Jat Pariwar

समाज के लिए एक प्रयास, आईये आप भी जुडिये हमारे साथ

नरेला में सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज ने किया निशुल्क हेल्थ चैकअप कैम्प का आयोजन

नई दिल्ली, जाट परिवार। स्वास्थ्य के क्षेत्र में अस्पतालों का अहम रोल होता है। लेकिन जब धर्म और स्वास्थ्य आपस में मिल जाते है तो एक अद्भत नजारा होता है। ऐसा ही नजारा देखने को मिला बाहरी दिल्ली के सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज में जहां श्री महाकाली शक्ति पीठ मन्दिर के पहले स्थापना दिवस के अवसर पर निशुल्क हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया। इस मौके पर विशेष रूप से ब्लड शुगर, ईसीजी, खून की जांच, ब्लड प्रेशर आदि की निशुल्क जांच की गई।

पूजा अर्चना

सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज के प्रागण में स्थित महाकाली मां की पूजा अर्चना से की कैम्प की शुरूआत

कार्यक्रम का आयोजन सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज के द्वारा श्री महाकाली शक्ति पीठ मन्दिर के पहले स्थापना दिवस पर किया गया था। सुबह सबसे पहले खत्री परिवार ने माता की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया जिसके बाद विधिवत रूप से डॉ सुशीला खत्री ने रिब्न काटकर निशुल्क कैम्प की शुरूआत की।

यह भी पढे –चौथी बार हरियाणा जाट महासभा के प्रदेशाध्यक्ष बने प्रदीप हुड्डा

सोशल डिस्टेंसिंग का रखा गया पालन

कैम्प में डॉक्टर अरूण खत्री (एमबीबीएस) व डॉक्टर आर्यन खत्री (एमबीबीएस), डॉक्टर सुशीला ने विशेष रूप से आए हुए मरीजों की जांच की और उन्हें उचित परामर्श दिया। जाचं के लिए आने वाले मरीजों को देखने के लिए विशेष रूप से कोरोना गाईडलाइन का पालन किया गया। इस दौरान आए हुए मरीजों के हाथ सेनिटाईज किए गए। और सभी मरीजों के शरीर का तापमान मापकर ही कैम्प में प्रवेश दिलाया गया। कैम्प के दौरान विशेष रूप से सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया।

नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं

नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने की पूरी सहायता

इस दौरान काफी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की। सुशीला नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने इस दौरान कोरोना गाईडलाइन का पूर्ण रूप से पालन करते हुए आए हुए मरीजों की मदद की और डॉक्टरों की सहायता की। एक सवाल के जवाब में एक छात्रा ने बताया कि इस प्रकार के निशुल्क कैम्प में शिरकत कर उन्हें काफी प्रसंन्नता हुई है क्योंकि एक ओर जहां उन्होंने प्रैक्टिस का मौका मिला वहीं दूसरी ओर इससे उन्हें लोगों की सेवा करने का भी अवसर प्राप्त हुआ। सुशीला नर्सिंग कालेज की यही सबसे अच्छा बात है कि यहां प्रैक्टिकल और थ्यौरी अच्छी तरह से करने का मौका प्राप्त होता है। हमे आशा करते है कि भविष्य में भी हमें इस प्रकार के कार्यक्रम में शिरकत करने का मौका मिलेगा।

आखिर क्या है सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज

सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज बाहरी दिल्ली के जाने माने अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज में से एक है। बाहरी दिल्ली के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए 111 बैड का उच्च आधुनिक अस्पताल तैयार किया गया है ताकि लोगों को अपने ईलाज के लिए दिल्ली की ओर जाना ना पड़े क्योंकि कई बार आने जाने में काफी समय लग जाता है जिसके कारण कई बार मरीज की जान भी चली जाती है।

सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज

अस्पताल तीन मंजिल तक फैला है ताकि जगह की कोई कमी ना हो। अस्पताल में इमरजेंसी रूम, शारीरिक जांच, व ऑपरेशन आदि की विशेष सुविधा है ताकि आने वाले किसी भी मरीज को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। मरीजों का ख्याल रखते हुए सफाई का विशेष प्रबंध रखा जाता है एवं सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बेड़ों में दुनिया रखी गई है। इसके साथ ही साथ अस्पताल में लिफ्ट का भी प्रबंध है ताकि एक मंजिल से दूसरी मंजिल पर जाने पर लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। इसके साथ ही साथ नर्सिंग कॉलेज में भी सीटें है जहां लडकियां नर्स बनकर अपने देश की सेवा कर सकती है। उनके दिल्ली के आंततिक हिस्सों में जाने की आवश्यकता नहीं है।

यह भी पढे – महाराष्ट्र के भाईयों के साथ मिलकर जाट समाज के उत्थान के लिए किया विमर्श

जाट समाज ने महाराजा सूरजमल को की श्रद्धांजलि अर्पित
  • महाराजा सूरजमल ऐसे कुशल नेतृत्व करने वाले राजा थे जिनके एक आह्वान पर किसान भी अपने हथियार लेकर युद्ध के मैदान मे सेना के साथ खड़े हो जाते थे – बाबा परमेन्द्र आर्य

आज गांव रोरी मे अखाड़ा महाराजा सूरजमल द्वारा भरतपुर नरेश महाराजा सूरजमल जी की 315वी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए सभा का आयोजन किया गया। सबसे पहले यज्ञ हवन किया गया फिर सभी ने महाराजा सूरजमल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किये।

बाबा परमेन्द्र आर्य ने अपने सम्बोधन में कहा महाराजा सूरजमल का जन्म 13 फरवरी 1707 में हुआ था। इस्लामिक आक्रमणकारियों को मुंह तोड़ जवाब देने में उत्तर भारत में जिन राजाओं का विशेष स्थान रहा है, उनमें महाराजा सूरजमल का नाम बड़े ही गौरव के साथ लिया जाता है।
हिन्दू ह्रदय सम्राट महाराजा सूरजमल अठारहवीं सदी के भारत का निर्माण करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में से एक थे।

यह भी पढे – महाराष्ट्र के भाईयों के साथ मिलकर जाट समाज के उत्थान के लिए किया विमर्श

उनके जन्म ऐसे समय में हुआ जब दिल्ली की राजनीति में भारी उथल-पुथल हो रही थी और देश विनाशकारी शक्तियों की जकड़न में था। विदेशी लुटेरों नादिरशाह और अहमदशाह अब्दाली ने उत्तर भारत में बहुत बड़ी संख्या में हिन्दुओं को मार डालने के साथ उनके तीर्थों-मंदिरों को भी नष्ट कर दिया था। और यहां से हिन्दूओं की बहन-बेटियों को बंदी बनाकर अपने देश ले जाते थे। इन बर्बर आक्रांताओं को रोकने वाला कोई नहीं था। उस समय मुगल, न तो दिल्ली का तख्त छोड़ते थे और न अफगानिस्तान से आने वाले आक्रांताओं को रोक पाते थे। ऐसे अंधकार में महाराजा सूरजमल हिन्दू धर्म रक्षक के रूप में प्रकट हुए।

राम नारायण आर्य ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा महाराजा सूरजमल जी आपने समय के उत्तर भारत के सबसे शक्तिशाली राजाओं में गिने जाते थे। उन्होंने अपने पराक्रम और कूटनीति से भरतपुर रियासत की स्थापना की। उनके राज्य में सभी जातियों को एक समान देखा जाता था। उनके शासन में किसान, कास्तकार , साहुकार , विद्वान सभी सुरक्षित व खुशहाल थे। महाराजा सूरजमल एक किसान परिवार से थे।

यह भी पढे – किसानों के समर्थन में हनुमान बेनीवाल की संसद में गुंजी आवाज

उनका खेती बाड़ी से बहुत अधिक लगाव था। उन्होंने अपने राज्य में गांव गांव कुस्ती अखाड़े खुल वाये। वे स्वयम एक बहुत बड़े पहलवान थे। उन्होंने डींग के अपने जल महल में भी भव्य कुस्ती अखाड़ा बनवाया था। जो आज भी पुरातत्व विभाग की देखरेख में सुरक्षित है। उनके द्वारा किए गए सभी महान कार्यों को जन जन तक पहुंचाने की जरूरत है। ताकि आने वाली पीढ़ी उनके दिखाए रास्ते पर चल कर देश व समाज की सेवा कर सकें।

इस अवसर राम महेर चौधरी, मनोज चौधरी, कल्याण सिंह, गंगाराम श्यौराण, संदीप श्यौराण, सुरेश कलकल, ओमकारी, सरोज देवी, चंचल चौधरी, स्वाती आदि उपस्थित रहे।

महाराष्ट्र के भाईयों के साथ मिलकर जाट समाज के उत्थान के लिए किया विमर्श

नई दिल्ली। बाहरी दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में जाट समाज के गणमान्‍य लोगों व अखिल भारतीय जाट महासभा उत्तरी दिल्ली के द्वारा बैठक का आयोजन किया गया। जाट समाज की इस बैठक में विशेष रूप से महाराष्ट्र से धन सिंह सहरावत, अध्यक्ष जाट महासभा महाराष्ट्र और खेम राज कोर, किसान नेता ने कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर अखिल भारतीय जाट महासभा उत्तरी दिल्ली के पदाधिकारियों ने आए हुए अतिथियों को सर छोटूराम की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया।

जाट समाज की बैठक में धन सिंह सहरावत ने किया धन्यवाद

इस अवसर पर धन सिंह सहरावत ने सभी का धन्यवाद देते हुए कहा कि जो मान सम्मान हमें यहां के जाट भाईयों ने दिया है वह उन्हें हमेशा याद रहेगा। जाट भाई पूरे वर्ल्ड का कहीं का भी हो सभी का आपसी भाईचारा होता है। इसका उदाहरण आज हमने यहां देख लिया है। इस मौके पर बुराडी के जाट भाईयों ने भी महाराष्ट्र के भाईयों का धन्यवाद किया जो उन्होंने इतनी दूर से और अपने कीमती समय निकाल कर उनसे मुलाकात की।

यह भी पढे – किसान आंदोलन में जाटों की एंट्री सरकार के लिए परेशानी

राजपाल सौलंकी ने रखे अपने विचार

इस मौके पर राजपाल सौलंकी ने बताया कि उन्होंने बैठक के दौरान समाज में फैली बुराईयों और उन्हें दूर करने पर भी चर्चा की। जाट समाज लगातार शिक्षित हो रहा है। लेकिन उसे आगे बढने के लिए एकजुटता की आवश्यकता है। राजनीतिक लोग लगातार जाट समाज को कमजोर करने का प्रयास कर रहे है जिससे समाज के लोगों को बचना होगा एवं एकजुट होकर समाज के विकास के लिए कार्य करना होगा।

यह भी पढे – किसानों के समर्थन में हनुमान बेनीवाल की संसद में गुंजी आवाज

क्या कहा एडवोकेट राजीव तोमर ने

इस मौके पर एडवोकेट राजीव तोमर ने भी सभी को संबोधित करते हुए कहा कि यह काफी खुशी की बात है कि एक राज्य जाट भाई दूसरे राज्य के जाट भाई से मुलाकात कर रहा है क्योंकि यह मुलाकात ही समाज को ताकतवर बनाती है। जाटों में सांस्कृतिक, भाषिक तौर पर काफी भिन्नता है लेकिन व्यावहारिक तौर पर जाट समाज आपस में जुड़ा हुआ है जिसके कारण वह अपने आप ही एक दूसरे से आकर्षित होते है।

सतीश तोमर ने नौजवानों को इतिहास जानने के लिए किया प्रेरित

इस अवसर पर सतीश तोमर ने सभी नौजवानों को संबोधित करते हुए कहा कि नौजवानों को जाट गौरव का इतिहास जानना चाहिए। आखिर क्या कारण है कि आज दुनिया के हर कौने में जाट समाज का व्यक्ति मिल जाता है। इतिहास में जाटों का विशेष योगदान है जिससे नौजवान पीढी को जानना चाहिए। आज कई नौजवान ऐसे है जो यह तो जानते है कि जाट समाज से संबंध रखते है लेकिन जाट समाज का इतिहास क्या है इसके बारे में वे अनभिज्ञन है इस लिए सभी माता पिता को भी अपने बच्चों को इतिहास से रूबरू कराना चाहिए।

यह भी पढे – चौथी बार हरियाणा जाट महासभा के प्रदेशाध्यक्ष बने प्रदीप हुड्डा

इस अवसर पर अखिल भारतीय जाट महासभा उत्तरी दिल्ली के अध्यक्ष राजपाल सिंह सौलंकी, उपाध्यक्ष एडवोकेट राजीव तोमर, प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय लोकदल रजनीश मलिक, सचिव धर्मपाल रावत, सचिव जोगेन्द्र डांगी, सह महासचिव सतीश तौमर, सह कोषाध्यक्ष कृपाल सिंह, डॉ देवेन्द्र खोखर, रोबिन चौधरी, आदि गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की।

किसान आंदोलन में जाटों की एंट्री सरकार के लिए परेशानी

नई दिल्ली। सरकार के सामने एक बार फिर जाट खड़े हो चुके है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसान आंदोलन को लेकर सरकार की मुसीबत ओर बढ़ सकती है। हरियाणा और यूपी में जाटों की अच्छी खासी संख्या है जिसके कारण इनका राजनीतिक महत्व भी काफी बढ़ जाता है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के जाट खुल कर किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे है और भारी संख्या में आंदोलन में पहुंच रहे है।

kisan andolan live

किसान आंदोलन को लेकर जाट महापंचायत में आखिर हुआ क्या

शुक्रवार को जाट महापंचायत का आयोजन किया गया था जिसमें किसानों का समर्थन करने का फैसला लिया गया है। जानकारी के अनुसार जाट महापंचायत में 10 हजार से ज्यादा किसान एकत्रित हुए थे। किसान आंदोलन का समर्थन भाजपा के लिए परेशानी का सबक बन सकता है। महापंचायत में एकत्रित जाटों की संख्या देख कर सभी चौंक गए है। राकेश टिकैत के आंसुओं ने जाटों को एकत्रित कर किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया है। भारी संख्या में हरियाणा और उत्तर प्रदेश के जाट किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए निकल गए है। जिससे सरकार की चिंता बढ़ गई है क्योंकि जाटों का आंदोलन में इस प्रकार से शामिल होना भाजपा को राजनीतिक नुकसान पहुंचा सकता है। पार्टी इस समुदाय को अपने मुख्य वोट बैंक के रूप में देखती है लेकिन जाटों के इस कदम ने भाजपा को चिंता में डाल दिया है।

यह भी पढे – राजस्थान और हरियाणा के जाटों में क्या अंतर है?

आखिर जाट राजनीति क्यों है महत्वपूर्ण

अगर हम बात करें पश्चिम उत्तर प्रदेश की तो यहां के लोगों को देखने से पता चलता है कि यहां या तो किसान है या फिर जवान । आपको बता दें कि जाट राजनीतिक के बड़े किसान नेताओं में महेन्द्र सिंह टिकैत और किसानों के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह इसी धरती से निकले है। एक समय था कि चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत की एक आवाज पर लखनऊ से दिल्ली तक सियासत के गलियारों में हलचल मच जाया करती थी।

वहीं अगर बात करें चौधरी चरण सिंह की तो उन्होंने अपनी जाट राजनीति से इतिहास के पन्नों में अपना एक अलग ही नाम दर्ज किया जिसके कारण उन्हें आज भी किसानों का मसीहा कहा जाता है।

जाट वोटों की गणित

दरअसल, यूपी में 6 से 7% आबादी जाटों की है लेकिन पश्चिमी यूपी में जाट आबादी 17% से अधिक है। तकरीबन 17 लोकसभा सीटों पर यह अपना असर रखते हैं। जबकि 120 विधानसभा सीट प्रभावित करते हैं। जानकार मानते हैं कि पश्चिमी यूपी में कभी जातीय दरार नहीं आई थी लेकिन 1992, 2002 और फिर 2013 में हुए दंगों ने यहां दरार पैदा कर दी। जिसका असर रहा कि 2014 लोकसभा चुनावों में विपक्ष का पश्चिमी यूपी से सूपड़ा ही साफ हो गया।

यह भी पढे – किसानों के समर्थन में हनुमान बेनीवाल की संसद में गुंजी आवाज

इसके बाद 2017 विधानसभा चुनावों और 2019 लोकसभा चुनावों में भी हालात बहुत अच्छे नहीं रहे। ऐसे में समाजवादी पार्टी जहां एक बार फिर पिछड़े और मुस्लिम वोट बैंक के साथ जाटों को जोड़ना चाह रही है तो वहीं बसपा भी दलित और मुस्लिम वोट बैंक के साथ जाटों को जोड़ना चाह रही है। कमोबेश आरएलडी और कांग्रेस भी इसी बहाने अपनी जमीन ढूंढना चाहते हैं।

जाटों की किसान आंदोलन में कुदने की के महत्व की बात करें तो इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछल्ले काफी महीनों से यह आंदोलन चल रहा था लेकिन पीएम ने कभी कोई प्रतिक्रिया किसान आंदोलन पर नहीं दी लेकिन जैसे ही जाटों ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया तो स्थिति हाथ से निकलते देख कर उन्हें भी कहना पड़ा कि किसान उनसे बस एक फोन कॉल की दूरी पर हैं।

‘बीजेपी के लिए चिंता की कई वजहें’

“हरियाणा में बीजेपी और दुष्यंत चौटाला के विधायक सामाजिक बायकॉट झेल रहे हैं। पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और बादल परिवार नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहा है। उनका भरोसा जाट सिखों और किसानों पर है। आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल भी कूद पड़े हैं। पश्चिमी यूपी में हर जाट नेता, चाह वह राकेश टिकैत हों याचुका अजीत सिंह या हरेंद्र मलिक (कांग्रेस), सब आंदोलन का फायदा उठाना चाहते हैं। राजस्थान में एनडीए पहले ही हनुमान बेनीवाल को गंवा चुका है। जाट बेल्ट में जो मूड है, उसे लेकर बीजेपी को चिंता होनी ही चाहिए। मुझे उम्मीद है कि वे मूड सही से भांप पाएंगे।”

यह भी पढे – दहिया खाप ने दिया किसान आंदोलन को समर्थन

किसानों के समर्थन में हनुमान बेनीवाल की संसद में गुंजी आवाज

नई दिल्ली। किसान आंदोलन के समर्थन में सांसद हनुमान बेनीवाल ने तीनों किसान बिलों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने किसानों के मान और सम्मान के लिए और किसान आदोलन के समर्थन में किसान विरोधी बिलों को वापिस लेने की मांग करते हुए बजट सत्र से पहले राष्टÑपति महोदय अभिभाषण का बहिष्कार करते हुए सदन से वाक आउट कर दिया। आपको बता दें कि हनुमान बेनीवाल ने एनडीए का भी साथ छोड़ कर किसानों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की है।

राष्ट्रपति के भाषण का कई पार्टियों ने किया बहिष्कार

जानकारी के अनुसार कांग्रेस समेत 19 विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया और कृषि कानूनों की वापसी को लेकर राहुल गांधी के साथ कांग्रेस पार्टी के अन्य सांसदों के साथ संसद परिसर में महात्मा गांधी की स्टैचू पर धरना प्रदर्शन करते हुए किसानों के समर्थन में अपनी बात रखीं।

इसे भी पढे – राजस्थान और हरियाणा के जाटों में क्या अंतर है?

क्या कहा राष्ट्रपति ने

बजट सत्र से पहले अपना अभिभाषण देते हुए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने पिछल्ले साल आई विपदाओं कोरोना महामारी, सीमा पर तनाव आदि कई परेशानियों का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने अपने अभिभाषण में कहा कि भारत कितनी भी बड़ी परेशानी का सामना करने को तैयार है। चुनौती कितनी ही बड़ी क्यों ना हो लेकिन न हम रुकेंगे और न भारत रुकेगा।

इसे भी पढे – facebook वायस रिकार्डिंग करके अब कमाए फेसबुक से पैसा

उन्होंने 26 जनवरी को को तिरंगे और गणतंत्र दिवस जेसे पवित्र दिन का अपमान को बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जो संविधान हमें अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार देता है, वही संविधान हमें सिखाता है कि कानून और नियम का भी उतना ही गंभीरता से पालन होना चाहिए। उन्होंने कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए कहा कि कृषि सुधार के जरिए सरकार ने किसानों को नई सुविधाएं उपलब्ध काने के साथ साथ नए अधिकार भी दिए हैं।

इसे भी पढे – Buzurgon ka samman ही हमारी संस्कृति- डॉ संतोष दहिया

वीरेंद्र सिंह तोमर बने हरियाणा जाट महासभा प्रदेश महासचिव

नई दिल्ली/रोहतक : हरियाणा जाट महासभा के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप हुड्डा ने प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह को दिल्ली इकाई के प्रदेश महासचिव का दायित्व सौंपा है। वर्तमान में वीरेंद्र सिंह तोमर दिल्ली के डीडीयू अस्पताल, हरि नगर के प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर पदस्थ हैं। शनिवार को नववर्ष के मौके पर यह घोषणा करने से पूर्व हरियाणा जाट महासभा के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप हुड्डा एवं प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह तोमर के साथ सामाजिक मुद्दों पर लम्बा मंथन हुआ।

किसान

इसके उपरांत श्री तोमर के सामाजिक क्षेत्र में किसान, युवा वर्ग के उत्थान को लेकर काम करने की जताई गई इच्छा का सम्मान करते हुए श्री प्रदीप हुड्डा ने उन्हें दिल्ली इकाई का विस्तार करते हुए प्रदेश महासचिव का दायित्व सौंपा।

यह भी पढे – राजस्थान और हरियाणा के जाटों में क्या अंतर है?

श्री हुड्डा ने कहा कि श्री तोमर द्वारा अपने 32 वर्ष के प्रशासनिक अनुभव के दौरान समाज मे दिया गया योगदान सराहनीय रहा है। एसडीएम द्वारका रहते हुए रिहायशी कल्याण एसोसिएशन के साथ मिलकर साप्ताहिक बैठकों का दौर शुरू कर नागरिकों के अनसुलझे मामलों का पूरी संजीदगी के साथ समाधान करना उनकी आमजन के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कराता है। इसी प्रकार उन्हें विभिन्न एनजीओ, ट्रस्टों के सामाजिक अभियानों में बढ़चढ़ कर कार्य करने का अनुभव है।

वीरेंद्र सिंह तोमर

श्री प्रदीप हुड्डा ने कहा कि श्री वीरेंद्र सिंह तोमर प्रशासनिक दायित्व बेहतर तरीके से निभाने के साथ साथ सामाजिक क्षेत्र में भी अच्छे कदम उठा रहे हैं। उनकी इसी सकारात्मक सोच को ध्यान में रखते हुए उनको हरियाणा जाट महासभा की दिल्ली इकाई में प्रदेश महासचिव का दायित्व सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा जाट महासभा देश के विभिन्न हिस्सों में किसानो, युवाओं को प्रगतिशील बनाने तथा उनके उत्थान के लिए कार्य कर रही है।

यह भी पढे – Buzurgon ka samman ही हमारी संस्कृति- डॉ संतोष दहिया

बीते सालों के दौरान हरियाणा जाट महासभा द्वारा सामाजिक सद्भाव को बढ़ाने के लिए भी अपना दायरा बढ़ाया है। निश्चित तौर पर उनके अनुभव का फायदा मिलेगा और संगठनात्मक गतिविधियों का तेजी से विस्तार किया जा सकेगा। इस मौके पर राजीव सांगवान, विनोद देशवाल, पवन हुड्डा, सतीश सोलंकी, सुशील शर्मा, हिमांशु टंडन, विकास देशवाल, तरुण गिरधर, मनीष बबलानी, गोविंद गोपाल आदि मौजूद रहे।

हरियाणा जाट महासभा

यह भी पढे – समाज की महिलाओं को दिशा देगी यशोदा चौधरी

वीर गोकुला जाट को दी माला अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

समर वीर गोकुला जाट ने किसानों को हल के साथ तलवार भी थमा दी थी, इसलिए सहस्त्र किसान क्रांति के जनक कहलाये – बाबा परमेन्द्र आर्य

गांव रोरी में वीर गोकुला जाट का 352 वें बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर श्रद्धांजलि दी । सर्व प्रथम दीप प्रज्ज्वलित कर गोकुला जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किये।

गोकुला जाट
Veer Gokula jat


बाबा परमेन्द्र आर्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि वीर योद्धाओं की जयंती व बलिदान दिवस मनाने का उद्देश्य यह है कि आने वाली पीढियां महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर देश व समाज में हो रहे अत्याचार से लड़ना सीखें। जो भी अन्याय से लड़ता है उसी का इतिहास में नाम दर्ज हो जाता है। लेकिन आजादी के बाद जो इतिहास लेखन का कार्य हुआ उसमें बहुत सारे ऐसे योद्धाओ के बारे में नहीं लिखा गया जिन्होंने देश व धर्म के लिए बहुत बड़ी बड़ी लड़ाईयां लडी व विदेशी आक्रांताओं के दांत खट्टे किये। गोकुल जाट को इतिहास में उचित स्थान देना चाहिए था।

क्योंकि उन्होंने औरंगजेब जैसे अत्याचारी शासक के विरुद्ध बगावत कर पूरे उत्तर भारत में सहस्त्र किसान क्रान्ति का बिगुल बजा दिया था और किसानों की एक सेना बना ली जिससे लड़ने के लिए मुगल सैनिक डरने लगे थे। गोकुला जाट की वीरता और साहस को देखकर औरंगजेब को स्वयं लड़ने के लिए दिल्ली छोड़कर मथुरा आना पड़ा था।

यह भी पढे – अनपढ़ jaat पढ़ा जैसा, पढ़ा jaat जाट खुदा जैसा

औरंगजेब की तोपों, हाथियों व घुड़सवारों की विशाल सेना से गोकुला चार दिन तक युद्ध लडता रहा अन्त में उन्हें परिवार व 7000 किसानों सहित बंदी बना लिया गया। 01 जनवरी 1670 को आगरा के लालकिले में इस्लाम कबूल न करने पर साथियों सहित जलादो से टुकड़े टुकड़े करके मरवा दिया गया। औरंगजेब की इस बर्बरता से पूरे ब्रज प्रदेश में मुगलों के खिलाफ नफरत की आग फैल गई और मुगलिया सल्तनत के समाप्त होने तक गोकुला जाट के वंशज व अनुयाई लड़ते रहे।
राणा राम राम आर्य ने कहा औरंगजेब के अत्याचारों से तंग आकर किसानों ने लगान देने बन्द कर दिया जिससे खफा होकर मुगलिया सैनिकों ने किसानों के घरों को लूटना शुरू कर दिया और पालतू पशुओं को छीनकर ले जाने लगे।

यह भी पढे – दहिया खाप ने दिया किसान आंदोलन को समर्थन

गोकुला के नेतृत्व में किसानों ने मुगलों की छावनियों पर हमला करना शुरू कर दिया और अब्दुन्नवी फौजदार को मार दिया और पूरी छावनी को नष्ट कर दिया गोकुल ने औरंगजेब के सेनापतियों से तीन लड़ाई जीत ली थी। लेकिन तिलपत की गढ़ी पर जब औरंगजेब की तोपों ने हमला कर नष्ट कर दिया तो गढ़ी से बहार निकल कर जाटनियों ने पुरूषों के साथ मोर्चा संभाला और अंतिम समय तक गोकुला जाट के नेतृत्व में लड़ती रही तिलपत की लड़ाई में कुछ महिलाएं लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं और कुछ महिलाओं को अपना सतीत्व बचाने के लिए जौहर भी करना पड़ा। तिलपत का युद्ध इतिहास में दर्ज न होना दुर्भाग्य की बात है।
इस अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले में कल्याण चौधरी, मनोज कलकल, चौधरी गंगाराम, अमरजीत, अभिमन्यु, सरोज देवी, वीरांगना संजू चौधरी, अंजली आर्य आदि उपस्थित रहे।

यह भी पढे – असिस्टेंट कमिश्नर अरूण सहरावत का किया भव्य स्वागत

असिस्टेंट कमिश्नर अरूण सहरावत का किया भव्य स्वागत

नई दिल्ली, जाट परिवार। पालम जय श्री दादा देव महाराज के प्रागंण में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर इनकम टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर अरूण सहरावत का आए हुए सभी गणमान्य लोगों ने फूल माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर सभी को संबोधित करते हुए मीनू सहरावत ने कहा कि वह काफी खुशी का पल होता है जब कोई समाज का व्यक्ति देश के उच्च पदों पर बैठता है। क्योंकि आज किसी उच्च पद पर बैठकर ही समाज और देश के लिए पूर्ण निष्ठा और बिना किसी अवरोध के कार्य कर सकते है।

arun sehrawat irs

देश के विकास में युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान है जिसका सभी को सम्मान करना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने असिस्टेंट कमिश्नर से भी अपील करते हुए कहा कि वे आज जिस उच्च पद पर बैठे है उसकी गरिमा को ध्याम में रखते हुए समाज के विकास के लिए भी योगदान दें।

यह भी पढे – महाराजा सूरजमल बलिदान दिवस पर कब्बड्डी प्रतियोगिता आयोजित

असिस्टेंट कमिश्नर अरूण सहरावत ने क्‍या कहा

इस अवसर पर इनकम टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर अरूण सहरावत ने भी आए हुए सभी लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि जो सम्मान उन्हें समाज के लोगों से मिला है वह उसके ऋणी रहेगें। उन्होंने युवाओं को भी संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवाओं में असीम क्षमताएं है। जरूरत है तो केवल अपनी क्षमताओं को पहचानने की। युवाओं को अपने लक्ष्य का निर्धारण करना चाहिए और उसे पाने के लिए पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ प्रयास करते रहचा चाहिए। जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है केवल जरूरत है तो सच्ची लगन से उसे प्राप्त करने के लिए मेहनत की।

शिक्षा के स्तर पर बढ रहा है जाट समाज

आपको बता दें कि पिछले कुछ सालों से जाट समाज में शिक्षा के स्तर पर भी युवाओं ने अपनी काफी प्रतिभा दिखाई है। क्योंकि पिछले कुछ समय से देश की आईएएस जैसी उच्च परीक्षाओं में भी बहुत से समाज के नौजवान निकल कर आ रहे है यह काफी खुशी की बात है। खेलों में तो जाट लोगों का दबदबा पहले से ही है शिक्षा में भी जाट समाज के युवा जिस प्रकार से महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे है इससे समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

यह भी पढे – दहिया खाप ने दिया किसान आंदोलन को समर्थन

इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रधान भूप सिंह सोलंकी, पंडित ओमप्रकाश शर्मा, मूला प्रधान, भाई हरीश सोलंकी, बरम प्रकाश सोलंकी, छोटू सोलंकी, प्रधान रामकुमार सोलंकी, दीपक वशिष्ट , जिले सिंह गहलोत, मुकेश दहिया, जोगिंदर मोर, हरि सिंह मास्टर रामकरण अन्य सम्मानित लोग मौजूद रहें।

dada dev mandir photos

यह भी पढे – Buzurgon ka samman ही हमारी संस्कृति- डॉ संतोष दहिया

अगर आपके पास भी समाज से संबंधित कोेई खबर है या आप जाट परिवार से जुडना चाहते है तो हमें 9953738936 पर संपर्क करें या फिर jaatpariwar01@gmail.com पर मेल करें

महाराजा सूरजमल बलिदान दिवस पर कब्बड्डी प्रतियोगिता आयोजित
  • प्रथम ईनाम 31000 रुपए और द्वितीय ईनाम 21000 रुपए रखा गया है।
  • पिछले साल भी किया गया था कार्यक्रम का आयोजन
  • समाज के प्रमुख व्‍यक्तियों ने की कार्यक्रम में शिरकत

जाट परिवार, गाजियाबाद। जाट समाज में महाराजा सूरजमल जी का बलिदान दिवस बड़े गौरवपूर्ण रूप से मनाया जाता है। इसी कड़ी में 23 से 25 दिसंबर 2020 को रामलीला मैदान लाजपत नगर साहिबाबाद, गाजियाबाद में चौधरी यूथ क्लब कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन एक अटल प्रयास एनजीओ, चौधरी यूथ क्लब द्वारा किया गया था। इस मौके पर महाराजा जागरूक समिति (सर्व समाज) ने भी प्रतियोगिता आयोजन में मुख्य भूमिका अदा की।

यह भी पढे – दहिया खाप ने दिया किसान आंदोलन को समर्थन

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर प्रवीण कुमार एवं केन्द्रीय राज्यमंत्री भारत सरकार संजीव बालियान ने शिकरत की। इसके अलावा मनोज धामा पूर्व चेयरमैन लोनी गाजियाबाद, गौरव टिकैत राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन, मानसिंह गोस्वामी क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, पिंकी तोमर राष्ट्रीय अध्यक्ष हिन्दू रक्षा दल, विपनेश चौधरी(वर्ल्ड चैंपियन), सचिन डागर पार्षद गाजियाबाद, तेजपाल राणा पार्षद गाजियाबाद, हिमांशु चौधरी पार्षद गाजियाबाद, यशपाल पहलवान पार्षद गाजियाबाद, संजीव लाकड़ा सदस्य भारतीय कब्बडी संघ, विनोद कसाना पार्षद गाजियाबाद एवं परमिंद्र लम्बदार राष्ट्रीय जाट संरक्षण समिति. ने कार्यक्रम में शिरकत की।

यह भी पढे – राजस्थान और हरियाणा के जाटों में क्या अंतर है?

इस अवसवर पर आए हुए अतिथियों ने बताया कि यह काफी गौरव की बात है कि महाराजा सूरजमल जी के बलिदान दिवस पर इस प्रकार से खेल का आयोजन किया जा रहा है। हमें अपने पूर्वजों और अपने गौरवपूर्ण इतिहास को याद रखना होगा। खेल प्रतियोगिता का आयोजन हमारे पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने का सबसे उत्तम साधन है। खेल प्रतियोगिता से हमारे नौजवानों को खेल की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है तो दूसरी ओर समाज को भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा मिलती है। आज के आधुनिक जीवन में स्वस्थ शरीर ही सबकुछ है।
इस मौके पर विपनेश चौधरी(वर्ल्ड चैंपियन) ने भी सभी को संबोधित करते हुए कहा कि यह काफी खुशी की बात है कि हम आप भी अपने पूर्वजों को याद करते है। हमारी आने वाली पीढ़ियों को भी याद रखना चाहिए कि महाराजा सूरजमल एक दूरदर्शी राजा था। अगर मराठा उसकी बात मानते तो शायद भारत का भाग्य कुछ और होता । हमारे नौजवानों को महाराजा सूरजमल के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। और उनके कदमों पर चलते हुए देशभक्ति को अपने अंदर कूट कूट कर भरना चाहिए।

यह भी पढे – लोगों के दिलों पर राज करने वाली जाटणी के पिता के साथ ये क्या हो गया

कार्यक्रम में मुख्य रूप से रविन्द्र बालियान, रजनीश तोमर, आजाद छिल्लर, नितिन अत्री, राजकुमार कुंतल, इंदू तोमर, अमृता सिंह, राजकुमार तोमर, अनिल सिरोही, विनोद बालियान, अमित छिल्लर, प्रीति शर्मा, विपिन राणा, सुधीर मलिक, पिंकी चौधरी, सचिन डागर प्रसाद, संजीव लाकड़ा, जगपाल देहलान आदि गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की।

अगर आप भी जाट परिवार का हिस्‍सा बनना चाहते है । या आपके पास कोई समाज से संबंधित खबर है तो संपर्क करें 9953738936 पर या हमें मेल कीजिए jaatpariwar01@gmail.com

कोरोना वायरस से मिलकर लडना होगा- प्रेम सिंह धनखड़

फरीदाबाद, जाट परिवार। कोरोना वायरस से पूरा देश प्रभावित है। लेकिन अब तक इसकी कोई दवाई उपलब्ध नहीं हो सकी है। इससे बचने के लिए पूरे भारत में कोविड चैकअप कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बीएन पब्लिक स्कूल, सेक्टर 49, जामिया कॉलोनी, फरीदाबाद में कोविड -19 चैकअप कैम्प का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में लोगों ने कोरोना वायरस का चैकअप कराया। इस मौके पर जजपा नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने भी अपना कोरोना चैकअप कराया।

कोरोना की जांच के समय मौजूद लोग

कोरोना वायरस पर क्या कहा प्रेम सिंह धनखड़ ने

प्रेम सिंह धनखड़ ने बताया कि कोरोना वायरस की अभी तक कोई ऐसी दवाई नहीं आ पाई है जिससे पूरी दुनिया पूर्ण रूप से भरोसा कर सकें। जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती है। तब तक सावधानी ही बचाव की रणनीति अपनी होगी। कुछ लोगों को यह गलत फहमी है कि उन्हें कोरोना नहीं हो सकता लेकिन सभी को समझना होगा कि यह एक बीमारी है जो किसी को भी हो सकती है। कोई पूर्ण प्रमाणिक ईलाज ना होने के कारण इससे जुझना काफी मुश्किल है।

यह भी पढे – राजस्थान और हरियाणा के जाटों में क्या अंतर है?

इसलिए जहां तक हो सकें इससे बचना चाहिए और अपने परिवार को भी बचाना चाहिए। समय समय पर कोरोना की जांच करवाना और थोड़े थोड़े अंतराल के बाद हाथ धोने से ही कोरोना वायरस को हराया जा सकता है। और यह किसी एक व्यक्ति के प्रयास करने से संभव नहीं है बल्कि दुनिया के सभी लोगों को एक साथ मिलकर इसके लिए कार्य करना होगा तभी हम कोरोना की चैन तोड़ सकते है। आज सभी ने अपने रिश्तेदारों या अपनी जान पहचान में किसी ना किसी को कोरोना के कारण खोया है इसी से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कितना खतरनाक है।

क्या कहां स्कूल की प्रिंसिपल रेखा शर्मा ने

इस अवसर पर स्कूल की प्रिंसिपल रेखा शर्मा ने भी बताया कि लोगों को जागरूक होना चाहिए। कोरोना के कारण पूरी दुनिया ढप पड़ गई थी। फिर भी लोग कोरोना वायरस की गंभीरता को नहीं समझ रहें है। कई जगह आज भी लोग बिना मास्क के सड़कों पर घूमते नजर आ जाएगे जो कि काफी गलत है। अपनी हस शर्मनाक हरकत से वे लोग जहां एक ओर अपनी जान के साथ खिलवाड़ कर रहे है वहीं दूसरी ओर अपने परिजनों और अन्य लोगों की जान के साथ भी खिलवाड़ कर रहे है। इस लिए सभी को मिलकर कोरोना वायरस की चैन को तोडऩे के लिए कार्य करना होगा। यह कोविड-19 चैकअप कैम्प इसी मुहिम का एक हिस्सा है जो केवल लोगों के सहयोग से ही सफल हो सकता है।

कोनो वारयरस की जांच कराते लोग
कोरोना वायरस की जांच कराते लोग

यह भी पढे – दहिया खाप ने दिया किसान आंदोलन को समर्थन