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जाट कविता | jat poetry in hindi | jaat attitude shayari

जाट समाज लगातार कमजोर होता जा रहा है। यह कमजोरी सामाजिक तौर पर आंतरिक रूप से पनप रही है । इसे दूर करने के लिए किसी भाई ने यह जाट कविता (jat poetry in hindi) लिखी है जिसे आपको पढना चाहिए। जाट कविता में आपको जाट समाज को आगे बढाने का रास्ता मिलेगा।

jaat poem जाट कविता

जाट होकर जाट का,
आप सभी सम्मान करो!
सभी जाट एक हमारे,
मत उसका नुकसान करो!
चाहे जाट कोई भी हो,
मत उसका अपमान करो!
जो ग़रीब हो, अपना जाट
धन देकर धनवान करो!
हो गरीब जाट की बेटी,
मिलकर कन्या दान करो!
अगर लड़े चुनाव जाट ,
शत प्रतिशत मतदान करो!
हो बीमार कोई भी जाट ,
उसे रक्त का दान करो!
बिन घर के कोई मिले जाट
उसका खड़ा मकान करो

अगर जाट की हो फाईल,
शीघ्र काम श्रीमान करो!
जाट की लटकी हो राशि,
शीघ्र आप भुगतान करो!

अगर मुसीबत में हो जाट ,
फौरन मदद का काम
अगर जाट दिखे उदास,
खुश करने का काम करो!
अगर जाट घर पर आये,
जय जाट राज बोल सम्मान करो!
अपने से बड़ा जाट
उसको आप प्रणाम करो!
ह जाट का बेटा,
उसकी मदद तमाम करो!
बेटा हो गरीब जाट का पढ़ता,
कापी पुस्तक दान करो!
जय जाट समाज

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  • 94 वर्ष की आयु में भगवानी देवी डागर ने जीते मेडल

    नई दिल्ली। जिस उम्र में लोग भगवान का नाम लेकर केवल खुदा के पास जाने की मन्नत मांगते है अगर उस उम्र में कोई महिला दो देशों में विजय हासिल करें तो आप इसे क्या कहेंगे लेकिन यह बात सच है, जी हां भगवानी देवी डागर ने 90 साल की उम्र में 100 मीटर दौड में स्वर्ण पदक व गोला फेंक में कांस्य पदक जीत कर इतिहास रच दिया है।

    भगवानी देवी डागर
    भगवानी देवी डागर

    नजफगढ़ देहात के मलिकपुर गांव निवासी भगवानी देवी डागर ने 90 से 94 वर्ष के आयु वर्ग में फ़िनलैंड में चल रही वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक व गोला फेंक में कांस्य पदक जीत कर इतिहास रच दिया।

    राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया भगवानी देवी डागर ने

    100 मीटर दौड़ में उन्होंने मात्र 24.74 सेकंड का समय निकाला जो कि राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।

    विश्व रिकॉर्ड 23.15 सेकंड है जिसे तोड़ने से मात्र 1 सेकंड से चूक गयी। इस मुकाम तक इन्हें ले जाने वाले इनके पोते विकास डागर जो कि खुद एक अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट है और राजीव गांधी स्पोर्ट्स अवार्डी है, उन्होंने बताया कि यहां तक का सफर संघर्ष से भरा रहा है लेकिन आज उनका विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने का मेरा सपना दादी जी ने साकार किया।

    दिल्ली स्टेट में 3 गोल्ड मैडल, चेन्नई नेशनल में 3 गोल्ड मैडल जीतने के बाद अब विश्व चैंपियनशिप में 1 गोल्ड और 1 कांस्य पदक जीतना वाकई में ऐतिहासिक है। 5 जुलाई को भगवानी देवी डागर का तीसरा इवेंट डिसकस थ्रो होना अभी बाकी है।

    पोते को देखकर खेलना शुरू किया भगवानी देवी डागर

    भगवानी देवी डागर के पति लगभग 63 वर्ष पूर्व इस दुनिया से चल बसे थे तब से अब तक पुत्र हवा सिंह डागर की परवरिश खुद करते करते पूरी जिंदगी संघर्षो में गुजारी। पोते विकास डागर ने जब 40 से ज्यादा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदक जीते तो इनको भी हौसला आया और खेलो में भाग लेकर देश का नाम रोशन करने का जज्बा आया।

    उसके बाद इन्होंने पीछे मुड़कर नही देखा। बचपन मे जिम्मेवारियों का बोझ पड़ जाने के कारण ये प्रतिभा कही न कही दब गई थी जो अब इनके पूरे परिवार के सहयोग से पूरी हो रही है।

    भगवानी देवी ने बताया कि बचपन मे वो कबड्डी खेलती थी लेकिन जिम्मेवारियों के चलते कभी खेलो में भाग नही ले सकी। अब उनका भरा पूरा परिवार है और अब उनका जीवन यापन बहुत अच्छे से हो रहा है और खुशी खुशी अपनी जिंदगी जी रहे है।

    उनका सपना हमेशा ही देश के लिए कुछ करने का रहा है जो आज पूरा हो गया। उन्हें फक्र है कि उन्होंने देश का झंडा दुनिया मे ऊंचा करके जाट समाज नारी शक्ति औऱ दिल्ली देहात को गौरवान्वित किया।

    जाट मेला लंदन का सफल आयोजन,अब इंग्लैंड में भी बनेगा जाट भवन।

    रोहतक/लंदन  इंग्लैंड में लगातार पांचवें वर्ष जाट मेला लंदन का सफल आयोजन हुआ जिसमें यूरोप सहित दो दर्जन देशों से ज्यादा विदेशों में रह रहे एनआरआई लोगों ने परिवार सहित भाग लिया। जाट समाज यू के संस्थापक रोहित अहलावत ने बताया कि जाट मेला लंदन की शुरुआत दादा भईया खेड़ा भूमिया के पूजन से हुई,इसके बाद होली,बैशाखी, तीज त्योहार मनाए गए ।

    jaat mela
    jaat mela

    जाट मेले में यह रहा आकर्षण का केन्द्र

     यहां कोल्डे वाली मशहूर होली आकर्षण का केंद्र रही,सामूहिक नृत्य व लोक गीतों के गायन से माहौल खुशनुमा हो गया। सभी रंगारंग हरियाणवी सांस्कृतिक कार्यक्रम हरियाणवी परिधान में प्रस्तुत किए गए,प्रसिद्ध गायक व हरियाणा कला परिषद के गजेंद्र फोगाट ने अपने लोकप्रिय गीतों के जरिए समा बांधा। मेले में शुद्ध देशी घी से बने व्यंजन गुलगुले,सुहाली,जलेबी,घेवर,पेठा पूरी मुख्य रूप से बनाए गए आयोजन हरियाणवी संस्कृति सभ्यता की शानदार झलक पेश करता दिखा जिसका ऑनलाइन प्रसारण किया गया जिसे हजारों लोगों ने अपने स्क्रीन पर लाइव देखा और पसंद किया गया,मंच से सभी को जाट रत्न प्रकाशन की इतिहास से जुड़ी हुई समाजिक साहित्यिक पुस्तकें भी वितरित की गई।

    जाट भवन बनाने पर बनी सहमति

    इस अवसर पर लंदन में जाट भवन बनाने पर सबकी सर्वसम्मति बनी और इसके लिए शीघ्र ही कवायद शुरू करने की बात कही गई।रोहित अहलावत ने बताया कि जाट भवन बनने से यहां शिक्षण व कार्य हेतु आने वाले भारतीय लोगों को लाभ होगा और जाट समाज के आयोजनों में भी मदद मिलेगी।जाट समाज यूके के प्रवक्ता जसबीर सिंह मलिक ने कहा कि यहां पर आए हर नवागुंतक की भरपूर मदद की जाती है हर तरह की चिकित्सीय,कानूनी,अन्य दिक्कत पड़ने पर एकजुट हो कर सहायता होती है आने वाले को इतनी आत्मीयता मिलती है कि उन्हें यह महसूस होता है कि वे अपने परिवार में ही हैं।

    यह लोग मुख्य रूप से शामिल

    आज पश्चिमी परिवेश के प्रभाव व दुष्प्रभाव  से कोई भी परिवार अछूता नहीं ऐसे में विरासत में मिली अपनी संस्कृति,सभ्यता,रिवाजों को बनाए रखने का यह श्रेष्ठ प्रयास है।इस अवसर पर विन्नी देशवाल,निशा अहलावत,रेखा धनखड़,अर्चना अहलावत,रेखा लाकड़ा,अंजली दूहन,मोना अहलावत,रोहित अहलावत, परवीन अहलावत,संजय देशवाल,विक्रम रावत,विजयपाल अहलावत,ईश्वर सिंह आदि के संयुक्त रूप से किए गए विशेष प्रयास से जाट मेला लंदन का सफल आयोजन हो सका।