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जाट कविता | jat poetry in hindi | jaat attitude shayari

जाट समाज लगातार कमजोर होता जा रहा है। यह कमजोरी सामाजिक तौर पर आंतरिक रूप से पनप रही है । इसे दूर करने के लिए किसी भाई ने यह जाट कविता (jat poetry in hindi) लिखी है जिसे आपको पढना चाहिए। जाट कविता में आपको जाट समाज को आगे बढाने का रास्ता मिलेगा।

jaat poem जाट कविता

जाट होकर जाट का,
आप सभी सम्मान करो!
सभी जाट एक हमारे,
मत उसका नुकसान करो!
चाहे जाट कोई भी हो,
मत उसका अपमान करो!
जो ग़रीब हो, अपना जाट
धन देकर धनवान करो!
हो गरीब जाट की बेटी,
मिलकर कन्या दान करो!
अगर लड़े चुनाव जाट ,
शत प्रतिशत मतदान करो!
हो बीमार कोई भी जाट ,
उसे रक्त का दान करो!
बिन घर के कोई मिले जाट
उसका खड़ा मकान करो

अगर जाट की हो फाईल,
शीघ्र काम श्रीमान करो!
जाट की लटकी हो राशि,
शीघ्र आप भुगतान करो!

अगर मुसीबत में हो जाट ,
फौरन मदद का काम
अगर जाट दिखे उदास,
खुश करने का काम करो!
अगर जाट घर पर आये,
जय जाट राज बोल सम्मान करो!
अपने से बड़ा जाट
उसको आप प्रणाम करो!
ह जाट का बेटा,
उसकी मदद तमाम करो!
बेटा हो गरीब जाट का पढ़ता,
कापी पुस्तक दान करो!
जय जाट समाज

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