Jat Pariwar

समाज के लिए एक प्रयास, आईये आप भी जुडिये हमारे साथ

जानिये अब बहालगढ में आपके लिए क्या खास है

भागवत ज्योति फ्री संस्था देता है उज्जवल भविष्य निर्माण का मौका

संस्‍था के शुभारंभ के अवसर पर संस्‍था से जुडे सम्‍मानित सदस्‍य एवं बच्‍चे

नई दिल्ली। बहालगढ में भागवत ज्योति फ्री संस्था केन्द्र का उद्घाटन धूम धाम से किया गया। इस मौके पर क्षेत्रीय गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत कर संस्था के उज्जवल भविष्य की कामना की। आपको बता दें कि भागवत ज्योति फ्री संस्था केन्द्र ने काफी समय नरेला में काम करने के पश्चात बहालगढ़ में महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य करने का निर्णय लिया हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ब्यूटी पार्लर, टेडी बियर, मेहन्दी, पेन्टिंग, पैकिंग, फ्लावर मेकिंग, आर्ट एवं ग्राफ आदि विभिन्न प्रकार के कोर्स कराए जाएगे ताकि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इस मौके पर भागवत ज्योति फ्री संस्था की संचालिका ममता ने बताया कि हमारा लक्ष्य महिलाओं के विकास के लिए कार्य करना है। महिलाओं की आत्मनिर्भरता ही उस समाज में महिलाओं का स्थान निर्धारित करती है। महिला अपने परिवार के साथ कंधे से कंधा मिला कर चल सके इसके लिए जरूरी है कि वह आत्मनिर्भर हो। देखने में ये कोर्स छोटे लगते है लेकिन इन कोर्सों की अपनी अहमियत है। इस प्रकार के कोर्स कम अवधि में कोई भी सीख सकता है तथा अपने को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही साथ यह कोर्स किसी भी महिला के व्यक्तित्व को निखारने में काफी योगदान देते है जिसके कारण अपने समाज में उसका स्थान काफी बढ जाता हैं। इर वर्ग की महिलाओं एवं लडकियों को इस प्रकार के कोर्स करने चाहिए। इस अवसर पर मनीष आर्या ने भी संस्था के उज्जवल भविष्य की कामना की।

मनीषा- भागवत ज्योति फ्री संस्था ने बहालगढ में अपना केन्द्र खोल कर काफी प्रशंसा का कार्य किया हैं। यहां ज्यादातर ग्रामीण पृष्ठ भूमि की लडकिया आती है जिन्हें जीवन में आगे बढने के बहुत कम चांस मिलते है । इस प्रकार के कोर्स यहां की महिलाओं को आगे बढने के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करेंगे तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे।

राकेश गौतम- भागवत ज्योति फ्री संस्था ने एक प्रशंसा योग्य कार्य किया है। आज के समय में महिलाओं एवं लडकियों को आर्थिक रूप से सशक्त होने की जरूरत है। तभी महिलाओं का पूर्ण विकास संभव है। जिस प्रकार के कोर्स संस्था में कराए जाते है इनके बाद कोई भी महिला छोटी सी पूंजी में अपना व्यापार शुरू कर सकती है जिसके कारण वह घर को चलाने में अपना आर्थिक सहयोग भी दे सकती है जिससे उसके मान सम्मान में वृद्धि होगी तथा आने वाले समय में उसके लिए विकास के ओर रास्ते खुलेगे।

हरीश सैनी- हमें आशा है कि बहालगढ की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में यह संस्था भरपूर योगदान देगी। संस्था में एक सुरक्षित माहौल यहां के बच्चों को विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। कोर्स के साथ ही साथ यहां महिलाओं के व्यक्त्तिव को निखारने के प्रयास भी किए जा रहे हो जो कि काबिले तारीफ है। हमे आशा है कि बहालगढ के बच्चों को उज्जवल भविष्य निर्माण के लिए यह संस्था महत्वपूर्ण योगदान देगी।

लोगों के दिलों पर राज करने वाली जाटणी के पिता के साथ ये क्या हो गया

नई दिल्‍ली। पूर्व विश्‍वसुंदरी मानुसी छिल्‍लर के पिता साइंटिस्‍ट है। आज के आधुनिक युग में एक चीज है आनलाइन। जहां आप केवल अपनी उंगलियों को कुछ कष्‍ट देकर कुछ भी प्राप्‍त कर सकते हो। लेकिन इस ऑनलाइन को सही गलत की जानकारी नहीं है यह तो केवल आपको परिणाम देता है ओर यही परिणाम कई बार आपको नुकसान पहुंचा सकते है ओर इसी को कहते है ऑनलाइन ठगी जी हां इसी ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए हैं मानुषी छिल्‍लर के पिता मित्र बसु छिल्‍लर ।

#क्‍या है मामला

मानुषी के पिताजी मित्र बसु छिल्‍लर के साथ फर्जी मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी 58 हजार की ठगी कर के फरार हो गई। दरअसल मित्र बसु जी को बांद्रा से अंधेरी शिफट करना था जब उन्‍होंने एक पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी की खोज शुरू की । इसी दौरान उन्‍होंने ऑनलाइन एक पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी मिली, जो विक्रोली स्‍थान की थी । कपंनी का नम्‍बर ऑनलाइन प्राप्‍त किया गया था । जब उन से संपर्क किया गया तो कंपनी के एग्‍जीक्‍यूटिव से बात की तो उन्‍होंने सौदा तय होने पर शिफिटंग चार्ज के नाम पर उनसे पहले ही 58 हजार रुपए ले लिए जिसके बाद उन्‍होंने अगले दिन आने की बात कर कर चले गए । लेकिन अगले दिन वे नहीं आए जिसके बाद उनसे संपर्क किया गया तो उनका फोन बंद आया । जिसके बाद उन्‍हें समझ आया की वह ऑनलाइन ठकी का शिकार हो गए। इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज का दी गई है ओर पुलिस मामले की जांच कर रही हैं ।

क्रिकेट की दुनिया में सबसे ज्यादा 754 रनों से हारी यह टीम

जीरो पर आउट हुए सभी बल्‍लेबाज

मुंबई । मुंबई के प्रतिष्ठित स्कूल टूनार्मेंट हैरिस शील्ड के पहले राउंड के नॉक आउट मैच के अजीब घटना हुई। ऐसी घटना जिसे चिल्ड्रन वेलफेयर स्कूल जल्द से जल्द भूलना चाहेगा। अंधेरी का यह स्कूल बोरीवली के स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल के खिलाफ मैच तो हारा लेकिन उसके अजब बात यह रही कि उसके सारे बल्लेबाज जीरो पर आउट हुए। जी, उसका कोई भी बैट्समैन खाता भी नहीं खोल पाया। यह तो शुक्र मनाइए कि विपक्षी टीम के गेंदबाजों ने 7 अतिरिक्त रन (छह वाइड और एक बाई) रन दे दिया, यदि ऐसा नहीं होता तो स्कोरबोर्ड पर कोई रन नहीं टंगा होता। चिल्ड्रन वेलफेयर की पूरी टीम सिर्फ छह ओवरों में ही ऑल आउट हो गई। विवेकानंद इंटरनैशनल स्कूल की ओर से मीडियम पेसर अलोक पाल ने तीन ओवरों में तीन रन देकर छह विकेट लिए। कप्तान वरोद वाजे ने तीन रन देकर दो विकेट लिए। बाकी दो बल्लेबाज रन आउट हुए। इस शर्मनाक प्रदर्शन के चलते चिल्ड्रन वेल्यफेयर की टीम यह मैच 754 रनों के विशाल अंतर से हार गई। यह परंपरागत इंटरस्कूल टूनार्मेंट मे शायद सबसे बड़ी हार होगी। आजाद मैदान के न्यू एरा ग्राउंड पर पहले बल्लेबाजी करते हुए विवेकानंद स्कूल ने मीत मायेकर के तिहरे शतक (338 रन नाबाद, 134 बॉल, 56 चौके और सात छक्के) की मदद से 39 ओवरों में 761 रन बनाए।

विपक्षी टीम के गेंदबाजों ने 7 अतिरिक्त रन दिए

156 रनों की पेनाल्टी भी

इस स्कोर में 156 रनों की पेनाल्टी भी शामिल है चूंकि चिल्ड्रन वेलफेयर के बोलर निर्धारित 3 घंटे के टाइम में 45 ओवर पूरे नहीं फेंक पाए। उन्होंने छह ओवर कम फेंके। कृष्णा पार्ते (95) और ईशान रॉय (67) रन बनाए। इस जीत से स्वामी विवेकानंद इंटरनैशनल स्कूल के कोच महेश लोतीकर बहुत खुश नजर आए। कमाल की बात तो यह है कि टीम के कप्तान आयुष जेथवा और दो अन्य खिलाड़ी मुंबई अंडर-16 कैंप में होने के चलते इस मैच में नहीं खेले थे। स्कूल के पूर्व छात्र रहे भारतीय टीम के सुपरस्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा भी अगर स्कोरकार्ड देखेंगे तो काफी खुश होंगे। बुधवार वाकई स्वामी विवेकानंद स्कूल के लिए परफेक्ट रहा।

A Mumbai cricket team was all out for 0

फुटबाल की तरह उछले जिला अध्यक्ष नीलदमन खत्री

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया आप कार्यालय पर प्रदर्शन

नई दिल्‍ली। जैसे जैसे दिल्‍ली विधानसभा चुनाव पास आ रहे है उसी तेजी से दिल्‍ली में राजनीति गर्माने लगी है। विरोध प्रदर्शनों तेज हो गए हैं। लेकिन इन प्रदर्शनों में कभी कभी हास्‍यादस्‍पद स्थिति‍ बन जाती हैं। ऐसा ही कुछ नाजारा देखने को मिला भाजपा के प्रदर्शन में जब बाहरी दिल्‍ली से जिला अध्‍यक्ष नीलमदन खत्री उस समय विचित्र स्थिति में फंस गए जब एक ओर से भाजपा समर्थकों ने उन्‍हें अपने हाथों में उपर उठाकर पुलिस बेरिकेट के आगे धकेलना शुरू किया तो पुलिस के जवानों ने नीलदमन खत्री को आगे आने से रोकने के लिए हवा में ही समर्थकों की ओर धकेलना शुरू किया जिसके कारण भाजपा समर्थकों व पुलिस जवानों के हाथों में जिला अध्‍यक्षक फुटबाल की तरह एक दिशा से दूसरी दिशा में जाते हुए नजर आए।

#मामला क्‍या हैं

भाजपा दिल्‍ली प्रदेश द्वारा प्रदेश अध्‍यक्ष मनोज तिवारी के नेतृत्व में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ आम आदमी पार्टी कार्यालय पर राफेल मामले में देश के प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के खिलाफ देश की जनता के सामने झूठ बोल कर मोदी जी को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में भारी संख्‍या में भाजपा समर्थकों के अलावा विजेन्‍द्र गुप्‍ता, मीनाक्षी लेखी, राजेश भाटिया, कुलजीत चहल, जिला अध्‍यक्ष नीलदमन खत्री, नरेला से पार्षद सवीता खत्री, अशोक अमरोही, प्रताप सिंह दहिया, आदि गणमान्‍य लोगों ने हिस्‍सा लिया व आम आदमी पार्टी की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।

love story एक जाट की सच्ची प्रेम कहानी- प्यार प्यार होता है ओर शादी शादी

राजस्थान के सीकर जिले के जाट भाई की एक सच्ची प्रेम कहानी love story

valentine week

राजेश (काल्पनिक नाम) है। यह कहानी राजेश की love story है। राजेश राजस्थान के सीकर जिले से हूं। 24 मार्च 2013 को मुईनुद्दीन चिस्ती के शहर अजमेर में मेरी जेलपहरी की परीक्षा थी। मैं और मेरा बड़ा भाई जो मुझ से एक बरस ही बड़ा है । दोनों ने परीक्षा दी और हम ट्रेन से अजमेर से अगले स्टेशन फुलेरा के लिए रवाना हुए ।

हमने अगले स्टेशन फुलेरा में ट्रेन बदली मेरे शहर सीकर के लिए। परीक्षा थी इस कारण ट्रेन पूरी तरह भरी हुई थी। ज़्यादातर ट्रेन में लड़के ही थे। मेरे ट्रेन के डिब्बे में चार लड़कियाँ आकर बैठ गई। मैं और मेरा भाई ट्रेन कि ऊपर की बर्थ पर बैठे थे। मेरी लड़कियों को घूरने की आदत नहीं इसलिए में अपने कानों में इयर फोन डाल के मेरे फोन NOKIA N72 में गाने सुन रहा था। love story

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ट्रेन के डिब्बे में काफ़ी हल्ला हो रहा था क्योंकि ट्रेन लड़कों से भरी हुई थी और ट्रेन के डिब्बे में चार लड़कियाँ हो और लड़के हो हल्ला ना करें यह हो ही नहीं सकता इसलिए मैंने सोचा इनकी फ़ालतू की बातें सुनने से अच्छा इयर फोन लगाके गाने सुन लूँ ।

लेकिन एक लड़की जो आँखों पे चश्मा लगाये ठीक मेरे सामने नीचे की सीट पर बैठीं थी लगातार मुझे घूरे जा रही थी । मैंं अपनी मस्ती में था मुझे नहीं पता वो मुझे घूर रही हैं । मेरा भाई जो मेरे पास ही बैठा था उसने मुझे धीरे से कोहनी मारी और कहा नीचे देख वो लड़की जब से आकर बैठी है तुझे ही देख रही हैं । और सारे डिब्बे के लड़के उसे देख रहे हैं।

मैंने जब उसे पहली बार देखा वो एक टक होकर मुस्कुराते हुए मुझे देख रही थी मैंने भी उसे एकटक होकर देखने की कोशिश की लेकिन में भोला शर्मिला छोरा ज़्यादा देर तक ऐसा नहीं कर पाया।

लेकिन में बार-बार उसे देख रहा था। कुछ समय बाद में उसने इशारे में नम्बर माँगे। मेरा दिल उस समय एक मिनट में जैसे 120 बार धड़क रहा हो ऐसा प्रतीत हो रहा था।

मैंं सोच रहा था कि इसे नम्बर कैसे दूँ। साथ में बैठी लड़कियों को पता चल जाएगा ट्रेन में बैठे लड़कों को पता चल जाएगा तो क्या होगा लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी पिछली ट्रेन जिससे में आया था उसकी टिकट मेरी ऊपरी जेब में थी । एग्ज़ाम देकर आया था इसलिए पेन तो था ही मेरे पास । मैंने टिकट के पीछे जहां नम्बर लिखने का कॉलम भी होता हैं ।

उसमे नम्बर लिखे और उस टिकट को गोल कर के उसकी तरफ़ देखने लगा कि कब वो मुझे इशारा करे ओर मैं उसकी ओर टिकट पर लिख नम्बर फैंक सकूं। इस दौरान मैं बुरी तरह कांप रहा था। लेकिन जैसे ही उसने मुझे इशारा किया मैंने तुरंत ही टिकट को उसकी ओर फैंक दिया ओर उसने भी जल्दी से टिकट उठा कर अपने पर्स में रख लिया।

लेकिन इस दौरान ट्रेन में बैठे कुछ लड़के मुझे टिकट फैंकते देख लिया। अब इसके बाद हल्ला ना हो ऐसा तो हो नहीं सकता तो पूरी ट्रेन में लड़कों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया लेकिन गनीमत रही के थोड़ी देर बाद उस लड़की का स्टेशन आ गया। उसने मुझे ट्रेन से उतरते हुए मुस्कराते हुए देखा ओर ट्रेन से उतर गई। लड़के अब भी तरह तरह के कमेंट्स कर रहे थे। मैं बहुत खुश था।

उसी शाम को मैं अपने घर पहुंच गया। उसी शाम को 7 बजे के आस पास उसका फोन आया मैं तो इसी इंतजार में था जैसे ही मैंने अनजाना नंबर देखा मेरी धड़कने बहुत बढ गई जैसे ही मैंने फोन उठाया तो दूसरी ओर एक लड़की की आवाज आई। उसने अपना नाम राबिया बताया। वो मुस्लिम थी और मैं हिन्दू जाट। लेकिन कहते है ना प्यार में सब जायज है।

लेकिन मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था कि मेरा नम्बर एक लड़की ने मांगा लेकिन फिर अचानक उसे सवाल किया आपने उन लड़कों को हो हल्ला करने से क्यों नहीं रोका ? मेरा जवाब था क्या वो मेरे कहने से रूक जाते । लेकिन मेरे इस जवाब से वह असंतुष्ट दिखी।

उस दिन कुछ ज्यादा बाते नहीं हुई बस क्या करते हो, पेपर कैसा रहा भविष्य में क्या करने का प्लान है नॉर्मल बाते हुई ओर फोन रख दिया गया। उस दिन के बाद फिर उसका एक हफ्ते के बाद कॉल आया। मैंने इस बार हैलो बोलते ही मैंने सवाल किया इतने दिन फोन क्यों नहीं किया।

लेकिन उधर से जो जवाब आया मैं उसके लिए तैयार नहीं था ओर ना ही मुझे आशा थी। उसने एक क्षण के मौन के बाद जवाब दिया मेरी शादी थी। इस बार मौन होने की बारी मेरी थी। उसने बताया कि जब ट्रेन में मुलाकात हुई तो वह अपनी बहनों के साथ शादी की शॉपिंक करने के लिए गए हुए थे।

उसकी बाते सुन कर मैंने उससे पूछा तुम्हारी शादी थी तो मुझ से फोन नम्बर क्यों लिया। क्या तुम मुझ से प्यार करने लगी थी। उसका जवाब था। शादी-शादी होती है और प्यार प्यार।

फिर मेरी ओर उसकी प्रेम कहानी कभी मोबाईल से आगे नहीं बढ़ पाई उस दिन के बाद लगभग तीन महीने के बाद उसका फोन फिर आया उसने बताया कि वह अपनी ससुराल भीलवाड़ा जा रही है। मेरे शहर से लगभग 4०० किलोमीटर दूर। फिर उसके बाद हमारी कभी बात नहीं हुई।
मैं अब भी सोचता हूं कि आखिर वह क्या था। क्या सच है कि आखिर प्यार प्यार love होता है ओर शादी शादी।

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सैमसंग का शानदार आफर, तीन कैमरे वाले दो स्मार्टफोन हुए सस्ते

गैलेक्सी ए50एस और गैलेक्सी ए30एस

नई दिल्ली । samsung mobile मशहूर मोबाइल कंपनी सैमसंग के दो स्मार्टफोन की कीमत में भारी कटौती हो गई है। कंपनी के दो पॉपुलर फोन गैलेक्सी ए50एस और गैलेक्सी ए30एस को पहले से कम कीमत में खरीदा जा सकता है। आइए जानते हैं किस फोन की कितनी कम हुई कीमत। सैमसंग गैलेक्सी ए50एस को भारत में 22,999 रुपये की कीमत में लॉन्च किया गया था, लेकिन कटौती के बाद इस फोन के 4 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को सिर्फ 19,999 रुपये में घर लाया जा सकता है। यानी कि सैमसंग गैलेक्सी ए50एस की कीमत में 3,000 रुपये की कटौती की गई है। दूसरी तरफ गैलेक्सी ए50एस के 6 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की बात करें तो अब इस फोन को 24,999 रुपये के बजाय 21,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। फोन में 6.4 इंच का फुल-एचडी प्लस (1080×2340 पिक्सल) इनफिनिटी यू सुपर एमोलेड डिस्प्ले है। सैमसंग के इस फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन में 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरे के साथ 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा-वाइड एंगल सेंसर और 5 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर दिया गया है। फोन में 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है। कंपनी के दूसरे फोव गैलेक्सी ए30एस के 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत में कटौती के बाद इसे 15,999 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। इस फोन को सैमसंग नें 16,999 रुपये की कीमत में लॉन्च किया था। इस फोन में 6.4 इंच का एचडी+ (720×1560 पिक्सल) इनफिनिटी वी सुपर एमोलोल्ड डिस्प्ले दिया गया है। कैमरा सेटअप की बात करें तो सैमसंग गैलेक्सी ए30एस में रियर पर तीन कैमरा है। प्राइमरी सेंसर 25 मेगापिक्सल, दूसरा 8 मेगापिक्सल और 5 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। सेल्फी के लिए सैमसंग गैलेक्सी ए30एस में 16 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा दिया गया है।

समाज के लिए एक दिन की बेटी को छोड़ कर जेल गया जाट नेता, अब आया बाहर

किसी विशेष के प्रयास से नहीं बल्कि कानूनी लड़ाई से मिली जमानत

रोहतक- sudip kalkal जाट आंदोलन के दौरान कैप्टन अभिमन्यु की कोठी में आगजनी करने के आरोप में जेल काट रहे युवा जाट नेता सुदीप कलकल जमानत पर बाहर आ गए हैं। जानकारी के अनुसार करीब साढ़े तीन साल बाद सुदीप जेल से बाहर आया है। उन्हें नियमित रूप से जमानत मिली है। इसके साथ ही साथ दो ओर भाईयों गौरव और हरिओम की भी जमानत मंजूर कर ली गई हैं। सुदीप का कहना है कि उन्हें केवल राजनीतिक दुर्भावना के कारण फंसाया गया है। वे तो आगजनी की सूचना पाकर केवल लोगों को समझाने के लिए कैप्टन अभिमन्यु की कोठी पर गए थे लेकिन उन्हें ही मुख्य आरोपी बना दिया गया। सुदीप कलकल के जमानत पर बाहर आने पर उनके परिवार व जाट समाज ने खुशी जाहिर की हैं। सुदीप के जेल में होने के कारण उनके परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा हैं। जिस दिन उन्हें जेल भेजा गया उस दिन उनकी बेटी मात्र एक दिन की थी। अब बेटी काफी बड़ी हो गई है लेकिन अपने पिता को पहचानती भी नहीं। राजनीतिक की भेंट चढे सुदीप के सांढे तीन साल का हिसाब किसी के पास नहीं हैं। उनकी बेटी की अटखेलियां जो जीवन की यादें बनती है अब जा चुकी हैं। फिर भी सुदीप व उसके परिवार का न्यायालय पर विश्वास है ओर उनका मानना है कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। सुदीप कलकल के जमानत पर बाहर आने पर भी राजनीति होने लगी है। कुछ लोग सुदीप कलकल के बाहर आने का राजनीतिक फायदा उठाने के लिए उसे अपने द्वारा की गई कार्यवाही का नतीजा बता रहें है तो दूसरी ओर जाट समाज के भीतर से आवाज आ रही है कि यह केवल कानूनी लड़ाई का नतीजा है। इसमें किसी भी नेता या राजनीतिक पार्टी की कोई भूमिका नहीं हैं। केवल सत्य पर आधारित लड़ाई की एक छोटी सी जीत है जिससे बहुत आगे तक लडऩा हैं।

जानिये कब होगी आईपीएल के खिलाडिय़ों की नीलामी

कितनी बढ़ी आईपीएल टीम के नीलामी की राशि

IPL 2020 AUCTION Date, Venue and salary purse

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) IPL के अगले सत्र के लिए खिलाडिय़ों के नीलामी की तारीख तय हो चुकी हैं। इस संबंध में आईपीएल की संचालन परिषद ने एक बैठक के दौरान जानकारी दी के आईपीएल की पहली बार नीलामी का स्थान कोलकाता रखा गया हैं। जबकि पहले नीलामी कार्यक्रम के लिए बेंगलुरू में तय किया जाता था। इसके अलाया यह भी बताया गया कि जहां पहले फ्रैंचाइजी के तौर पर 2019 में एक टीम को 82 करोड़ रुपए आवंटित किए जाते थे वहीं इस बार यह राशि बढ़ा कर 85 करोड़ रुपए प्रति टीम कर दी गई हैं। इसके अलावा भी तीन करोड़ रुपए अतिरिक्त के तौर पर टीम के पास रहेंगे।

इसके अतिरिक्त तीन करोड़ रुपये अतिरिक्त हर टीम के पास होंगे। दिल्ली कैपिटल्स के पास 7.7 करोड़, राजस्थान रॉयल्स के पास 7.15 करोड़ और केकेआर के पास 6.05 करोड़ रुपये का बैलेंस है। आईपीएल 2020 की नीलामी से पहले टीमों के पास शेष राशि: चेन्नै सुपर किंग्स : 3.2 करोड़ रुपये, दिल्ली कैपिटल्स : 7.7 करोड़ रुपये, किंग्स इलेवन पंजाब : 3.7 करोड़ रुपये, कोलकाता नाइट राइडर्स : 6.05 करोड़ रुपये, मुंबई इंडियंस : 3.55 करोड़ रुपये, राजस्थान रॉयल्स : 7.15 करोड़ रुपये, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर : 1.80 करोड़ रुपये, सनराइजर्स हैदराबाद : 5.30 करोड़ रुपये हैं।

भारतीय गांवों का विकास एक नजर

indian village history

नई दिल्ली। गांव (village) वह मानव बस्तियों की छोटी इकाई होती हैं जहां पर थोड़े से लोगों (people) से लेकर हजारों की संख्या में लोग बस्तें हैं। अगर हम मारवाडी भाषा में इसका अर्थ ढूंढे तो इसे गोम कहते हैं। देखने में आया है कि गांव के निवासी ज्यादातर कृषि या फिर पशु पालन करते हैं। गांव में घरों का निर्माण अव्यवस्थित तरीके से होता हैं। अगर सुविधाओं की बात की जाए तो गावों में शहरों की अपेक्षा कम सुविधाएं होती हैं। चाहे वह शिक्षा हो या फिर रोजगार या फिर स्वास्थ्य सभी प्रकार की सुविधाएं शहरों के मुकाबले काफी कम मात्रा में प्राप्त होती हैं।
भारत की आधी से ज्यादा आबादी गांवों में निवास करती हैं। अगर भारतीय समाज के परिपेक्षय में देखा जाए तो भारत भी दो परिप्रेक्ष्‍य में बंटा हुआ हैं । एक ग्रामीण परिवेश दूसरा शहरी परिवेश। भारत में गांवों का अस्तित्व वैदिक युग के दौरान या फिर कहें कि मौर्य के शोसनकाल के दौरान देखने को मिलता हैं। मौर्य राजवंश ३२३ ई पूर्व के दौरान राजा चंद्रगुप्त मौर्य के द्वारा स्थापित किया गया। उस समय भारतीय सामाजिक व्यवस्था राज्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी। समय के साथ साथ जब भारत में मुगलों का अगमन हुआ ततो भारतीय गांवों का सामाजिक रूप काफी बदल गया। लेकिन फिर भी ग्रामीण परिवेश में एक प्रकार की जमीनी जुड़ाव देखा गया जहां मुस्लिम व हिन्दू संस्कृति की मिलावट व भाईचारा देखा जाता रहा। लेकिन समय के साथ साथ जब भारत में ब्रिटिश का आगम हुआ तो भारतीय ग्रामीण परिवेश ने तेजी से आधुनिकता को अपनाना शुरू कर दिया। गांवों में ट्रेनों और अन्य ऑटोमोबाइल आदि शाुरू होने से भारतीय गांवों की परिवहन व्यवस्था में तेजी से विकास हुआ जिसका असर गांवों के निवासियों के जीवन में भी देखा जा सकता था। ब्रिटिश काल के दौरान ही भारतीय ग्रामीण परिवेश राजनीतिक रूप से भी जागरूक होनेे लगा जिससे उनकी सहभागिता राजनीति में बढऩे लगी। काफी लंबे समय से कृषि पर निर्भर करने वाले ग्रामीण लोग ब्रिटिश काल आने के पश्चात कुछ कुछ उद्योगों की तरफ आकर्षित होने लगे। हालांकि इनकी संख्या काफी कम थी लेकिन लोगों में जागरूकता बढऩे लगी। यातायात की व्यवस्था होने से लोगों ने रोजगार के लिए गांवों से शहरों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया। ब्रिटिश काल से पहले शिक्षा पर ब्राह्मण का कब्जा था लेकिन लोगों में जागरूकता बढऩे से अन्य वर्ग भी शिक्षा के लिए प्रयास करने लगा जो कि बहुत बड़ा परिवर्तन था भारतीय समाज में । वहीं से भारतीय समाज में बदलाव की शुरूआत हुई जो कि आज भारतीय गांवों को आज लगभग एक छोटे कस्बे के रूप में लाकर हमारे सामने खड़ा कर दिया हैं।

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जोधपुर एम्स (AIIMS jodhpur) आने वालों को अब नहीं करना होगा इस समस्यां का सामना

जल्द ही बिल्डिंग का निर्माण कार्य होगा शुरू

जोधपुर। जोधपुर एम्स में अपने मरीजों को लेकर जाने वाले लोगों को अब रात गुजारने के लिए परेशान नहीं होना होगा। जल्द ही जोधपुर एम्स के सामने जाट भवन का निर्माण किया जाएगा जिससे एम्स में आने वाले जाट समाज बंधुओ ओर अन्य समाज के लोगों को रात बिताने के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना होगा। हाल ही में जाट समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने जोधपुर एम्स के सामने लगभग 1986 वर्ग गज का भूखण्ड खरीदा है।
जानकारी के अनुसार जाट समाज के गणमान्य लोगों ने समाज हित के लिए इस जमीन को खरीदा हैं। हर रोज हजारों लोग जोधपुर एम्स में अपनी बीमारी के ईलाज के संबंध में आते है लेकिन आस पास रहने की कोई उचित व्यवस्था नहीं हैं। अमीर लोग तो आस पास के होटलों में किसी तरह अपने रहने के लिए जगह ले लेते है लेकिन गरीब लोग अपनी रात खुले आसमान के नीचे बिताते हैं जिसके कारण कई बार बीमार के साथ आए हुए लोग भी बीमार हो जाते हैं। लेकिन आशा है कि इस समस्यां से जल्द ही निजात मिल सकती हैं। इस मौके पर जाट समाज के गणमान्य व्यक्तियों में पूर्व सांसद श्रीमान् बद्रीराम जाखड़, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पीसीसी सदस्य मोतीराम बैरु,पूर्व प्रधान लूणी शैलाराम सारण, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पोकर राम डऊकिया वकील साब, मुकनाराम सारण ठेकेदार साब, छैलाराम मुण्डन ठेकेदार एमसीसी, मोहनराम जाखड़ जाखड़ ट्रेवल्स, चम्पालाल सारण पूर्व सरपंच, प्रकाश बेनीवाल प्रदेशाध्यक्ष आदर्श जाट महासभा, ओमाराम सांई ठेकेदार , मुलाराम जी पोटलिया उद्योगपति ,मांगीलाल गोदारा हरि मोटर्स एवं पदमाराम जी जाखड़ शिक्षा अधिकारी सहित समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर आए हुए सभी लोगों ने सेठ बाबूलाल जी का भी धन्यवाद किया क्योंकि उन्होंने अपनी जमीन बाजार कीमत से कम दाम पर बेच कर समाज सेवा में अपना भी योगदान दिया हैं।
जोधपुर एम्स के लिए जाट समाज ने अपील की है कि जमीन तो मिल चुकी है लेकिन उस पर बिल्डिंग बनाने का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। यह कार्य धर्म के लिए है इस लिए सभी से अपील है कि वे तन, मन, ओर धन से इस कार्य में सहयोग करें। जोधपुर एम्स में ना जाने कहां कहां से लोग अपन ईलाज के लिए आते है अगर उन्हें इस अवसर पर रहने की परेशानी का सामना ना करना पड़े तो उनकी काफी समस्याओं का हल हो सकता हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए जल्द ही बिल्डिंग का निर्माण कराया जाएगा।