर पूजन किया गया व सभी ने अपने अपने शस्त्रों को कलावा बांधा और हल्दी , रोली से तिलक किया। पूजन उपरांत वक्ताओं ने अपने अपने विचार रखे।

बाबा परमेन्द्र आर्य  शस्त्र पूजा करते हुए

सुरक्षा शस्त्रों के बल पर होती है- बाबा परमेन्द्र आर्य

बाबा परमेन्द्र आर्य ने कहा सेना व पुलिस के जवान भी विजयदशमी के शुभ अवसर पर शस्त्र पूजा करते है। शस्त्र ही वीर योद्धाओं के गहने होते हैं। वीर पुरूष सदैव हथियार धारण करें रहते है व हथियारों को अपने शरीर का अंग समझते है। प्रत्येक नागरिक को अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा करने का अधिकार है और सुरक्षा शस्त्रों के बल पर होती है। इसलिए सभी शस्त्रों के चलाने का प्रशिक्षण भी लेना चाहिए।

यह भी – अखिल भारतीय जाट महासभा दिल्ली प्रदेश ने नई नियुक्ति की

विजय दशमी को हम रामचन्द्र जी की विजय के रूप में भी मनातें है । रामजी ने रावण को मारकर सीता माता को सकुशल लंका की अशोक वाटिका से मुक्त कराया था। प्राचीन काल में हमारे यहां गुरुकुलो में शस्त्र और शास्त्र दोनों की शिक्षा दी जाती थी और प्रत्येक युवक व युवती को गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त करनी अनिवार्य थी। हमारी शिक्षा पद्धति से सैनिक शिक्षा को हटाया जाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को सभी बच्चों के लिए एनसीसी लेना अनिवार्य करना चाहिए।

ओमपाल सिंह ने कहा

ओमपाल सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा प्राचीन काल में शस्त्र पूजा सभी मंदिरों में जोर सोर से मनाई जाती थी। लेकिन आज कल तो मंदिर मे उच्ची आवाज में भजन बजाना व नाचना गाना ही ज्यादा चलता है। मंदिर के पुजारी शस्त्र पूजा करानी भुल गए है।
सतेन्द्र तोमर ने कहा किसान व कमेरे वर्ग में ही सबसे अधिक लड़ाके पैदा होते है। और किसान पर जब विपत्ति आती है तो अपने औजारों को ही हथियार बना लेते हैं। कविता चौधरी ने कहा आदि काल में महिषासुर नामक राक्षस को मां दुर्गा ने आज ही के दिन मारा था और इस संसार को संदेश दिया था कि जब भी नारी के परिवार पर संकट आता है तो नारी मां दुर्गा भवानी बनकर अपने परिवार की सुरक्षा करती है।

पूजा उपरांत लड़कों व लड़कियों द्वारा गतका खेल का प्रदर्शन किया गया। लड़कियों द्वारा तलवार बाजी देखकर सभी आश्चर्यचकित थे। छोटे बच्चो ने लाठी से अपनी कला का श्रेष्ठ प्रदर्शन किया गया। गतका खेलने वाले सभी खिलाड़ियों को मेडल, ट्रोफी वह अन्य पुष्कर देकर प्रोत्साहित किया गया।

समाज में विशिष्ट कार्य करने वाले नागरिकों को सम्मान प्रतीक व तलवार भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर , विपनेश चौधरी, मनोज कुमार, रविन्द्र राणा, सचिन तेवतिया , सुमन चौधरी, डा आशी,नवाब सिंह, विशाल श्योराण, आदि उपस्थित रहे।

अखिल भारतीय जाट महासभा दिल्ली प्रदेश ने नई नियुक्ति की

नई दिल्ली। अखिल भारतीय जाट महासभा दिल्ली प्रदेश ने अपनी महासभा में नई नियुक्ति की है ताकि आने वाले समय में और बेहतर तरीके से कार्य किया जा सकें। इस संबंध में जानकारी देने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहां नवनियुक्त पदाधिकारियों का नाम बताया गया तथा सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पुष्पांजलि फार्म मुंडका कराला रोड़ रानी खेड़ा में किया गया।

अखिल भारतीय जाट महासभा
Akhil Bhartiya Jat Mahasabha

कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी सरदार सिंह कराला जी ने की

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी सरदार सिंह कराला जी ने करते हुए कहा कि महासभा लगाता जाट समाज के विकास और समाज में फैली बुराईयों के खिलाफ कार्य करती आ रही है। कार्य को इसी प्रकार से सुचारू रूप से करने के लिए यह नवनियुक्तियां की गई है। हम आशा करते है है कि जितने भी नवनियुक्त पदाधिकारी है वह महासभा को आगे बढ़ाने के लिए और निष्पक्ष रूप से समाज के विकास के लिए कार्य करेंगे।

निष्ठा के साथ करेंगे कार्य

इस मौके पर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने कहा कि वे पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से अपना कार्य करेंगे। समाज व महासभा ने जो भरोसा उन पर दिखाया है वह उनके भरोसे पर पूर्ण खरा उतरने की कोशिश करेंगे। और महासभा और जाट समाज के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।

किन किन पदाधिकारियों की हुई नियुक्ति

अखिल भारतीय जाट महासभा दिल्ली प्रदेश

  1. श्री पारस सोलंकी
    युवा अध्यक्ष लोकसभा उत्तर पश्चिमी दिल्ली
  2. चौ दिनेश डबास
    उपाध्यक्ष लोकसभा उत्तर पश्चिमी दिल्ली
  3. राजसिंह डबास
    सचिव लोकसभा उत्तर पश्चिमी दिल्ली
    4.चौ कृष्ण डबास
    सचिव लोकसभा उत्तर पश्चिमी दिल्ली
  4. चौ भगत डबास
    उपाध्यक्ष मुंडका विधानसभा
  5. चौ बिजेंदर सिंह राणा
    कार्यकारिणी सदस्य दिल्ली प्रदेश
  6. चौ दयानंद डबास
    कार्यकारिणी सदस्य दिल्ली प्रदेश
  7. चौ जोगिन्दर राणा
    कार्यकारिणी सदस्य दिल्ली प्रदेश
  8. चौ मनोज डबास
    कार्यकारिणी सदस्य दिल्ली प्रदेश
  9. सरदार फर्य़ाद सिंह
    महासचिव तिलक नगर विधानसभा

इस अवसर पर कौन कौन मौजूद रहें

चौ सुनील सोलंकी
(महासचिव दिल्ली प्रदेश)

चौ रामानंद माथुर
(वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिल्ली प्रदेश)

चौ जसबीर सिंह कराला
(पूर्व पार्षद एवं उपाध्यक्ष दिल्ली प्रदेश)

चौ अशोक सोलंकी
(प्रवक्ता दिल्ली प्रदेश)

चौ मुकेश सोलंकी ठोलेदार
उपाध्यक्ष दिल्ली प्रदेश

चौ सुनील अहलावत
(युवा अध्यक्ष दिल्ली प्रदेश)

चौ मयंक शोकींन
(युवा अध्यक्ष जनकपुरी विधानसभा )

राजस्थानी कला और संस्कृति की सात समंदर पार दिखेंगी झलक – रूमा देवी ruma devi

अमेरिका की 25 दिवसीय यात्रा पर रवाना हुई ruma devi

ruma devi
ruma devi

जयपुर/नई दिल्ली- सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय फैशन डिजाइनर, राष्ट्रपति द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर की डॉ. रूमा देवी ruma devi संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों, कान्फ्रेंस, फैशन शो एवं सम्मान समारोहों में ग्रामीण भारत की शिल्प कलाओं को बढ़ावा देने के लिए अपनी 25 दिवसीय यात्रा के प्रवास पर शुक्रवार को अमेरिका रवाना हुई।

6 अगस्त से 31 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रमों में लेंगी हिस्सा

डॉ. रूमा देवी सयुंक्त राज्य अमेरिका में 5 अगस्त से 31 अगस्त तक आयोजित होने वाले विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों के कार्यक्रमों, राजस्थानी एवं भारतीय हस्तशिल्प पर आयोजित होने वाले फैशन शो और अलग- अलग शहरों में रखे गये सम्मान समारोहों में भाग लेकर राजस्थान और भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

रूमा देवी यात्रा की शुरुआत में 6 से 7 अगस्त तक न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेकर हस्तशिल्प एवं सामाजिक क्षेत्र में किए गए कार्यों सहित अपने संघर्ष और सफलता के अनुभव साझा कर प्रवासी भारतीयों को राजस्थान एवं भारतीय कला और संस्कृति से रूबरू करवाएंगी।


वहीं 8 से 10अगस्त तक संयुक्त राज्य अमेरिका की लाॅस वेगास सिटी में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल ट्रेड शो में हिस्सा लेंगी और 11 अगस्त को लॉस एंजेलिस में भारत की आर्ट एंड क्राफ्ट के प्रमोशन हेतु विभिन्न संगठनों के साथ कॉन्फ्रेंस करेंगी।

बिजनेस कॉन्फ्रेंस एंड समिट में होंगी शामिल रूमा देवी

12 – 13 अगस्त को अटलांटिक सिटी, न्यूजर्सी में महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर और ब्रूहन महाराष्ट्र मंडल द्वारा आयोजित होने वाली बीएमएम बिजनेस कॉन्फ्रेंस, एग्जीबिशन, बिजनेस समिट में डाॅ. रूमा देवी को अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया हैl इस कार्यक्रम में उत्तरी अमेरिका के 25 हजार से अधिक प्रवासी भारतीय शामिल होंगे।

रूमा देवी फाउंडेशन की समन्वयक नैन्सी सिंगला ने बताया कि डाॅ. रूमा देवी द्वारा हजारों ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्यों हेतु संयुक्त राज्य अमेरिका के वाॅशिगंटन, न्यूयॉर्क, ह्युस्टन सहित कई शहरों में विभिन्न संगठनों और प्रवासी भारतीयों द्वारा 14 से 31 अगस्त तक अलग- अलग जगहों पर सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे।

रूमा देवी को इससे पहले 2020 में अमेरिका की विश्व प्रसिद्ध हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की इंडिया कान्फ्रेंस में स्पीकर के तौर पर आमंत्रित किया गया था।

ज्ञातव्य है कि रूमा देवी को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। बेहद विपरीत हालातों के चलते आठवीं में ही स्कूल छोड़ना पङा था,लेकिन अपने हुनर के बलबूते कामयाबी पाई। वर्तमान में भारत सरकार के जनजातीय मंत्रालय के ट्राइब्स इंडिया की गुडविल एंबेसडर और राजस्थान सरकार के राजिविका की ब्रांड एंबेसडर बनकर लाखों महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं।

” _फिर से अमेरिका बुलाया जाना हमारे लिए गर्व से ज्यादा अच्छे अवसर की बात है। मेरी ये अमेरिका यात्रा पूरी तरह से अपनी ग्रामीण बहनों की प्रगति को समर्पित रहेगी। संयुक्त राज्य के संगठनो को भारतीय हस्तशिल्प, पहनावा व संस्कृति से रुबरू करवाकर अपने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आगे बढ़ाने का मेरा प्रयास रहेगा_ । “

जाट कविता | jat poetry in hindi | jaat attitude shayari

जाट समाज लगातार कमजोर होता जा रहा है। यह कमजोरी सामाजिक तौर पर आंतरिक रूप से पनप रही है । इसे दूर करने के लिए किसी भाई ने यह जाट कविता (jat poetry in hindi) लिखी है जिसे आपको पढना चाहिए। जाट कविता में आपको जाट समाज को आगे बढाने का रास्ता मिलेगा।

jaat poem जाट कविता

जाट होकर जाट का,
आप सभी सम्मान करो!
सभी जाट एक हमारे,
मत उसका नुकसान करो!
चाहे जाट कोई भी हो,
मत उसका अपमान करो!
जो ग़रीब हो, अपना जाट
धन देकर धनवान करो!
हो गरीब जाट की बेटी,
मिलकर कन्या दान करो!
अगर लड़े चुनाव जाट ,
शत प्रतिशत मतदान करो!
हो बीमार कोई भी जाट ,
उसे रक्त का दान करो!
बिन घर के कोई मिले जाट
उसका खड़ा मकान करो

अगर जाट की हो फाईल,
शीघ्र काम श्रीमान करो!
जाट की लटकी हो राशि,
शीघ्र आप भुगतान करो!

अगर मुसीबत में हो जाट ,
फौरन मदद का काम
अगर जाट दिखे उदास,
खुश करने का काम करो!
अगर जाट घर पर आये,
जय जाट राज बोल सम्मान करो!
अपने से बड़ा जाट
उसको आप प्रणाम करो!
ह जाट का बेटा,
उसकी मदद तमाम करो!
बेटा हो गरीब जाट का पढ़ता,
कापी पुस्तक दान करो!
जय जाट समाज

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  • 94 वर्ष की आयु में भगवानी देवी डागर ने जीते मेडल

    नई दिल्ली। जिस उम्र में लोग भगवान का नाम लेकर केवल खुदा के पास जाने की मन्नत मांगते है अगर उस उम्र में कोई महिला दो देशों में विजय हासिल करें तो आप इसे क्या कहेंगे लेकिन यह बात सच है, जी हां भगवानी देवी डागर ने 90 साल की उम्र में 100 मीटर दौड में स्वर्ण पदक व गोला फेंक में कांस्य पदक जीत कर इतिहास रच दिया है।

    भगवानी देवी डागर
    भगवानी देवी डागर

    नजफगढ़ देहात के मलिकपुर गांव निवासी भगवानी देवी डागर ने 90 से 94 वर्ष के आयु वर्ग में फ़िनलैंड में चल रही वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक व गोला फेंक में कांस्य पदक जीत कर इतिहास रच दिया।

    राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया भगवानी देवी डागर ने

    100 मीटर दौड़ में उन्होंने मात्र 24.74 सेकंड का समय निकाला जो कि राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।

    विश्व रिकॉर्ड 23.15 सेकंड है जिसे तोड़ने से मात्र 1 सेकंड से चूक गयी। इस मुकाम तक इन्हें ले जाने वाले इनके पोते विकास डागर जो कि खुद एक अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट है और राजीव गांधी स्पोर्ट्स अवार्डी है, उन्होंने बताया कि यहां तक का सफर संघर्ष से भरा रहा है लेकिन आज उनका विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने का मेरा सपना दादी जी ने साकार किया।

    दिल्ली स्टेट में 3 गोल्ड मैडल, चेन्नई नेशनल में 3 गोल्ड मैडल जीतने के बाद अब विश्व चैंपियनशिप में 1 गोल्ड और 1 कांस्य पदक जीतना वाकई में ऐतिहासिक है। 5 जुलाई को भगवानी देवी डागर का तीसरा इवेंट डिसकस थ्रो होना अभी बाकी है।

    पोते को देखकर खेलना शुरू किया भगवानी देवी डागर

    भगवानी देवी डागर के पति लगभग 63 वर्ष पूर्व इस दुनिया से चल बसे थे तब से अब तक पुत्र हवा सिंह डागर की परवरिश खुद करते करते पूरी जिंदगी संघर्षो में गुजारी। पोते विकास डागर ने जब 40 से ज्यादा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदक जीते तो इनको भी हौसला आया और खेलो में भाग लेकर देश का नाम रोशन करने का जज्बा आया।

    उसके बाद इन्होंने पीछे मुड़कर नही देखा। बचपन मे जिम्मेवारियों का बोझ पड़ जाने के कारण ये प्रतिभा कही न कही दब गई थी जो अब इनके पूरे परिवार के सहयोग से पूरी हो रही है।

    भगवानी देवी ने बताया कि बचपन मे वो कबड्डी खेलती थी लेकिन जिम्मेवारियों के चलते कभी खेलो में भाग नही ले सकी। अब उनका भरा पूरा परिवार है और अब उनका जीवन यापन बहुत अच्छे से हो रहा है और खुशी खुशी अपनी जिंदगी जी रहे है।

    उनका सपना हमेशा ही देश के लिए कुछ करने का रहा है जो आज पूरा हो गया। उन्हें फक्र है कि उन्होंने देश का झंडा दुनिया मे ऊंचा करके जाट समाज नारी शक्ति औऱ दिल्ली देहात को गौरवान्वित किया।

    जाट मेला लंदन का सफल आयोजन,अब इंग्लैंड में भी बनेगा जाट भवन।

    रोहतक/लंदन  इंग्लैंड में लगातार पांचवें वर्ष जाट मेला लंदन का सफल आयोजन हुआ जिसमें यूरोप सहित दो दर्जन देशों से ज्यादा विदेशों में रह रहे एनआरआई लोगों ने परिवार सहित भाग लिया। जाट समाज यू के संस्थापक रोहित अहलावत ने बताया कि जाट मेला लंदन की शुरुआत दादा भईया खेड़ा भूमिया के पूजन से हुई,इसके बाद होली,बैशाखी, तीज त्योहार मनाए गए ।

    jaat mela
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    जाट मेले में यह रहा आकर्षण का केन्द्र

     यहां कोल्डे वाली मशहूर होली आकर्षण का केंद्र रही,सामूहिक नृत्य व लोक गीतों के गायन से माहौल खुशनुमा हो गया। सभी रंगारंग हरियाणवी सांस्कृतिक कार्यक्रम हरियाणवी परिधान में प्रस्तुत किए गए,प्रसिद्ध गायक व हरियाणा कला परिषद के गजेंद्र फोगाट ने अपने लोकप्रिय गीतों के जरिए समा बांधा। मेले में शुद्ध देशी घी से बने व्यंजन गुलगुले,सुहाली,जलेबी,घेवर,पेठा पूरी मुख्य रूप से बनाए गए आयोजन हरियाणवी संस्कृति सभ्यता की शानदार झलक पेश करता दिखा जिसका ऑनलाइन प्रसारण किया गया जिसे हजारों लोगों ने अपने स्क्रीन पर लाइव देखा और पसंद किया गया,मंच से सभी को जाट रत्न प्रकाशन की इतिहास से जुड़ी हुई समाजिक साहित्यिक पुस्तकें भी वितरित की गई।

    जाट भवन बनाने पर बनी सहमति

    इस अवसर पर लंदन में जाट भवन बनाने पर सबकी सर्वसम्मति बनी और इसके लिए शीघ्र ही कवायद शुरू करने की बात कही गई।रोहित अहलावत ने बताया कि जाट भवन बनने से यहां शिक्षण व कार्य हेतु आने वाले भारतीय लोगों को लाभ होगा और जाट समाज के आयोजनों में भी मदद मिलेगी।जाट समाज यूके के प्रवक्ता जसबीर सिंह मलिक ने कहा कि यहां पर आए हर नवागुंतक की भरपूर मदद की जाती है हर तरह की चिकित्सीय,कानूनी,अन्य दिक्कत पड़ने पर एकजुट हो कर सहायता होती है आने वाले को इतनी आत्मीयता मिलती है कि उन्हें यह महसूस होता है कि वे अपने परिवार में ही हैं।

    यह लोग मुख्य रूप से शामिल

    आज पश्चिमी परिवेश के प्रभाव व दुष्प्रभाव  से कोई भी परिवार अछूता नहीं ऐसे में विरासत में मिली अपनी संस्कृति,सभ्यता,रिवाजों को बनाए रखने का यह श्रेष्ठ प्रयास है।इस अवसर पर विन्नी देशवाल,निशा अहलावत,रेखा धनखड़,अर्चना अहलावत,रेखा लाकड़ा,अंजली दूहन,मोना अहलावत,रोहित अहलावत, परवीन अहलावत,संजय देशवाल,विक्रम रावत,विजयपाल अहलावत,ईश्वर सिंह आदि के संयुक्त रूप से किए गए विशेष प्रयास से जाट मेला लंदन का सफल आयोजन हो सका।   

    राज्यपाल पद की जिम्मेदारी छोडने की क्यों कहा सत्यपाल मलिक ने

    मेरठ । सही बात कहना गलत नहीं है। मेरी बात गलत है तो प्रधानमंत्री जिस दिन कहेंगे उसी दिन राज्यपाल पद की जिम्मेदारी भी छोड़ दूंगा। यह बात कहीं है मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल सिंह मलिक ने। राज्यपाल सत्यपाल मलिक लगातार आम जनता और उनके मुद्दों की बात करते रहते है इसका खामियाजा कई बार उन्हें उठाना भी पड़ता है।

    बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में पहुंचे सत्यपाल मलिक

    बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में पहुंचे सत्यपाल मलिक बोले, लाल किले पर झंडा फहराने का सबसे पहला अधिकार प्रधानमंत्री को और उसके बाद उन गुरु तेग बहादुर के बच्चों को है, जिन्होंने लाल किले के दरवाजे पर देश की खातिर अपनी गर्दन कटवा दी थी। लाल किले पर कुछ लड़के चढ़े तो दिल्ली में ऐसी अफवाह फैला दी गई जैसे कोई आतंकवादी घटना हो गई हो। जबकि लाल किले पर किसी पार्टी का झंडा नहीं, बल्कि निशान साहिब लगाया गया था।

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    सत्यपाल मलिक ने मेरठ में हाई कोर्ट बेंच की मांग को उचित बताया

    सत्यपाल मलिक ने मेरठ में हाई कोर्ट बेंच की मांग को उचित बताया। कहा, प्रदेश में चार अतिरिक्त हाईकोर्ट बेंच की जरूरत है। वर्ष 1989 में मेरी गलती से मेरठ में हाई कोर्ट बेंच बनने से रह गई। राज्यपाल पद के दायित्व से मुक्त होने के बाद में हाई कोर्ट बेंच के आंदोलन में सहयोग दूंगा। इसके लिए जिम्मेदार लोगों से संपर्क करके बेंच की स्थापना कराई जाएगी। आज जितना किसानों के लिए लड़ रहा हूं रिटायरमेंट के बाद उससे ज्यादा हाई कोर्ट बेंच के लिए संघर्ष करूंगा।

    अनुच्छेद 370 का जिक्र किया

    उन्होंने कहा जम्मू कश्मीर से हटाई गई अनुच्छेद 370 का भी जिक्र किया और कहा कि मैंने श्रीनगर ही नहीं, बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर में घूम-घूम कर जनता को इसके लिए तैयार कर लिया था। जब यह अनुच्छेद हटाया गया तो पूरे जम्मू कश्मीर में कहीं पर भी कोई हो हल्ला नहीं हुआ, जबकि उससे पहले महबूबा और फारूक अब्दुल्ला खून की नदियां बहाने की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल में श्रीनगर में कोई आतंकी घटना तक नहीं हुई।

    मेरठ क्षेत्र की जनता को हाईकोर्ट बेंच की बेहद जरूरत है।

    राज्यपाल ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना होनी चाहिए। बेंच बहुत बार मेरठ के लिए आए लेकिन बीच में ही रुक गए। रिटायर होने के बाद में हाई कोर्ट बेंच की लड़ाई लड़ूंगा।
    उन्होंने यह भी कहा कि मैं प्रारंभ से ही हाई कोर्ट बेंच की लड़ाई में शामिल रहा हूं। मेरठ कॉलेज मैं पढ़ाई के दौरान से ही प्रत्येक आंदोलन में सभी के साथ खड़ा रहा और जनता मेरे साथ खड़ी रही। मैं जो भी बना हूं मेरठ कॉलेज की चारदीवारी से बना हूं। उन्होंने कहा कि मेरठ क्षेत्र की जनता को हाईकोर्ट बेंच की बेहद जरूरत है।

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    मैं प्रो एक्टिव नहीं, कॉपी बुक राज्यपाल हूं: जगदीप धनखड़

    जयपुर। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मीडिया द्वारा उन्हें प्रो एक्टिव गवर्नर बताए जाने को खारिज करते हुए शुक्रवार को कहा कि वह तो कॉपी बुक गवर्नर हैं जो चुपचाप काम करने में विश्वास करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी भी परिस्थिति में किसी के भी कहने पर संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन नहीं करेंगे।

    जगदीश धनखड़ ने संगोष्ठी को संबोधित किया

    जगदीप धनखड़ राजस्थान विधानसभा में संसदीय लोकतंत्र के उन्नयन में राज्यपाल एवं विधायकों की भूमिका विषय पर संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
    पश्चिम बंगाल सरकार विशेष रूप से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ टकराव की खबरों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, मैंने बहुत बार कहा और आज देश के एक वरिष्ठ राजनीतिक व्यक्तित्व के सामने भी कह रहा हूं … मैंने माननीय मुख्यमंत्री (बनर्जी) जी को बुलाया और कहा कि आप देश की जानी मानी नेता हैं।

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    इनका (मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का) नाम लिया और कहा कि इस श्रेणी में तीन-चार से ज्यादा लोग नहीं हैं। केंद्र मुझे जो भी सुझाव देगा, मैं उसे बहुत गंभीरता से लूंगा। मेरा मानस रहेगा कि उसके अनुरूप कार्य हो, बशर्ते उसमें कोई संवैधानिक बाधा नहीं हो। मैंने कहा कि उसी तरीके से आपका भी कुछ सुझाव होगा उसका असर भी मुझ पर उतना ही होगा। पर जिस दिन केंद्र के लोग या आप आश्वसत हो जाएंगे कि मैं वही करूंगा जो आप कहेंगे तो फिर इस कुर्सी पर दूसरा व्यक्ति बैठेगा, मैं नहीं बैठूंगा।

    जगदीश धनखड़ ने कहा

    नखड़ ने कहा, मेरा पूरा विश्वास है कि इस महान देश का नागरिक होने एवं एक राज्य का संवैधानिक प्रमुख होने के नाते, मैं अपना निर्देश केवल संविधान से लेता हूं। मैं किसी और से दिशा निर्देश नहीं लेता। मेरी पूरा जोर संविधान को सर्वाेपरि रखना है। मेरा काम इसकी सुरक्षा, संरक्षा एवं इसका बचाव करना है… ऐसी हालात मैं मुझे मीडिया ने प्रो एक्टिव कहा गया।
    उन्होंने कहा, मुझे प्रोएक्टिव गवर्नर कहा गया.. मैं नहीं हूं …मैं तो कॉपी बुक गवर्नर हूं। मैं तो विधि के शासन में विश्वास करता हूं। मैं लो प्रोफाइल वर्किंग में विश्वास करता हूं और मैं किसी भी परिस्थिति में, किसी के भी कहने पर संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन नहीं करूंगा।

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    उन्होंने कहा, मेरे मन में बड़ी पीड़ा होती है, चिंता करता हूं और चिंतन भी कि मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल सार्वजनिक रूप से कैसे लड़ सकते हैं? मेरा अथक प्रयास रहा है कि राज्यपाल की हैसियत से मेरा प्रमुख दायित्व है कि मैं सरकार का समर्थन करूं, कंधे से कंधा मिलाकर उसका साथ दूं लेकिन एक हाथ से यह संभव नहीं है और जो हालात मैं देख रहा हूं वह चिंता का विषय है।

    उन्होंने कहा कि राज्यपाल एवं विधायक बहुत बड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं जो बहुत चिंता एवं चिंतन का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल को संवैधानिक दायित्वों के अलावा कोई ऐसा काम नहीं दिया जाना चाहिए जिससे उनका राज्य सरकार के साथ टकराव की स्थिति पैदा हो। इस संगोष्ठी का आयोजन राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ की राजस्थान शाखा के तत्वावधान में किया गया था।

    इस अवसर पर 2019 के लिए विधायक ज्ञानचंद पारख, वर्ष 2020 के लिए विधायक संयम लोढ़ा और वर्ष 2021 के लिए विधायक बाबूलाल और विधायक मंजू देवी को सर्वश्रेष्ठ विधायक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में राजस्थान विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. सी. पी. जोशी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, संसदीय कार्य मंत्री शांति कुमार धारीवाल और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया सहित विधायक, पूर्व विधायक गण मौजूद थे।

    यूपी चुनाव में कितने जाट विधायकों ने जीत हासिल की ?

    यूपी में हाल ही में हुए चुनाव में भारी संख्या में जाट प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। हमारी जानकारी के अनुसार 17 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। आज हम आपको बताने जा रहे है यूपी चुनाव में कितने जाट विधायक बने जीत हासिल की और किस पार्टी से व कितने अंतर से जीत हासिल की और किस पार्टी के प्रत्याशी को हराया।

    jaat mal in up

    जाट विधायक- राजपाल बालियान ने बुढाना ( मुजफ्फरनगर) सीट से रालोद प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की

    राजपाल बालियान मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना सीट से रालोद प्रत्याशी के तौर पर विधायक का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। राजपाल बालियान ने सबसे ज्यादा वोटों से जीत हासिल की है।

    उन्होंने भाजपा के उमेश मलिक को 28 हजार 310 मतो से हराया। बालियान को 131093 और उमेश मलिक को 102783 मत मिले।

    पंकज मलिक ने चरथावल (मुजफ्फरनगर) सीट से गठबंध प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की

    चरथावल विधानसभा सीट से गठबंधन कोटे से सपा प्रत्याशी पंकज मलिक ने कांटे के मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी सपना कश्यप को शिकस्त दी है। पंकज मलिक को 97,363 और सपना कश्यप को 92,029 मत मिले हैं।

    पांच साल पहले इस सीट से दिवंगत पूर्व राज्यमंत्री विजय कश्यप ने 22 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज की थी। लंबे समय बाद यह सीट सपा के खाते में गई है। पंकज मलिक की जीत का आधार मुस्लिम और जाट मत रहे।
    पंकज मलिक तीसरी बार विधायक बने हैं। इससे पूर्व वह शामली और बघरा विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं।

    जाट विधायक – दल बदलकर चुनाव लड़े प्रसन्न चौधरी ने शामली से रालोद प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की।

    जिले में दल बदलकर शामली सीट से विधानसभा चुनाव लडऩे वाले रालोद गठबंधन प्रत्याशी प्रसन्न चौधरी को जनता का आशीर्वाद मिला है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी एवं विधायक तेजेंद्र निर्वाल को हराया और 7107 ज्यादा वोट से अपनी जीत दर्ज कराई। चुनाव से कुछ समय पहले ही प्रसन्न चौधरी भाजपा छोड़कर रालोद में शामिल हुए थे।

    रालोद-सपा गठबंधन ने प्रसन्न चौधरी को शामली सीट पर प्रत्याशी बनाकर चुनाव लड़ाया।

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    अजय कुमार ने छपरौली (बागपत) से रालोद प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की

    रालोद का गढ़ यानी छपरौली विधानसभा सीट पर रालोद की विजय पताका फिर लहराई। रालोद के डॉ. अजय कुमार ने भाजपा के सहेन्द्र सिंह को हराकर जीत का का परचम लहराया। जाट बहुल छपरौली सीट पर किसान आंदोलन का विरोध साफ नजर आया। जाट व मुस्लिम गठजोड़ जीत में अहम रहा। भाजपा का विकास का मुद्दा हार गया।
    छपरौली विधानसभा सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह व उनके परिवार का खासा असर रहा है। जाट बहुल छपरौली विधानसभा सीट पर रालोद कभी हारी नहीं। चौधरी चरण सिंह इस सीट से 1974 तक हुए विधानसभा चुनाव में विधायक निर्वाचित हुए थे और इसी सीट पर विधायक रहते हुए प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री बने। इस सीट से उनके पुत्र अजित सिंह व पुत्री सरोज बाला भी एक-एक बार विधायक निर्वाचित हुए थे।

    कृष्णपाल मलिक ने बडौत ( बागपत) से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की।

    बड़ौत विधानसभा सीट पर विधायक कृष्णपाल मलिक लगातार दूसरी बार बड़ौत विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर विधायक बने।

    बड़ौत विधानसभा सीट पर भाजपा के प्रत्याशी कृष्णपाल मलिक ने रालोद के जयवीर सिंह तोमर को हराकर जीत हासिल की।

    योगेश धामा ने बागपत से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की

    बागपत विधानसभा सीट पर रालोद के हमीद को परास्त कर भाजपा के योगेश धामा ने दर्ज की जीत
    धामा भाजपा से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कराने में सफल रहे हैं। किसान आंदोलन और रालोद सपा गठबंधन के चलते भाजपा के प्रत्याशी विधायक योगेश धामा की अबकी बार राह कठिन मानी जा रही थी पर ऐसा कुछ नहीं हुआ है, क्योंकि उन्होंने शानदार जीत दर्ज कराई है।

    योगेश धामा भाजपा के टिकट पर लगातार दूसरी बार जीते हैं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भी उनका मुकाबला अहमद हमीद से था।
    दरअसल धामा इस क्षेत्र में वर्ष 2005 से जिला पंचायत की राजनीति कर रहे हैं और यहां उनकी अच्छी पकड़ है जो अब विधानसभा चुनाव के परिणाम से साबित हो गया कि यहां के मतदाताओं पर उनकी पकड़ कमजोर होने के बजाय और मजबूत हुई।

    जिस तरह किसान आंदोलन और जाटों का रालोद-सपा गठबंधन के पक्ष में जाने की बात कही जाती रही उससे लग रहा था कि अबकी बार धामा की जीत की राह कतई आसान नहीं है। इसके बावजूद धामा ने विधानसभा चुनाव में हिंदुत्व को जिस तरह धार देकर मैदान में ताल ठोकी वह उनके जीत का बड़ा कारण बनी।

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    बिजनौर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी सूची चौधरी जीत हासिल कर बनी विधायक

    बिजनौर विधानसभा सीट पर पिछली बार 27281 मतों के भारी अंतर से जीतने वाली भाजपा की सुचि चौधरी को इस बार कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा। आखिरकार 1445 मतों के अंतर से निकटतम प्रतिद्वंदी रालोद के डॉ. नीरज चौधरी को पराजित कर उन्होंने जीत दर्ज कराई। बसपा की रुचि वीरा तीसरे स्थान पर रहीं।

    जाट विधायक- स्वामी ओमवेश ने बिजनौर के चांदपुर से सपा प्रत्याशी के तौर पर भाजपा की कमलेश सैनी को हराया

    चांदपुर विधानसभा में भाजपा की कमलेश सैनी और गठबंधन में सपा प्रत्याशी स्वामी ओमवेश के बीच कड़ी टक्कर रही। मुकाबला बेहद नजदीक होने के चलते दोनों प्रत्याशियों की आपत्तियों के कारण परिणाम काफी देर तक रुका रहा। बाद में सबकुछ स्थिति साफ होने पर स्वामी ओमवेश 234 मतों से जीत हासिल करने में कामयाब रहे। यहां बसपा के शकील हाशमी तीसरे नंबर पर रहे।

    मंजू सिवाच ने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर गाजियाबाद की मोदीनगर सीट से जीत हासिल की

    मोदीनगर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार मंजू सिवाच ने भाजपा का परचम लहराया है। मंजू ने भारी मतों से जीत दर्ज कर एक और सीट भाजपा के दामन में डाल दी है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में मोदीनगर विधानसभा सीट पर बीजेपी के प्रत्याशी डॉ. मंजू सिवाच ने जीत दर्ज की थी।

    हरेन्द्र तेवतिया ने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर गढ़मुक्तेशवर से बने विधायक

    हापुड़ जनपद की सभी सीटों पर भाजपा ने अपनी जीत का परचम लहरा दिया है। गढ़मुक्तेशवर विधानसभा सीट से भाजपा से हरेंद्र सिंह प्रमुख को 20 हजार से अधिक वोटों से जीत मिली है। दरअसल, किसान आंदोलन के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाटों को लुभाने के लिए भाजपा ने जाटा कार्ड खेलते हुए हरेंद्र प्रमुख को मैदान में उतारा था। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की जन्मस्थली गांव नूरपुर निवासी हरेंद्र सिंह तेवतिया (प्रमुख) को पार्टी ने गढ़ विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया था।
    हरेंद्र सिंह पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के रिश्ते में पोते लगते हैं। पार्टी ने वर्तमान विधायक डा. कमल मलिक का टिकट काटा है। बता दें कि हरेंद्र सिंह पूर्व जिला पंचायत सदस्य भी हैं।

    बुलंदशहर से प्रदीप चौधरी ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीता चुनाव

    विधानसभा चुनाव 2022 में सदर सीट पर एक बार फिर से भाजपा प्रत्याशी ने अपना कब्जा जमाया है। सदर सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी ने रालोद प्रत्याशी हाजी यूनुस को कड़े मुकाबले में शिकस्त दी है। प्रदीप चौधरी हाजी यूनुस को 25830 वोटों से हराकर सदर सीट से विधायक बने हैं। विधायक बनने से पहले प्रदीप चौधरी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भी कार्य किया।

    भाजपा ने छाता (मथुरा) से चौधरी लक्ष्मी नारायण पर जताया था भरोसा, जीत मिली

    भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में छाता विधानसभा पर भाजपा प्रत्याशी चौधरी लक्ष्मीनारायण ने वर्षों पुराने उस रिकार्ड को तोड़ दिया है, जिसमें किसी भी दल के प्रत्याशी को दोबारा जीतने का मौका मिला हो। चौधरी लक्ष्मीनारायण ने इस विधानसभा से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है।

    छाता विधानसभा सीट से रालोद ने तेजपाल सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। इस सीट पर जाटों की बहुलता है जिसकी वजह से इस बार जाति समीकरण के लिहाज से रालोद और सपा का गठबंधन मजबूत स्थिति में थी, हालांकि इसे जीत नहीं मिल सकी।

    जाट विधायक लक्ष्मी नारायण चौधरी को विधानसभा चुनाव में 124414 वोट मिले तो वहीं आरएलडी प्रत्याशी 75466 सीटें ही जीत सके। बीएसपी के सोनपाल 30214 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे हैं। वहीं कांग्रेस की पूनम देवी 1481 वोट ही हासिल कर सकीं. मथुरा की छाता विधानसभा सीट पर एक बार फिर यूपी सरकार में मंत्री और बीजेपी प्रत्याशी लक्ष्मी नारायण चौधरी का कब्जा हो गया है. सपा गठबंधन प्रत्याशी तेजपाल सिंह दूसरे नंबर पर थे।

    मथुरा की मांट सीट पर आठ बार के विधायक को शिकस्त देकर राजेश चौधरी ने जमाया अपना कब्जा

    मोदी लहर में भी अजेय रहने वाले राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले श्यामसुंदर शर्मा की किलेबंदी योगी लहर में टूट गई। भाजपा के राजेश चौधरी ने आठ बार के विधायक को पटखनी देकर मांट विधानसभा में इतिहास रचकर कमल खिला दिया। भाजपा नेतृत्व के विश्वास पर खरा उतरे राजेश ने यह सीट भाजपा की झोली में डाल दी है। जाट विधायक

    श्याम सुंदर शर्मा मांट सीट से 1989 से लगातार विधायक हैं। वह विभिन्न राजनीतिक दलों के अलावा निर्दलीय भी जीतते रहे। अयोध्या में राममंदिर निर्माण को लेकर पूरे सूबे में रामलहर थी, लेकिन तब भी मांट विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में श्यामसुंदर शर्मा ने जीत दर्ज करके अपनी ताकत का एहसास कराया था।

    उसके बाद से वह लगातार विधायक बनते रहे।
    जाट बहुल मानी जाने वाली मांट विधानसभा सीट से पहली बार जाट प्रत्याशी राजेश चौधरी ने परचम लहराया है। 1952 व 57, 67 और 69 में लक्ष्मीरमण आचार्य, 1962,77 में राधेश्याम शर्मा (दोनों ब्राह्मण), 1974 में चंदन सिंह (ठाकुर), 1980 में लोकमणि शर्मा (ब्राह्मण), 1985 में कुशल पाल सिंह(ठाकुर), 89 से 2017 तक श्यामसुंदर शर्मा (ब्राह्मण) का कब्जा रहा। हालांकि जयंत चौधरी ने 2012 में जाट प्रत्याशी के रूप में जीत तो दर्ज की थी, लेकिन उन्होंने विधानसभा नहीं पहुंचने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। जाट विधायक

    प्रदीप गुड्डू चौधरी ने हाथरस के सादाबाद सीट से रालोद प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की

    मिनी छपरौली और आलू बेल्ट के रूप में मशहूर सादाबाद सीट पर परिणाम चौंकाने वाले रहे। 15 साल बाद रालोद का वनवास खत्म हुआ। भाजपा की रणनीति को पछाड़ते हुए रालोद के प्रत्याशी प्रदीप चौधरी गुड्डू ने जनपद की राजनीति के स्तंभ रामवीर उपाध्याय को हराकर जीत का परचम लहराया।

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    दुग्ध कारोबारी प्रदीप कुमार उर्फ गुड्डू चौधरी करीब डेढ़ दशक से रालोद के साथ अपने राजनीतिक सफर पर हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2015 में जिला पंचायत सदस्य के रूप में बड़े अंतर से जीत दर्ज कर गुड्डू चौधरी राजनीति में उभरकर आए थे।

    आगरा के फतेहपुर सीकरी से बाबूलाल चौधरी ने भाजपा को दिलाई जीत

    चौधरी बाबूलाल फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं। अब वह विधायकी को चुनाव जीते हैं। पिछले चुनाव में यहां से जाट विधायक भाजपा के चौधरी उदयभान ने जीत दर्ज की थी। आगरा के फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी चौधरी बाबूलाल 47011 वोटों से चुनाव जीत गए हैं।

    बाबूलाल को 111519 वोट मिले हैं। जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी रालोद सपा गठबंधन के प्रत्याशी ब्रजेश चाहर को 64508 मत प्राप्त हुए। इस तरह चौधरी बाबूलाल ने सपा गठबंधन को 47011 मतों से हरा दिया। रिटर्निंग ऑफिसर ने चौधरी बाबूलाल को जीत का प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया है।

    भाजपा प्रत्याशी बलदेव सिंह औलख ने रामपुर की बिलासपुर सीट से जीत हासिल की

    रामपुर के पांच सीटों में से एक बिलासपुर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी बलदेव सिंह औलख ने जीत दर्ज की। वे शुरू से ही बढ़त बनाए हुए थे।

    अमरोहा से नौगांव सादात से चौधरी समरपाल सिंह ने सपा प्रत्याशी के तौर पर जीते

    नौगावां सादात विधानसभा सीट पर सपा प्रत्याशी समरपाल सिंह व भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र नागपाल के बीच कांटे का मुकाबला रहा। हालांकि सपा प्रत्याशी समरपाल सिंह पहले राउंड से ही कई राउंड तक बढ़त बनाए रहे। जैसे-जैसे उनकी बढ़त का आंकड़ा बढ़ता गया वैसे-वैसे भाजपा प्रत्याशी जीत की दौड़ में पिछड़ते गए। हालांकि कुछ राउंड में भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र नागपाल अपने प्रतिद्वंदी समरपाल सिंह से आगे भी रहे।
    सपा प्रत्याशी ने 108497 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को 6540 वोट से हराया।

    क्या अब होगा सर्वखाप के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन

    जाट शिक्षण संस्था के पिछले 7 वर्षों से लम्बित पड़े चुनाव को जल्द से जल्द करवाने की मांग की है अगर जल्द चुनाव नहीं हुए तो सर्वखाप के साथ मिलकर करेंगे बड़ा आंदोलन: चंचल नांदल

    सर्वखाप

    रोहतक। उत्तर भारत की एतिहासिक जाट शिक्षण संस्था को बचाने के लिए आज सर्वखाप पंचायत की एक अहम बैठक जाट संस्थाओं स्थित चौ. छोटूराम की समाधि स्थल पर हुई। इस पंचायत का आयोजन लोकहित संस्था के प्रधान व संस्था के आजीवन सदस्य एडवोकेट चंचल नांदल ने किया जबकि अध्यक्षता राष्ट्रीय सर्वजाट खाप के अध्यक्ष व खाप के सबसे बुजुर्ग नेता नफे सिंह नैन ने की। मंच संचालन राष्ट्रीय गठवाला खाप के महासचिव अशोक मलिक ने किया।

    सर्वखाप पंचायत ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को लिखा खुला पत्र

    पंचायत में जाट हाई स्कूल के कर्मचारियों के 36 महीने से लम्बित 1 करोड़ 57 लाख रूपये का वेतन दिलवाने में सफल रहने पर समाज व सर्वखाप का धन्यवाद व सम्मान किया गया। सर्वखाप पंचायत ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर मुख्यमंत्री मनोहर लाल को खुला पत्र लिखकर जाट शिक्षण संस्था को बचाने के लिए चार मुद्दे पारित किये। जिनमें जाट शिक्षण संस्था के पिछले 7 वर्षों से लम्बित पड़े चुनाव को जल्द से जल्द करवाने, जैसा कि सरकार ने वैश्य शिक्षण संस्थाओं के चुनाव हाथों-हाथ घोषित कर दिये उस तर्ज पर जाट शिक्षण संस्था के चुनाव करवाना, जाट संस्थाओं स्थित चौ. छोटूराम, मास्टर बलदेव सिंह की खस्ताहाल समाधि का पुर्ननिर्माण करवाने, जाट कॉलेज के विवादित प्रिंसिपल महेश ख्यालिया को तुरन्त बर्खास्त करने व जाट कॉलेज स्थित अवैध अखाड़े में फीस के नाम पर हुई अवैध वसूली की जांच करवाने की मांग की गई।

    पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर मुख्यमंत्री एक माह के अन्दर इन मुद्दों पर कार्यवाही नहीं करते तो सर्वखाप पंचायत पूरे प्रदेश में जोरदार विरोध प्रदर्शन चलायेगी। जिसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री व भाजपा सरकार की होगी।

    सर्वखाप पंचायत में कौन कौन रहे इस अवसर पर मौजूद

    इस अवसर पर खाप-84 के अध्यक्ष हरदीप अहलावत, पालम-360 के प्रधान रामकुमार सोलंकी, बवाना-52 के प्रधान धारा सिंह, सहरावत खाप के प्रधान ओमप्रकाश सहरावत, चौहान पाल के प्रधान ज्ञान सिंह चौहान, रंगीला खाप के प्रधान खिम्मन सिंह, पलवल से सतबीर सहरावत व धर्मबीर डागर, फौगाट खाप प्रधान बलवान फौगाट, श्योराण खाप प्रधान बिजेन्द्र श्योराण, सांगवान खाप उपप्रधान नर सिंह डीपी, चहल खाप प्रधान सूरजमल, कंडेला खाप से ओमप्रकाश कंडेला, खत्री खाप के राष्ट्रीय प्रधान सुरेन्द्र खत्री, जटवाड़ा-360 के प्रधान राजेन्द्र खत्री, सर्वखाप प्रधान रणधीर सिंह सरोहा, गठवाला खाप प्रधान कुलदीप मलिक, धनखड़ खाप प्रधान ओमप्रकाश धनखड़, जाखड़ खाप प्रधान कश्मीर सिंह जाखड़, राठी खाप से रणधीर नम्बरदार, कादियान खाप से सुखचंद कादियान, दलाल खाप से कैप्टन मान सिंह दलाल, पप्पू दलाल, गोयत खाप प्रधान धर्मबीर गोयत, सातरोड़ खाप प्रधान इन्द्र सिंह, महम खाप प्रधान तुलसी ग्रेवाल,

    तिलक नगर आरडब्ल्यूए के प्रधान मुकेश नांदल, मॉडल टाऊन ट्रेडर्स एसोसिएशन प्रधान अजय धनखड़, मलिक खाप प्रतिनिधि कैप्टन जगवीर मलिक, दूहन खाप से अनिल दूहन, नगर पार्षद कदम सिंह अहलावत, प्रो. चरण सिंह, निर्मला देवी, मोरखेड़ी से कृष्ण पहलवान, रणधीर नरवाल, पूर्व कर्मचारी अमीर सिंह गिल व आर.एस. खासा, तिलक नगर आर्य समाज के संयोजक सुखबीर दहिया, आजीवन सदस्य वेदपाल नैन, जगबीर नम्बरदार, मैडिकल कर्मचारी यूनियन प्रधान तारीफ नांदल, सचिव संजय सिंहमार, गठवाला खाप प्रधान कुलदीप मलिक, रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रधान जलकरण बल्हारा, रघबीर नैन, सेक्टर प्रधान दीपक मलिक आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे