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Hema malini ने क्‍यों कहा लोगों को विधायक के पास जाने को
सांसद हेमा मालिनी लोगों से बातचीत करते हुए
हेमा मालिनी एक संवाददाता सम्‍मेलन को दौरान संबाेधित करते हुए

हेमा मालिनी सांसद के तौर पर करना चाहती है कुछ बडा काम

Hema malini मथुरा । सांसद Hema malini ने कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर लोगों को प्रधान या विधायक के पास जाना चाहिए, मैं कुछ बड़ा करना चाहती हूं। उन्होंने कहा कि मैं यहां विकास के ऐसे काम करना चाहती हूं जिनसे नाम हो और आने वाले समय में लोगों को ये विकास कार्य दिखाई भी दें। उन्होंने कहा कि मेरे सांसद बनने के बाद शहरी क्षेत्र बहुत अच्छा हो गया है और हर कोई इसकी तारीफ कर रहा है। कुछ समस्याएं ऐसी हैं जिनको लेकर गांववालों को प्रधान से मिलना चाहिए। कई काम ऐसे हैं जो प्रधान कर सकता है, लेकिन वे सिर्फ मेरे पास आते हैं। Hema malini ने कहा कि वह बडे स्‍तर पर कार्य कर रही है लोगों को समझना होगा । अगर वह छोटे मोटे कार्यों में उलझी रही तो क्षेत्र के लिए वह कार्य नहीं कर पाएगी जिसका उन्‍होंने लक्ष्‍य तय किया है।

सांसद के तौर पर करना चाहती है काम हेमा मालिनी

मैं भी उनसे पूछती हूं कि कुछ काम प्रधान कर सकता है नहीं तो एमएलए कर सकता है। मैं यहां सांसद बनी हूं तो मैं चाहती हूं कि मथुरा के विकास के बहुत बड़े काम करूं, नहीं तो हम सिर्फ नाला बनाते रहेंगे और वह तो एक साल के अंदर खराब हो जाएगा। इससे कुछ नाम नहीं होगा। आने वाले 4 साल के अंदर हम ऐसे काम करना चाहते हैं कि ताकि लोग हमेशा याद रखें। प्रदेश के आम बजट में मथुरा-वृन्दावन को स्मार्ट सिटी में शामिल किए जाने पर सांसद हेमा मालिनी ने मुख्यमंत्री योगी को धन्यवाद देते हुए कहा कि शहर का विकास ऐसा हो जिससे कल लोग पूछें कि हेमा मालिनी सांसद थीं उन्होंने यहां क्या-क्या किया तो यह दिखना भी चाहिए।

मथुरा से है दूसरी बार बनी है हेमा मालिनी सांसद

आपको बता दें कि हेमा मालिनी मथुरा से सांसद है। 2.90 लाख मत से जीत हासिल करके हेमामालिनी दोबारा से मथुरा की सांसद बनी। 2014 में भी हेमा मालिनी ने यहां से जीत हासिल की थी। चुनाव के दौरान हेमा के कई वीडियों सामने आए एवं चुनाव में प्रमुख सीटों में हेमा मालिनी की सीट की भी गिनती की जाती थी । हेमा मालिनी धर्मेंद्र से शादी के बाद एक जाटणी हो गई ।

Nizam के पैसों से जुडे मामले में भारत की जीत, पाक भी देगा भारत 26 करोड़
हैदराबाद के निजाम
india win to pakistan

लंदन । हैदराबाद के Nizam के पैसों से जुड़े एक 70 साल पुराने मामले में आखिरकार भारत के पक्ष में आ गया है। लंदन के एक बैंक में करीब 7 दशक से कई सौ करोड़ रुपये फंसे हुए थे। अब ब्रिटेन में भारतीय दूतावास को लाखों पाउंड अपने हिस्से के तौर पर मिले हैं। इसके अलावा pakistan को भी india को 26 करोड़ देने पड़े हैं। यह रकम भारत द्वारा इस केस को लड़ने में खर्च पैसे का 65 फीसदी है। लंदन में भारत सरकार के अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि ब्रिटेन में हाईकमीशन को 35 मिलियन पाउंड (325करोड़) अपने हिस्से के तौर पर मिले हैं। यह रकम 20 सितंबर 1948 से नैशनल वेस्टमिंस्टर बैंक अकाउंट में 20 सितंबर 1948 से फंसा हुआ था। दरअसल पाकिस्तान ने भी इस पैसे पर अपना दावा किया था। लेकिन अब हार के बाद उस 26 करोड़ देना पड़ रहा है। पिछले साल अक्टूबर में हाईकोर्ट ने india और मुकर्रम जाह (हैदराबाद के 8वें निजाम) के पक्ष में फैसला सुनाया था।

मुकर्रम और उनके छोटे भाई मुफ्फखम जाह पाकिस्तान के खिलाफ लंदन हाईकोर्ट में पिछले 6 साल से यह मुकदमा लड़ रहे हैं। बैंक ने पहले ही यह पैसा कोर्ट को ट्रांसफर कर दिया था। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान ने भी भारत सरकार को 2.8 मिलियन (करीब 26 करोड़ रुपये) चुकाए हैं। यह भारत द्वारा लंदन हाईकोर्ट में इस केस पर आई 65 फीसदी कानूनी लागत है। बाकी बची हई लागत जो भारत ने खुद भरी है,उस पर अभी बातचीत चल रहा है। लंदन में एक डिप्लोमेट ने कहा, खबर है कि पाकिस्तान ने पूरा पैसा चुका दिया है।

8वें निजाम के वकील ने बताया कि उनके क्लाइंट अपने हिस्से का पैसा और केस को लड़ने में लगा 65 फीसदी खर्च भी मिल गया है। बता दें कि भारत के मिले 35 मिलियन (325करोड़) काफी बड़ी रकम मानी जा रही है। अब यह पैसा नई दिल्ली को भेज दिया जाएगा। 70 साल पुराना विवाद 1 मिलियन पाउंड और 1 गिन्नी का है जो 20 सितंबर, 1948 को हैदराबाद सरकार को तत्कालीन वित्त मंत्री मॉइन नवाज जंग ने भेजा। इसके बाद यह पैसा हैदराबाद राज्य के तत्कालीन वित्त मंत्री ने ब्रिटेन में तत्कालीन पाक हाई कमिश्नर हबीब इब्राहिम रहीमटूला को ट्रांसफर हुई। यह वाक्या हैदाराबाद राज्य को अपने कब्जे में लेने के समय हुआ। तब से अब तक यह रकम बढ़कर 35 मिलियन पाउंड हो गई है। भारत ने इस पैसे पर यह कहते हुए दावा किया कि 1965 में निजाम ने यह पैसा भारत को दिया था।

17 वर्षीय जाटणी जानिये किसकी तरह बनना चाहती है
sonam malik

नई दिल्ली delhi news । विश्व कैडेट चैंपियन सोनम मलिक (sonam malik) देश का लक्ष्य महिला पहलवान विनेश फोगाट की तरह सफलता हासिल करना है। सोनम sonam vinesh को अपना आदर्श मानती हैं और उन्हीं के जैसे बनना चाहती है।

सोनम मलिक ने साक्षी मलिक को हराकर टाईम लाईन में आई थी

17 वर्षीय sonam malik का मानना है कि विनेश सबसे ज्यादा अच्छी पहलवान हैं। सोनम ने हाल ही में ट्रायल मुकाबले में sakshi malik को हराकर सबको हैरान कर दिया था। सोनम ने कहा, मैं 62 किग्रा वर्ग में उतरती हूं जो साक्षी का वजन वर्ग है। मुझे मालूम था कि मेरा एक ना एक दिन उनसे मुकाबला होना है इसलिए मैं इस चुनौती के लिए पहले से ही हमेशा तैयार थी। सोनम के कोच अजमेर का मानना है कि उसमें ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने की क्षमताएं। सोनम ने कहा कि उनके पिता कुश्ती लड़ते थे, इसलिए उन्होंने कुश्ती में उतरने का फैसला किया। उनके पिता राजेंद्र ने कहा कि महिला कुश्ती में बहुत कुछ बदल चुका है और लोगों की सोच भी बदली है। इससे इस क्षेत्र में भी अब तेजी से प्रतिभाएं उभर रही हैं।

जानिये गणतंत्र दिवस पर बहालगढ में क्या हुआ
भागवत ज्‍योति फ्री संस्‍था केन्‍द्र के स्‍टाफ
  • संस्था की अध्यक्षा ममता ने किया सबका धन्यवाद
  • भारी संख्या में गणमान्य लोगों ने की शिरकत
  • बच्चों की प्रतिभा देख कर सब हुए हैरान

नई दिल्ली, बहालगढ़ bahalgarh sonipat। बहालगढ़ में भागवत ज्योति फ्री संस्था केन्द्र (bhagwat jyoti free sanstha ) ने गणतंत्र दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया । इस अवसर पर भारी संख्या में गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की। इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर विधायक मोहन लाल बड़ौली, नरेन्द्र धीमान आदि गणमान्य लोगों ने शिरकत की। सांस्कृति कार्यक्रम में बच्चों ने नृत्य, कविता, गाना, नाटक आदि की भव्य प्रस्तुति दी। bhagwat jyoti free sanstha

क्या कहा विधायक मोहन लाल बड़ौली ने

विधायक का सम्‍मान करते हुए संस्‍था के सदस्‍य


इस मौके पर विधायक मोहन लाल बड़ौली ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन काबिले तारीफ है। सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों की प्रतिभा को निखारने का एक सुनहरा माध्यम है। बच्चों के द्वारा प्रस्तुति विभिन्न कार्यक्रमों से उनका हौसला बढ़ता है जो कि आने वाले भविष्य में उनके उज्जवल जीवन के लिए आधार का कार्य करता है।

क्या कहा मनीष आर्या ने

संस्‍था के सदस्‍यों के साथा एक ग्रुप फोटो

इस मौके पर मनीषा आर्या ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि बहालगढ में विभिन्न संस्थाओं के काफी कार्यक्रम हुए है लेकिन जिस प्रकार से भव्य कार्यक्रम भागवत ज्योति फ्री संस्था के द्वारा किया गया है यह काबिले तारीफ है। इसके अलावा भी हमें जानकारी हुई है कि यह संस्था क्षेत्र में काफी सराहनीय कार्य कर रही है। किसी भी क्षेत्र में इस प्रकार की संस्थाओं का होना अतिआवश्यक है। हमें खुशी है कि भागवत ज्योति फ्री संस्था केन्द्र ने दिल्ली जैसे स्थानों पर कार्य करने के बाद बहालगढ को चुना।

क्या कहा संस्था की अध्यक्षा ममता ने

एक बच्‍चे को सम्‍मानित करते हुए ममता साथ में मनीषा

इसके अलावा इस अवसर पर संस्था की अध्यक्ष ममता ने कहा कि आज के कार्यक्रम की सफलता देख कर हमें खुशी है कि जो सपना हमने बहालगढ आने से पहले देखा था वह साकार हो रहा है। यह सब आपके प्यार से ही संभव है। हमने कोशिश की है कि हम महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं । जो कि आप सभी के सहयोग से ही संभव है। ममता ने आए हुए सभी लोगों को आश्वासन दिया कि वे अपने संस्था के सदस्यों के साथ हर संभव प्रयास करेगी जिससे महिलाओं को उन्नति के रास्ते पर लेकर जाया जा सके। इस मौके पर हरीश सैनी, राकेश गौतम, मनीष आर्या, मनीषा, मोनू, जोगेन्द्र, ज्योति, शिल्पा, पूजा, मीनाक्षी, ललिता, मीना, सीमा, रूबी, विकास पंडित, शारूख, अंकित, विकास, आदि गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की।

बच्‍चे को सम्‍मानित करते हुए हरीश सैनी
कार्यक्रम के दौरान की एक झलक
चार पीढी के बाद पांचवी पीढी ने भी रखा प्रशासनिक सेवा में कदम
ias jagdeep singh son posted as hcs
विश्वजीसिंह श्योराण अपनी बहन गौरी के साथ

प्रशासनिक के बाद राजनीतिक सेवा का रहा है इतिहास

नई दिल्ली। आज के इस दौर में जहां सरकारी जॉब पाने के लिए नौजवान अपनी पूरा सामर्थ्‍य लगा देते है फिर भी अंदेशा बना रहता है कि उन्हें सरकारी जॉब मिले या ना मिले लेकिन वहीं आपको एक ऐसा परिवार मिले जिसकी चार पीढियां सरकारी जॉब में बनी हुई हैं। चारों पीढियां ए ग्रेड की नौकरी पाने में सफल रही है। यह परिवार है हरियाणा के पूर्व शिक्ष मंत्री बहादुर सिंह का। बहादुर सिंह के पोते विश्वजीसिंह श्योराण ने भी अपने पूर्वजों की न क् शे कदम पर चलते हुए एचसीएस बने है। विश्वजीत सिंह के परदादा सरकारी जॉब में थे उसके बाद अपनी मेहनत के बल पर ही दाद, पिता और चाचा के बाद अब विश्वजीत सिंह ने अपने परिवार की परंपरा को बरकरार रखते हुए एचसीएस में अपना नाम दर्ज कराया है।

परिवार में पहले से है कई उच्‍च प्रशासनिक अधिकारी


इस परिवार में विश्वीत के परदादा रामनारायण श्योराण आईएएस बने। जिसके बाद विश्वजीत के दादा बहादुर सिंह ने भी एचसीएस में अपनी सेवा देने के बाद राजनीति का रास्ता अपनाया और प्रदेश में शिक्षा मंत्री के पद पर कार्य करते हुए शिक्षा जगत के विकास के लिए कार्य किया। उसके बाद विश्वजीत के पिता जगदप ने वर्ष १९९३ में एचसीएस की परीक्षा पास कर अपे पिता व दादा की विरासत को बरकरार रखा। वे आज एक आईएएस है। अपने भाई से प्रेरणा लेकर विश्वजीत के चाचा ने भी संदीप सिंह ने भी एचसीएस पास की। ओर अपने पिता के नक् शे कदम पर चलते हुए महेन्द्रगढ सीट से विधानसभा का चुनाव लडा लेकिन हार का सामना करना पड़ा ।
आपको बता दें कि विश्वजीत पिछले तीन साल से आईएएस की तैयारी कर रहा था। इसी बीच उसने एचसीएस की परीक्षा भी दी जिसमें उसकाचयन हो गया। विश्वजीत एलएलबी तक पढाई की है। अगर हम बात करें विश्श्वजीत की बहन की तो वह भी अपने भाई से किसी भी तरह कम नहीं है। उसने भी अपने परिवार के नक् शे कदम पर चलते हुए कार्य किए है। लेकिन यह कार्य उसने राष्ट्रीय स्तर पर ना कर के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए है अब आप सोच रहे होगे ऐसा क्या किया तो हम आपको बताते है कि विश्वजीत की बहन गौरी श्योराण एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटर है जिसने कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में गोल्ड व अन्य मेडल जीते हैं।

Vishwajeet Singh Sheoran Became Hcs Officer

love story एक जाट की सच्ची प्रेम कहानी- प्यार प्यार होता है ओर शादी शादी

राजस्थान के सीकर जिले के जाट भाई की एक सच्ची प्रेम कहानी love story

valentine week

राजेश (काल्पनिक नाम) है। यह कहानी राजेश की love story है। राजेश राजस्थान के सीकर जिले से हूं। 24 मार्च 2013 को मुईनुद्दीन चिस्ती के शहर अजमेर में मेरी जेलपहरी की परीक्षा थी। मैं और मेरा बड़ा भाई जो मुझ से एक बरस ही बड़ा है । दोनों ने परीक्षा दी और हम ट्रेन से अजमेर से अगले स्टेशन फुलेरा के लिए रवाना हुए ।

हमने अगले स्टेशन फुलेरा में ट्रेन बदली मेरे शहर सीकर के लिए। परीक्षा थी इस कारण ट्रेन पूरी तरह भरी हुई थी। ज़्यादातर ट्रेन में लड़के ही थे। मेरे ट्रेन के डिब्बे में चार लड़कियाँ आकर बैठ गई। मैं और मेरा भाई ट्रेन कि ऊपर की बर्थ पर बैठे थे। मेरी लड़कियों को घूरने की आदत नहीं इसलिए में अपने कानों में इयर फोन डाल के मेरे फोन NOKIA N72 में गाने सुन रहा था। love story

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ट्रेन के डिब्बे में काफ़ी हल्ला हो रहा था क्योंकि ट्रेन लड़कों से भरी हुई थी और ट्रेन के डिब्बे में चार लड़कियाँ हो और लड़के हो हल्ला ना करें यह हो ही नहीं सकता इसलिए मैंने सोचा इनकी फ़ालतू की बातें सुनने से अच्छा इयर फोन लगाके गाने सुन लूँ ।

लेकिन एक लड़की जो आँखों पे चश्मा लगाये ठीक मेरे सामने नीचे की सीट पर बैठीं थी लगातार मुझे घूरे जा रही थी । मैंं अपनी मस्ती में था मुझे नहीं पता वो मुझे घूर रही हैं । मेरा भाई जो मेरे पास ही बैठा था उसने मुझे धीरे से कोहनी मारी और कहा नीचे देख वो लड़की जब से आकर बैठी है तुझे ही देख रही हैं । और सारे डिब्बे के लड़के उसे देख रहे हैं।

मैंने जब उसे पहली बार देखा वो एक टक होकर मुस्कुराते हुए मुझे देख रही थी मैंने भी उसे एकटक होकर देखने की कोशिश की लेकिन में भोला शर्मिला छोरा ज़्यादा देर तक ऐसा नहीं कर पाया।

लेकिन में बार-बार उसे देख रहा था। कुछ समय बाद में उसने इशारे में नम्बर माँगे। मेरा दिल उस समय एक मिनट में जैसे 120 बार धड़क रहा हो ऐसा प्रतीत हो रहा था।

मैंं सोच रहा था कि इसे नम्बर कैसे दूँ। साथ में बैठी लड़कियों को पता चल जाएगा ट्रेन में बैठे लड़कों को पता चल जाएगा तो क्या होगा लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी पिछली ट्रेन जिससे में आया था उसकी टिकट मेरी ऊपरी जेब में थी । एग्ज़ाम देकर आया था इसलिए पेन तो था ही मेरे पास । मैंने टिकट के पीछे जहां नम्बर लिखने का कॉलम भी होता हैं ।

उसमे नम्बर लिखे और उस टिकट को गोल कर के उसकी तरफ़ देखने लगा कि कब वो मुझे इशारा करे ओर मैं उसकी ओर टिकट पर लिख नम्बर फैंक सकूं। इस दौरान मैं बुरी तरह कांप रहा था। लेकिन जैसे ही उसने मुझे इशारा किया मैंने तुरंत ही टिकट को उसकी ओर फैंक दिया ओर उसने भी जल्दी से टिकट उठा कर अपने पर्स में रख लिया।

लेकिन इस दौरान ट्रेन में बैठे कुछ लड़के मुझे टिकट फैंकते देख लिया। अब इसके बाद हल्ला ना हो ऐसा तो हो नहीं सकता तो पूरी ट्रेन में लड़कों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया लेकिन गनीमत रही के थोड़ी देर बाद उस लड़की का स्टेशन आ गया। उसने मुझे ट्रेन से उतरते हुए मुस्कराते हुए देखा ओर ट्रेन से उतर गई। लड़के अब भी तरह तरह के कमेंट्स कर रहे थे। मैं बहुत खुश था।

उसी शाम को मैं अपने घर पहुंच गया। उसी शाम को 7 बजे के आस पास उसका फोन आया मैं तो इसी इंतजार में था जैसे ही मैंने अनजाना नंबर देखा मेरी धड़कने बहुत बढ गई जैसे ही मैंने फोन उठाया तो दूसरी ओर एक लड़की की आवाज आई। उसने अपना नाम राबिया बताया। वो मुस्लिम थी और मैं हिन्दू जाट। लेकिन कहते है ना प्यार में सब जायज है।

लेकिन मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था कि मेरा नम्बर एक लड़की ने मांगा लेकिन फिर अचानक उसे सवाल किया आपने उन लड़कों को हो हल्ला करने से क्यों नहीं रोका ? मेरा जवाब था क्या वो मेरे कहने से रूक जाते । लेकिन मेरे इस जवाब से वह असंतुष्ट दिखी।

उस दिन कुछ ज्यादा बाते नहीं हुई बस क्या करते हो, पेपर कैसा रहा भविष्य में क्या करने का प्लान है नॉर्मल बाते हुई ओर फोन रख दिया गया। उस दिन के बाद फिर उसका एक हफ्ते के बाद कॉल आया। मैंने इस बार हैलो बोलते ही मैंने सवाल किया इतने दिन फोन क्यों नहीं किया।

लेकिन उधर से जो जवाब आया मैं उसके लिए तैयार नहीं था ओर ना ही मुझे आशा थी। उसने एक क्षण के मौन के बाद जवाब दिया मेरी शादी थी। इस बार मौन होने की बारी मेरी थी। उसने बताया कि जब ट्रेन में मुलाकात हुई तो वह अपनी बहनों के साथ शादी की शॉपिंक करने के लिए गए हुए थे।

उसकी बाते सुन कर मैंने उससे पूछा तुम्हारी शादी थी तो मुझ से फोन नम्बर क्यों लिया। क्या तुम मुझ से प्यार करने लगी थी। उसका जवाब था। शादी-शादी होती है और प्यार प्यार।

फिर मेरी ओर उसकी प्रेम कहानी कभी मोबाईल से आगे नहीं बढ़ पाई उस दिन के बाद लगभग तीन महीने के बाद उसका फोन फिर आया उसने बताया कि वह अपनी ससुराल भीलवाड़ा जा रही है। मेरे शहर से लगभग 4०० किलोमीटर दूर। फिर उसके बाद हमारी कभी बात नहीं हुई।
मैं अब भी सोचता हूं कि आखिर वह क्या था। क्या सच है कि आखिर प्यार प्यार love होता है ओर शादी शादी।

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सैमसंग का शानदार आफर, तीन कैमरे वाले दो स्मार्टफोन हुए सस्ते

गैलेक्सी ए50एस और गैलेक्सी ए30एस

नई दिल्ली । samsung mobile मशहूर मोबाइल कंपनी सैमसंग के दो स्मार्टफोन की कीमत में भारी कटौती हो गई है। कंपनी के दो पॉपुलर फोन गैलेक्सी ए50एस और गैलेक्सी ए30एस को पहले से कम कीमत में खरीदा जा सकता है। आइए जानते हैं किस फोन की कितनी कम हुई कीमत। सैमसंग गैलेक्सी ए50एस को भारत में 22,999 रुपये की कीमत में लॉन्च किया गया था, लेकिन कटौती के बाद इस फोन के 4 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को सिर्फ 19,999 रुपये में घर लाया जा सकता है। यानी कि सैमसंग गैलेक्सी ए50एस की कीमत में 3,000 रुपये की कटौती की गई है। दूसरी तरफ गैलेक्सी ए50एस के 6 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की बात करें तो अब इस फोन को 24,999 रुपये के बजाय 21,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। फोन में 6.4 इंच का फुल-एचडी प्लस (1080×2340 पिक्सल) इनफिनिटी यू सुपर एमोलेड डिस्प्ले है। सैमसंग के इस फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन में 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरे के साथ 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा-वाइड एंगल सेंसर और 5 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर दिया गया है। फोन में 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है। कंपनी के दूसरे फोव गैलेक्सी ए30एस के 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत में कटौती के बाद इसे 15,999 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। इस फोन को सैमसंग नें 16,999 रुपये की कीमत में लॉन्च किया था। इस फोन में 6.4 इंच का एचडी+ (720×1560 पिक्सल) इनफिनिटी वी सुपर एमोलोल्ड डिस्प्ले दिया गया है। कैमरा सेटअप की बात करें तो सैमसंग गैलेक्सी ए30एस में रियर पर तीन कैमरा है। प्राइमरी सेंसर 25 मेगापिक्सल, दूसरा 8 मेगापिक्सल और 5 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। सेल्फी के लिए सैमसंग गैलेक्सी ए30एस में 16 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा दिया गया है।

राम जन्‍मभूमि पर फैसला आज

Babri Masjid-Ayodhya Ram Mandir Case Verdict

अयोध्या । ram janam bhumi अयोध्या विवाद को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आने से पहले राम की नगरी अयोध्या छावनी में तब्दील हो गयी है। जमीन से आसमान तक पुलिस की निगरानी के इंतजाम किये गये है। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी की गयी है कि शहर के हर चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाये गये है और आसमान से द्रोण कैमरे चप्पे चप्पे पर नजर रखें हुये है। इस बीच सरकार ने अपर पुलिस महानिदेषक (एडीजी) आषुतोष पाण्डेय को अयोध्या की सुरक्षा का प्रभारी बनाया है। पाण्डेय वर्तमान में एडीजी अभियोजन के पद पर तैनात हैं। पाण्डेय पूर्व में अयोध्या के पुलिस कप्तान रह चुके हैं।
वहीं अयोध्या में सुरक्षा के लिये 60 कंपनी पीएसी और पैरामिलेट्री फोर्स तैनात की गयी है। इसमें 15 कंपनी पीएसी, 15 कंपनी सीआरपीएफ और 10 कंपनी आरएएफ हाल में अयोध्या आयी है जबकि 20 कंपनी पीएसी पहले से ही यहां तैनात थी। इसके अलावा दूसरे जनपदों से आये सुरक्षाकर्मियों में 1500 सिपाही, 250 सब इंस्पेक्टर, 150 इंस्पेक्टर, 20 डिप्टी एसपी, 11 एडिशनल एसपी तथा दो एसपी तैनात किये गये हैं। जबकि अयोध्या के विभिन्न थानों में तैनात सुरक्षा बल तो पहले से ही यहां पर है। इसके अलावा आसमान से निगरानी के लिये 10 कैमरे युक्त द्रोण लगाये गये है जबकि शहर के सभी 30 चैराहों पर सीसीटीवी लगाये गये है। इनको मानीटर करने के लिये एक चैबीसों घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जहां पुलिस के जवान राउंड द क्लाक तैनात रहेंगे। इसके अलावा उप्र सरकार ने एक हेलीकाप्टर भी अयोध्या में अगले आदेश तक रखने के निर्देश दिये है ताकि किसी आपात स्थिति में उसकी सेवायें ली जा सकें।
जिस स्थान पर रामलला विराजमान है उसके आसपास के इलाके को ‘यलो जोनÓ बनाया है और वहां पर बैरिकेटिंग कर सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया है। इस इलाके में राम लला के दर्शन करने जा रहे लोगों की गहन जांच की जा रही है और हर व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पूरे अयोध्या शहर को तीन जोन, 31 सेक्टर और 35 सब सेक्टर में बांटा गया है। रामलला के दर्शन के लिये अधिक लोगो के आ जाने पर शहर के बाहर होल्डिंग एरिया बनाया गया है, जहां दर्शनार्थियों के जत्थो को रोका जायेगा और उन्हें टुकडिय़ों में दर्शन करने के लिये भेजा जायेगा ताकि भारी भीड. एकदम से अयोध्या में प्रवेश न करने पायें। शहर के बाहर पार्किंग के लिये भी कई स्थान चिन्हित किये गये है ताकि बाहर से आने वाले वाहनों को वहां रोका जा सकें और वहां से श्रध्दालुओं को पैदल दर्शन करने के लिये भेजा जा सकें। फिलहाल अयोध्या में रामलला के दर्शनों के आने पर कोई रोक नही है और रोजाना हजारों की तादाद में श्रद्धालु दर्शन करने आ रहे हैं। वहीं चैदहकोसी एवं पंचकोसी परिक्रमा सकुषल निपट गयी है। अब कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर भी अयोध्या में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे।

update babri masjid case

जानिये कब होगी आईपीएल के खिलाडिय़ों की नीलामी

कितनी बढ़ी आईपीएल टीम के नीलामी की राशि

IPL 2020 AUCTION Date, Venue and salary purse

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) IPL के अगले सत्र के लिए खिलाडिय़ों के नीलामी की तारीख तय हो चुकी हैं। इस संबंध में आईपीएल की संचालन परिषद ने एक बैठक के दौरान जानकारी दी के आईपीएल की पहली बार नीलामी का स्थान कोलकाता रखा गया हैं। जबकि पहले नीलामी कार्यक्रम के लिए बेंगलुरू में तय किया जाता था। इसके अलाया यह भी बताया गया कि जहां पहले फ्रैंचाइजी के तौर पर 2019 में एक टीम को 82 करोड़ रुपए आवंटित किए जाते थे वहीं इस बार यह राशि बढ़ा कर 85 करोड़ रुपए प्रति टीम कर दी गई हैं। इसके अलावा भी तीन करोड़ रुपए अतिरिक्त के तौर पर टीम के पास रहेंगे।

इसके अतिरिक्त तीन करोड़ रुपये अतिरिक्त हर टीम के पास होंगे। दिल्ली कैपिटल्स के पास 7.7 करोड़, राजस्थान रॉयल्स के पास 7.15 करोड़ और केकेआर के पास 6.05 करोड़ रुपये का बैलेंस है। आईपीएल 2020 की नीलामी से पहले टीमों के पास शेष राशि: चेन्नै सुपर किंग्स : 3.2 करोड़ रुपये, दिल्ली कैपिटल्स : 7.7 करोड़ रुपये, किंग्स इलेवन पंजाब : 3.7 करोड़ रुपये, कोलकाता नाइट राइडर्स : 6.05 करोड़ रुपये, मुंबई इंडियंस : 3.55 करोड़ रुपये, राजस्थान रॉयल्स : 7.15 करोड़ रुपये, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर : 1.80 करोड़ रुपये, सनराइजर्स हैदराबाद : 5.30 करोड़ रुपये हैं।