Jat Pariwar

समाज के लिए एक प्रयास, आईये आप भी जुडिये हमारे साथ

नरेला में रामनवमी पर हुआ लववंशीय महा सम्मेलन

नई दिल्ली, जाट परिवार मैगजीन। बाहरी दिल्ली के नरेला में स्थित कंफर्ट जोन में राम नवमी के अवसर पर लववंशीय महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर श्रीराम का जन्मोत्सव व रामनवमी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।

विभिन्न राज्यों से लववंशीय लोगों ने कार्यक्रम में लिया भाग

समारोह में दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, राजस्थान व उत्तर भारत के राज्यों से भारी संख्या में लववंशीय लोग शामिल रहे। सभी ने कार्यक्रम में शिकरत कर अपने विचार रखे व कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

समाज के प्रतिभावान बच्चों व लोगों को सम्मानित किया गया

कार्यक्रम के दौरान लववंशीय समाज के उन लोगों को सम्मानित किया गया जिन्होंने खेल, शिक्षा, नौकरी आदि स्तर पर जिला, राज्य, व राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समाज का नाम रोशन किया।

अनवरत जलती है राम नाम की ज्योति

धर्मबीर खत्री ने बताया कि लववंशीय लोगों द्वारा लगातार राम नाम की ज्योति अनवरत जलाई जाती है। समय समय पर यह एक जगह से दूसरी जगह भेजी जाती है। इस बार यह जिम्मेवारी नरेला के हिस्से में आई है। अब एक साल तक यह ज्योति नरेला लववंशीयों द्वारा प्रवज्जलित की जाएगी। इस बार कार्यक्रम की बागडोर नरेला को सौंपी गई है जो कि हमारे लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने यह भी बताया कि खास बात ये है कि श्री राम के नाम की ज्योति अनवरत जलती रहती है।

संजय खत्री ने बताया कि

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए भारी संख्या में लववंशीय लोगों ने शिरकत की है। इस अवसर पर उन्होंने आए हुए सभी लोगों को धन्यवाद करते हुए इसी प्रकार से मिलजुलकर समाज के विकास के लिए आगे बढने की कामना की।

गणमान्य लोगों ने बताया लववंशीय जाटों का इतिहास

इस अवसर पर बताया गया कि रामचन्द्र जी के दो पुत्र थे एक लव और दूसरा कुश। लोहरा/ लौर गोत्र और लोरस क्षत्रिय (खत्री) गोत्र लववंशी क्षत्रिय जाटों में गिने जाते है। लौर और खत्री एक ही गोत्र है। यही कारण है कि ये दोनों गोत्रों में एक दूसरे में शादी नहीं की जाती है। बदलते समय के साथ लववंशी क्षत्रिय जाटों को लौह, लोह कहने लगे। लोह का अर्थ होता है लोहे के समान बलशाली और ताकतवर। इस वंश के लोगों को ताकतवर और बलशाली माना जाता है। अन्य जाटों के मुकाबले इनकी कद और काठी ज्यादा ताकतवर और ज्यादा मजबूत होती है। समय बदलता रहा और सके के साथ शब्दों के बिगडऩे और क्षेत्र पर बोली के प्रभाव के कारण यह लोग लौह से लौर कहने लगे। कुछ लोग लोहरा, लौरा लोह्काना आदि भी कहने लगते है।

खत्री शब्द अपभ्रंश के कारण ही प्रचलन में आया

जो जाट अपने को खत्री कहते है वह लववंशी क्षत्रिय जाट ही है। खत्री जाट पहले अपने आप को लववंशी क्षत्रीय जाट होने के कारण लोरस क्षत्रिय लिखते थे जो समय के साथ भाषा और बोली के कारण लौरस क्षत्रिय से खत्री हो गया। लौरस क्षत्रिय का अपभ्रंश ही खत्री है।

लववंशी क्षत्रिय जाट गोत्र के लगभग 300 से अधिक गांव

जानकारी के अनुसार लववंशी क्षत्रिय जाट गोत्र के लगभग 300 से अधिक गांव है । भाषा में अंतर के कारण कोई अपने को लौर लिखता है तो कोई लोहरा/ लौरा लिखता है औ जो लौरस क्षत्रिय लिखते थे वो जाट आज अपने को खत्री लिखते है।

कार्यक्रम में ये रहे शामिल

इस मौके पर अखिल भारतीय लववंशीय लौरस खत्री खाप नरेला के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी रणबीर खत्री, निगम पार्षद श्वेता खत्री, पूर्व निगम पार्षद राजकरण खत्री, प्रोफेसर रोहताष, दयानंद खत्री, चौधरी संतोष खत्री, धर्मबीर खत्री, संजय खत्री, रणधीर सिंह खत्री, रजनीश खत्री, निगम पार्षद दिनेश भारद्वाज, डॉ पीके खत्री, समेत हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

यह भी पढ़े – डबास जाट गोत्र का इतिहास history dabaj jaat

जाट महाकुंभ (jat mahakumbh) में क्या होगा जानिये

पांच मार्च को राजस्थान के जयपुर में होने वाले जाट महाकुंभ की तैयारियां पूरी हो चुकी है। पिछले कई महीनों से इसकी तैयारी की जा रही है। लगभग हर बड़े जाट नेता को इस संबंध में निमंत्रण पत्र दिया जा चुका है। अब देखना यह है कि यह जाट महाकुंभ कितना सफल रहता है लेकिन इतना तय है कि जयपुर में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस जाट महाकुंभ का काफी असर होगा।

जाट महाकुंभ jat mahakumbh

जाट महाकुंभ jat mahakumbh में इन विषयों पर होगा विचार

यह भी जाने- Jat Mahasabha जानिये दो जाट महासभा में अंतर


पांच मार्च 2023 को राजस्थान के जयपुर में आयोजित होने वाले इस जाट महाकुंभ में जाट समाज से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा लेकिन सबसे मुख्य मुद्दा होगा जाटों को आरक्षण दिलाना।

जाटों को ओबीसी में रखने की मांग काफी समय से चल रही है जिसके लिए हरियाणा में एक बड़ा आंदोलन भी हुआ था जिसके लिए बहुत से जाट समाज के नौजवान आज भी जेलों में बंद है। इसी ओबीसी की मांग को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा । इसके अतिक्ति जातिगत जनगणना की संकल्पा पारित करवाना
ओबीसी आरक्षण की वर्तमान विसंगतियों को दूर करने के लिए प्रयास करना ताकि उसे जनसंख्या के अनुपात में लागू करवाया जा सकें
इसके अलावा सामाजिक कुरीतियों जैसे मृत्युभोज, बाल विवाह, दहेज प्रथा आदि के बारे में भी विचार विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा छात्र-छात्राओं के शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए मंथन व जयपुर में जाट छात्रावासों का निर्माण करना आदि महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श किया जाएगा।

jat mahakumbh के मुख्य अतिथि बनेंगे उपराष्ट्रपति धनकड़


इस महाकुंभ में देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, रालोपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नागौर, सांसद हनुमान बेनीवाल, विजय पूनिया,पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी, कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारिया, राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी सहित देशभर के कई राज्यों से जाट नेता सम्मिलित होंगे।

जाट महाकुंभ से पहले गहलोत सरकार ने दिया जाटों को तौहफा

जाट महाकुंभ पर हर पार्टी की नजर है। जाटों की संख्या को देखते हुए हर पार्टी उसे अपनी और करना चाहती है इसी को देखते हुए गहलोत सरकार ने जाट महाकुंभ से पहले एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जाट समाज की एक प्रमुख्या मांग की वीर तेजाजी कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए को मान लिया है।

इस कल्याण बोर्ड का गठन करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि राज्य में किसानों की स्थिति का जायजा लेने व प्रमाणिक सर्वे रिपोर्ट के आधार पर इन वर्गों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इस कल्याण बोर्ड का गठन महत्वपूर्ण होगा।

jaat के बारे में क्‍या सोचते है लोग

कल्याण बोर्ड में ये होंगे शामिल

वीर तेजाजी कल्याण बोर्ड में 9 सदस्यों को शामिल किया जाएगा जिसमें एक अध्यक्ष के पद पर होगा और एक उपाध्यक्ष के पद पर इसके अलावा सात सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा कल्याण बोर्ड में उद्योग विभाग,शिक्षा विभाग, ग्रामीण पंचायत राज विभाग, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के मुख्य सचिव आदि शामिल होगे।

यह भी पढे.- 94 वर्ष की आयु में भगवानी देवी डागर ने जीते मेडल

महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस पर दी श्रद्धांजलि
  • महाराजा सूरजमल की मृत्यु 25 दिसम्बर 1763 को हुई थी जिसे बलिदान दिवस (maharaja surajmal balidan diwas) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन जाट समाज के लोग जगह जगह कार्यक्रम आयोजित करते है।

260 वां बलिदान दिवस का किया आयोजन

इसी कड़ी में गांव रोरी मे महाराजा सूरजमल (maharaja surajmal ) जी की याद में उनके 260 वें बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर महाराजा सूरजमल अखाडा द्वारा श्रद्धांजलि सभा की गयी। उनके चित्र पर फूल माला अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया।

महाराजा सूरजमल के बारे में बाबा परमेन्द्र आर्य ने बताया

बाबा परमेन्द्र आर्य ने बताया क्षत्रियो को महाराजा सूरजमल जी की युद्ध नीति को पढना चाहिए। महाराजा सूरजमल ने अपने जीवन में कोई भी लडाई नहीं हारी थी। महाराजा सूरजमल के बचपन का नाम सुजान सिंह था। उन्हें रविमल्ल के नाम से भी जाना गया है।

यह भी पढ़े- राजस्थानी कला और संस्कृति की सात समंदर पार दिखेंगी झलक – रूमा देवी ruma devi

पहलवानों को दिया संरक्षण

रवि मतलब सूर्य और मल्ल मतलब पहलवान महाराजा सूरजमल पहलवानी के बहुत शौकीन थे। इनका नारा था गाँव गाँव अखाड़े , गाँव गाँव मल्ल । महाराजा सूरजमल स्वयं भी पहलवानी करते थे इनके डीग के महल में आज भी अखाड़ा बना हुआ है। ये 56 वर्ष की आयु में भी इतनी तीव्र गति से युद्ध करते थे कि इन्हें देखकर 20-25 वर्ष के योद्धा भी डर जाते थे। महाराजा अपने पहलवानों के साथ प्रतिदिन अखाड़े में जोर करते थे। भारत के अधिकतर राजा नाचने और गाने वालियों को ही संरक्षण देते थे। मगर महाराजा सूरजमल पहले एसे राजा थे जिन्होंने पहलवानों को संरक्षण दिया।

यह भी पढ़े- nityanand land बाबा ने बनाया अपना देश

दोनों हाथों से चला सकते थे तलवार

उसी संरक्षण का परिणाम था उनके राज्य में उस समय घर घर पहलवान होते थे। इनका नाम रवि यानि सूरज और मल्ल से मल अर्थात् सूरजमल पड़ा। वे दोनों हाथों से एक साथ तलवार चलाते थे। वे बहुत बडे कूटनीतिज्ञ थे। इनकी कूटनीति से प्रभावित होकर ही राजा बदन सिंह ने जिनके अपने 25 पुत्र थे, उनमे से सूरजमल को ही अपना उत्तराधिकारी बनाया।

राम नारायण आर्य ने कहा

राम नारायण आर्य ने कहा कि भारत के इतिहास मे उनका योगदान अतुलनीय है । जिस तरह से उन्होंने निहत्थे किसानों के जत्थे को विश्व की अपराजेय सेना मे परिवर्तित किया वह उनके युद्ध कौशल का आदित्य उदाहरण है। उन्ही के पद चिन्हो पर चलकर भरतपुर के राजवंश व जनता सदैव आक्रांताओं से देश की आजादी व मानवता की रक्षा के लिए लडते रहे।
इस अवसर पर गंगाराम श्योराण, मनोज चौधरी , विरेन्द्र सिंह, मनोज कलकल, रितिक, अमरजीत , ओमकारी , सुभी चौधरी , अंतिम आदि उपस्थित रहे।

यह भी पढ़े- जाट कविता | jat poetry in hindi | jaat attitude shayari

चौधरी पवनजीतसिंह बनवाला ने फूंका खट्टर सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल
  • आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी पवनजीतसिंह बनवाला ने फिर फूंका खट्टर सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल
  • खट्टर सरकार किसान विरोधी कार्य करना बंद करे: बनवाला झज्जर

जाट परिवार – किसानों से अत्याचार करना बंद करें खट्टर सरकार अन्यथा किसान इस किसान,मजदूर व समस्त कमेरा विरोधी सरकार की चूलें हिलाकर रख देगें l उक्त कथन आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान चौधरी पवनजीतसिंह बनवाला ने निकटवर्ती गांव तलाव में किसानों को बगैर मुआवजा व नोटिस दिए खेतों में बिजली की बड़ी लाइन बिछाने के कार्य को रुकवाये जाने के उपरान्त उनकी अध्यक्षता में आयोजित किसान महापंचायत के उपरान्त पंचायत में लिए गए निर्णयों से पत्रकारों को अवगत करवाते हुए कहे l

भारी संख्या में लोग मौजूद रहें पवनजीतसिंह बनवाला

इस अवसर पर उनके साथ भारतीय किसान यूनियन की महिला विंग की जिला अध्यक्षा ममता कादयान, ठेकेदार तेजवीर बेरी, किसान नेता तेजवीर,तलाव के सरपंच मंजीत पूनिया, जयभगवान पुर्व सरपंच तलाव, कुलदीप पुर्व सरपंच, मास्टर बलवीर ,भरपुर सिंह समेत अन्य गणमान्य जन मौजूद थे l

पूरे प्रदेश से किसानों को बुलाया जा सकता है

चौधरी बनवाला ने कहा कि बगैर मुआवजा दिए फसलों को खराब कर किसानों की जमीन हडपने जैसी कोई भी कार्यवाही बर्दाश्त से बाहर है और इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और इसके लिए अगर पुरे प्रदेश के किसानों को भी यहाँ बुलाना पड़ा तो आदर्श जाट महासभा पीछे नहीं हटेगी l

उन्होंने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते अन्नदाता किसान यू ही भूखे मरने की कगार पर पहुँच चुका है उपर से सरकार नित नए नए हथकंडे अपनाकर किसानों की जमीनों को हडपना चाहती है परन्तु हम सरकार के ये मंसूबे कदापि सफल नहीं होने देगें l

सरकार किसानों पर जुल्म की इंतहा कर रही है : ममता कादयान

भारतीय किसान यूनियन (चडूनी) की महिला विंग की जिला अध्यक्षा ममता कादयान ने कहा कि सरकार किसानों पर जुल्म की इंतहा कर रही है बगैर मुआवजा दिए बिजली के बड़े पोल खेतों में नहीं लगने दिये जाऐंगे व इसके लिए बडे़ से बड़े आंदोलन करने से भी हम पीछे नहीं हटेंगे व महिला किसान भी इस आंदोलन में बढ़ चढकर भाग लेगी l

गौरतलब है कि निकटवर्ती गांव तलाव बिजली की बिछाई जा रहे कार्यों को आज ग्रामीणों ने इकठ्ठे होकर रुकवा दिया व गाँव में आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान चौधरी पवनजीतसिंह बनवाला व उनकी टीम को बुलाया व पवनजीतसिंह बनवाला ने सभी से मिलकर पंचायत आयोजित की व पत्रकार वार्ता में इस बाबत आंदोलन का ऐलान कियाl बनवाला की अध्यक्षता में हुई इस पंचायत में वक्ता सरकार पर खुब बरसे l

विजयदशमी पर मंत्रोच्चारण के साथ योद्धाओं को शस्त्र पूजा अवश्य करनी चाहिए – बाबा परमेन्द्र आर्य

आज शाम गांव रोरी मे महाराजा सूरजमल अखाड़े मे प्रतिवर्ष कि तरह शस्त्र पूजन कार्यक्रम पारम्परिक रीति से मनाया गया। शस्त्र पूजन कार्यक्रम में काफी संख्या में पुरूषों और महिलाओं ने भाग लिया। सर्वप्रथम यज्ञ हवन किया गया और शमी के वृक्ष की पूजा की गई व शस्त्रों का मंत्रो द्वारा उच्चारण कर पूजन किया गया व सभी ने अपने अपने शस्त्रों को कलावा बांधा और हल्दी , रोली से तिलक किया। पूजन उपरांत वक्ताओं ने अपने अपने विचार रखे।

बाबा परमेन्द्र आर्य  शस्त्र पूजा करते हुए

सुरक्षा शस्त्रों के बल पर होती है- बाबा परमेन्द्र आर्य

बाबा परमेन्द्र आर्य ने कहा सेना व पुलिस के जवान भी विजयदशमी के शुभ अवसर पर शस्त्र पूजा करते है। शस्त्र ही वीर योद्धाओं के गहने होते हैं। वीर पुरूष सदैव हथियार धारण करें रहते है व हथियारों को अपने शरीर का अंग समझते है। प्रत्येक नागरिक को अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा करने का अधिकार है और सुरक्षा शस्त्रों के बल पर होती है। इसलिए सभी शस्त्रों के चलाने का प्रशिक्षण भी लेना चाहिए।

यह भी – अखिल भारतीय जाट महासभा दिल्ली प्रदेश ने नई नियुक्ति की

विजय दशमी को हम रामचन्द्र जी की विजय के रूप में भी मनातें है । रामजी ने रावण को मारकर सीता माता को सकुशल लंका की अशोक वाटिका से मुक्त कराया था। प्राचीन काल में हमारे यहां गुरुकुलो में शस्त्र और शास्त्र दोनों की शिक्षा दी जाती थी और प्रत्येक युवक व युवती को गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त करनी अनिवार्य थी। हमारी शिक्षा पद्धति से सैनिक शिक्षा को हटाया जाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को सभी बच्चों के लिए एनसीसी लेना अनिवार्य करना चाहिए।

ओमपाल सिंह ने कहा

ओमपाल सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा प्राचीन काल में शस्त्र पूजा सभी मंदिरों में जोर सोर से मनाई जाती थी। लेकिन आज कल तो मंदिर मे उच्ची आवाज में भजन बजाना व नाचना गाना ही ज्यादा चलता है। मंदिर के पुजारी शस्त्र पूजा करानी भुल गए है।
सतेन्द्र तोमर ने कहा किसान व कमेरे वर्ग में ही सबसे अधिक लड़ाके पैदा होते है। और किसान पर जब विपत्ति आती है तो अपने औजारों को ही हथियार बना लेते हैं। कविता चौधरी ने कहा आदि काल में महिषासुर नामक राक्षस को मां दुर्गा ने आज ही के दिन मारा था और इस संसार को संदेश दिया था कि जब भी नारी के परिवार पर संकट आता है तो नारी मां दुर्गा भवानी बनकर अपने परिवार की सुरक्षा करती है।

पूजा उपरांत लड़कों व लड़कियों द्वारा गतका खेल का प्रदर्शन किया गया। लड़कियों द्वारा तलवार बाजी देखकर सभी आश्चर्यचकित थे। छोटे बच्चो ने लाठी से अपनी कला का श्रेष्ठ प्रदर्शन किया गया। गतका खेलने वाले सभी खिलाड़ियों को मेडल, ट्रोफी वह अन्य पुष्कर देकर प्रोत्साहित किया गया।

समाज में विशिष्ट कार्य करने वाले नागरिकों को सम्मान प्रतीक व तलवार भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर , विपनेश चौधरी, मनोज कुमार, रविन्द्र राणा, सचिन तेवतिया , सुमन चौधरी, डा आशी,नवाब सिंह, विशाल श्योराण, आदि उपस्थित रहे।

अखिल भारतीय जाट महासभा दिल्ली प्रदेश ने नई नियुक्ति की

नई दिल्ली। अखिल भारतीय जाट महासभा दिल्ली प्रदेश ने अपनी महासभा में नई नियुक्ति की है ताकि आने वाले समय में और बेहतर तरीके से कार्य किया जा सकें। इस संबंध में जानकारी देने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहां नवनियुक्त पदाधिकारियों का नाम बताया गया तथा सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पुष्पांजलि फार्म मुंडका कराला रोड़ रानी खेड़ा में किया गया।

अखिल भारतीय जाट महासभा
Akhil Bhartiya Jat Mahasabha

कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी सरदार सिंह कराला जी ने की

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी सरदार सिंह कराला जी ने करते हुए कहा कि महासभा लगाता जाट समाज के विकास और समाज में फैली बुराईयों के खिलाफ कार्य करती आ रही है। कार्य को इसी प्रकार से सुचारू रूप से करने के लिए यह नवनियुक्तियां की गई है। हम आशा करते है है कि जितने भी नवनियुक्त पदाधिकारी है वह महासभा को आगे बढ़ाने के लिए और निष्पक्ष रूप से समाज के विकास के लिए कार्य करेंगे।

निष्ठा के साथ करेंगे कार्य

इस मौके पर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने कहा कि वे पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से अपना कार्य करेंगे। समाज व महासभा ने जो भरोसा उन पर दिखाया है वह उनके भरोसे पर पूर्ण खरा उतरने की कोशिश करेंगे। और महासभा और जाट समाज के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।

किन किन पदाधिकारियों की हुई नियुक्ति

अखिल भारतीय जाट महासभा दिल्ली प्रदेश

  1. श्री पारस सोलंकी
    युवा अध्यक्ष लोकसभा उत्तर पश्चिमी दिल्ली
  2. चौ दिनेश डबास
    उपाध्यक्ष लोकसभा उत्तर पश्चिमी दिल्ली
  3. राजसिंह डबास
    सचिव लोकसभा उत्तर पश्चिमी दिल्ली
    4.चौ कृष्ण डबास
    सचिव लोकसभा उत्तर पश्चिमी दिल्ली
  4. चौ भगत डबास
    उपाध्यक्ष मुंडका विधानसभा
  5. चौ बिजेंदर सिंह राणा
    कार्यकारिणी सदस्य दिल्ली प्रदेश
  6. चौ दयानंद डबास
    कार्यकारिणी सदस्य दिल्ली प्रदेश
  7. चौ जोगिन्दर राणा
    कार्यकारिणी सदस्य दिल्ली प्रदेश
  8. चौ मनोज डबास
    कार्यकारिणी सदस्य दिल्ली प्रदेश
  9. सरदार फर्य़ाद सिंह
    महासचिव तिलक नगर विधानसभा

इस अवसर पर कौन कौन मौजूद रहें

चौ सुनील सोलंकी
(महासचिव दिल्ली प्रदेश)

चौ रामानंद माथुर
(वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिल्ली प्रदेश)

चौ जसबीर सिंह कराला
(पूर्व पार्षद एवं उपाध्यक्ष दिल्ली प्रदेश)

चौ अशोक सोलंकी
(प्रवक्ता दिल्ली प्रदेश)

चौ मुकेश सोलंकी ठोलेदार
उपाध्यक्ष दिल्ली प्रदेश

चौ सुनील अहलावत
(युवा अध्यक्ष दिल्ली प्रदेश)

चौ मयंक शोकींन
(युवा अध्यक्ष जनकपुरी विधानसभा )

राजस्थानी कला और संस्कृति की सात समंदर पार दिखेंगी झलक – रूमा देवी ruma devi

अमेरिका की 25 दिवसीय यात्रा पर रवाना हुई ruma devi

ruma devi
ruma devi

जयपुर/नई दिल्ली- सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय फैशन डिजाइनर, राष्ट्रपति द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर की डॉ. रूमा देवी ruma devi संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों, कान्फ्रेंस, फैशन शो एवं सम्मान समारोहों में ग्रामीण भारत की शिल्प कलाओं को बढ़ावा देने के लिए अपनी 25 दिवसीय यात्रा के प्रवास पर शुक्रवार को अमेरिका रवाना हुई।

6 अगस्त से 31 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रमों में लेंगी हिस्सा

डॉ. रूमा देवी सयुंक्त राज्य अमेरिका में 5 अगस्त से 31 अगस्त तक आयोजित होने वाले विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों के कार्यक्रमों, राजस्थानी एवं भारतीय हस्तशिल्प पर आयोजित होने वाले फैशन शो और अलग- अलग शहरों में रखे गये सम्मान समारोहों में भाग लेकर राजस्थान और भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

रूमा देवी यात्रा की शुरुआत में 6 से 7 अगस्त तक न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेकर हस्तशिल्प एवं सामाजिक क्षेत्र में किए गए कार्यों सहित अपने संघर्ष और सफलता के अनुभव साझा कर प्रवासी भारतीयों को राजस्थान एवं भारतीय कला और संस्कृति से रूबरू करवाएंगी।


वहीं 8 से 10अगस्त तक संयुक्त राज्य अमेरिका की लाॅस वेगास सिटी में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल ट्रेड शो में हिस्सा लेंगी और 11 अगस्त को लॉस एंजेलिस में भारत की आर्ट एंड क्राफ्ट के प्रमोशन हेतु विभिन्न संगठनों के साथ कॉन्फ्रेंस करेंगी।

बिजनेस कॉन्फ्रेंस एंड समिट में होंगी शामिल रूमा देवी

12 – 13 अगस्त को अटलांटिक सिटी, न्यूजर्सी में महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर और ब्रूहन महाराष्ट्र मंडल द्वारा आयोजित होने वाली बीएमएम बिजनेस कॉन्फ्रेंस, एग्जीबिशन, बिजनेस समिट में डाॅ. रूमा देवी को अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया हैl इस कार्यक्रम में उत्तरी अमेरिका के 25 हजार से अधिक प्रवासी भारतीय शामिल होंगे।

रूमा देवी फाउंडेशन की समन्वयक नैन्सी सिंगला ने बताया कि डाॅ. रूमा देवी द्वारा हजारों ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्यों हेतु संयुक्त राज्य अमेरिका के वाॅशिगंटन, न्यूयॉर्क, ह्युस्टन सहित कई शहरों में विभिन्न संगठनों और प्रवासी भारतीयों द्वारा 14 से 31 अगस्त तक अलग- अलग जगहों पर सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे।

रूमा देवी को इससे पहले 2020 में अमेरिका की विश्व प्रसिद्ध हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की इंडिया कान्फ्रेंस में स्पीकर के तौर पर आमंत्रित किया गया था।

ज्ञातव्य है कि रूमा देवी को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। बेहद विपरीत हालातों के चलते आठवीं में ही स्कूल छोड़ना पङा था,लेकिन अपने हुनर के बलबूते कामयाबी पाई। वर्तमान में भारत सरकार के जनजातीय मंत्रालय के ट्राइब्स इंडिया की गुडविल एंबेसडर और राजस्थान सरकार के राजिविका की ब्रांड एंबेसडर बनकर लाखों महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं।

” _फिर से अमेरिका बुलाया जाना हमारे लिए गर्व से ज्यादा अच्छे अवसर की बात है। मेरी ये अमेरिका यात्रा पूरी तरह से अपनी ग्रामीण बहनों की प्रगति को समर्पित रहेगी। संयुक्त राज्य के संगठनो को भारतीय हस्तशिल्प, पहनावा व संस्कृति से रुबरू करवाकर अपने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आगे बढ़ाने का मेरा प्रयास रहेगा_ । “

जानिये कौन बने सर्वजातीय श्योराण खाप उत्तर प्रदेश का प्रधान

बाबा परमेन्द्र आर्य श्योराण को भिवानी हरियाणा मे सर्वजातीय श्योराण खाप उत्तर प्रदेश का प्रधान मनोनीत किया गए

श्योराण खाप

बाबा परमेन्द्र आर्य श्योराण बने सर्वजातीय श्योराण खाप यूपी के प्रधान

भिवानी, सुरेन्द्र सिंह। सोमवार को शहीद महाबीर सिंह किसान भवन लोहारू जिला भिवानी हरियाणा मे सर्वजातीय श्योराण खाप 84 के प्रधान चौधरी कर्मवीर फराटिया की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक मे विचार विमर्श उपरांत सर्वजातीय श्योराण खाप चौरासी की तरफ से उत्तर प्रदेश के श्योराण बहुल पन्द्रह गांवों का प्रतिनिधित्व करने के लिए बाबा परमेन्द्र आर्य श्योराण को पन्द्रह गांवों का सर्व सम्मति से प्रधान मनोनीत किया गया।

श्योराण खाप की बैठक में प्रस्ताव किया गया पारित

बैठक मे प्रस्ताव पारित किया गया है कि नवनियुक्त प्रधान बाबा परमेन्द्र आर्य श्योराण कार्यवाही करके अपने पन्द्रह गांवों मे दो कन्नियो (थांबा) गठित करके उनके प्रधान ( थांबेदार ) व सचिव नियुक्त करे । सर्वजातीय Sheoran khap 84 के प्रधान चौधरी कर्मवीर फरटिया ने कहा श्योराण खाप 15 उत्तर प्रदेश अपने क्षेत्र मे पौधरोपण करे व शिक्षा, खेलों को प्रोत्साहित करने के साथ समाज को संगठित कर समाज मे उच्च आदर्श स्थापित करे।

बाबा परमेन्द्र आर्य श्योराण ने कहा

मै खाप प्रधान कर्मबीर फरटिया जी व बैठक मे उपस्थित सभी गणमान्यजनों का आभारी हूँ। अपने मुझे Sheoran khap 15 उत्तर प्रदेश का प्रधान नियुक्त किए। मै अपने पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए समाज को संगठित व जागरूक करते हुए समाज व देश की भलाई के लिए कार्य करता रहूंगा। बाबा परमेन्द्र आर्य श्योराण ने खाप प्रधान व अन्य गणमान्य को महाराजा सूरजमल जी का सम्मान प्रतीक व तलवार भेंट कर सम्मानित किया।

यह भी पढे – jat regiment का हुआ विस्‍तार

बैठक में कौन कौन रहें शामिल

बैठक मे कमल सिंह हडोदी, हरनारायण, महेश श्योराण एडवोकेट, होशियार सिंह , पहलाद , उमेद सिह , सुल्तान बारवास, अनिल उमरवास, जयवीर सिंह फौजी, जयसिंह गिग्गन, राम नरायण आर्य रणधीर उमरवास, राजकुमार उमरवास, महीपाल श्योराण, वजीर श्योराण आदि गणमान्य उपस्थित रहे।

पालम 360 खाप के प्रधान चुने गए चौ. सुरेंद्र सोलंकी

जाट परिवार। चौधरी रामकरण सोलंकी के निधन के बाद उनके छोटे पुत्र चौधरी सुरेंद्र सोलंकी को पालम 360 खाप का प्रधान सर्वसम्मति से नियुक्त किया गया।

सुरेंद्र सोलंकी
Ch Surender Solanki

पालम गांव में सकल पंचायत पालम 12 के तत्वावधान में एक पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में सर्व खाप, तपों और कई गांव के प्रधान उपस्थित हुए। जिसमें सर्वसम्मति से चौधरी सुरेंद्र सोलंकी को पालम 360 खाप का प्रधान चुना गया। इस दौरान पंचायत में बुजुर्गों ने सुरेंद्र को पगड़ी पहनाकर उनका अभिनंदन किया। अब सुरेंद्र अपने पिता चौधरी रामकरण सोलंकी की जिम्मेदारी को संभालेंगे।

क्या कहा सुरेन्द्र सोलंकी ने

इस अवसर पर चौ. सुरेन्द्र सोलंकी ने कहा कि समाज ने जो बड़ी जिम्मेदारी मुझे दी है वो मैं पूरे तन, मन और धन से समर्पित होकर सर्वसमाज और सर्व धर्म के लोगों को साथ लेकर निभाउंगा। अपने दादा और पिता जी के पदचिन्हों पर चलते हुए इस पकड़ी का मान हमेशा रखूंगा। उन्होंने कहा कि मैं खाप पंचायत और दिल्ली देहात के हितों के लिए आजीवन संघर्ष करने का संकल्प लेता हूं।

पीढी दर पीढी संभालते आ रहे है जिम्मेदारी

बता दें कि उनके दादा रिजक राम चौधरी 30 वर्षों तक पालम 360 खाप के प्रधान रहे। उनके बात सुरेंद्र के पिता स्व. चौ. रामकरण सोलंकी ने 15 वर्षों तक इस जिम्मेदारी को निभाया। अब चौ. सुरेन्द्र सोलंकी को समाज ने सर्वसम्मति से पालम 360 के प्रधान की जिम्मेदारी सौंपी है।

यह भी पढे – डबास जाट गोत्र का इतिहास history dabaj jaat

आखिर खाप क्या है।

आपने खाप के बारे में काफी सुना होगा आपको बता दें कि खाप पंचायतें गांवों का एक सामुदायिक संगठन होती हैं, ये किसी खास जाति या गोत्र से मिलकर बनती हैं। हालांकि इनका कोई कानूनी आधार नहीं है और सुप्रीम कोर्ट भी इन्हे अवैध घोषित कर चुका है। इसके बावजूद खाप पंचायतें अपने समुदाय के अंदर अहम फैसले लेने में अहम भूमिका निभाती हैं। समाज के बनाए नियमों से इतर जाने वालों को खाप पंचायतें दंड सुनाती हैं। इनके तरफ से दिया जाने वाला सबसे बड़ा दंड सामाजिक बहिष्कार माना जाता है।

प्राइवेट नौकरियों में 75 प्रतिशत रोजगार देने संबंधित बिल को मंजूरी एक अच्छा निर्णय – प्रेम सिंह धनखड़

हरियाणा के महामहिम राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य द्वारा प्रदेश के युवाओं को प्राइवेट नौकरियों में 75 प्रतिशत रोजगार देने संबंधित बिल को मंजूरी देने के बाद जेजेपी नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने खुशी प्रकट करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का आभार जताया और सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव-2019 में वरिष्ठ जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला व जजपा पार्टी ने राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं का मर्म समझते हुए जेजेपी की सरकार आने पर राज्य के युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में 75 प्रतिशत नौकरियों का अधिकार दिलाने का प्रमुखता से वादा किया था। उन्होंने कहा कि जेजेपी-बीजेपी गठबंधन सरकार में डिप्टी सीएम बनने के बाद दुष्यंत चौटाला निरंतर इस बिल को लागू करवाकर राज्य के लाखों युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए प्रयासरत थे।

यह भी पढ़े – किसान आंदोलन में जाटों की एंट्री सरकार के लिए परेशानी

प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने इस बिल को पिछले विधानसभा सत्र के दौरान सदन के पटल पर रखकर पास करवाया था और अब महामहिम राज्यपाल ने भी 75 प्रतिशत रोजगार बिल को हरी झंडी दे दी है यानी कि अब प्रदेश के प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में 75 प्रतिशत हरियाणवी युवाओं का अधिकार होगा। हर प्राइवेट कंपनी, ट्रस्ट व व्यवसाय में 75 प्रतिशत हरियाणा के युवाओं को रोजगार मिलेगा।

यह भी पढ़े – Buzurgon ka samman ही हमारी संस्कृति- डॉ संतोष दहिया

प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि चुनाव के समय में जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने अपना सबसे बड़ा वायदा जो युवाओं से किया था वह आज पूरा हो गया है। धनखड़ ने कहा कि इस बिल की मंजूरी से अब निजी क्षेत्र में राज्य के लाखों युवाओं के लिए रोजगार का द्वार खुल गया है। इससे प्रदेश की सभी प्राइवेट नौकरियों में 75 प्रतिशत हरियाणा के युवाओं को रोजगार मिलेंगे। उन्होंने कहा कि दुष्यंत चौटाला जी प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में अब इस बिल को लागू जाएगा।

यह भी पढ़े – नरेला में सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज ने किया निशुल्क हेल्थ चैकअप कैम्प का आयोजन

जजपा नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि गठबंधन सरकार युवाओं की बेहतर शिक्षा व उनके रोजगार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में राज्य सरकार निरंतर बड़े-बड़े कदम उठा रही है। धनखड़ ने कहा कि गृह जिलों में प्रतियोगी परीक्षा करवाने के अलावा प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के लिए राज्य सरकार ने निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत नौकरियों देने संबंधित बिल, नई औद्योगिक नीति, रोजगार सहायता केंद्र, रोजगार पोर्टल, कौशल विकास के प्रशिक्षण केंद्र, 15 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज का निर्माण आदि ऐतिहासिक कदम उठाए है।

प्रेम सिंह धनखड़
जननायक जनता पार्टी
फरीदाबाद