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अमर शहीद राजा नाहरसिंह का बलिदान दिवस पर विशेष झाँकी
raja nahar singh
raja nahar singh balidan diwas

new delhi- नई दिल्ली : 1857 के महान स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद राजा नाहर सिंह ( raja nahar singh ) के 162वें बलिदान दिवस पर बल्लभगढ़ (फ़रीदाबाद) से शहीदी स्थल चांदनी चौक (दिल्ली) तक पहली बार झांकी यात्रा निकाली गयी। यात्रा का बल्लमगढ़ शहीदी स्थल से आरंभ होकर बदरपुर बॉर्डर, आश्रम मोड, सराय काले खां राजघाट, आउटर रिंग रोड से जमुना बाजार होते हुए शहीदी स्थल चांदनी चौक पहुंची। राष्ट्रीय लोकदल के महासचिव जयंत चौधरी, जाट महा सभा व समाज के अन्य गणमान्य व्यक्तियों के द्वारा शहीद स्थल चांदनी चौक पर सुबह हवन किया गया। गौरतलब है कि 1857 के गदर के नायकों में से एक शहीद राजा नाहर सिंह ने दिल्ली को 134 दिन तक अंग्रेजों से मुक्त रखा था। अंग्रेजों ने उन्हें धोखे से बुलाकर चांदनी चौक में फांसी पर चढ़ाने से पहले सिर झुका देने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने सिर झुकाने की बजाय फांसी का फंदा चुना। 

क्‍या कहना है आयोजकों का

आयोजकों का कहना है कि दिल्ली में उनके नाम से कोई संग्रहालय, स्मारक और प्रतिमा नही है। और प्रशासन से मांग है कि राजा नाहर सिंह नाम पर कोई संग्रहालय या प्रतिमा होनी चाहिए। वहीं दूसरी और अमर शहीद राजा नाहर सिंह जी के महल बल्लमगढ़ (फ़रीदाबाद) में चल रहे होटल को बंद करने का सरकार से निवेदन किया गया और साथ ही बल्लमगढ़ में भी राजा नाहर सिंह जी के संघर्षमय जीवन से संबंधित स्मारक बनवाने और प्रतिमा लगाने की मांग की गयी। जिससे वर्तमान युवा और आने वाली पीढ़ी अमर शहीद राजा नाहर सिंह जी के त्याग तपस्या और बलिदान को जान सकें और प्रेरणा लेकर देश, समाज के लिए कार्य कर सकें।

इस यात्रा और कार्यक्रम के संयोजक हरपाल सिंह राणा, ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन एवं अन्य महापुरुषों के विषय में भी समय-समय पर हर साल कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इस कार्यक्रम में अन्य कई संगठनों ने हिस्सा लिया, जिनमे राजा नाहर सिंह फाउंडेशन किसान शक्ति संघ, जिला पार्षद व अवतार सारंग अखिल भारतीय जाट महासभा फरीदाबाद, जाट जागृति पंचायत, प्रगतिशील किसान मंच, राष्ट्रीय जाट एकता मंच साथ ही उत्तर प्रदेश, हरियाणा ,राजस्थान ,पंजाब, मध्य प्रदेश आदि अनेकों राज्यों से आए व्यक्तियों के द्वारा बलिदान दिवस मनाया गया।

डबास जाट गोत्र का इतिहास history dabaj jaat
Parvin Dabas actresses
Parvin Dabas actresses

डबास (dabas) गोत्र जाटों में एक प्रमुख गोत्र के रूप में गिना जाता है। यह अति प्राचीन क्षत्रिय संघ का गोत्र है। आपको बता दें कि डबास गोत्र दहिया जाट गोत्र की शाखा है। दोनों गोत्रों का काफी पुराना भाईचारा है इसीलिए दहिया ओर डबास (dabas) गोत्रों में आपस में शादी- ब्याह के रिश्ते नहीं होते है। इन दोनों गोत्रों के जाट विदेशों में तथा भारत में साथ-साथ रहे हैं। आज भी ये दोनों गोत्र साथ-साथ आबाद हैं। डबास (dabas) जाट छठी शताब्दी ईस्वी पूर्व कैस्पियन सागर के दक्षिण-पूर्व में बसे हुए थे। इनके साथ-साथ दहिया जाट भी उसी क्षेत्र में आबाद थे जिनके नाम पर यह सागर दधी सागर कहलाया था। यूनान के एक इतिहासकार ने अपनी भाषा में डबासों का नाम डरबिस लिखा है। सीथिया देश (मध्य एशिया) का एक प्रांत मस्सागेटाई जाटों का एक छोटा तथा शक्तिशाली राज्य था जिसकी रानी तोमरिस थी। 529 ई0 पू0 में इस रानी की जाट सेना का युद्ध महान् शक्तिशाली सम्राट् साईरस से हुआ था। इस युद्ध में सम्राट् साईरस मारा गया और जाट महारानी तोमरिस विजयी रही। इस युद्ध में दहिया/डबास जाट महारानी की ओर से साईरस के विरुद्ध लड़े थे।

जब दहिया जाटों का राजस्थान में राज्य समाप्त हो गया तब ये लोग डबास जाटों के साथ हरियाणा में जिला रोहतक व सोनीपत में आकर आबाद हो गये। डबास जाटों के गांव निम्न प्रकार से आबाद हैं – दिल्ली प्रान्त में सोनीपत तहसील की सीमा के निकट कंझावला डबास खाप का प्रधान गांव है। रसूलपुर, सुलतानपुर, पूंठ खुर्द, घेवरा, रानीखेड़ा, मारगपुर, लाडपुर, मदनपुर, चांदपुर, माजरा डबास, बरवाला आदि गांव डबास जाटों के हैं।
इधर से ही निकास प्राप्त करके डबास जाट जिला बिजनौर में आकर बसे। इस जिले में पीपली, डबासोंवाला, सिकैड़ा, पाड़ली, लाम्बाखेड़ा (कुछ घर), मण्डावली, मुजफरा, झिलमिला और नगीना आदि डबास जाटों के गांव हैं।
,दिल्ली में गाँव रानीखेड़ा,मुबारकपुर मदनपुर, रसूलपुर, सुल्तानपुर डबास ,कंझावला ,लाडपुर ,पूठ खुर्द ,बरवाला ,माजरा डबास ,चांदपुर ,घेवरा,गालिबपुर ,जाट खोर

झज्जर में गाँव

गिरावर ,मोहम्मदपुर माजरा,कुलताणा। हिसार में बुडाना,शेखपुरा। राजस्थान में अलवर जिले में भानोत,सराय कलां,टोडरपुर आदि गांव हैं।
समाज सेवी
डॉ. पूर्णसिंह डबास, चौधरी ईश्वर सिंह डबास, चौधरी हरिरत्न सिंह डबास, चौधरी तारासिंह मोहन सिंह, रामसहाय सिंह आदि गणमान्य व्यक्ति हुए हैं।

Sarv Jatiya Khap Panchayat का आयोजन किया गया
 (Sarv Jatiya Khap Panchayat)

Sarv Jatiya Khap Panchayat: जाट आरक्षण आंदोलन फरवरी 2016 में तत्कालीन वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का घर व संस्थानों को जलाने के मामले में सर्वजातीय सर्व खाप पंचायत (Sarv Jatiya Khap Panchayat) ने सामुहिक रूप से 11 हजार रूपये गौ शाला में दान देने का जुर्माना लगा सामाजिक तौर पर इस मामले का समाधान कर दिया । सतरोल खाप एवं सिंधु परिवार ने इस जुर्माने को माफ कर दिया। आज यहां हुई सर्व खाप पंचायत (Sarv Jatiya Khap Panchayat) की अध्यक्षता सतरोल खाप के प्रधान रामनिवास लोहान ने की । इसमें उत्तर भारत के अधिकांश खाप प्रमुखों व पदाधिकारियों ने भाग लिया।

सर्व खाप पंचायत को इस मामले में सीबीआई द्वारा बनाए गए अभियुक्तों ने एक माफीनामा दिया। जिसमें लिखा था कि सिंधु निवास पर जो हमला, लूटपाट और आगजनी हुई उसके लिए हम खेद व्यक्त करते हैं। इस विषय में हमारी प्रत्यक्ष एवं परोक्ष भूमिका, गलती या भूल चूक के लिए क्षमा प्रार्थी हैं। समाज की तरफ से आयोजित इस पंचायत में जो भी निर्णय लिया जाएगा हम उसे स्वीकार करेंगे। सिंधु परिवार ने भी कहा कि पंचायत जो भी फैसला करेंगी वह उसे मानेगा । इस मामले में पंचायत की कार्यवाही के बाद 21 सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई जिसने यह फैसला पंचायत के समक्ष रखा।

सर्व खाप पंचायत में वक्ताओं ने रोहतक स्थित सिंधु भवन, वेद मंदिर, कार्यालय, इंडस पब्लिक स्कूल, हरिभूमि प्रैस आदि में आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट और हमले को बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण बताया और इस पर खेद व्यक्त किया। यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि स्वर्गीय चौधरी मित्रसेन के परिवार ने हर मामले में अग्रणी रहकर समाज को सहयोग प्रदान किया। उनके घर तथा वहां पर मौजूद 10 सदस्यों जिनमें महिला, पुरूष व बच्चे शामिल थे को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। यह पंचायत उसकी घोर निंदा करती है। पंचायत इस हिंसा में प्रत्यक्ष या प्ररोक्ष रूप से शामिल रहने वाले हर व्यक्ति या संगठन की भर्तस्ना करती है।

पंचायत इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि कैप्टन अभिमन्यु या उनके परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज के विरूध एक गहरी साजिश थी। इस साजिश में जो भी लोग सम्मिलित रहे हैं, यहां तक की शासन प्रशासन से जूड़े लोग भी इसमें शामिल हैं तो उन सभी की पंचायत निंदा करती है। दिल दहला देने वाली इस घटना के बाद जिस भी व्यक्ति या संगठन ने मिथ्या, अनर्गल या मनघडंत आरोप लगाकर सिंधु परिवार को बदनाम करने का और समाज के भाईचारे को बिगाड़ने की कोशिश की यह पंचायत उसकी भी निंदा करती है।

यह पंचायत सिंधु परिवार का आभार व्यक्त करती है कि इस अत्यंत कठिन समय मे भी परिवार ने संयम नहीं खोया और परिजनों पर जानलेवा हमले के बाद भी बदले की भावना के तहत किसी तरह की प्रतिहिंसा नहीं की और अपना स्ंयम बनाए रखा।

पंचायत ने प्रस्ताव पास कर कहा कि सिन्धु परिवार के सैक्टर 14 स्थित निवास पर आगजनी व लूटपाट मे करोडो रूपये की हानि के बावजूद नुकसान की भरपाई के लिये मिले सरकारी मुआवजे की पूरी राशि गरीब कन्याओं की शादी मे व्यय करके परिवार ने एक आदर्श प्रस्तुत कर महान कार्य किया हैं। समाज इनके धैर्य व अच्छे कार्य की सराहना करता है।

यह भी कहा गया कि यदि भविष्य में इस विषय पर झूठी, अर्नगल या अनावश्यक ब्यानबाजी की तो पंचायत उसे अवमानना मान कर सामाजिक दंड देने का काम करेगी।
सिन्धु परिवार पर किये गए हमले से जुडे मामलों मे जो सीबीआई जांच चल रही है और उसमे जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है वे तमाम लोग यहां उपस्थित हैं। उन्होने अपने या अपने परिवार की ओर से अपना माफीनामा पंचायत को सौंपा है। पंचायत उनके कृत्य की वजह से उन्हे समाज के प्रति दोषी मानती है और उन्हे पंचायत की तरफ से दंड दिया जाता है।

यह निर्णय सामाजिक भाईचारा कायम करने एवं आपस में द्वेश भावना मिटाने के लिए किया गया है। भविष्य में सीबीआई जांच में नए विषय या सक्ष्य आने के मुद्दे इस पंचायत के फैसले के दायरे से बाहर रहेंगे । अदालत की किसी कार्यवाही से इस पंचायत का कोई ताल्लूक नहीं है। पूरा समाज सिंधु परिवार के साथ है।

न्यायिक मामले के लिए एक कमेटी गठित की गई है जो कानूनी सलाह लेकर पंचायत के फैसले को अमल में लाने के लिए आगामी भूमिका तय करेगी । इसके बाद भी न्यायलय कोई फैसला सुनाता है तो वह सर्वपरि है और इसमें एक-दूसरे को दोषी नहीं ठहराया जाएगा । कमेटी में पालम 360 के प्रधान रामकरण, पुनिया खाप के शमशेर नम्बरदार, टेकराम कंडेला, राजकुमार रेडु, मास्टर किताब सिंह मलिक, बलबीर सिहाग, मानसिंह दलाल, महेन्द्र नांदल, सतबीर सिंह, मलिक राज मलिक, जयसिंह अहलावत, सुरेंद्र दहिया, भलेराम नरवाल, चौधरी राजमल जाटू खाप आदि शामिल थे।

ऐतिहासिक कदम
पंचायत का यह फैसला ऐतिहासिक कदम है। इससे समाज में सदभाव बढ़ेगा और दोषियों को पंचायती तौर पर दंडित करने से एक अच्छा संदेश गया है। :- मास्टर किताब सिंह मलिक प्रधान सातबास खाप

विधायक चुने जाने के बाद रोहतक क्षेत्र की खाप पंचायतों ने मुझे सम्मानित किया था, क्योंकि मैं भी सांगवान खाप का अध्यक्ष हूं। उसी दौरान रोहतक क्षेत्र की खापों ने आग्रह किया था कि इस मामले का सामाजिक समाधान किया जाना चाहिए। इसके लिए अनेक खापे प्रयासरत थी जो कार्य आज सिरे चढ़ गया। मुझे आज बहुत खुशी है। :- सोमवीर सांगवान विधायक एवं प्रधान सांगवान खाप

स्वर्गीय चौधरी मित्रसेन हमारी खाप के गांव जुलानी में विवाहित थे उनके निधन के बाद हमारी बहन परमेश्वरी देवी सिंधु परिवार की मुखिया है। कैप्टन अभिमन्यु हमारी कंडेला खाप के भांजे हैं। घर व परिवार के सदस्यों पर हुए हमले व आगजनी का पूरे कंडेला खाप को दुख था इसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता लेकिन पंचायत ने जो फैसला किया है उससे सभी संतुष्ट हैं। :- टेकराम कंडेला प्रधान कंडेला खाप

सिंधु परिवार का संबंध बेशक सतरोल से हो लेकिन पिछले 70 साल से रोहतक में रहने के कारण वे हमारे भाई हैं। परिवार ने हमेशा ही क्षेत्र के सुख-दुख में साथ दिया है, इस परिवार द्वारा रोहतक क्षेत्र को दिए योगदान को भुलाया नहीं जा सकता । एक बूरा समय था निकल गया। रोहतक के लोग सिंधु परिवार के साथ मजबूती के साथ खड़े हैँ । :- महेन्द्र सिंह नांदल खाप –

वरदान फाउंडेशन करने जा रहा है टैलेंट ऑफ सर्च
talent hunt competition

नई दिल्ली। भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में एक से एक प्रतिभा छुपी हुई है जरूरत है तो उन्हें निखारने ओर खोजने की। लेकिन कुछ ही संस्था ऐसी होती है जो यह कार्य करते है। ऐसा ही प्रयास किया है। वरदान फाउंडेशन (एनजीओ) ने । जी हां 19 जनवरी को वरदान फाउंडेशन की ओर से टैलेंट ऑफ सर्च कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में किसी भी उम्र के लडक़े, लडक़ी, महिला या पुरुष अपनी कोई भी प्रतिभा दिखा सकते है। सबसे अच्छी प्रतिभ दिखाने वाले को पुरस्कार दिया जाएगा। इस मौके पर कार्यक्रम का आयोजन करने वाली नीलम रावत ने बताया कि भारत के हर कौने में एक से एक टैलेंट छुपा हुआ है। इसी टैलेंट को निकालने के लिए हमने यह प्रयास किया है। हमारा प्रयास है कि हम प्रतिभाओं को देश के सामने लाए एवं उन्हें वह सम्मान दिलाए जिसके वे अधिकारी है। कई बार बिना मार्ग दर्शन व मौके के प्रतिभाएं दम तौड़ देती है हम उन्हें वह मौका देना चाहते है जिससे वे अपने भविष्य को उज्जवल बना सकें ।

vardan foundation programme

बहालगढ़ में दिखा बच्चों का जुनून
dance audition 2020
dance audition 2020

भागवत ज्योति फ्री संस्था केन्द्र ने लिया बच्चों का आडिशन

dance program in bahalgarh
dance program in bahalgarh

बहालगढ। दिल्ली से कुछ ही दूर बहालगढ में भागवत ज्योति फ्री संस्था केन्द्र की ओर से डॉस प्रतियोगिता के लिए डॉस ऑडिशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऑडिशन में बच्चों ने बढ़ चढक़र भाग लिया। बच्चों की प्रतिभा देख कर जज भी दंग रह गए। ऑडिशन में कुछ बच्चे तो ऐसे भी थे जिन्होंने कहीं डॉस की कक्षाएं भी नहीं ली लेकिन प्रतियोगिता में अन्य बच्चों को कड़ी टक्कर दी। इस मौके पर बच्चों की प्रतिभा ने सभी को सम्मोहित किया। इस संस्था की अध्यक्ष ममता ने कहा कि यह काफी खुशी की बात है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों के पास भी इतनी ज्यादा प्रतिभा है कि अगर उन्हें थोड़ा सा सही मार्ग दर्शन मिले तो यह बच्चे किसी से भी कम नहीं होगे। हमेे आशा है कि हमारी संस्था ऐसे ही बच्चों को सही मार्गदर्शन देगी ताकि ये बच्चें अपने उज्जवल भविष्य का निर्मण कर सकने में सक्षम हो सकें। इस मौके पर मनीष आर्या, हरीश सैनी, मनीषा आदि लोगों ने कार्यक्रम को संपूर्ण करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

25 जनवरी को फाईनल

निर्भया केस: फांसी की रस्सियों को साफ्ट बनाए रखने के लिए तिहाड़ ने मंगाए केले
nirbhaya case fasi
निर्भया गैंगरेप के दोषी

नई दिल्ली। nirbhaya case fansi date दिल्ली के निर्भया गैंगरेप केस के चारों गुनहगारों की फांसी का दिन जैसे-जैसे करीब आ रहा है, वैसे-वैसे तिहाड़ जेल प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। अब फांसी की रस्सियों के लिए पके हुए केलों की मांग की गई है, जिससे इन रस्सियों को मुलायम बनाए रखा जा सके। इन रस्सियों का ट्रायल हो चुका है। इसमें निर्भया के दोषियों की डमी को सूली पर चढ़ाया गया था। रस्सियों को मुलायम बनाए रखने के लिए पहले मक्खन का इस्तेमाल भी किया गया था। इन्हें रपटीला बनाए रखना जरूरी है ताकि फांसी की गांठ आसानी से ऊपर-नीचे हो पाए। सूत्र बताते हैं कि जेल अधिकारियों ने फंदे के लिए चारों दोषियों के गले का नाप लिया था। इस दौरान वे रोने लगे और जेल अधिकारियों से उन्हें छोड़ने की गुजारिश करने लगे। बाद में उन्हें काउंसलर की मदद से शांत करवाया गया। जेल अधिकारियों ने बताया कि वे कुछ किलो केले खरीदेंगे और उन्हें पीसकर चारों रस्सियों पर लगाएंगे। ये वही रस्सियां हैं जिनका डमी के गले में डालकर ट्रायल लिया गया है। फांसी वाले दिन जल्लाद रस्सियों पर अन्य चिकनाई वाली चीज भी लगाएगा। यह भी पता चला है कि रस्सी का टेस्ट दोषी के वजन से कुछ फालतू वजन वाले डमी या सैंड बैग से होता है ताकि रस्सी कितना वजन झेल सकती है, यह पता चल सके। जेल अधिकारी ने बताया कि प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन करना जरूरी होता है, वर्ना यह किसी कत्ल की तरह होगा। उन्होंने बताया कि कैदी जितना भारी होगा, उसे उतना कम ऊपर से लटकाया जाता है। माना जा रहा है कि जेल प्रशासन इनकी फांसी के लिए इस्तेमाल होने वाली चार रस्सियों के अलावा बैकअप में रखी गईं अन्य 8 रस्सियों पर भी ट्रायल करेगा। बताया जा रहा है कि अभी तक के ट्रायल कामयाब तो रहें हैं, लेकिन उनमें समय अधिक लग रहा है। इसलिए और ट्रायल करके समय कम करने की कोशिश की जाएगी। दूसरा आपस में को-ऑर्डिनेशन में जहां भी कमी दिख रही है, उसे भी दुरुस्त किया जाएगा।

SC Junks Curative Pleas Filed by 2 Nirbhaya Case Convicts, Clears Way for Execution on Jan 22

साजन बालियान बेस्ट एंकर कॉमेडियन अवॉर्ड से सम्मानित
Sh.Ramdas Athawale Ji (Minister of State for Social Justice & Empowerment) give the award to Sajan Baliyan Anchor

नई दिल्‍ली। देश की राजधानी दिल्ली में टी टाइम म्यूजिक व बॉलीवुड सिने रिपोर्टर द्वारा आयोजित 9 वे बी सी आर आवार्ड कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर समारोह में यूपी के साजन बालियान को केन्द्रीय मंत्री श्री रामदास अठावले ने बेस्ट एंकर व कॉमेडियन का अवार्ड देकर सम्‍मानित किया इस अवार्ड समारोह में मेडिकल ,शिक्षा , समाज सेवा ,राजनीति, खेल मीडिया व फ़िल्म एंटरटेनमेंट की दुनियां से जुड़े सैकड़ो लोंगो को केंन्द्रीय मंत्री श्री रामदास अठावले व उत्तरखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अवार्ड देकर सम्मनित किया गया।
साजन बालियान ने अपने टैलेंट के दम पर मिडिया एंटरटेनमेंट की दुनियां अपनी अलग पहचान बनाई हैं । साजन जिला मुजफ्फरनगर के गाँव खेड़ी सुंडियाँन से एक किसान परिवार से है और निरंतर अपने प्रयास से अपने ज़िले व यूपी का नाम रोशन कर रहे हैं।उन्होंने 9 बी सी आर अवार्ड समारोह के आयोजक अजय शास्त्री व उनकी टीम को धन्यवाद दिया।

Sajan Baliyan Anchor
Sajan Baliyan Anchor

क्‍या कहा साजन बालियान ने

यह अवार्ड प्राप्‍त करना सम्‍मान की बात है। इस प्रकार के सम्‍मान उन्‍हें आगे बढने के लिए गौरवान्वित करते है तथा आगे बढने के लिए प्रेरित करते है। इसके अलावा उन्‍होंने कहा कि हर व्‍यक्ति को अपने जीवन में अपना लक्ष्‍य पाने के लिए प्रयास करने चाहिए प्रयास व मेहनत ही वह वस्‍तु है जो किसी आम आदमी को खास व्‍यक्ति बनाने में मदद करती है। आज जो सम्‍मान लोगों ने उन्‍हें दिया है वह उसके आभारी है एवं भविष्‍य में भी वह प्रयास करेंगे की लोगों का प्‍यार इसी प्रकार से बना रहें ।

2020 1st Best #Anchor #Comedian #Award Received #9th_BCR_Achievers_Award_2020

राज्यस्तरीय किक्रेट प्रतियोगिता का शुभकामनाएं
rajasthan tennis ball cricket tournament
rajasthan tennis ball cricket tournament

राजस्थान के पुरुष वर्ग में 14 जिले एवं महिला वर्ग में 9 जिले भाग ले रहे हैं

हिण्डौन । राज्यस्तरीय ,राजस्थान टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन जिला करौली के तत्वाधान में महाराजा सूरजमल स्टेडियम जाट की सराय हिंडौन सिटी में हुआ । प्रतियोगिता के आयोजन सचिव आजेंद्र सोलंकी एवं प्रियकांत बेनीवाल ने बताया कि प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि पारस हॉस्पिटल के डॉक्टर नवाब सिंह बेनीवाल एवं अध्यक्षता राजस्थान जाट महासभा के जिला अध्यक्ष करतार सिंह चौधरी ने की विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रतियोगिता के पर्यवेक्षक भवानी सिंह, राजस्थान टेनिस बाल संघ के प्रदेश सचिव सलीम खान उपाध्यक्ष ठाकुर मल शर्मा, सफी मोहम्मद संयुक्तसचिव फजले मोहम्मद,, आरिफ हसन,,, अब्दुल सलाम,,,, राजसमंद जिला सचिव नितिन तिवारी चित्तौड़गढ़ जिला सचिव मोहम्मद वसीम थे इस दौरान मुख्य अतिथि डॉक्टर नवाब सिंह खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए खेल नियमों का पालन करने के लिए एवं खेल की भावना से खेलने के लिए कहा वही अध्यक्षता कर रहे राजस्थान जाट महासभा करौली के जिलाध्यक्ष करतार सिंह चौधरी ने राजस्थान प्रदेश के दूर-दूर से आने वाले सभी जिलों के खिलाड़ियों एवं सभी पदाधिकारियों का हिंडौन नगरी में हार्दिक स्वागत अभिनंदन करते हुए खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया इस दौरान आयोजन सचिव आजेंद्र सोलंकी,, सोनू बेनीवाल हरवीर सोलंकी के के बेनीवाल जावेद खान समीर खान आदि ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में वेदरतन जैमिनी, प्रियकांत बेनीवाल,अनिल भारद्वाज संतोष राणा, आसिफ खान, शमशाद शेख, हैं I प्रतियोगिता का आयोजन सचिव आजेंद्र सोलंकी एवं प्रियाकांत बेनीवाल ने बताया कि प्रतियोगिता में राजस्थान के पुरुष वर्ग में 14 जिले एवं महिला वर्ग में 9 जिले भाग ले रहे हैंI

प्रतियोगिता के आयोजन सचिव आजेंद्र सोलंकी एवं प्रियकांत बेनीवाल

आदर्श जाट महासभा द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय जाट चिंतन शिविर सफलतापूर्वक संपन्न
आदर्श जाट महासभा
international jaat divas
  • जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज सभी मुकद्दमें रद्द करवाने,
  • आंदोलनकारी सभी जाट युवाओं को जेल से बाहर निकलवाने के लिए हर रणनीति पर कार्य करने,
  • मृत्यु भोज व अन्य तमाम समाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने,
  • आदर्श जाट महासभा के 14 राज्यों केअपने संगठन के पूर्नगठन के फैसले,
  • 51सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के शपथग्रहण समारोह व कौम हित के लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ संपन्न हुआ
  • देश की राजधानी क्षेत्र में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय जाट चिंतन शिविर,अलग-अलग सत्रों में अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञों ने रखें अपने-अपने विचार,हर मुद्दे पर की गई खुलकर चर्चा, खोजें गए समाधान, कई मामले में ऐतिहासिक रहा यह शिविर,धरातल पर कार्य करने के लिए बनी टीमें, महासभा बनाएगी अपने संगठन की अलग अलग सैल

नई दिल्ली एन. सी.आर.। देश की राजधानी क्षेत्र में आदर्श जाट महासभा के बैनर तले महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कद्दावर राष्ट्रीय जाट नेता चौधरी पवनजीत सिंह बनवाला की अध्यक्षता में जुटे विश्व भर के जाट सरदारों ने ऐतिहासिक रूप में अपनी कौम के व्यापक हितों के लिए दो दिनों तक कौम के हर मुद्दों पर खुलकर चिंतन व मंथन किया, समाधान खोजें व लिए गए निर्णयों को धरातल पर लागू करने के लिए अलग अलग क्षेत्रों की अलग अलग टीमों का गठन भी किया।

इसे भी पढिये – international jat parliament को जानिये जाटों के गौरवशाली इतिहास के बारे में

देश व विदेश के भी जाट बुद्धिजीवियों की नजर जहाँ राजधानी क्षेत्र में पहली बार अपनी कौम के चिंतन व मनन के लिए लगातार दो दिन व रात तक चिंतन व मनन के लिए जुटे जाट सरदारों पर थी वहीं प्रशासन व शासन की निगाहें भी पुरी तरह से यहाँ टिकी हुई थी जहाँ एक और सरकार का खुफिया तंत्र पुर्ण मुस्तैद था वहीं दूसरी ओर चौधरी पवनजीत सिंह बनवाला व उनकी टीम के प्रत्येक पदाधिकारियों की पल पल की गतिविधियों की रिपोर्टें भी उचित माध्यम से आला अधिकारियों के समक्ष खुफिया तंत्र द्वारा पहुचाई जा रही थी।

वीर तेजा जी महाराज व अन्य जाट महापुरुषों के जयकारों के साथ शानदार तरीके से इस शिविर का आगाज 4जनवरी को किया गया व रात्रि 12:35मिनट तक अलग अलग सत्रों में अलग अलग ढंग से कौम के हर मुद्दों पर खुलकर विचार विमर्श करके चौधरियों ने समाधान खोजने के प्रयास किये। विचारधारा के साथ आगे बढने का संकल्प लेते हुए आदर्श जाट महासभा की अलग अलग विंगों के गठन का ऐलान हुआ तो 51 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का शपथग्रहण भी।

चौधरियों ने चिंतन शिविर के लिए भी विशेष स्थान का चयन किया था। मट्रों स्टेशन के बिल्कुल नजदीक नोएडा के शानदार व पाश क्षेत्र सैक्टर- 39में बने प्रीत मंच में सम्पन्न हुआ यह शिविर कई मामलों में ऐतिहासिक रहा। इस शिविर में हरियाणा के जीन्द जिले के गाँव भिखेवाले के मात्र एक एकड़ के साधारण किसान से लेकर जोधपुर में कपडा मिल के मालिक चौधरी मूलाराम पोटलिया तक ने एक जैसा भोजन ग्रहण किया व सभी के साथ एक जैसा व्यवहार किया गया, कोई मंच नहीं, कोई विशेष औपचारिकताएं नहीं, ऐसा लग रहा था कि मानों एक संस्कारित परिवार के सदस्य आपस में बैठकर अपने परिवार पर चिंतन कर रहे थे।

सेना से रिटायर्ड ब्रिगेडियर व महासभा के एक्स सर्विस मैंन सैल के अध्यक्ष यशवीर सहरावत, कृषि विभाग के रिटायर्ड डायरेक्टर,महासभा के प्रांतीय संयोजक व राजस्थान के आर.ए.एस.जिला रसद अधिकारी झंझनु सुभाष ख्यालिया, प्रसिद्ध भामाशाह व उधोगपति शिवकरण जानू, उधोगपति रविन्दर पोटलिया, मध्यप्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली, हरियाणा समेत तकरीबन 14राज्यों के जाट सरदारों व विदेश में व्यवसाय कर रहे एन.आर.आई. मोहन हुड्डा,महासभा के राष्ट्रीय संयोजक रिटायर्ड क्लास वन अधिकारी श्री डुंगर सिंह बाना समेत अनेक अपने अपने क्षेत्र की महान शख्सियतों ने इस शिविर में शिरकत की वही आम किसानों व ग्रामीण प्रतिनिधियों व अन्य क्षेत्र के साधारण से लेकर उच्च अधिकारियों तक ने अपनी भागीदारी दर्ज की।

शिविर में महासभा के नई दिल्ली के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सिंह आर्य, महाराष्ट्र के प्रदेशाध्यक्ष प्रताप सिंह तरड़, हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष जोधा सिंह समेत तमाम पदाधिकारियों ने महासभा की सभी राज्यों की ईकाइयों को भंग करके तीन महीने में सभी राज्यों में चुनाव करवाकर नई प्रदेश ईकाइयों के गठन का भी फैसला लिया गया।

चुनाव सम्पन्न होने तक अलग अलग राज्यों में अलग अलग कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्क्षों चुनावों तक जिम्मेदारियां भी सौंपी गई जिसमें महाराष्ट्र में कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष श्री सुभाष जी दायर व उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जी साहु तथा राजस्थान में श्री शिवकरण जी जानू को प्रदेशाध्यक्ष व श्री रविन्द्र पोटलिया को उपाध्यक्ष व अन्य प्रदेशों में भी अलग अलग पदाधिकारियों को अलग अलग जिम्मेदारियां दी गई है।

महासभा के माननीय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मूलाराम जी पोटलिया, माननीय राष्ट्रीय महासचिव श्री रघुवीर जी तरड़, माननीय राष्ट्रीय संयोजक श्री डुंगर सिंह जी बाना, मुख्य सचिव श्री संजय तेवतिया जी, आई. टी.सैल के अध्यक्ष श्री देवेंद्र चौधरी जी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री विजेंद्र छिल्लर जी व अन्य सम्मानित पदाधिकारियों की टीम ने काफी सोच विचार कर युवा विंग का पुनर्गठन करते हुए नई दिल्ली के सफदरगंज हस्पताल के नर्सिंग अधिकारी श्री नवीन जी भैड़ा को युवा विंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री संजीव बैनिवाल सिरसा को हरियाणा युवा विंग का प्रदेशाध्यक्ष, श्री प्रदीप फतेहाबाद को युवा विंग हरियाणा का प्रांतीय महासचिव, महिला विंग में श्रीमती मोनल सिंह को महिला विंग मध्यप्रदेश की अध्यक्ष व तकरीबन दो दर्जन नई नियुक्तियों को भी स्वकृतियां प्रदान की।

इस शिविर में महासभा की पुरानी राष्ट्रीय कार्यकारिणी का समस्त लेखा जोखा भी प्रस्तुत किया गया व उस पर गहराई से चिंतन कर उसे स्वकृति दी गई व नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने विधिवत रुप से कार्यभार संभाला।शिविर में महिला विंग की कविता चौधरी, रोशनी सहारण आदि महिला वक्ताओं ने समाज में महिलाओं की स्थिति पर खुलकर विचार रखें।
दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय जाट चिंतन शिविर की झलकियाँ:-

1.शिविर में 15वर्ष तक के बच्चे बच्चियों से लेकर 76वर्ष तक के बुजुर्गों ने भाग लिया।

2. सभी शिविरार्थियों ने एक जगह एक समान भोजन ग्रहण किया व एक साथ ही सामुहिक रात्रि विश्राम किया।

3.सबको समान समझते हुए कोई मंच या स्टेज नहीं बनाई गई।

4.शिविर में बड़े बड़े अधिकारियों, कर्मचारियों, उघोगपतियों, किसानों व जाट कौम के हर तबके के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।

5. सम्मेलन में शामिल सभी लोगों का जोश देखते ही बनता था।

  1. शिविर में महिला प्रतिनिधियों की भी अच्छी खासी भागीदारी रही।