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जाटा का छोरा गाने की डिमांड पर भड़के मासूम शर्मा, विवादित बयान दिया

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद हो गया जब एक युवक ने “जाटा का छोरा” गाना गाने की डिमांड कर दी। इस पर गायक मासूम शर्मा द्वारा अपशब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मासूम शर्मा के लेट आने पर भड़के लोग

जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में गायक मासूम शर्मा तय समय से काफी देर से पहुंचे। इसके बाद मौजूद दर्शक नाराज़ हो गए। मंच पर आने के बाद भी कुछ लोगों ने “जाटा का छोरा” गाने की फरमाइश रखी। वीडियो में मासूम शर्मा को उन युवकों से बात करते हुए देखा जा सकता है, लेकिन जब युवक अपनी बात पर अड़े रहे तो मासूम शर्मा ने कथित तौर पर “जाट फद्दू” कह दिया।
इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग मासूम शर्मा के समर्थन में हैं, तो कुछ लोग उनके खिलाफ नाराज़गी जता रहे हैं।

16 हजार की थी कॉन्सर्ट टिकट

जानकारी के अनुसार, जिस कार्यक्रम में यह विवाद हुआ उसकी एक टिकट की कीमत करीब 16 हजार रुपये (200 डॉलर) थी। इस पर लोगों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति इतनी महंगी टिकट लेकर आता है, तो वह अपनी पसंद का गाना गाने की फरमाइश कर सकता है।
लोगों का यह भी कहना है कि मासूम शर्मा को इस प्रकार के अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। यदि कुछ युवकों ने गलत व्यवहार किया भी हो, तो उसके लिए पूरे समाज को दोषी ठहराना उचित नहीं है। इससे विदेशों में हरियाणवी समाज और संस्कृति की छवि खराब होती है।

हंगामे के बाद रद्द हुआ प्रोग्राम

हंगामे के कारण कार्यक्रम को बीच में ही रद्द कर दिया गया। बताया जा रहा है कि मासूम शर्मा इस शो में एक भी गाना पूरा नहीं गा सके।
कई दर्शकों ने इस पर नाराज़गी जताई और कहा कि उन्होंने 200 डॉलर की टिकट लेकर कार्यक्रम देखने आए थे। कई लोग तो दूर-दराज़ से समय और पैसा खर्च कर पहुंचे थे, इसलिए कुछ लोगों की वजह से पूरे कार्यक्रम को रद्द करना गलत निर्णय था।

लोगों ने क्या कहा इस मामले पर

मेलबर्न में रहने वाले पानीपत के ओमपाल आर्या ने कहा कि इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे पूरी कम्युनिटी की छवि खराब हो रही है। उन्होंने कहा, “सिंगर को समझना चाहिए कि कुछ लोगों की वजह से पूरी कम्युनिटी को अपशब्द कहना गलत है। अगर कुछ युवकों ने अनुशासनहीनता की थी, तो उन्हें कार्यक्रम से बाहर कर देना चाहिए था, न कि पूरे समाज को गलत ठहराना चाहिए।”

मासूम शर्मा ने युवकों को समझाने की कोशिश की थी

वायरल वीडियो में कई जगह मासूम शर्मा यह कहते हुए सुने जा सकते हैं कि वे युवकों को समझाने का प्रयास कर रहे थे कि कार्यक्रम को खराब न करें।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने लाखों लोगों के बीच शो किए हैं, लेकिन कुछ लोगों की हरकत के कारण माहौल बिगड़ रहा है। हालांकि, बात नहीं बनी और उन्होंने कथित रूप से आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए मंच छोड़ दिया। कुछ दर्शकों का कहना है कि इस दौरान उन्होंने अनुचित इशारे भी किए।

जाट सभा चंडीगढ़ बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आई, चंड़ीगढ़ व कटरा में रहने खाने की व्यवस्था फ्री होगी

चंडीगढ़- पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ ने बहुत कहर बरपाया है । बहुत से लोग व समाज व विभिन्न धर्म के लोग बाढ़ पीडितों की मदद को आगे आए है । इसी कड़ी में जाट समाज ने भी पहल करते हुए बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद का हाथ आगे बढ़ाते हुए उनके ठहरने और खाने पीने का इंतजाम किया है। इसके साथ ही साथ समाज के लोगों ने यूक्रेन युद्ध में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस भारत लाए जाने की मांग भी की है। 

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जाट भवन चड़ीगढ़ में रुकने की व्यवस्था की 

जाट सभा चंड़ीगढ़ और पंचकूला की बैठक का आयोजन किया गया । बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए पूर्व पुलिस महानिदेशक डा. महेंद्र मलिक ने बताया कि जाट समाज हमेशा जरुरत पड़ने पर मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। आज जब हमारे हरियाणा, पंजाब औप हिमाचल के भाई बाढ़ जैसी विपदा का सामना कर रहे है तो हम कैसे पीछे रह सकते है इसीलिए बैठक में निर्णय लिया गया है कि जाट भवन चंड़ीगढ़ में बाढ़ पीड़ितों के लिए विशेष रुप से रहने और खाने की व्यवस्था की जाएगी। 

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पंचकूला व कटरा में निशुल्क व्यवस्था 

बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत का हाथ बढ़ाते हुए जाट सभा ने फैसला लिया है कि जाट भवन पंचकूला और जम्मू कश्मीर में कटरा में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए नि:शुल्क रहने और खाने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मेडिकल की भी मदद की जाएगी ताकि लोगों के मेडिकल में छोटी मोटी बीमारी के लिए परेशान ना होना पड़े। 

क्या कहा जाट सभा के प्रधान महेंद्र मलिक ने 

इस अवसर पर जाट सभा के प्रधान महेंद्र मलिक ने हरियाणा सरकार से अपील करते हुए कहा कि बाढ़ में लोगों का बहुत नुकसान हुआ है। उन्हें एक नए सिरे से अपने जीवन की शुरुआत करनी होगी जिसके कारण बाढ़ प्रभावितों को सरकार की और से दी जाने वाली आर्थिक मदद को बढ़ाया जाना चाहिए । इसके साथ ही साथ अगर बाढ़ में किसी की मौत हो गई है तो उसके परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जानी चाहिए । इसके अलावा उन्होंने मांग की है कि बाढ़ के कारण होने वाली किसी मेडिकल स्थिति में पूरा मेडिकल का खर्च सरकार को उठाना चाहिए। 

इसके अलावा उन्होंने कहा कि किसी का मकान क्षतिग्रस्त होने पर कम से कम दो लाथ रुपए, फसल बर्बाद होने पर प्रति एकड़ 50 हजार से लेकर 80 हजार रूपए तक सहायता प्रदान करने की अपील की है। 

किसान मसीहा छोटूराम की प्रतिमा को पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि 

इस अवसर पर बैठक में आए हुए सभी लोगों ने चौधरी छोटूराम की प्रतिमा को श्रद्धांजलि अर्पित की । इसके अलावा आए हुस सभी लोगों ने बैठक में रूस व यूक्रेन युद्ध में फंसे  हुए भारतीय नौजवानों को सुरक्षित भारत लाने के लिए भी चर्चा की व निर्णय लिया कि इस संबंध में भारत सरकार व हरियाणा सरकार को पत्र लिखा जाएगा ताकि सरकार इस समस्यां पर भी ध्यान दे। और नौजवानों के भारत वापिस लेकर आए। 

दिल्ली देहात की बेटी यशिता राणा ने वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में जीता सिल्वर मेडल
  • उत्तर-पश्चिम दिल्ली के कुतुब गढ़ गांव की बेटी ने एथेन्स (ग्रीस) में हुई वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में देश का मान बढ़ाया

नई दिल्ली- यशिता राणा ने एथेन्स (ग्रीस) में हुई वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के कुतुब गढ़ गांव की बेटी यशिता की इस जीत पर दिल्ली देहात में खुशी की लहर दौड़ गई है। पहली बार देश से बाहर कुश्ती प्रतियोगिता के मैट पर दमखम दिखाने के लिए उतरी यशिता के लिए रजत पदक अपने नाम कर लेना एक बड़ी उपलब्धि है।

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देश की उभरती पहलवान यशिता राणा इससे पहले कुश्ती की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी पदक जीत चुकी है। एथेन्स में अंडर 17 आयु वर्ग में हासिल की इस शानदार उपलब्धि के साथ ही यशिता ने न केवल अपने परिवार और गांव, बल्कि पूरे देश का सम्मान बढ़ाया है।

दिल्ली देहात की मिट्टी से कुश्ती के दांव पेंच सीखे यशिता राणा ने

दिल्ली देहात की मिट्टी से कुश्ती के दांव पेंच सीखने वाली चैंपियन यशिता राणा, सर्वोदय कन्या विद्यालय, कुतुबगढ़ में 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। विद्यालय की प्रिंसीपल, टीचर्स और छात्राओं ने यशिता को बधाई दी है। वह बचपन से ही कुश्ती को लेकर बेहद जुनूनी रही हैं।

अपने गांव के देसी अखाड़े से शुरुआत करने वाली यशिता ने कई राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिताओं में भी पदक जीतकर खुद को साबित किया है। वर्ल्ड चैंपियनशिप का रजत पदक उसकी मेहनत, संघर्ष और समर्पण का अंतर्राष्ट्रीय प्रमाण है। ग्रीस की इस प्रतियोगिता में उन्होंने दुनिया भर की प्रतिभावान पहलवानों से मुकाबला किया और फाइनल तक पहुंचने का अद्भुत कमाल कर दिखाया।

दिल्ली देहात के ग्रामीणों और कुश्ती के प्रशंसकों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अपील करते हुए कहा है कि यशिता को उनकी इस जीत पर सरकार सम्मानित करे। गांव वालों का कहना है कि एक सीमित आय वाले परिवार ने अपनी बेटी को तमाम आर्थिक कठिनाईयां झेलते हुए कुश्ती में आगे बढ़ाया है।

यशिता ने अपनी प्रतिभा साबित भी की है लिहाजा दिल्ली सरकार को यशिता के लिए इनामी राशि की घोषणा भी करनी चाहिए। यशिता के पिता कृष्ण राणा दिल्ली परिवहन निगम के रानी खेड़ा बस डिपो में कांट्रैक्ट कंडक्टर के तौर पर कार्यरत है। जाहिर है कि यशिता के लिए अपने सपनों को उड़ान देना और परिवार के लिए उसकी कुश्ती संबंधी जरूरतों और खुराक का बंदोबस्त करना बहुत ही संघर्ष भरा रहा है। यशिता आने वाले समय में कॉमनवेल्थ और ओलंपिक खेलों में भी देश के लिए पदक जीतेगी ऐसी उम्मीद की जा रही है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से यशिता को सम्मानित करने की अपील की

दिल्ली देहात के ग्रामीणों और कुश्ती के प्रशंसकों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से यशिता को सम्मानित करने की अपील की
डीटीसी में कांट्रैक्ट कंडक्टर की बेटी ने तमाम आर्थिक संघर्षों से जूझते हुए अपनी प्रतिभा साबित की
यशिता राणा, सर्वोदय कन्या विद्यालय, कुतुबगढ़ में 12वीं कक्षा की छात्रा है

सांपला में हुआ 62वीं दंगल प्रतियोगिता का आयोजन

नई दिल्ली। रविवार को सांपला में दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के तौर पर हंसे नबंरदार, जयभगवान उर्फ लीलू कोच ने शिरकत की।

दंगल प्रतियोगिता में भाग लेते हुए खिलाडी

दंगल प्रतियोगिता का मुख्य लक्ष्य खेलों को बढावा देना

इस अवसर पर जोगेन्द्र पहलवान ने बताया कि हर महीने सांपला में इस प्रकार की कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। प्रतियोगिता करने का मुख्य लक्ष्य खेलों को बढावा देना है। यह 62 वीं सांपला मिनी कुश्ती दंगल प्रतियोगिता थी जिसमें बहुत से खिलाडियों ने भाग लिया।

हर महीने होता है दंगल प्रतियोगिता का आयोजन

जानकारी के अनुसार महीने के पहले रविवार को हर महीने सांपला मिनी कुश्ती दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है । दंगल में पहलवानों को अपने अपने दांव पेच आजमाने का मौका मिलता है और उन्हें आगे बढने की प्रेरणा मिलती है।

इसके अलावा मुख्य अतिथि ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समय समय पर होते रहने चाहिए। इससे खिलाडियों और नौजवानों को खेलने की प्रेरणा मिलती है और वे नशे आदि से दूर रहते है। आज खेलों में भी एक बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है जिसके कारण सभी माता पिता को ख्याल रखना चाहिए कि वे अपने बच्चों को खेलों की ओर प्रेरित करना चाहिए।

इस अवसर पर ये ये मौजूद रहे

आयोजन कर्ता व दानी सज्जन – हंसे नंबरदार, डांक्टर राजबीर लडरावन, डांक्टर दिनेश, राकेश पहलवान, अंग्रेज नंबरदार, दहडू, प्रवीन कोच चेयरमेन, कमल थानेदार सांपला, जोगेन्दर पहलवान, रामभज, बीजे, कुलदीप , साधु , काला पहलवान अटाल, समुन्दर थानेदार छुडानी, नरेश राठी थानेदार, जयभगवान उर्फ लीलू कोच, राजेश एम सी, धूथर, पवन जेलदार, कल्ली पहलवान, रामू रोहद, सुशी पहलवान, विजय, सतबीर गांधरा, पौना जेलदार, सतबीर, बील्लू ठेकेदार माडौठी, काला माडौठी, इंदरजीत सांपला, , सुशी, पोपल और नीरज ठेकेदार, संजय भांजा।

राजस्थान और हरियाणा के जाटों में क्या अंतर है?

नरेला में रामनवमी पर हुआ लववंशीय महा सम्मेलन

नई दिल्ली, जाट परिवार मैगजीन। बाहरी दिल्ली के नरेला में स्थित कंफर्ट जोन में राम नवमी के अवसर पर लववंशीय महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर श्रीराम का जन्मोत्सव व रामनवमी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।

विभिन्न राज्यों से लववंशीय लोगों ने कार्यक्रम में लिया भाग

समारोह में दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, राजस्थान व उत्तर भारत के राज्यों से भारी संख्या में लववंशीय लोग शामिल रहे। सभी ने कार्यक्रम में शिकरत कर अपने विचार रखे व कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

समाज के प्रतिभावान बच्चों व लोगों को सम्मानित किया गया

कार्यक्रम के दौरान लववंशीय समाज के उन लोगों को सम्मानित किया गया जिन्होंने खेल, शिक्षा, नौकरी आदि स्तर पर जिला, राज्य, व राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समाज का नाम रोशन किया।

अनवरत जलती है राम नाम की ज्योति

धर्मबीर खत्री ने बताया कि लववंशीय लोगों द्वारा लगातार राम नाम की ज्योति अनवरत जलाई जाती है। समय समय पर यह एक जगह से दूसरी जगह भेजी जाती है। इस बार यह जिम्मेवारी नरेला के हिस्से में आई है। अब एक साल तक यह ज्योति नरेला लववंशीयों द्वारा प्रवज्जलित की जाएगी। इस बार कार्यक्रम की बागडोर नरेला को सौंपी गई है जो कि हमारे लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने यह भी बताया कि खास बात ये है कि श्री राम के नाम की ज्योति अनवरत जलती रहती है।

संजय खत्री ने बताया कि

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए भारी संख्या में लववंशीय लोगों ने शिरकत की है। इस अवसर पर उन्होंने आए हुए सभी लोगों को धन्यवाद करते हुए इसी प्रकार से मिलजुलकर समाज के विकास के लिए आगे बढने की कामना की।

गणमान्य लोगों ने बताया लववंशीय जाटों का इतिहास

इस अवसर पर बताया गया कि रामचन्द्र जी के दो पुत्र थे एक लव और दूसरा कुश। लोहरा/ लौर गोत्र और लोरस क्षत्रिय (खत्री) गोत्र लववंशी क्षत्रिय जाटों में गिने जाते है। लौर और खत्री एक ही गोत्र है। यही कारण है कि ये दोनों गोत्रों में एक दूसरे में शादी नहीं की जाती है। बदलते समय के साथ लववंशी क्षत्रिय जाटों को लौह, लोह कहने लगे। लोह का अर्थ होता है लोहे के समान बलशाली और ताकतवर। इस वंश के लोगों को ताकतवर और बलशाली माना जाता है। अन्य जाटों के मुकाबले इनकी कद और काठी ज्यादा ताकतवर और ज्यादा मजबूत होती है। समय बदलता रहा और सके के साथ शब्दों के बिगडऩे और क्षेत्र पर बोली के प्रभाव के कारण यह लोग लौह से लौर कहने लगे। कुछ लोग लोहरा, लौरा लोह्काना आदि भी कहने लगते है।

खत्री शब्द अपभ्रंश के कारण ही प्रचलन में आया

जो जाट अपने को खत्री कहते है वह लववंशी क्षत्रिय जाट ही है। खत्री जाट पहले अपने आप को लववंशी क्षत्रीय जाट होने के कारण लोरस क्षत्रिय लिखते थे जो समय के साथ भाषा और बोली के कारण लौरस क्षत्रिय से खत्री हो गया। लौरस क्षत्रिय का अपभ्रंश ही खत्री है।

लववंशी क्षत्रिय जाट गोत्र के लगभग 300 से अधिक गांव

जानकारी के अनुसार लववंशी क्षत्रिय जाट गोत्र के लगभग 300 से अधिक गांव है । भाषा में अंतर के कारण कोई अपने को लौर लिखता है तो कोई लोहरा/ लौरा लिखता है औ जो लौरस क्षत्रिय लिखते थे वो जाट आज अपने को खत्री लिखते है।

कार्यक्रम में ये रहे शामिल

इस मौके पर अखिल भारतीय लववंशीय लौरस खत्री खाप नरेला के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी रणबीर खत्री, निगम पार्षद श्वेता खत्री, पूर्व निगम पार्षद राजकरण खत्री, प्रोफेसर रोहताष, दयानंद खत्री, चौधरी संतोष खत्री, धर्मबीर खत्री, संजय खत्री, रणधीर सिंह खत्री, रजनीश खत्री, निगम पार्षद दिनेश भारद्वाज, डॉ पीके खत्री, समेत हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

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महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस पर दी श्रद्धांजलि
  • महाराजा सूरजमल की मृत्यु 25 दिसम्बर 1763 को हुई थी जिसे बलिदान दिवस (maharaja surajmal balidan diwas) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन जाट समाज के लोग जगह जगह कार्यक्रम आयोजित करते है।

260 वां बलिदान दिवस का किया आयोजन

इसी कड़ी में गांव रोरी मे महाराजा सूरजमल (maharaja surajmal ) जी की याद में उनके 260 वें बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर महाराजा सूरजमल अखाडा द्वारा श्रद्धांजलि सभा की गयी। उनके चित्र पर फूल माला अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया।

महाराजा सूरजमल के बारे में बाबा परमेन्द्र आर्य ने बताया

बाबा परमेन्द्र आर्य ने बताया क्षत्रियो को महाराजा सूरजमल जी की युद्ध नीति को पढना चाहिए। महाराजा सूरजमल ने अपने जीवन में कोई भी लडाई नहीं हारी थी। महाराजा सूरजमल के बचपन का नाम सुजान सिंह था। उन्हें रविमल्ल के नाम से भी जाना गया है।

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पहलवानों को दिया संरक्षण

रवि मतलब सूर्य और मल्ल मतलब पहलवान महाराजा सूरजमल पहलवानी के बहुत शौकीन थे। इनका नारा था गाँव गाँव अखाड़े , गाँव गाँव मल्ल । महाराजा सूरजमल स्वयं भी पहलवानी करते थे इनके डीग के महल में आज भी अखाड़ा बना हुआ है। ये 56 वर्ष की आयु में भी इतनी तीव्र गति से युद्ध करते थे कि इन्हें देखकर 20-25 वर्ष के योद्धा भी डर जाते थे। महाराजा अपने पहलवानों के साथ प्रतिदिन अखाड़े में जोर करते थे। भारत के अधिकतर राजा नाचने और गाने वालियों को ही संरक्षण देते थे। मगर महाराजा सूरजमल पहले एसे राजा थे जिन्होंने पहलवानों को संरक्षण दिया।

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दोनों हाथों से चला सकते थे तलवार

उसी संरक्षण का परिणाम था उनके राज्य में उस समय घर घर पहलवान होते थे। इनका नाम रवि यानि सूरज और मल्ल से मल अर्थात् सूरजमल पड़ा। वे दोनों हाथों से एक साथ तलवार चलाते थे। वे बहुत बडे कूटनीतिज्ञ थे। इनकी कूटनीति से प्रभावित होकर ही राजा बदन सिंह ने जिनके अपने 25 पुत्र थे, उनमे से सूरजमल को ही अपना उत्तराधिकारी बनाया।

राम नारायण आर्य ने कहा

राम नारायण आर्य ने कहा कि भारत के इतिहास मे उनका योगदान अतुलनीय है । जिस तरह से उन्होंने निहत्थे किसानों के जत्थे को विश्व की अपराजेय सेना मे परिवर्तित किया वह उनके युद्ध कौशल का आदित्य उदाहरण है। उन्ही के पद चिन्हो पर चलकर भरतपुर के राजवंश व जनता सदैव आक्रांताओं से देश की आजादी व मानवता की रक्षा के लिए लडते रहे।
इस अवसर पर गंगाराम श्योराण, मनोज चौधरी , विरेन्द्र सिंह, मनोज कलकल, रितिक, अमरजीत , ओमकारी , सुभी चौधरी , अंतिम आदि उपस्थित रहे।

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चौधरी पवनजीतसिंह बनवाला ने फूंका खट्टर सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल
  • आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी पवनजीतसिंह बनवाला ने फिर फूंका खट्टर सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल
  • खट्टर सरकार किसान विरोधी कार्य करना बंद करे: बनवाला झज्जर

जाट परिवार – किसानों से अत्याचार करना बंद करें खट्टर सरकार अन्यथा किसान इस किसान,मजदूर व समस्त कमेरा विरोधी सरकार की चूलें हिलाकर रख देगें l उक्त कथन आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान चौधरी पवनजीतसिंह बनवाला ने निकटवर्ती गांव तलाव में किसानों को बगैर मुआवजा व नोटिस दिए खेतों में बिजली की बड़ी लाइन बिछाने के कार्य को रुकवाये जाने के उपरान्त उनकी अध्यक्षता में आयोजित किसान महापंचायत के उपरान्त पंचायत में लिए गए निर्णयों से पत्रकारों को अवगत करवाते हुए कहे l

भारी संख्या में लोग मौजूद रहें पवनजीतसिंह बनवाला

इस अवसर पर उनके साथ भारतीय किसान यूनियन की महिला विंग की जिला अध्यक्षा ममता कादयान, ठेकेदार तेजवीर बेरी, किसान नेता तेजवीर,तलाव के सरपंच मंजीत पूनिया, जयभगवान पुर्व सरपंच तलाव, कुलदीप पुर्व सरपंच, मास्टर बलवीर ,भरपुर सिंह समेत अन्य गणमान्य जन मौजूद थे l

पूरे प्रदेश से किसानों को बुलाया जा सकता है

चौधरी बनवाला ने कहा कि बगैर मुआवजा दिए फसलों को खराब कर किसानों की जमीन हडपने जैसी कोई भी कार्यवाही बर्दाश्त से बाहर है और इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और इसके लिए अगर पुरे प्रदेश के किसानों को भी यहाँ बुलाना पड़ा तो आदर्श जाट महासभा पीछे नहीं हटेगी l

उन्होंने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते अन्नदाता किसान यू ही भूखे मरने की कगार पर पहुँच चुका है उपर से सरकार नित नए नए हथकंडे अपनाकर किसानों की जमीनों को हडपना चाहती है परन्तु हम सरकार के ये मंसूबे कदापि सफल नहीं होने देगें l

सरकार किसानों पर जुल्म की इंतहा कर रही है : ममता कादयान

भारतीय किसान यूनियन (चडूनी) की महिला विंग की जिला अध्यक्षा ममता कादयान ने कहा कि सरकार किसानों पर जुल्म की इंतहा कर रही है बगैर मुआवजा दिए बिजली के बड़े पोल खेतों में नहीं लगने दिये जाऐंगे व इसके लिए बडे़ से बड़े आंदोलन करने से भी हम पीछे नहीं हटेंगे व महिला किसान भी इस आंदोलन में बढ़ चढकर भाग लेगी l

गौरतलब है कि निकटवर्ती गांव तलाव बिजली की बिछाई जा रहे कार्यों को आज ग्रामीणों ने इकठ्ठे होकर रुकवा दिया व गाँव में आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान चौधरी पवनजीतसिंह बनवाला व उनकी टीम को बुलाया व पवनजीतसिंह बनवाला ने सभी से मिलकर पंचायत आयोजित की व पत्रकार वार्ता में इस बाबत आंदोलन का ऐलान कियाl बनवाला की अध्यक्षता में हुई इस पंचायत में वक्ता सरकार पर खुब बरसे l

विजयदशमी पर मंत्रोच्चारण के साथ योद्धाओं को शस्त्र पूजा अवश्य करनी चाहिए – बाबा परमेन्द्र आर्य

आज शाम गांव रोरी मे महाराजा सूरजमल अखाड़े मे प्रतिवर्ष कि तरह शस्त्र पूजन कार्यक्रम पारम्परिक रीति से मनाया गया। शस्त्र पूजन कार्यक्रम में काफी संख्या में पुरूषों और महिलाओं ने भाग लिया। सर्वप्रथम यज्ञ हवन किया गया और शमी के वृक्ष की पूजा की गई व शस्त्रों का मंत्रो द्वारा उच्चारण कर पूजन किया गया व सभी ने अपने अपने शस्त्रों को कलावा बांधा और हल्दी , रोली से तिलक किया। पूजन उपरांत वक्ताओं ने अपने अपने विचार रखे।

बाबा परमेन्द्र आर्य  शस्त्र पूजा करते हुए

सुरक्षा शस्त्रों के बल पर होती है- बाबा परमेन्द्र आर्य

बाबा परमेन्द्र आर्य ने कहा सेना व पुलिस के जवान भी विजयदशमी के शुभ अवसर पर शस्त्र पूजा करते है। शस्त्र ही वीर योद्धाओं के गहने होते हैं। वीर पुरूष सदैव हथियार धारण करें रहते है व हथियारों को अपने शरीर का अंग समझते है। प्रत्येक नागरिक को अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा करने का अधिकार है और सुरक्षा शस्त्रों के बल पर होती है। इसलिए सभी शस्त्रों के चलाने का प्रशिक्षण भी लेना चाहिए।

यह भी – अखिल भारतीय जाट महासभा दिल्ली प्रदेश ने नई नियुक्ति की

विजय दशमी को हम रामचन्द्र जी की विजय के रूप में भी मनातें है । रामजी ने रावण को मारकर सीता माता को सकुशल लंका की अशोक वाटिका से मुक्त कराया था। प्राचीन काल में हमारे यहां गुरुकुलो में शस्त्र और शास्त्र दोनों की शिक्षा दी जाती थी और प्रत्येक युवक व युवती को गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त करनी अनिवार्य थी। हमारी शिक्षा पद्धति से सैनिक शिक्षा को हटाया जाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को सभी बच्चों के लिए एनसीसी लेना अनिवार्य करना चाहिए।

ओमपाल सिंह ने कहा

ओमपाल सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा प्राचीन काल में शस्त्र पूजा सभी मंदिरों में जोर सोर से मनाई जाती थी। लेकिन आज कल तो मंदिर मे उच्ची आवाज में भजन बजाना व नाचना गाना ही ज्यादा चलता है। मंदिर के पुजारी शस्त्र पूजा करानी भुल गए है।
सतेन्द्र तोमर ने कहा किसान व कमेरे वर्ग में ही सबसे अधिक लड़ाके पैदा होते है। और किसान पर जब विपत्ति आती है तो अपने औजारों को ही हथियार बना लेते हैं। कविता चौधरी ने कहा आदि काल में महिषासुर नामक राक्षस को मां दुर्गा ने आज ही के दिन मारा था और इस संसार को संदेश दिया था कि जब भी नारी के परिवार पर संकट आता है तो नारी मां दुर्गा भवानी बनकर अपने परिवार की सुरक्षा करती है।

पूजा उपरांत लड़कों व लड़कियों द्वारा गतका खेल का प्रदर्शन किया गया। लड़कियों द्वारा तलवार बाजी देखकर सभी आश्चर्यचकित थे। छोटे बच्चो ने लाठी से अपनी कला का श्रेष्ठ प्रदर्शन किया गया। गतका खेलने वाले सभी खिलाड़ियों को मेडल, ट्रोफी वह अन्य पुष्कर देकर प्रोत्साहित किया गया।

समाज में विशिष्ट कार्य करने वाले नागरिकों को सम्मान प्रतीक व तलवार भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर , विपनेश चौधरी, मनोज कुमार, रविन्द्र राणा, सचिन तेवतिया , सुमन चौधरी, डा आशी,नवाब सिंह, विशाल श्योराण, आदि उपस्थित रहे।

अखिल भारतीय जाट महासभा दिल्ली प्रदेश ने नई नियुक्ति की

नई दिल्ली। अखिल भारतीय जाट महासभा दिल्ली प्रदेश ने अपनी महासभा में नई नियुक्ति की है ताकि आने वाले समय में और बेहतर तरीके से कार्य किया जा सकें। इस संबंध में जानकारी देने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहां नवनियुक्त पदाधिकारियों का नाम बताया गया तथा सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पुष्पांजलि फार्म मुंडका कराला रोड़ रानी खेड़ा में किया गया।

अखिल भारतीय जाट महासभा
Akhil Bhartiya Jat Mahasabha

कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी सरदार सिंह कराला जी ने की

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी सरदार सिंह कराला जी ने करते हुए कहा कि महासभा लगाता जाट समाज के विकास और समाज में फैली बुराईयों के खिलाफ कार्य करती आ रही है। कार्य को इसी प्रकार से सुचारू रूप से करने के लिए यह नवनियुक्तियां की गई है। हम आशा करते है है कि जितने भी नवनियुक्त पदाधिकारी है वह महासभा को आगे बढ़ाने के लिए और निष्पक्ष रूप से समाज के विकास के लिए कार्य करेंगे।

निष्ठा के साथ करेंगे कार्य

इस मौके पर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने कहा कि वे पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से अपना कार्य करेंगे। समाज व महासभा ने जो भरोसा उन पर दिखाया है वह उनके भरोसे पर पूर्ण खरा उतरने की कोशिश करेंगे। और महासभा और जाट समाज के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।

किन किन पदाधिकारियों की हुई नियुक्ति

अखिल भारतीय जाट महासभा दिल्ली प्रदेश

  1. श्री पारस सोलंकी
    युवा अध्यक्ष लोकसभा उत्तर पश्चिमी दिल्ली
  2. चौ दिनेश डबास
    उपाध्यक्ष लोकसभा उत्तर पश्चिमी दिल्ली
  3. राजसिंह डबास
    सचिव लोकसभा उत्तर पश्चिमी दिल्ली
    4.चौ कृष्ण डबास
    सचिव लोकसभा उत्तर पश्चिमी दिल्ली
  4. चौ भगत डबास
    उपाध्यक्ष मुंडका विधानसभा
  5. चौ बिजेंदर सिंह राणा
    कार्यकारिणी सदस्य दिल्ली प्रदेश
  6. चौ दयानंद डबास
    कार्यकारिणी सदस्य दिल्ली प्रदेश
  7. चौ जोगिन्दर राणा
    कार्यकारिणी सदस्य दिल्ली प्रदेश
  8. चौ मनोज डबास
    कार्यकारिणी सदस्य दिल्ली प्रदेश
  9. सरदार फर्य़ाद सिंह
    महासचिव तिलक नगर विधानसभा

इस अवसर पर कौन कौन मौजूद रहें

चौ सुनील सोलंकी
(महासचिव दिल्ली प्रदेश)

चौ रामानंद माथुर
(वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिल्ली प्रदेश)

चौ जसबीर सिंह कराला
(पूर्व पार्षद एवं उपाध्यक्ष दिल्ली प्रदेश)

चौ अशोक सोलंकी
(प्रवक्ता दिल्ली प्रदेश)

चौ मुकेश सोलंकी ठोलेदार
उपाध्यक्ष दिल्ली प्रदेश

चौ सुनील अहलावत
(युवा अध्यक्ष दिल्ली प्रदेश)

चौ मयंक शोकींन
(युवा अध्यक्ष जनकपुरी विधानसभा )

पालम 360 खाप के प्रधान चुने गए चौ. सुरेंद्र सोलंकी

जाट परिवार। चौधरी रामकरण सोलंकी के निधन के बाद उनके छोटे पुत्र चौधरी सुरेंद्र सोलंकी को पालम 360 खाप का प्रधान सर्वसम्मति से नियुक्त किया गया।

सुरेंद्र सोलंकी
Ch Surender Solanki

पालम गांव में सकल पंचायत पालम 12 के तत्वावधान में एक पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में सर्व खाप, तपों और कई गांव के प्रधान उपस्थित हुए। जिसमें सर्वसम्मति से चौधरी सुरेंद्र सोलंकी को पालम 360 खाप का प्रधान चुना गया। इस दौरान पंचायत में बुजुर्गों ने सुरेंद्र को पगड़ी पहनाकर उनका अभिनंदन किया। अब सुरेंद्र अपने पिता चौधरी रामकरण सोलंकी की जिम्मेदारी को संभालेंगे।

क्या कहा सुरेन्द्र सोलंकी ने

इस अवसर पर चौ. सुरेन्द्र सोलंकी ने कहा कि समाज ने जो बड़ी जिम्मेदारी मुझे दी है वो मैं पूरे तन, मन और धन से समर्पित होकर सर्वसमाज और सर्व धर्म के लोगों को साथ लेकर निभाउंगा। अपने दादा और पिता जी के पदचिन्हों पर चलते हुए इस पकड़ी का मान हमेशा रखूंगा। उन्होंने कहा कि मैं खाप पंचायत और दिल्ली देहात के हितों के लिए आजीवन संघर्ष करने का संकल्प लेता हूं।

पीढी दर पीढी संभालते आ रहे है जिम्मेदारी

बता दें कि उनके दादा रिजक राम चौधरी 30 वर्षों तक पालम 360 खाप के प्रधान रहे। उनके बात सुरेंद्र के पिता स्व. चौ. रामकरण सोलंकी ने 15 वर्षों तक इस जिम्मेदारी को निभाया। अब चौ. सुरेन्द्र सोलंकी को समाज ने सर्वसम्मति से पालम 360 के प्रधान की जिम्मेदारी सौंपी है।

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आखिर खाप क्या है।

आपने खाप के बारे में काफी सुना होगा आपको बता दें कि खाप पंचायतें गांवों का एक सामुदायिक संगठन होती हैं, ये किसी खास जाति या गोत्र से मिलकर बनती हैं। हालांकि इनका कोई कानूनी आधार नहीं है और सुप्रीम कोर्ट भी इन्हे अवैध घोषित कर चुका है। इसके बावजूद खाप पंचायतें अपने समुदाय के अंदर अहम फैसले लेने में अहम भूमिका निभाती हैं। समाज के बनाए नियमों से इतर जाने वालों को खाप पंचायतें दंड सुनाती हैं। इनके तरफ से दिया जाने वाला सबसे बड़ा दंड सामाजिक बहिष्कार माना जाता है।