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जाट काे ओबीसी का दर्जा मिलने पर जश्न
  • जाट समुदाय ने मनमोहन सिंह और उनकी टीम को इस शानदार जीत के लिए बधाई दी

जम्मू । हरियाणा में एक लंबे समय से जाट को ओबीसी में डालने की मांग हो रही थी लेकिन हरियाणा में तो यह हुआ नहीं लेकिन जम्मू में जाट को ओबीसी का दर्जा दे दिया है।

इसी को लेकर अखिल भारतीय जाट महासभा (एआईजेएमएस) ने समुदाय के लिए ओबीसी का दर्जा हासिल करने की जीत का जश्न मनाया।

जाट ओबीसी

जाट ओबीसी – जाट समुदाय को लेकर जमा हुए

एआईजेएमएस के अध्यक्ष चौधरी मनमोहन सिंह के नेतृत्व में जाट समुदाय के सदस्य जम्मू के प्रेस क्लब के पास जमा हुए और इस अवसर पर मौजूद समुदाय के सदस्यों के चेहरे पर स्पष्ट खुशी के बीच ढोल की थाप और धुनों पर नृत्य किया।

समुदाय के सदस्यों ने समुदाय के लिए ओबीसी का दर्जा हासिल करने में सराहनीय भूमिका के लिए चौधरी मनमोहन सिंह को पगड़ी भेंट कर सम्मानित किया।

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जाट ओबीसी – जाटों ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का आभार प्रकट किया

पत्रकारों से बात करते हुए, मनमोहन सिंह ने जम्मू-कश्मीर के जाटों को ओबीसी का दर्जा प्रदान करने के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का गहरा आभार और धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जाट समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग थी जिसे आज पिछड़ा वर्ग को ओबीसी का दर्जा दिए जाने से पूरा किया गया।

आसानी से नहीं मिली जीत, जाट ओबीसी

जाट नेता ने बल देकर कहा कि हालांकि जीत इतनी आसानी से नहीं मिली है, फिर भी सब अच्छा है जो अच्छी तरह से समाप्त होता है और अब जबकि यह खुशी मनाने और जश्न मनाने का समय है, साथ ही अभियान को तेज करने की जरूरत है, न कि इसे पाने के लिए संघर्ष करने की जरूरत है। शेष वादों में शरणार्थियों के व्यापक बंदोबस्त के रूप में 25 लाख रुपये का भुगतान और उनके कब्जे में चल रही राज्य और केंद्र सरकार की परियोजनाओं के तहत आने वाली कस्टोडियन भूमि का पूर्ण स्वामित्व अधिकार है।

जाट ओबीसी

जाट ओबीसी में लाने के लिए लंबे समय से हो रहा था प्रयास

जम्मू के सबसे वरिष्ठ जाट नेता ने कहा कि जाट महासभा नेतृत्व लंबे समय से प्रयास कर रहा था और प्रयासों में राज्यपालों, उपराज्यपालों, मुख्य सचिव के अलावा जिला अध्यक्षों, तहसील अध्यक्षों सहित पूरे महासंघ के नेतृत्व द्वारा इस संबंध में बुलाई गई बैठकों की एक श्रृंखला शामिल थी। राष्ट्रीय राजधानी, नई दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में सभी स्तरों पर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं, महाअधिवेशनों के अधिकार के बाद 9 अक्टूबर 2022 को एक शक्तिशाली नारी शक्ति सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें एआईजेएमएस जम्मू प्रांत की 2,300 से अधिक महिलाओं ने यूटी को एक स्पष्ट संदेश भेजने के लिए भाग लिया।

प्रशासन को ओबीसी का दर्जा देना चाहिए अन्यथा परिणाम भुगतने होंगे।

महिला शक्ति ने निभाई अहम भूमिका

मनमोहन सिंह ने कहा कि यह जाट समुदाय की पहली महिला अधिकार का परिणाम है कि सरकार ने जाट समुदाय को ओबीसी का दर्जा दिया है। उन्होंने कहा कि यह दर्जा हासिल करने में महिला शक्ति की अहम भूमिका रही है।

जाट नेता ने कहा कि ओबीसी होने से हमारी जीत पूरी नहीं हुई है, लेकिन हमारा संघर्ष तब पूरा होगा जब हमारे समुदाय के सदस्यों को पीएम मोदी द्वारा किए गए वादे के अनुसार 25 लाख रुपये का भुगतान और उनके कब्जे में आने वाली कस्टोडियन भूमि का पूरा स्वामित्व अधिकार मिल जाएगा।

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मनमोहन सिंह ने जाटों को एकजुट रहने का आह्वान किया

मनमोहन सिंह ने समुदाय के सदस्यों से उनकी सभी मांगें पूरी होने तक एकजुट रहने को कहा। उन्होंने पूरे जाट समुदाय का समर्थन भी मांगा ताकि इस समुदाय को समृद्ध और शिक्षित बनाने के सपने को साकार किया जा सके।

उन्होंने कहा कि जाटों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बच्चे उच्च योग्यता प्राप्त करें।

उन्होंने माता-पिता से अपने बच्चों की समस्याओं से अवगत रहने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि वे कभी भी मनोवैज्ञानिक रूप से इतने कमजोर न हों कि वे ड्रग्स का विकल्प चुनें। उन्होंने कहा कि मादक द्रव्यों का सेवन पहले से ही समाज के प्राणों को खा रहा है, इसलिए समुदाय के बुजुर्गों को अपने बच्चों को नशीले पदार्थों से सुरक्षित बनाने के लिए उन पर नजऱ रखनी चाहिए।

मीडिया का धन्यवाद किया

मनमोहन सिंह ने बड़ी जीत का जश्न मनाने के लिए कठुआ हीरानगर राजपुरा, सांबा, विजयपुर, रामगढ़, बिश्नाह, सुचेतगढ़, अखनूर, जौरियन, नौशेरा, मेंढर, आरएस पुरा और मढ़ से आए जाट समुदाय के सदस्यों का धन्यवाद किया।

उन्होंने वर्षों के लंबे संघर्ष को ओबीसी दर्जे के रूप में सफल बनाने में उनके पूरे समर्थन के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया को भी धन्यवाद दिया।

चौधरी पवनजीतसिंह बनवाला ने फूंका खट्टर सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल
  • आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी पवनजीतसिंह बनवाला ने फिर फूंका खट्टर सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल
  • खट्टर सरकार किसान विरोधी कार्य करना बंद करे: बनवाला झज्जर

जाट परिवार – किसानों से अत्याचार करना बंद करें खट्टर सरकार अन्यथा किसान इस किसान,मजदूर व समस्त कमेरा विरोधी सरकार की चूलें हिलाकर रख देगें l उक्त कथन आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान चौधरी पवनजीतसिंह बनवाला ने निकटवर्ती गांव तलाव में किसानों को बगैर मुआवजा व नोटिस दिए खेतों में बिजली की बड़ी लाइन बिछाने के कार्य को रुकवाये जाने के उपरान्त उनकी अध्यक्षता में आयोजित किसान महापंचायत के उपरान्त पंचायत में लिए गए निर्णयों से पत्रकारों को अवगत करवाते हुए कहे l

भारी संख्या में लोग मौजूद रहें पवनजीतसिंह बनवाला

इस अवसर पर उनके साथ भारतीय किसान यूनियन की महिला विंग की जिला अध्यक्षा ममता कादयान, ठेकेदार तेजवीर बेरी, किसान नेता तेजवीर,तलाव के सरपंच मंजीत पूनिया, जयभगवान पुर्व सरपंच तलाव, कुलदीप पुर्व सरपंच, मास्टर बलवीर ,भरपुर सिंह समेत अन्य गणमान्य जन मौजूद थे l

पूरे प्रदेश से किसानों को बुलाया जा सकता है

चौधरी बनवाला ने कहा कि बगैर मुआवजा दिए फसलों को खराब कर किसानों की जमीन हडपने जैसी कोई भी कार्यवाही बर्दाश्त से बाहर है और इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और इसके लिए अगर पुरे प्रदेश के किसानों को भी यहाँ बुलाना पड़ा तो आदर्श जाट महासभा पीछे नहीं हटेगी l

उन्होंने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते अन्नदाता किसान यू ही भूखे मरने की कगार पर पहुँच चुका है उपर से सरकार नित नए नए हथकंडे अपनाकर किसानों की जमीनों को हडपना चाहती है परन्तु हम सरकार के ये मंसूबे कदापि सफल नहीं होने देगें l

सरकार किसानों पर जुल्म की इंतहा कर रही है : ममता कादयान

भारतीय किसान यूनियन (चडूनी) की महिला विंग की जिला अध्यक्षा ममता कादयान ने कहा कि सरकार किसानों पर जुल्म की इंतहा कर रही है बगैर मुआवजा दिए बिजली के बड़े पोल खेतों में नहीं लगने दिये जाऐंगे व इसके लिए बडे़ से बड़े आंदोलन करने से भी हम पीछे नहीं हटेंगे व महिला किसान भी इस आंदोलन में बढ़ चढकर भाग लेगी l

गौरतलब है कि निकटवर्ती गांव तलाव बिजली की बिछाई जा रहे कार्यों को आज ग्रामीणों ने इकठ्ठे होकर रुकवा दिया व गाँव में आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान चौधरी पवनजीतसिंह बनवाला व उनकी टीम को बुलाया व पवनजीतसिंह बनवाला ने सभी से मिलकर पंचायत आयोजित की व पत्रकार वार्ता में इस बाबत आंदोलन का ऐलान कियाl बनवाला की अध्यक्षता में हुई इस पंचायत में वक्ता सरकार पर खुब बरसे l

विजयदशमी पर मंत्रोच्चारण के साथ योद्धाओं को शस्त्र पूजा अवश्य करनी चाहिए – बाबा परमेन्द्र आर्य

आज शाम गांव रोरी मे महाराजा सूरजमल अखाड़े मे प्रतिवर्ष कि तरह शस्त्र पूजन कार्यक्रम पारम्परिक रीति से मनाया गया। शस्त्र पूजन कार्यक्रम में काफी संख्या में पुरूषों और महिलाओं ने भाग लिया। सर्वप्रथम यज्ञ हवन किया गया और शमी के वृक्ष की पूजा की गई व शस्त्रों का मंत्रो द्वारा उच्चारण कर पूजन किया गया व सभी ने अपने अपने शस्त्रों को कलावा बांधा और हल्दी , रोली से तिलक किया। पूजन उपरांत वक्ताओं ने अपने अपने विचार रखे।

बाबा परमेन्द्र आर्य  शस्त्र पूजा करते हुए

सुरक्षा शस्त्रों के बल पर होती है- बाबा परमेन्द्र आर्य

बाबा परमेन्द्र आर्य ने कहा सेना व पुलिस के जवान भी विजयदशमी के शुभ अवसर पर शस्त्र पूजा करते है। शस्त्र ही वीर योद्धाओं के गहने होते हैं। वीर पुरूष सदैव हथियार धारण करें रहते है व हथियारों को अपने शरीर का अंग समझते है। प्रत्येक नागरिक को अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा करने का अधिकार है और सुरक्षा शस्त्रों के बल पर होती है। इसलिए सभी शस्त्रों के चलाने का प्रशिक्षण भी लेना चाहिए।

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विजय दशमी को हम रामचन्द्र जी की विजय के रूप में भी मनातें है । रामजी ने रावण को मारकर सीता माता को सकुशल लंका की अशोक वाटिका से मुक्त कराया था। प्राचीन काल में हमारे यहां गुरुकुलो में शस्त्र और शास्त्र दोनों की शिक्षा दी जाती थी और प्रत्येक युवक व युवती को गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त करनी अनिवार्य थी। हमारी शिक्षा पद्धति से सैनिक शिक्षा को हटाया जाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को सभी बच्चों के लिए एनसीसी लेना अनिवार्य करना चाहिए।

ओमपाल सिंह ने कहा

ओमपाल सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा प्राचीन काल में शस्त्र पूजा सभी मंदिरों में जोर सोर से मनाई जाती थी। लेकिन आज कल तो मंदिर मे उच्ची आवाज में भजन बजाना व नाचना गाना ही ज्यादा चलता है। मंदिर के पुजारी शस्त्र पूजा करानी भुल गए है।
सतेन्द्र तोमर ने कहा किसान व कमेरे वर्ग में ही सबसे अधिक लड़ाके पैदा होते है। और किसान पर जब विपत्ति आती है तो अपने औजारों को ही हथियार बना लेते हैं। कविता चौधरी ने कहा आदि काल में महिषासुर नामक राक्षस को मां दुर्गा ने आज ही के दिन मारा था और इस संसार को संदेश दिया था कि जब भी नारी के परिवार पर संकट आता है तो नारी मां दुर्गा भवानी बनकर अपने परिवार की सुरक्षा करती है।

पूजा उपरांत लड़कों व लड़कियों द्वारा गतका खेल का प्रदर्शन किया गया। लड़कियों द्वारा तलवार बाजी देखकर सभी आश्चर्यचकित थे। छोटे बच्चो ने लाठी से अपनी कला का श्रेष्ठ प्रदर्शन किया गया। गतका खेलने वाले सभी खिलाड़ियों को मेडल, ट्रोफी वह अन्य पुष्कर देकर प्रोत्साहित किया गया।

समाज में विशिष्ट कार्य करने वाले नागरिकों को सम्मान प्रतीक व तलवार भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर , विपनेश चौधरी, मनोज कुमार, रविन्द्र राणा, सचिन तेवतिया , सुमन चौधरी, डा आशी,नवाब सिंह, विशाल श्योराण, आदि उपस्थित रहे।