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Asian Wrestling में जाटों का बेहतर प्रदर्शन
एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2020
Asian Wrestling Championships 2020

Asian Wrestling Championships 2020 नई दिल्ली। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2020 में भारत ने पांच गोल्ड, 6 सिल्वर एवं 9 ब्रांज मेडल सहित 20 पदक प्राप्त करके तीसरा स्थान हासिल किया। जबकि जापान की टीम ने Asian Wrestling Championships 2020 में 8 स्वर्ण पदक हासिल करने के पश्चात पहले स्थान पर रही। आपको बता दें कि 20 पदकों में से 17 पदक जाट समाज के युवा खिलाडिय़ों ने हासिल किए है। जिससे आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को गौरवान्वित करने में जाट समाज के योगदान का अंदाजा लगा सकते हैं। Asian Wrestling Championships 2020 में समाज के नौजवानों ने बेहतर प्रदर्शन कर देश व समाज का नाम रोशन किया है ।

Asian Wrestling 20 में से 17 पदक जाट नौजवानों ने किए हासिल

एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2020 में भारत का प्र्रतिनिधित्व करते हुए ग्रीको- रोमन 87 किलोग्राम वर्ग में सुनील कुमार ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया तो वहीं दूसरी और इसी वर्ग में 27 साल बाद किसी भारतीय खिलाड़ी ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किय। आपको बता दें कि इससे पहले 1993 में पप्पू यादव ग्रीको- रोमन वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। इसके साथ ही साथ फ्रीस्टाइल में रवि कुमार दहिया ने भी स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाला।
पदक लाने में महिलाए भी किसी प्रकार से पुरूषों से कम नहीं रहीं और 55 किलोग्राम फ्रीस्टाइल में पिंकी, 59 किलोग्राम में सरिता मोर और 68 किलोग्राम फ्रीस्टाईल में दिव्या काकरण ने भारत की झोली में गोल्ड डालकर देश क सम्मान बढ़ाया।
अगर बात की जाए रजत पदक की तो पुरूष वर्ग में बजरंग पूनिया, जितेन्द्र कुमार, गौरव बलियान, सत्यवर्त कादियान ने व महिला वर्ग में निर्मला देवी व साक्षी मलिक ने रजत पदक अपने नाम किया।
वहीं राहुल अवारे, दीपक पूनिया, आशू, आदित्य कुंडू, हरदीप सिंह, विनेश फोगाट, अंशू मलिक, गुरशरण प्रीत कौन ने कांस्य पर निशाना लगाया।

एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2020
Asian Wrestling Championships

समाज के नौजवानों का खेलों में महत्‍वपूर्ण योगदान

गौरतलब है कि हर बार खेलों में प्राप्त सभी पदकों में जाट समाज के युवाओं का एक बड़ा योगदान होता है। जिस प्रकार से जाट समाज के बड़ बुढ़े अपने बच्चों को खेलों में जाने के लिए प्रेरित करते है साथ ही साथ समाज का मिट्टी से जुड़ाव ही खेलों के लिए नौजनवारों को प्रेरित करता है। मिट्टी व देशभक्ति की यही प्रेरणा युवाओं को पदक प्राप्त करने में एक बड़ा योगदान देती है। किसी भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में मेडल प्राप्त करना एक बड़ा लक्ष्य होता है लेकिन जब कुल प्राप्त मेडलों में से एक बड़ा येागदान किसी एक समाज के नौजवानों का होता है तो उस समाज की खुशी और देशभक्ति का अंदाजा लगाया जा सकता हैं।
अगर समाज के स्टार खिलाडिय़ों की बात की जाए तो साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट आदि नाम विशेष तौर पर लिए जाते हैं।

एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2020
Asian Wrestling Championships 2020 medal list

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Delhi News हिन्दू मुस्लिम एकता ने बचाई कई जानें
दंगों का दर्द
delhi violence affected areas

Delhi News नई दिल्ली। दंगों में हिन्दू-मुस्लिम के बीच की खाई की सच्चाई का अहसास होता है। वहीं दूसरी और दंगों से निकलने वाली कुछ खबरें हमें अहसास दिलाती है कि हां हिन्दू-मुस्लिम एक भारत का हिस्सा है। हम उस भारत के निवासी है जिसकी आजादी के लिए दोनों धर्मों के लोगों ने मिलकर कुर्बानी दी। जहां राम और रहीम का नाम साथ लिया जाता है।

जहां एक गुलाम देश को आजादी के रास्ते से निकाल कर आज विश्व शक्ति के रूप में खड़ा करने में दोनों धर्मों का योगदान है ना किसी का कम, ना किसी का ज्यादा। यही हिंसा हमें अहसास दिलाती है कि हिन्दू लड़की की शादी में मुस्लिम समाज सुरक्षा का घेरा डालकर खड़ा हो सकता है। तो वहीं मस्जिद को तोड़ते लोगों को रोकने के लिए एक हिन्दू भी खड़ा हो सकता है। Delhi News मुस्लिम परिवार को बचाने के लिए एक हिन्दू अपनी जान खतरे में डाल सकता है तो वहीं एक हिन्दू परिवार को बचाने के लिए मुस्लिम समाज पूरी रात गली में पहरा दे सकता है। Delhi News

Delhi News रिश्‍तो की खाई को याद दिलाते है दंगे

दिल्ली हिंसा की आग ने कई परिवारों के चिराग बुझा दिए। बहुत से लोगों को अपने जीवन की एक नए सिरे से शुरूआत करनी होगी। हिन्दू- मुस्लिम के बीच की खाई का अंदाजा समय समय पर लग जाता है जब कहीं से खबर आती है कि दंगे हो गए। हमारे रिश्तों में किसी प्रकार की कोई कमी तो है जो हर बार दंगाई अपने मनसूबों में कामयाब हो जाते है।

लेकिन इन सबके बीच कुछ खबरें ऐसी सुनने को मिलती है जिनसे हमें लगता है कि हां आज भी हमारे बीच एकता बनी हुई हैं। सीएए और एनआरसी के विरोध करते करते कब विरोध दंगों में बदल गया किसी को इसका अहसास भी नहीं हुआ। किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने शादी के केवल दस दिन बाद ही अपना शौहर खो दिया। लेकिन इन सबके बीच कुछ खबरों ने हमें सुकून दिया कि हां अब भी हमारा भाईचारा जिंदा है जिसके दम पर हम आगे भी सुरक्षित भाव से अपना जीवन जी सकते हैं।

Delhi News मंदिर मस्जिद मार्ग का नाम हुआ चरितार्थ

नूर-ए-इलाही हलाकें में मंदिर मस्जिद मार्ग नाम से एक सड़क है। यहां कुछ ही दूरी पर मंदिर व मस्जिद है। मंदिर की घंटियों की आवाज मस्जिद तक जाती है तो मस्जिद की आजान की आवाज मंदिर तक जाती है। दंगाईयों ने लोगों में जहर घोलने के लिए इसी जगह को निशाना बनाने की कोशिश की लेकिन हिन्दू -मुस्लिम समाज की एकता और भाईचारे के आगे दंगाईयों को वापस लौटना पड़ा। दंगों की खबर फैलते ही कुछ हिन्दू समाज के लोगों ने मस्जिद की रक्षा की तो वहीं कुछ मुस्लिम समाज के लोगों ने मंदिर की हिफाजत में डटे रहें।

दिलबर नेगी के अंतिम संस्कार के लिए मुस्लिमों ने की मदद

दिलबर
दर्द जब छलकता है आखों में हर मजहब और धर्म धुल जाता है।

दंगों में दिलबर को बेरहमी से मारा गया। उन्हें जला दिया गया। दिलबर 6 महीने पहले रोजगार की तलाश में उत्तराखंड से दिल्ली आए थे। दंगों में उनकी मौत हो गई। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। परिवार के पास अंतिम संस्कार के पैसे भी नहीं थे। उस समय मुस्लिम समाज ने आगे आकर आर्थिक मदद करने का फैसला लिया ।

नॉर्थ इस्ट दिल्ली के घोंडा गांव में स्थित भगतान मोहल्ले में भी लोगों ने गंगा जमुना तहजिब की मिसाल पेश की यहां हिन्दू समुदाय के लोगों ने अपने बीच रहने वाले 12 मुस्लिम परिवारों के लिए सुरक्षा दिवार का काम किया। दंगाईयों ने परिवार को नुकसान पहुंचाने की भरसक कोशिश की लेकिन हिन्दू परिवार के लोगों ने दिन-रात उनकी रक्षा के लिए पहरा दिया।

इस संबंध में इस जगह रहने वाली बुजुर्ग हाजरा ने कहा कि पिछले 35 साल से यहां किराए पर रह रहें है। कभी नहीं लगा कि हम लोग असुरक्षित है। हमारे इस विश्वास को भी हिन्दू भाईयों ने कभी नहीं खोने दिया। जब हिंसा की खबरे और दंगे का अंदेशा होने लगा तो हिन्दू भाईयों ने मिलकर हमारी रक्षा की। मैंने अपनी सारी बेटियों की शादी यहीं की है। अपनी आखिरी सांस तक इन लोगों के बीच में ही रहूंगी।

बंटवारे के clomid tablets uk समय भी यहीं रहने का फैसला किया अब तो सवाल ही नहीं

राष्ट्रीय स्तर के पहलवान रह चुके एवं पूर्व सिपाही 52 वर्षीय शाहिद ने कहा कि गांव के लोग पूरे समय पहरा दे रहे थे। हमारे पड़ोसी शीशराम ने हमारी जान बचाई। कई लोग बातों बातों में गांव छोडऩे को भी बोलते है लेकिन कोई यह नहीं समझता जब बंटवारे के समय ही गांव नहीं छोड़ कर गए तो अब तो सवाल ही नहीं उठता की गांव छोड़ दें।

हमारे परिवार का हिस्सा हैं स्थानीय लोग

मुस्लिम भाईयों की जान बचाने वाले शीशराम ने कहा कि दंगाई कई बार हमला करने के लिए आए लेकिन हर बार हम उन्हें भगा देते थे। हमने तय कर लिया था कि किसी भी कीमत पर मुस्लिम भाईयों को कुछ भी नहीं होने देना है। यह केवल एक परिवार की जिंदगी का सवाल नहीं था यह हमारे भारत की अखंडता और एकता पर एक सवालिया निशान था जिसका जवाब हमें हमारी एकता से देना है। हमने उन पर आंच नहीं आने दी।

25 लोगों को सुरक्षित रखा

सुरक्षित लोग
लोगों को सुरक्षित रखा

चिराग ने बताया कि दंगों की खबरे मिलने के बाद हमने अपने आस पास के 25 मुस्लिम समुदाय के लोगों को अपने घर में रखा। जब तक यह तय नहीं हो गया कि अब माहौल सुरक्षित है तब तक उन लोगों को घर में सुरक्षित रखा और पूरा समय घर की पहरेदारी की। यह हमारा परिवार है। हम एक दूसरे के साथ सुख में दुख में शरीक होते है। एक साथ त्यौहार मनाते है तो फिर कैसे कोई बाहर का व्यक्ति आकर हमारे परिवार के लोगों को डरा धमका सकता है कोई हानि पहुंचा सकता हैं।

jat भनवाला गोत्र का चौथा राष्ट्रीय महासम्मेलन जीन्‍द में सम्पन्न
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jat मेरे लिए भनवाला खाप का सम्मान बेशकीमती- चौधरी

jat जीन्द- रविवार को भनवाला खाप का राष्ट्रीय महासम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का आयोजन आसन के जय भारत हाई स्कूल में किया गया था। jat
इस अवसर पर प्रमुख रूप से भनवाला खाप के प्रधान सतपाल भनवाला, अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान, कद्दावर राष्ट्रीय जाट नेता व सर्वजातीय खाप महापंचायत के प्रमुख नेता चौधरी पवनजीत सिंह भनवाला, मास्टर किताब सिंह भनवाला, ठेकेदार जयसिंह,शिक्षाविद सतपाल कांसडी आदि गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की।jat कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न मुद्दोंपर चिंतन व मंथन करना था।

इस अवसर पर करोडा, सिंगवाल, कांसडी, आसन, कुकरकंडा, सिवाहा,पिल्लूखेडा,अथो,तारखां,धरौदी,लितानी,डिडवाडी, सारा, झील आदि समेत पूरे देश से भनवाला गोत्र के लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत करते हुए अपना योगदान दिया।
इस अवसर पर सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान चौधरी पवनजीत सिंह भनवाला (jat) ने अपने सम्बोधन में कहा कि यूं तो वो देश के कोने कोने में जाकर समाज के बड़े से बड़े आयोजनों में शिरकत करते हैं चाहे गुजरात की बात हो चाहे मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक तेलंगाना या उत्तर प्रदेश की बात हो हर जगह आयोजनों में आपके इस भाई व बेटे को समाज द्वारा भरपूर मान सम्मान दिया जाता है परंतु भनवाला खाप में मिले मान-सम्मान का महत्व सबसे अधिक है व मैं इससे बहुत अभिभूत हूं और ऐसा लगता है कि मैं अपने परिवार के बीच अपनी बातें कर रहा हूं ।jat

भनवाला खाप के इतिहास पर डाला प्रकाश

चौधरी पवनजीत ने भनवाला खाप के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि सभी भनवाला गोत्र के लोगों को टांग खिंचाई छोड़कर हाथ खिंचाई करनी चाहिए और भनवाला गोत्र का कोई भी व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में अगर आगे बढ़ रहा है तो उसका सहयोग करना चाहिए।

शिक्षा के क्षेत्र पर बोलते हुए पवनजीत ने कहा कि आज कंपटीशन का जमाना है और कंपटीशन क्लियर करने के लिए महंगे महंगे कोचिंग सेंटरों का खर्चा वहन करने में ग्रामीण क्षेत्र के लोग असमर्थ है इसलिए प्रतिभावान बच्चों को कोचिंग व शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढने के लिए खाप को सहायता करनी चाहिए व जरूरतमंद बच्चों को कोचिंग की व्यवस्था भी खाप द्वारा निशुल्क ढंग से करवाई जानी चाहिए। पवनजीत ने कहा कि हमारी खाप 36 बिरादरी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखने वाली खाप है इसलिए खाप की कार्यकारिणी बनाते समय हर वर्ग के जो भी बनवाला गोत्र के गांव में लोग रहते हैं चाहे हरिजन भाई हो चाहे पिछड़े वर्ग के भाई हो सभी जातियों के प्रतिनिधियों को जगह दी जानी चाहिए।

पवनजीत भनवाला ने स्पष्ट किया भनवाला खाप हमेशा से समाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेती रही है। उन्होंने कहा कि खाप व्यवस्था हमारें समाज का एक अभिन्न अंग है इस व्यवस्था से हमारी प्राचीन संस्कृति सभ्यता व परंपरा परंपराओं का संरक्षण भी होता है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए भनवाला खाप के प्रमुख नेता चौधरी किताब सिंह भनवाला ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पवनजीत बनवाला ने जो प्रस्ताव रखे हैं हम उसका समर्थन करते हैं और खाप को शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने की जरूरत है अन्य क्षेत्रों में भी भनवाला खाप को बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए किताब सिंह भनवाला ने कहा कि बेशक पवनजीत बनवाला आज राष्ट्रीय स्तर के कद्दावर जाट नेता है व जाट समाज के संगठन जिनके ये राष्ट्रीय प्रधान हैं उसमें 80 से भी ज्यादा खापों के प्रतिनिधि शामिल हैं

परंतु हमारी खाप के लिए पवनजीत भनवाला एक बेटे ही है और यह एक शानदार उपलब्धि उन्होंने पूरे भारत में हासिल की है इससे उन्होंने ना सिर्फ अपने गांव का अपितु पूरे भनवाला गोत्र का नाम पूरे भारत में रोशन करने का काम किया है अन्य क्षेत्रों में भी भनवाला गोत्र के अलग-अलग बच्चों ने ना सिर्फ अपने गांव का अपितु पूरे भनवाला गोत्र का नाम पूरे देश में रोशन करने का काम किया है हमारी खाप को ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों पर गर्व है और हमारा आशीर्वाद सदैव इन विशेष प्रतिभाशाली बच्चों के साथ रहेगा।

किताब सिंह भनवाला ने खाप के अन्य पहलुओं पर भी प्रमुखता से प्रकाश डाला। खाप के प्रधान सतपाल सिंह भनवाला ने कहा कि भनवाला खाप के गांवों में पंचायतों का चुनाव निर्विरोध रूप से करने का प्रयास करना चाहिए जिससे भाईचारा ना बिगड़े तथा छोटे-मोटे मामले गांव में ही मिल बैठकर सुलझाने चाहिए। इस सम्मेलन को गंगा राज करोड़ा ,जय सिंह आर्य, सतपाल कांसडी, गूगन मास्टर करोडा, पुर्ण सरपंच डिडवाडी,लालू हथो,सतबीर भनवाला ,डाक्टर बलवीर, मा.रामकिशन, दयानन्द नंबरदार, कृष्ण नंबरदार,रामदिया एक्स सरपंच,डाक्टर रामकुमार , टेका भनवाला समेत खाप के दर्जनों प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का मंच संचालन सिवाहा गांव के सरपंच वेदपाल भनवाला ने किया

Deepak dahiya: जाट ने किया डंडे से पिस्टल का सामना
head constable deepak dahiya stayed in front of a riot pistol
deepak dahiya

Deepak dahiya: बहादूरी खून में होती है

Deepak dahiya: नई दिल्ली। कहते है बहादूरी खून में होती है और समय समय पर यह बाहर निकल कर आती रहती हैं। जाटों के बहादूरी के किस्से मशहूर हैं। यह बहादूरी दिखाई देती है तो केवल रक्षा के समय और देश के सम्मान के समय। ऐसा ही नजारा दिखाई दिया दिल्ली के मौजपुर में पिस्टल थामे युवके के सामने जब दीपक दहिया (head constable deepak dahiya) खड़े हो गए।

अपनी जान की परवाह न करते हुए कांस्टेबल दीपक दहिया (head constable deepak dahiya) डंडे के सहारे मौजपुर वैष्णो देवी मंदिर में अपनी ड्यूटी दे रहे थे लेकिन अचानक भीड़ उग्र हो गई और कुछ लोग पत्थरों से हमला करने लगे इसी बीच शाहरूख नाम का एक युवक पिस्टल हाथ में लिए आगे बढऩे लगा लेकिन दीपक दहिया (head constable deepak dahiya) ने किसी बात की परवाह ना करते हुए एक डंडे के भरोसे उसके सामने खड़े हो गए और उसे समझाने लगे। सभी लोग यह नजारा देखने लगे और कईयों ने तो इसे फौन पर कैद कर लिया। युवक ने कई राउंड फायर किया लेकिन दीपक ने अपने कर्तव्यों को तवज्जो देते हुए उसके सामने निडर होकर खड़े रहे।

दीपक दहिया का कहना है कि अगर मैं डरता तो वह औरों को मार डालता। दूसरों की रक्षा के लिए दीपक दहिया ने अपनी जान जोखिम में डाल दी। युवक ने दीपक को गोली मारने की धमकी दी तो वहीं भीड़ ने भी गोली मारने के लिए प्रेरित किया। इन सब परिस्थितियों में भी दीपक अपनी जगह पर डटे रहे। शायद इसीलिए जाट अपनी बहादूरी और जाबांजी के लिए महशूर होते हैं।

एक डंडे के सहारे पिस्‍टल का सामना करते हुए दीपक दहिया
CBSE CTET : पेपर पास करने का आसान तरीका जानिये
CBSE CTET 2020
ctet july 2020
ctet exam पास करना अब बिल्‍कुल आसान

CBSE CTET : अगर इंग्लिश की वजह से नहीं हो रहा पेपर पास तो अपनाए यह तरीका

CBSE CTET 2020: अगर आप शिक्षा के क्षेत्र में अपना भविष्‍य निर्माण करना चाहते हो तो आपको सीबीएसई सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिट टेस्ट सीटेट जुलाई 2020 (CBSE CTET 2020) परीक्षा के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया जारी है। आवेदन की अंतिम तारीख 24 फरवरी 2020 है। अगर आप ने अभी तक आवेदन नहीं किया है या तो जल्‍द से जल्‍द कर दें और अगर आवेदन कर दिया है तो तैयारी में जुट जाए। जिन्‍होंने आवेदन नहीं किया है वे उम्मीदवार विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट https://ctet.nic.in/webinfo/Public/Home.aspx पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।करें CBSE CTET 2020 के को आसानी से पास कर सकते हैं।

क्‍या इंग्लिश में कम नम्‍बर आने की वजह से सीटेट पास नहीं हुआ

क्‍या इंग्लिश में कम नम्‍बर आने की वजह से सीटेट पास नहीं हुआ आप का तो खबराए नहीं। इस बार आपका सीटेट जरूर पास हो जाएगा क्‍योंकि मैंने खुद सात बार सीटेट दिया लेकिन नहीं पास हुआ लेकिन इस बार एक दिन भी बिना पढे मैंने सीटेट पास किया है । यह सच्‍चाई है सीटेट पास करना बहुत मुश्किल काम नहीं है बस जरूरत है तो केवल थोडा सा ध्‍यान देने की और अपना आवेदन करने के दौरान थोडी सी सावधानी रखने की।

सीटेट पास करने के लिए क्‍या करें

सीटेट पास करने के लिए क्‍या करें अगर आपका भी यही सवाल है तो आप सही जगह पर है। अगर आपका हाथ इग्लिश में कमजोर है जिसके कारण हर बार आपके इग्लिश में केवल आठ या दस नम्‍बर आते है जिसके कारण आपका सी टेट हर बार केवल कुछ अंकों से रह जाता है तो इस बार अपने आवेदन में आप इग्लिश की जगह संस्कृत भाषा का चुनाव करें। अपने आवेदन में आपको दो भाषाओं का चुनाव करना होता है जिसमें पहले में आप हिन्‍दी का चुनाव करते है और दूसरे में आप इग्लिश का चुनाव करते है। लेकिन यह जरूरी नहीं कि आप केवल इग्लिश का चुनाव करें आप संस्कृत का भी चुनाव कर सकते है।

संस्कृत में इग्लिश की अपेक्षा ज्‍यादा नम्‍बर आते है

संस्कृत में इग्लिश की अपेक्षा ज्‍यादा नम्‍बर आते है । हर किसी ने आठवीं तक संस्कृत जरूर पढी होगी। आपने भी देखा होगा कि आपने स्‍कूल में संस्कृत पढी नहीं होती लेकिन फिर भी काफी अच्‍छे नम्‍बर आपके आ जाते है संस्कृत में। आपको बस पेपर से कुछ दिन पहले संस्कृत पढने की प्रैक्टिस करनी होगी ताकि आप पेपर में अच्‍छे से संस्कृत पढ सकें। संस्कृत में काफी शब्‍द ऐसे होते है जो कि हिन्‍दी से मिलते जुलते है जिसके कारण थोडी सी प्रैक्टिस ये ही आपको संस्कृत अच्‍छे से समझ आ जाती है जिसके कारण आप आराम से संस्कृत में प्रश्‍नों के उत्‍तर दे सकते है।

जिसके कारण इग्लिश में जहां आपके केवल आठ से दस नम्‍बर आते थे ओर आप दो चार या पांच अंकों से सीटेट पास करने से रह जाते थे वहीं दूसरी ओर संस्कृत में आपके 15 से लेकर 20 तक नम्‍बर आराम से आ जाएगे जिसके कारण अगर आप 10 अंक से भी सीटेट पास करने से रह गए तो दूसरी ओर आपका वह सीटेट आराम से पास हो जाएगा तो अब इंतजार किस बात का इस बार संस्कृत भर कर देखिये।

संस्कृत और इंग्लिश में से आप भर सकते है कोई भी भाषा

अगर आप सोचते हो कि इग्लिश की जगह संस्कृत भरने से आपको आगे कोई परेशानी होगी तो यह आपकी गलत फहमी है। यह जरूरी नहीं कि आप केवल इंग्लिश ही भरे। संस्कृत और इंग्लिश में से आप भर सकते है कोई भी भाषा । सीटेट केवल एक सर्टिफिकेट होता है जिसके कारण आप टीजीटी की जॉब के लिए अप्‍लाई कर सकते है । वहां आपको पेपर तो पास करना ही होगा। आप कौन सी भाषा से यह पास करते है कोई मायने नहीं रखता । आपके पास केवल सीटेट सर्टिफिकेट होना चाहिए। अब आपको देखना है कि आप यह पास करना चाहते है या फिर एक बार फिर ऐसे ही कुछ अंकों से अपना सीटेट गवाना चाहते हैं।

अगर आप चाहते है सच्‍चे प्‍यार की परिभाषा जानना तो लिंक पर जरूर क्लिक करें पाकिस्‍तान की एक सच्‍ची प्रेम कहानी

कितने जाटों ने मारी दिल्ली विधानसभा में बाजी

दो जाटों की लड़ाई में किसने की जीत दर्ज

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभाdelhi election चुनाव में आम आदमी पार्टी को एक बार फिर भारी बहुमत मिला है । अगर जीते हुए विधायकों पर नजर दौड़ाए तो हम पाएगे कि सबसे ज्यादा आप पार्टी के विधायकों में जाट समाज jat samaj के विधायकों ने भारी संख्या में जीत हासिल की हैं

जीते हुए विधायक

जीते हुए विधायकों में समाज के मुंडका से आप पार्टी के धरमपाल लाकडा, नांगलोई से रघुविंदर शौकीन आप, नजफगढ से कैलाश गहलोत आप, उत्तर नगर से नरेश बालयान आप, बिजवासन से बीएस जून आप, आर के पूरम से प्रमिला टोकस आप, दिल्ली केंट से विरेन्द्र कादियान आप ओर हरिनगर से राजकुमारी ढिल्लो ने जीत हासिल की है। यह दिल्ली चुनाव में सबसे ज्यादा जीत हासिल करने वाले एक ही समाज से संबंधित विधायक है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जाट समाज कितना सशक्त ओर मजबूत हैं। लेकिन कहीं कहीं स्थिति उलट नजर आई। एक ही विधानसभा में दो जाटों को टिकट मिलने के कारण तीसरा व्यक्ति फायदा उठा गया। जी हां हम बात कर रहें है नरेला विधानसभा की

बीजेपी से नीलदमन खत्री व कांग्रेस से सिद्धार्त कुंडू


नरेला विधानसभा से ज्यादातर विधायक पर पर जाट से ही संबंधित रहा है। नरेला एक जाट बाहुल्य क्षेत्र है जिस कारण हर बार सभी पार्टियां कोशिश करती है कि किसी जाट को ही टीकट दिया जाए। यही कारण है कि हर बार जाट वोट बैंक बटने के कारण कई बार कोई दूसरा फायदा उठा ले जाता है। इस बार भी स्थिति ऐसी ही नजर आई जहां भारतीय जनता पार्टी से नीलदमन खत्री को टिकट मिला तो दूसरी ओर कांग्रेस से सिद्धार्थ कुंडू को। जिसके कारण वोट बैंक बंट गया ओर यहां से एक बार फिर आम आदमी पार्टी के शरद चौहान से जीत दर्ज की।

यूपी चुनाव में कितने जाट विधायकों ने जीत हासिल की ?

Sarv Jatiya Khap Panchayat का आयोजन किया गया
 (Sarv Jatiya Khap Panchayat)

Sarv Jatiya Khap Panchayat: जाट आरक्षण आंदोलन फरवरी 2016 में तत्कालीन वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का घर व संस्थानों को जलाने के मामले में सर्वजातीय सर्व खाप पंचायत (Sarv Jatiya Khap Panchayat) ने सामुहिक रूप से 11 हजार रूपये गौ शाला में दान देने का जुर्माना लगा सामाजिक तौर पर इस मामले का समाधान कर दिया । सतरोल खाप एवं सिंधु परिवार ने इस जुर्माने को माफ कर दिया। आज यहां हुई सर्व खाप पंचायत (Sarv Jatiya Khap Panchayat) की अध्यक्षता सतरोल खाप के प्रधान रामनिवास लोहान ने की । इसमें उत्तर भारत के अधिकांश खाप प्रमुखों व पदाधिकारियों ने भाग लिया।

सर्व खाप पंचायत को इस मामले में सीबीआई द्वारा बनाए गए अभियुक्तों ने एक माफीनामा दिया। जिसमें लिखा था कि सिंधु निवास पर जो हमला, लूटपाट और आगजनी हुई उसके लिए हम खेद व्यक्त करते हैं। इस विषय में हमारी प्रत्यक्ष एवं परोक्ष भूमिका, गलती या भूल चूक के लिए क्षमा प्रार्थी हैं। समाज की तरफ से आयोजित इस पंचायत में जो भी निर्णय लिया जाएगा हम उसे स्वीकार करेंगे। सिंधु परिवार ने भी कहा कि पंचायत जो भी फैसला करेंगी वह उसे मानेगा । इस मामले में पंचायत की कार्यवाही के बाद 21 सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई जिसने यह फैसला पंचायत के समक्ष रखा।

सर्व खाप पंचायत में वक्ताओं ने रोहतक स्थित सिंधु भवन, वेद मंदिर, कार्यालय, इंडस पब्लिक स्कूल, हरिभूमि प्रैस आदि में आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट और हमले को बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण बताया और इस पर खेद व्यक्त किया। यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि स्वर्गीय चौधरी मित्रसेन के परिवार ने हर मामले में अग्रणी रहकर समाज को सहयोग प्रदान किया। उनके घर तथा वहां पर मौजूद 10 सदस्यों जिनमें महिला, पुरूष व बच्चे शामिल थे को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। यह पंचायत उसकी घोर निंदा करती है। पंचायत इस हिंसा में प्रत्यक्ष या प्ररोक्ष रूप से शामिल रहने वाले हर व्यक्ति या संगठन की भर्तस्ना करती है।

पंचायत इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि कैप्टन अभिमन्यु या उनके परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज के विरूध एक गहरी साजिश थी। इस साजिश में जो भी लोग सम्मिलित रहे हैं, यहां तक की शासन प्रशासन से जूड़े लोग भी इसमें शामिल हैं तो उन सभी की पंचायत निंदा करती है। दिल दहला देने वाली इस घटना के बाद जिस भी व्यक्ति या संगठन ने मिथ्या, अनर्गल या मनघडंत आरोप लगाकर सिंधु परिवार को बदनाम करने का और समाज के भाईचारे को बिगाड़ने की कोशिश की यह पंचायत उसकी भी निंदा करती है।

यह पंचायत सिंधु परिवार का आभार व्यक्त करती है कि इस अत्यंत कठिन समय मे भी परिवार ने संयम नहीं खोया और परिजनों पर जानलेवा हमले के बाद भी बदले की भावना के तहत किसी तरह की प्रतिहिंसा नहीं की और अपना स्ंयम बनाए रखा।

पंचायत ने प्रस्ताव पास कर कहा कि सिन्धु परिवार के सैक्टर 14 स्थित निवास पर आगजनी व लूटपाट मे करोडो रूपये की हानि के बावजूद नुकसान की भरपाई के लिये मिले सरकारी मुआवजे की पूरी राशि गरीब कन्याओं की शादी मे व्यय करके परिवार ने एक आदर्श प्रस्तुत कर महान कार्य किया हैं। समाज इनके धैर्य व अच्छे कार्य की सराहना करता है।

यह भी कहा गया कि यदि भविष्य में इस विषय पर झूठी, अर्नगल या अनावश्यक ब्यानबाजी की तो पंचायत उसे अवमानना मान कर सामाजिक दंड देने का काम करेगी।
सिन्धु परिवार पर किये गए हमले से जुडे मामलों मे जो सीबीआई जांच चल रही है और उसमे जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है वे तमाम लोग यहां उपस्थित हैं। उन्होने अपने या अपने परिवार की ओर से अपना माफीनामा पंचायत को सौंपा है। पंचायत उनके कृत्य की वजह से उन्हे समाज के प्रति दोषी मानती है और उन्हे पंचायत की तरफ से दंड दिया जाता है।

यह निर्णय सामाजिक भाईचारा कायम करने एवं आपस में द्वेश भावना मिटाने के लिए किया गया है। भविष्य में सीबीआई जांच में नए विषय या सक्ष्य आने के मुद्दे इस पंचायत के फैसले के दायरे से बाहर रहेंगे । अदालत की किसी कार्यवाही से इस पंचायत का कोई ताल्लूक नहीं है। पूरा समाज सिंधु परिवार के साथ है।

न्यायिक मामले के लिए एक कमेटी गठित की गई है जो कानूनी सलाह लेकर पंचायत के फैसले को अमल में लाने के लिए आगामी भूमिका तय करेगी । इसके बाद भी न्यायलय कोई फैसला सुनाता है तो वह सर्वपरि है और इसमें एक-दूसरे को दोषी नहीं ठहराया जाएगा । कमेटी में पालम 360 के प्रधान रामकरण, पुनिया खाप के शमशेर नम्बरदार, टेकराम कंडेला, राजकुमार रेडु, मास्टर किताब सिंह मलिक, बलबीर सिहाग, मानसिंह दलाल, महेन्द्र नांदल, सतबीर सिंह, मलिक राज मलिक, जयसिंह अहलावत, सुरेंद्र दहिया, भलेराम नरवाल, चौधरी राजमल जाटू खाप आदि शामिल थे।

ऐतिहासिक कदम
पंचायत का यह फैसला ऐतिहासिक कदम है। इससे समाज में सदभाव बढ़ेगा और दोषियों को पंचायती तौर पर दंडित करने से एक अच्छा संदेश गया है। :- मास्टर किताब सिंह मलिक प्रधान सातबास खाप

विधायक चुने जाने के बाद रोहतक क्षेत्र की खाप पंचायतों ने मुझे सम्मानित किया था, क्योंकि मैं भी सांगवान खाप का अध्यक्ष हूं। उसी दौरान रोहतक क्षेत्र की खापों ने आग्रह किया था कि इस मामले का सामाजिक समाधान किया जाना चाहिए। इसके लिए अनेक खापे प्रयासरत थी जो कार्य आज सिरे चढ़ गया। मुझे आज बहुत खुशी है। :- सोमवीर सांगवान विधायक एवं प्रधान सांगवान खाप

स्वर्गीय चौधरी मित्रसेन हमारी खाप के गांव जुलानी में विवाहित थे उनके निधन के बाद हमारी बहन परमेश्वरी देवी सिंधु परिवार की मुखिया है। कैप्टन अभिमन्यु हमारी कंडेला खाप के भांजे हैं। घर व परिवार के सदस्यों पर हुए हमले व आगजनी का पूरे कंडेला खाप को दुख था इसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता लेकिन पंचायत ने जो फैसला किया है उससे सभी संतुष्ट हैं। :- टेकराम कंडेला प्रधान कंडेला खाप

सिंधु परिवार का संबंध बेशक सतरोल से हो लेकिन पिछले 70 साल से रोहतक में रहने के कारण वे हमारे भाई हैं। परिवार ने हमेशा ही क्षेत्र के सुख-दुख में साथ दिया है, इस परिवार द्वारा रोहतक क्षेत्र को दिए योगदान को भुलाया नहीं जा सकता । एक बूरा समय था निकल गया। रोहतक के लोग सिंधु परिवार के साथ मजबूती के साथ खड़े हैँ । :- महेन्द्र सिंह नांदल खाप –

वरदान फाउंडेशन करने जा रहा है टैलेंट ऑफ सर्च
talent hunt competition

नई दिल्ली। भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में एक से एक प्रतिभा छुपी हुई है जरूरत है तो उन्हें निखारने ओर खोजने की। लेकिन कुछ ही संस्था ऐसी होती है जो यह कार्य करते है। ऐसा ही प्रयास किया है। वरदान फाउंडेशन (एनजीओ) ने । जी हां 19 जनवरी को वरदान फाउंडेशन की ओर से टैलेंट ऑफ सर्च कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में किसी भी उम्र के लडक़े, लडक़ी, महिला या पुरुष अपनी कोई भी प्रतिभा दिखा सकते है। सबसे अच्छी प्रतिभ दिखाने वाले को पुरस्कार दिया जाएगा। इस मौके पर कार्यक्रम का आयोजन करने वाली नीलम रावत ने बताया कि भारत के हर कौने में एक से एक टैलेंट छुपा हुआ है। इसी टैलेंट को निकालने के लिए हमने यह प्रयास किया है। हमारा प्रयास है कि हम प्रतिभाओं को देश के सामने लाए एवं उन्हें वह सम्मान दिलाए जिसके वे अधिकारी है। कई बार बिना मार्ग दर्शन व मौके के प्रतिभाएं दम तौड़ देती है हम उन्हें वह मौका देना चाहते है जिससे वे अपने भविष्य को उज्जवल बना सकें ।

vardan foundation programme

बहालगढ़ में दिखा बच्चों का जुनून
dance audition 2020
dance audition 2020

भागवत ज्योति फ्री संस्था केन्द्र ने लिया बच्चों का आडिशन

dance program in bahalgarh
dance program in bahalgarh

बहालगढ। दिल्ली से कुछ ही दूर बहालगढ में भागवत ज्योति फ्री संस्था केन्द्र की ओर से डॉस प्रतियोगिता के लिए डॉस ऑडिशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऑडिशन में बच्चों ने बढ़ चढक़र भाग लिया। बच्चों की प्रतिभा देख कर जज भी दंग रह गए। ऑडिशन में कुछ बच्चे तो ऐसे भी थे जिन्होंने कहीं डॉस की कक्षाएं भी नहीं ली लेकिन प्रतियोगिता में अन्य बच्चों को कड़ी टक्कर दी। इस मौके पर बच्चों की प्रतिभा ने सभी को सम्मोहित किया। इस संस्था की अध्यक्ष ममता ने कहा कि यह काफी खुशी की बात है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों के पास भी इतनी ज्यादा प्रतिभा है कि अगर उन्हें थोड़ा सा सही मार्ग दर्शन मिले तो यह बच्चे किसी से भी कम नहीं होगे। हमेे आशा है कि हमारी संस्था ऐसे ही बच्चों को सही मार्गदर्शन देगी ताकि ये बच्चें अपने उज्जवल भविष्य का निर्मण कर सकने में सक्षम हो सकें। इस मौके पर मनीष आर्या, हरीश सैनी, मनीषा आदि लोगों ने कार्यक्रम को संपूर्ण करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

25 जनवरी को फाईनल

निर्भया केस: फांसी की रस्सियों को साफ्ट बनाए रखने के लिए तिहाड़ ने मंगाए केले
nirbhaya case fasi
निर्भया गैंगरेप के दोषी

नई दिल्ली। nirbhaya case fansi date दिल्ली के निर्भया गैंगरेप केस के चारों गुनहगारों की फांसी का दिन जैसे-जैसे करीब आ रहा है, वैसे-वैसे तिहाड़ जेल प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। अब फांसी की रस्सियों के लिए पके हुए केलों की मांग की गई है, जिससे इन रस्सियों को मुलायम बनाए रखा जा सके। इन रस्सियों का ट्रायल हो चुका है। इसमें निर्भया के दोषियों की डमी को सूली पर चढ़ाया गया था। रस्सियों को मुलायम बनाए रखने के लिए पहले मक्खन का इस्तेमाल भी किया गया था। इन्हें रपटीला बनाए रखना जरूरी है ताकि फांसी की गांठ आसानी से ऊपर-नीचे हो पाए। सूत्र बताते हैं कि जेल अधिकारियों ने फंदे के लिए चारों दोषियों के गले का नाप लिया था। इस दौरान वे रोने लगे और जेल अधिकारियों से उन्हें छोड़ने की गुजारिश करने लगे। बाद में उन्हें काउंसलर की मदद से शांत करवाया गया। जेल अधिकारियों ने बताया कि वे कुछ किलो केले खरीदेंगे और उन्हें पीसकर चारों रस्सियों पर लगाएंगे। ये वही रस्सियां हैं जिनका डमी के गले में डालकर ट्रायल लिया गया है। फांसी वाले दिन जल्लाद रस्सियों पर अन्य चिकनाई वाली चीज भी लगाएगा। यह भी पता चला है कि रस्सी का टेस्ट दोषी के वजन से कुछ फालतू वजन वाले डमी या सैंड बैग से होता है ताकि रस्सी कितना वजन झेल सकती है, यह पता चल सके। जेल अधिकारी ने बताया कि प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन करना जरूरी होता है, वर्ना यह किसी कत्ल की तरह होगा। उन्होंने बताया कि कैदी जितना भारी होगा, उसे उतना कम ऊपर से लटकाया जाता है। माना जा रहा है कि जेल प्रशासन इनकी फांसी के लिए इस्तेमाल होने वाली चार रस्सियों के अलावा बैकअप में रखी गईं अन्य 8 रस्सियों पर भी ट्रायल करेगा। बताया जा रहा है कि अभी तक के ट्रायल कामयाब तो रहें हैं, लेकिन उनमें समय अधिक लग रहा है। इसलिए और ट्रायल करके समय कम करने की कोशिश की जाएगी। दूसरा आपस में को-ऑर्डिनेशन में जहां भी कमी दिख रही है, उसे भी दुरुस्त किया जाएगा।

SC Junks Curative Pleas Filed by 2 Nirbhaya Case Convicts, Clears Way for Execution on Jan 22