किसान आंदोलन के दौरान महापंचायत में शामिल होते हुए किसान
गाजियाबाद। नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन को और धार देने के लिए आंदोलनकारी गांव-गांव जाकर 6 फरवरी को प्रस्तावित “चक्का जाम” को सफल बनाने की रणनीति में जुट गए हैं।
किसान आंदोलन को गति देने के लिए चक्का जाम का किया आह़वान
बता दें कि 6 फरवरी को दोपहर 12 से 3 बजे तक संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से देश भर में “चक्का जाम” का आहवान किया है। किसान नेता अपने अपने क्षेत्रों और गांवों में जाकर स्थानीय किसानों को किसान सयुक्त मोर्चे द्वारा प्रस्तावित 6 फरवरी को चक्का जाम सफल बनाने के लिए सहयोग करने के लिए प्रेरित करने के लिए पंचायत और महापंचायत कर रहे हैं।
महापंचायत में लाखों की संख्या में लोग ले रहे है भाग
किसान आंदोलन के लिए गांव-गांव जाकर “ चक्का जाम ” को सफल बनाने की तैयारी में जुटे
किसान आंदोलन के लिए जींद में भीड़ के चलते मंच टूटा, गाजीपुर बार्डर पर बैठे किसान हुए चिंतित
गाजीपुर बार्डर पर चल रहे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता बुधवार को हरियाणा के जींद में आयोजित किसान महापंचायत में रहे। दोपहर को भीड़ बढने पर महापंचायत में मंच टूटने की खबर पर गाजीपुर बार्डर पर मौजूद किसान चिंतित हो गए, हालांकि कुछ ही देर में किसी को चोट न आने की खबर पाकर माहौल सामान्य हो गया।
बताया जा रहा है कि गाजीपुर बार्डर पर डटे किसान नेताओं को अपने-अपने क्षेत्र में जाकर 6 फरवरी के चक्का जाम को सफल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसलिए बुधवार को मंच के सामने उतनी भीड़ नहीं रही। हालांकि इस बीच ट्रैक्टरों के बार्डर पर पहुंचने का सिलसिला भी जा रहा। बुधवार को अमरोहा-बिजनौर से समाजवादी पार्टी के एमएलसी परवेज अली अपने समर्थकों के साथ किसान आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे।
तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे है किसान
उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान सरकार से मांग की कि तीनो कृषि कानूनों को रद्द किया जाए, ताकि दो माह से भी अधिक समय से सड़कों पर पड़ा किसान अपने घर लौट सके। यूपी गेट पर मौजूद भारती किसान यूनियन के गाजियाबाद जिलाध्यक्ष बिजेन्द्र सिंह ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चे की घोषणा को लेकर तैयारी की जा रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि 6 फरवरी की घोषणा पर बुधवार देर शाम आंदोलन स्थल पर किसान नेताओं की एक बैठक का आयोजन किया गया है। इस बैठक में 6 फरवरी पर प्रस्तावित चक्का जाम के लिए रणनीति बनाई जाएगी और फिर उसके आधार पर पूरी रूप रेखा तैयार की जाएगी।
तंबुओं के बीच से एंबुलेंस निकलवा रहे किसान
दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर बार्डर से दिल्ली में जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया है। ऐसे में किसानों के मंच वाले रास्ते में से जो एक लेन एम्बुलेंस के लिए खुली रखी गई थी, वह भी बंद हो गई। किसान दो दिन से एंबुलेंस को रास्ता देने की मांग कर रहे हैं। सुनवाई न होने पर किसानों ने अपने तंबुओं के बीच से एंबुलेंस के लिए रास्ता खोल दिया है। दिल्ली की सीमा में बेरिकेडिंग होने के कारण एंबुलेंस को यूपी गेट फ्लाईओवर के नीचे से निकालकर कौशांबी के रास्ते आनंद विहार की ओर भेजा जा रहा है।
आंदोलन स्थल पर मौजूद किसानों का कहना था कि किसान अपनी मांगों के लिए आंदोलन कर रहे हैं, उनका उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं है। सरकार द्वारा रास्ते बंद किए जाने के बाद एंबुलेंस चालकों को काफी दिक्कत हो रही थी, जिसके चलते एंबुलेंस के लिए किसानों के तंबुओं के बीच से रास्ता खोल दिया गया है।
हरियाणा और राजस्थान में जाट प्रमुख जाति के रूप में देखे जाते है लेकिन राजस्थान और हरियाणा के जाटों में काफी अंतर देखने को मिलता है। राजस्थान के जाट मुख्य रूप से किंग मेकर की भूमिका अदा करते है जबकि हरियाणा के जाट सत्ता में रहना पसंद करते है। आज हम आपको बता रहें है कि आखिर हरियाणा और राजस्थान के जाटों में क्या अंतर है।
राजस्थान के जाट व हरियाणा के जाटों में मुख्य अंतर – जाट वेशभूषा भी अलग
1.राजस्थान के जाट हरियाणा के जाटों की अपेक्षा अपने नाम के साथ अधिकतर चौधरी टैग यूज़ करते है , अजमेर , भीलवाड़ा , टोंक के जाट तो सीधा ही अपने नाम के साथ जाट लगाते है , जबकि हरियाणा में जाट अधिकतर गोत्र ही इस्तेमाल करते है ।
राजस्थान और हरियाणा के जाटों में अंतर
हरियाणा और राजस्थान में बडी तादात में जाट है लेकिन इनमें काफी फर्क है जानिये
2. हरियाणा के जाट अधिक पढ़े लिखे है (साक्षरता दर के आधार पर) लेकिन सर्विसेज में ज्यादा राजस्थान के जाट मिलते है ।
3. हरियाणा के जाट खेलकुदों के प्रति उत्साहित है जबकि राजस्थान के जाट रूढ़िवादी है और इन सब में अपने बच्चों को नहीं भेजना चाहते , हालांकि पिछले कुछ वर्षों में यह सूरतेहाल बदला है ।
4. राजस्थान के जाट हरियाणा के जाटों से अधिक कट्टर है , यह इस तथ्य से स्पष्ठ होता है कि लगातार सबसे अधिक सालों तक जाट सांसद बनाने का रिकॉर्ड नागौर, राजस्थान को प्राप्त है (50 साल 1971 से अब तक लगातार जाट सांसद) , वहीं लगातार सबसे अधिक समय तक जाट विधायक बनाने का रिकॉर्ड भी राजस्थान की भादरा सीट को है जहां 1952 में पहले चुनावों से लेकर आजतक जाट ही विधायक बनते आ रहे है (68 साल)।
5. राजस्थान और हरियाणा के जाट अपने अपने राज्य की सबसे बड़ी कौमें है , कृषि के क्षेत्र में व सेना में इनका योगदान सबसे ज्यादा है लेकिन अंतर ये है कि हरियाणा के जाट अपनी ताकत जानते है लेकिन राजस्थान के जाट अपने संख्याबल से परिचित नहीं है , जिससे आजतक हम अपना मुख्यमंत्री नहीं बना सके है ।
6. विदेशों में रोजगार की बात करे तो हरियाणा के जाट ऑस्ट्रेलिया , कनाडा , इंग्लैंड , अमेरिका में हाथ आजमाते है जबकि राजस्थान के जाट खाड़ी देशों में जाते है ।
7. राजस्थान के जाट भारत के प्रत्येक कोने में फैलकर अपने संगठन , सभाएं , सम्मेलन आदि आयोजित करते रहते है जबकि हरियाणा के जाटों में ये कम देखने को मिलता है ।
8. अगर जाटों की बड़ी गोत्रों की बात की जाए तो मलिकों को छोड़कर सभी गौत्रें राजस्थान मूल की है या राजस्थान में अधिक पाई जाती है जैसे पुनिया , गोदारा , दहिया , हुड्डा , सिहाग , बेनीवाल आदि।जबकि हरियाणा में जाट राजस्थान के इलाकों से माइग्रेटेड है ।
9. राजस्थान के जाट आज भी अपने बच्चों की कम उम्र में ही शादी करना पसंद करते है , जबकि हरियाणा के जाट अधिक जागरूक है और सही उम्र में ही बच्चों के हाथ पीले करते है ।
10. शायद ये पूरी तरह सही नहीं है लेकिन गैर जाटों के विचार ये है कि राजस्थान के जाट अधिक शांत , समझदार होते है जबकि हरियाणा के जाट कुछ गर्म मिजाज व अक्खड़ किस्म के होते है ।
11. राजस्थान के कई इलाकों में सदियों पहले जाट गोत्रों ने गणतन्त्रों के रूप में शासन किया है(जैसे नागौर के दहिया जाटों ने लगभग 850 सालों तक विमलराज से पीपा देव तक राज किया , इसके अलावा सारण , जोहिया , सिहाग , बेनीवाल , भूकर ,खसवां , साहू, गोदारा , जाखड़ , श्योराण , आदि भी जाट गणतन्त्र रहे ) जबकि हरियाणा में इस प्रकार के इतिहास की कोई जानकारी नहीं है
12. जाटों के पहनावे भी हरियाणा व राजस्थान में अलग अलग है ।
हरियाणा के जाटों की वेशभूषा
third party image
13 .एक तथ्य ये भी है कि राजस्थान की राजनीति में जाटों का योगदान जिस गति से बढ़ा है , उसी गति से हरियाणा में कम हुआ है । लोकसभा – 2019 राजस्थान – 7 जाट सांसद हरियाणा – 2 जाट सांसद
14 .हरियाणा में जाट लगभग सारे हरियाणा में फैले हुए है , जबकि राजस्थान में जाट आधे राज्य में ही फैले है ।
15. राजस्थान के जाट लगभग 30 से ज्यादा बोलियां, उपबोलियाँ , लहजे बोलते है वहीं हरियाणा में यह संख्या 4 या 5 तक है ।
16. राजस्थान में जाट लोकदेवताओं का महत्व बड़े स्तर पर है जैसे तेजा जाट , बिग्गा जाखड़ ,भगवान जसनाथ आदि जबकि हरियाणा यह चलन नहीं है ।
17. भले ही यह कुछ मित्रों को कड़वा लग सकता है लेकिन सत्य ये है कि हरियाणा जाट म्यूजिक इंडस्ट्री में गाने ज्यादा वल्गर , फूहड़ , कानफोड़ू होते है और लड़की , बन्दूक , गाड़ियों के इर्द गिर्द ही घूमते है वहीं राजस्थानी जाट म्यूजिक इंडस्ट्री में गाने आज भी अधिकतर प्रकृति विषयक , लोकदेवताओं को समर्पित , या सामाजिक रस्मों-रवायतों से जुड़े होते है ।
राजस्थान के जाटों की वेशभूषा (शेखावाटी)
rajasthan female dress
18. दिल्ली से सटे होने के कारण हरियाणा के जाटों की सोच तेजी सेआधुनिक हुई जबकि राजस्थान के जाट देरी से शिक्षित हुए व शिक्षित होने पर भी सोच मध्यकालीन ही रही , जहां एक हरियाणवी जाट परिवार में अधिकतम 3 या 4 सन्तानें मिलती है वहीं राजस्थान में यह 5 से लेकर 12 तक भी हो सकती है ।
19. हरियाणा के जाट सामान्यतः एक ही रंग की पगड़ी पहनते है , जबकि राजस्थान के जाट सामान्य दिनों में सफेद व पारिवारिक शादी समारोहों में रंग बिरंगी पांच रंगों की पगड़ियां(साफे) पहनते है ।
20. लगातार मारवाड़ी बनियों के सम्पर्क में रहने से राजस्थान के जाट कुशल व्यापारी व सफल उद्यमी बन कर उभरे है , कोलकाता , दिल्ली , सूरत , बॉम्बे , मद्रास में राजस्थानी जाटों ने व्यापार खूब फैलाया है जबकि हरियाणा के जाट स्थानीय स्तर पर ही सफल हुए है ।
21. जाट समाज में साहित्य व पत्र पत्रिका लेखन में अधिकतर योगदान राजस्थान के जाटों ने दिया है .. बड़े स्तर पर प्रकाशित राज्य या राष्ट्रीय स्तर की जाट मैगज़ीन्स की संख्या राज्यवार ये है – राजस्थान – 11 हरियाणा – 3 उत्तरप्रदेश – 4
22. भक्ति व धर्म के क्षेत्र में हरियाणा के जाट कम सक्रिय रहे है जबकि राजस्थान में जाटों का इस क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान रहा है – करमाबाई , फुल्लांबाई , रानाबाई , धन्ना भगत आदि के भजन आज भी सभी समाजों के लोग गुनगुनाते है ।
23. हरियाणा व पंजाब के जाटों ने अपनी राजनीति राजस्थान में आकर भी चमकाई है व राजस्थान की सीटों से लोकसभा व विधानसभा चुनाव जीते है, लेकिन राजस्थान के जाट ऐसा नहीं कर पाए है , जैसे ●चौधरी देवीलाल – सीकर से लोकसभा सांसद रहे
●चौधरी बलराम जाखड़ – सीकर व बीकानेर से लोकसभा सांसद (दो बार लोकसभा स्पीकर ) ●बॉलीवुड के हीमैन धर्मेंद्र देओल – बीकानेर से सांसद रहे ●अजय चौटाला – सीकर (दांतारामगढ़) व नोहर(हनुमानगढ़) से विधायक रहे । ●स्वामी सुमेधानंद सरस्वती- वर्तमान सीकर सांसद जो तीसरी बार लोकसभा चुनाव जीते है ।
24. हरियाणा में जाट जनरल केटेगरी में आते है और राजस्थान में ओबीसी कैटेगरी में आते है । हालांकि जाट जैसी समृद्ध जाति को आरक्षण की कोई आवश्यकता नहीं है , जाट होकर भी मैं व्यक्तिगत रूप से हमें प्रदत आरक्षण को सही नहीं मानता । राजस्थान में 92 जातियां ओबीसी में आती है ,लगभग प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षा में जाट अकेले ओबीसी की 35-40 % सीटों पर कब्जा कर लेते है
25. हरियाणा में वे खुद किंग्स है और राजस्थान में वे सबसे बड़े किंग मेकर्स है ।
कोरोना’ का संक्रमण रोकने हेतु विश्वभर में हिन्दू संस्कृति के अनुसार आचरण आरंभ होना ही हिन्दू धर्म की महानता !
‘नमस्कार’, ‘आयुर्वेद’, ‘शाकाहार’ आदि को अपनाकर स्वस्थ और आनंदित रहें !
विश्वभर में उत्पात मचानेवाले कोरोना coronavirus विषाणु के संक्रमण के कारण अनेक देश बाधित हैं । कोरोना coronavirus संक्रमित रोगियों की संख्या प्रतिदिन बढ रही है । इस संक्रमण को रोकने हेतु एक-दूसरे से मिलने पर ‘शेक-हैन्ड’ अर्थात हाथ मिलाना, ‘हग’ अर्थात गले लगना, चुंबन लेना आदि पाश्चात्य पद्धति भी कारणभूत सिद्ध हो रहे हैं, यह ध्यान में आने पर अनेक पाश्चात्य देशों में अब ‘नमस्ते’ बोलने की पद्धति प्रचलित हुई है । coronavirus
जिन अंग्रेजों ने हम पर 150 से भी अधिक वर्षों तक राज्य कर हिन्दू संस्कृति नष्ट करने का प्रयास किया, उसी इंग्लैंड के प्रिंस चार्ल्स एवं पोर्तुगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा सहित अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प, जर्मनी की चांसलर एंजेला मॉर्केल, फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष इमॅन्युएल मैक्रॉन, आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो वराडकर आदि अनेक देशों के राष्ट्रप्रमुखों के साथ ही अनेक वरिष्ठ नेताआें ने अब हिन्दू संस्कृति के अनुसार ‘नमस्कार’ पद्धति को अपनाना आरंभ कर दिया है । इस्राईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यानाहू ने तो ‘कोरोना से बचने हेतु भारतीय आचरणपद्धति को अपनाएं’, यह आवाहन ही किया है ।
इसके साथ ही हमारे प्रधानमंत्री श्री. नरेंद्र मोदी ने भी विश्व से ‘नमस्कार’ पद्धति अपनाने का आवाहन किया है । विश्वभर में हिन्दू संस्कृति के अनुसार किए जानेवाले कृत्य इस हिन्दू संस्कृति की महानता को दर्शाते हैं । हिन्दू संस्कृति के अनुसार आचरण समय की मांग हो गई है, ऐसा हिन्दू जनजागृति समिति ने कहा है ।
इसके अतिरिक्त हिन्दुओं के धर्मग्रंथों में से प्राचीन चरक संहिता में ‘जनपदोध्वंस’ अर्थात ‘महामारी’ का केवल उल्लेख ही नहीं, अपितु उसके उपाय भी दिए हैं । महामारी न आए; इसके लिए प्रतिदिन करने आवश्यक पद्धतियां भी बताई हैं, जो आज के संक्रमणकारी रोगों पर अचूकता से लागू होती हैं । आयुर्वेद बताता है, ‘अधर्माचरण’ ही सभी रोगों का मूल है । ऐसे अनेक संक्रामक रोगों पर आयुर्वेदिक चिकित्सा लागू होती है । हमारी संस्कृति हमें किसी का जूठा अन्न न खाना, बाहर से घर आने पर मुंह-हाथ-पैर धोकर ही घर में प्रवेश करना जैसे अनेक कृत्य बताती है । चीन में कोरोना फैलने के पीछे ‘विविध पशुओं का अधपका मांस खाना’ भी एक कारण सामने आया था । उसके कारण अब मांसाहार से दूर जानेवालों की संख्या भी लक्षणीय है । हिन्दू धर्म में मांसाहार वर्जित बताया है और शाकाहार का आग्रह किया है ।
हमारे घर में भी नित्य धर्माचरण के कृत्य, उदा. धूप दिखाना, उदबत्ती लगाना, घी का दीप जलाना, तुलसी वृंदावन की पूजा-अर्चना करना, गोमय से भूमि लीपना, कपूर आरती उतारना, अग्निहोत्र करना आदि अनेक नित्य कृत्यों के कारण वातावरण की शुद्धि होती है । ऐसी वास्तुआें में कोरोना जैसे विषाणुओं के प्रवेश करने का अनुपात अत्यल्प होता है । हिन्दू संस्कृति में बताए धर्माचरण के कृत्य लाभदायक सिद्ध होते हैं, अब यह संपूर्ण विश्व के ध्यान में आ रहा है; परंतु दुर्भाग्यवश कुछ बुद्धिजीवी हिन्दू अभी भी हिन्दुओं के धर्माचरण को पिछडा मानकर उसका उपहास उडाते हैं । हिन्दू संस्कृति में बताए धर्माचरण के कृत्य अब वैज्ञानिक दृष्टि से भी योग्य होने का प्रमाणित हुआ है ।
हमारे पूर्वजों द्वारा संजोए नमस्कार करना, नित्य जीवन में आयुर्वेद का उपयोग करना, शाकाहार सेवन करने सहित धर्माचरण के विविध कृत्यों को आज भी अपनाया गया, तो हमें अवश्य ही स्वस्थ और आनंदित जीवन व्यतीत करना संभव होगा, हिन्दू जनजागृति समिति ने ऐसा आवाहन किया है । आपका विनम्र,
Buzurgon ka samman नई दिल्ली। बुजुर्ग हमारी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते है। जीवन के आखिरी पड़ाव पर अगर बुजुर्गों को सम्मानित किया जाता है तो यह एक तारीफ योग्य कार्य है। और यह कार्य करने का बीड़ा उठाया है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रान्ड अम्बेस्डर व सर्व जातीय खाप महापंचायत की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संतोष दहिया ने।
अपनी इस कार्य को क्रियान्वित करते हुए डॉ. संतोष दहिया ने बाबैन खंड के गांव संगौर की बुजुर्ग महिला जागीरों देवी उम्र 107 वर्ष व बहारावी देवी उम्र 105 वर्ष को सम्मानित किया। Buzurgon ka samman आपको बता दें कि जागीरों देवी आज अपने सामने पांच पीढिय़ों को संसार को देख रही है। जागीरो देवी के 5 पुत्र व पुत्रियां, 10 पोते, 4 पोतियां व 9 पड़पोते व 2 पड़पोतियों का संसार है तो वहीं दूसरी और बहारावी देवी के 4 पुत्र,4 पुत्री, 10 पोते, 4 पोतियां, 9 पडपोते और 2 पड़पोतियों का संसार उनके सामने हंस खेल रहा हैं। Buzurgon ka samman
बुजुर्ग के परिवार के साथ डाॅ संतोष दहिया व परिवार के सदस्य
Buzurgon ka samman डॉ. संतोष दहिया का मानना है कि
आज की युवा पीढ़ी जीने का अर्थ भूल गई है। थोड़ी सी उम्र में ही थोड़ी थोड़ी परेशानी में ही बहुत ही खतरनाक कदम उठा लेत हैं। हमें सीख लेनी चाहिए इन बुजुर्ग महिलाओं से जिन्होंने जीवन का एक बड़ा हिस्सा पर करने के बाद भी आज भी जीवन को जीने की ललक है। इसी कला को सम्मानित करने का हमने फैसला लिया ताकि आज की नौजवान पीढी को भी जीवन का महत्व समझ आए एवं जीवन के प्रति एक सकारात्मक नजरिये को बढ़ावा मिले।
महिलाओं के इर्द गिर्द ही घूमता है जीवन चक्र
डॉ. संतोष दहिया का मनना है कि महिलाओं के इर्द गिर्द ही जीवन और पारिवारिक चक्र घूमता है। एक परिवार को चलाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। महिलाएं ही दो परिवारों को जोडऩे का एक महत्वपूर्ण आधार होती है। महिलाएं बिना किसी अवकाश के पूरा जीवन परिवार के सेवा में लगा देती है। महिलाओं के इसी जज्बे और समर्पण को हम जीवन के आखिर पड़ाव में सम्मानित करने का कार्य हाथ में उठाया है।
facebook नई दिल्ली । सोशल नेटवर्किंग कंपनी facebook अब यूजर्स को वॉयस रिकॉर्डिंग के लिए पैसे देगा। दरअसल कंपनी वॉयस रिकॉग्निशन टेक्नॉलजी को इंप्रूव करने के लिए ऐसा कर रही है। डेटा प्राइवेसी को लेकर फेसबुक की कारगुजारी किसी से छुपी नहीं है, इसलिए यह कहना मुश्किल है कि इसके पीछे की मंशा क्या है। गौरतलब है कि अमेजन, गूगल, एप्पल और माइक्रोसाफ्ट ने भी स्पीच रिकॉग्निशन के नाम पर लोगों की वॉयस रिकॉर्डिंग्स सुनी हैं।
हालांकि बाद में इन्होंने सफाई दी कि ऐसा वॉयस रिकॉग्निशन को इंप्रूव और सटीक बनाने के लिए किया जा रहा है। facebook ने प्रोननसिएशन नाम का एक प्रोग्राम शुरू किया है। यह आॅप्शन facebook के व्यूप्वॉइंट मार्केट रिसर्च ऐप में होगा। फेसबुक के मुताबिक अगर आप इस प्रोग्राम के लिए क्वॉलिफाई करते हैं तो आप अपनी वॉयस रिकॉर्ड कर सकते हैं।
facebook एक सेट रिकॉर्डिंग पूरा करने के बाद आपको व्यूप्वाइंट्स ऐप में 200 प्वाइंट्स मिलेंगे
एक रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक ने कहा है कि वॉयस रिकॉर्ड करने क लिए हे पोर्टल के बाद अपने फेसबुक फ्रेंडलिस्ट के फ्रंट का पहला नाम बोलना होगा। आप 10 दोस्तों को नाम ले सकते हैं और हर स्टेटेमेंट को दो बार रिकॉर्ड करना होगा। एक सेट रिकॉर्डिंग पूरा करने के बाद आपको व्यूप्वाइंट्स ऐप में 200 प्वाइंट्स मिलेंगे। हालांकि जब तक आप 10000 प्वॉइंट्स पूरे नहीं कर लेते हैं तब तक आपको पैसे नहीं मिलेंगे। ट्रांजैक्शन पेपल के जरिए किया जाएगा और रिवॉर्ड के तौर पर इस प्रोग्राम में हिस्सा लेने वाले यूजर्स को 5 डॉलर मिलेगा। फेसबुक के मुताबिक यूजर्स को पांच सेट रिकॉर्डिंग का मौका मिल सकता है यानी आप 1000 प्वॉइंट्स कमा सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक का कहना है कि यूजर्स द्वारा दिए गए वॉयरस रिकॉर्डिंग को उनके फेसबुक प्रोफाइल के साथ कनेक्ट नहीं किया जाएगा। पॉलिसी के मुताबिक कंपनी अपने व्यूप्वाइंट्स की ऐक्टिविटी फेसबुक या फिर फेसबुक के दूसरे प्लेटफॉर्म पर बिना यूजर्स के इजाजत के शेयर नहीं करती है। फिलहाल प्रोननसिएशन का ये प्रोग्राम अमेरिकी यूजर्स के लिए है। इसके लिए यूजर्स के फ्रेंडलिस्ट में कम से कम 75 लोग होने चाहिए। भारत और दूसरे मुल्कों में ये प्रोग्राम कब से शुरू किया जाएगा, या नहीं किया जाएगा कंपनी
international jat parliament का आयोजन 1 मार्च को विज्ञान भवन में होगा
international jat parliament नई दिल्ली। जाट समाज के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने के लिए आने वाली एक मार्च को अंतरराष्ट्रीय जाट संसद ( international jat parliament ) का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली के विज्ञान भवन में एक मार्च दिन रविवार को होगा। international jat parliament कार्यक्रम के दौरान मेंं विश्व के सिरमौर, भारत भूमि के अजेय महायोद्धाओं की गाथाओं से लेकर वीरांगनाओं के शौर्य, संतों की धर्मनिष्ठा, राजनीतिज्ञों की कुशल नेतृत्व क्षमता, समर्पित भावनाओं और सैन्य सेवा के बलिदानों की गौरवशाली परंपरा के बारे में बताया जाएगा।
द ग्रेट महाराजा सूरजमल फिल्म के विमोचन की झलकियां
जानकारी के अनुसार इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शिक्षा, समाजसेवा, न्याय, प्रशासन, राजनीति, इतिहास, खेल, चिकित्सा, कला,पत्रकारिता, विज्ञान, सेना, उद्योग, व्यापार जैसे क्षेत्रों में अपनी भव्य उपस्थिति दर्ज कराने वाली दिग्गज हस्तियों का विशेष परिचय एवं सम्मान होगा। अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के इस समागम में दुनिया के कोने, कोने से समाजबंधु शामिल हो रहे हैं। विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय जाट संसद international jat parliament का आयोजन कर दुनिया की सबसे बहादुर जिम्मेदार ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ जाट कौम को प्रतिष्ठिापित करने का यह ऐतिहासिक गैर राजनीतिक आयोजन जाट समाज के लिए एक नई मिसाल कायम करेगा।
विशेषताएं
-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रख्यात जाट समाज की गौरवशाली संस्कृति का दिव्य दर्शन अंतरराष्ट्रीय जगत में ख्याति प्राप्त शिक्षाविद, साहित्यकार, लेखक -पत्रकार, वैज्ञानिक , राजनीतिज्ञ, खिलाड़ी, हॉलीवुड-बालीवुड कलाकार, व्यवसायी / उद्योगपति, किसान और सामाजिक जगत की दिग्गज हस्तियां करेंगी शिरकत। भारत को विश्वगुरू के रूप में प्रतिष्ठापित करने वाले आध्यात्मिक धर्मगुरू , संत महापुरूष, डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, अर्थ शास्त्री, मानवाधिकार, रक्षक एवं पर्यावरणविदों का होगा पावन संगम। विश्व प्रसिद्ध जाट समाज के गौरवशाली इतिहास, वर्तमान राजनीतिज्ञ- सामाजिक स्थिति और सुनहरे भविष्य पर होगा चिंतन-मनन। अंतरराष्ट्रीय जाट संसद international jat parliament का आयोजन विश्व इतिहास में पहली बार हो रहा है जो जाट कौम के लिए गर्व की बात है। देश दुनिया में जाट समाज की भूमिका पर अद्भुत टेली फिल्म का होगा प्रसारण जाट समाज की समृद्धशाली लोक संस्कृति की होगी अद्भुत प्रस्तुति विश्वभर में जाटर कौम का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं का होगा सम्मान। अंतरराष्ट्रीय जाट संसद स्मारिका का होगा लोकार्पण अन्तर्राष्ट्रीय महापुरूषों की चित्रावली की प्रदर्शनी देश और दुनिया भर में जाट समाज के महानतम संत महापुरूषों और मानव सेवा के मसीहाओं की प्रेरक चित्रावली प्रदर्शित होगी,जिससे हमारी भावी पीढ़ी को सफलतम जीवन का मार्ग प्रशस्त होगा।
जाट समाज की संस्कृति के संवाहक लोक कलाकारों द्वारा अंतराष्ट्रीय लीलण घोड़ी नृत्य , देशभक्ति रागिनी के तराने और वीर रस की शौर्यपूर्ण रचनाओं की भव्य प्रस्तुतियां होगी, जिसमें अन्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि एवं कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।
दिग्गज हस्तियों से खास मुलाकात
अन्तराष्ट्रीय जाट संसद में विश्वभर में अपने नेतृत्व का लोहा मनवाने वाले शिक्षाविद् प्रशासनिक अधिकारी, कृषक , वैज्ञानिक , समाज सेवी , कलाकार, राजनीतिज्ञों , उद्योग जगत के दिग्गजों से खास मुलाकात का सुनहरा अवसर मिलेगा।
अन्तरराष्ट्रीय धर्म संसद में अध्यात्मिक जगत के दिग्गज
विश्व स्तर की इस संसद में देश- दुनिया के आध्यात्मिक जगत के संत महापुरूष शामिल होकर भारत को विश्व गुरू के रूप में प्रतिष्ठापित करेंगे। भारत की सत्यसनातन परंपरा में निश्छल भाव से भक्ति करने वाले भक्त शिरोमणि धन्ना जी, संत शिरोमणि कर्माबाईं, संत निश्छलदास जी, दादूपीठाधीश्वर गोपालदास जी, श्री धन्ना पीठाधीश्वर बजरंगदेवाचार्य जी समेत सिद्ध महापुरूष मौजूद रहेंगे।
BJp नई दिल्ली। भाजपा की दिल्ली इकाई ने हालिया विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार की समीक्षा के लिए सिलसिलेवार बैठकें शुरु की हैं। बैठकों में चुनाव के दौरान संगठनात्मक कमजोरियों और प्रचार में कमियों को हार का कारण बताया गया। बैठकों में दिल्ली BJP अध्यक्ष मनोज तिवारी, राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, अनिल जैन और दिल्ली इकाई के संगठन सचिव सिद्धार्थन समेत कई अन्य ने भी हिस्सा लिया। सूत्रों ने बताया कि बैठकों के दौरान सामने आई बातों में कहा गया कि BJP आप सरकार की मुफ्त की योजनाओं और शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन के मुद्दों को सही ढंग से संभाल नहीं पाई। बैठक में शामिल एक नेता ने कहा शीर्ष नेताओं ने चुनाव प्रचार के दौरान शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन के मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया। सीएम अरविंद केजरीवाल को आतंकवादी कहना और गद्दारों को गोली मारो जैसे नारे लोगों को पसंद नहीं आए। वक्ताओं ने कहा कि भविष्य में पार्टी नेताओं को ऐसे बयानों से बाज आना चाहिए।
भाजपा के नेताओं ने क्या दिए थे बयान
इससे पहले केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा दिए गए गोली मारो, भारत-पाकिस्तान मैच जैसे बयानों को गलत ठहराते हुए गुरुवार को कहा हो सकता है कि उन बयानों से पार्टी को नुकसान हुआ हो। कुछ नेताओं ने यह भी कहा कि भाजपा आप के मुफ्त बिजली, पानी और महिलाओं को बसों में मुफ्त सफर कराने जैसे मुद्दों का तोड़ नहीं निकाल पाई। पार्टी नेताओं ने इस दौरान संगठनात्मक कमजोरियों और चुनाव अभियान से संबंधित कमियों की ओर भी इशारा किया। पार्टी नेताओं ने कहा बैठक में जमीनी कार्यकर्ताओं की कमी, उम्मीदवारों का चयन, स्टार प्रचारकों की भीड़ और अन्य मुद्दे भी उठाए गए। सूत्रों ने बताया कि यह भी कहा गया कि उम्मीदवारों की घोषणा में देरी हुई और उन्हें प्रचार के लिए कम समय मिला। स्टार प्रचारकों की सभाओं के चलते उम्मीदवारों को घर-घर जाकर प्रचार करने का भी मौका नहीं मिला।
कितने मंत्रियों ओर नेताओं ने की थी विधानसभा चुनाव में शिरकत
गौरतलब है कि अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केन्द्रीय, मंत्रियों, पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, दर्जनों सांसदों, पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों समेत अन्य नेताओं ने चुनाव से संबंधित 6,500 से अधिक कार्यक्रम किए। समीक्षा बैठकें शनिवार और रविवार को भी जारी रहेंगी। इसमें विधानसभा चुनाव के उम्मीदवार, निगम पार्षद और केन्द्रीय प्रभारी अपने बात रखेंगे। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि समीक्षा की कवायद पूरी होने में 3-4 दिन लगेंगे, जिसके बाद राष्ट्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इससे पहले गुरुवार को मनोज तिवारी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और महासचिव (संगठन) बी एल संतोष ने यहां पार्टी मुख्यालय में दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों पर दो घंटे से भी ज्यादा समय तक चर्चा की थी।
जाटों की तारीफ की नेशनल चैनल एनडीटीवी पर रवीश कुमार ने
पूरी दुनिया के सामने Ravish kumar ने रखी जाटों की असल पहचान
National Channel नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके है। इस दौरान एनडीटीवी के वरिष्ट एंकर व पत्रकार ravish kumar ने jatओर गुर्जरों की तारीफ की। कार्यक्रम के दौरान एक गेस्ट ने शाहीन बाग का जिक्र आने पर कहा कि दिल्ली में जाट समुदाय jat में उबाल लाने के लिए शाहीन बाग को खाली कराने में जाटों की तरफ से एक मैसेज चलाया गया। जाट समुदाय के महत्वपूर्ण नेता प्रवेश वर्मा jat से यह सब बुलवाया गया है। जिसके बाद पत्रकार रविश कुमार ने कहा कि
क्या कहा रविश कुमार ने
आज दिल्ली को इतना बड़ा विस्तार देने में जाट ओर गुर्जरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के किसी भी हिस्से में चले जाए लेकिन जितना प्यार ओर सम्मान के साथ जाटों ने अलग समुदाय के लोगों को अपनाया है और किसी ने भी नहीं अपनाया है। इस संबंध में जाटों ओर गुर्जरों को कोई मात नहीं दे सकता है। जिस खुले दिल से उन्होंने लोगों को अपनाया और दिल्ली को बड़ा होने दिया, कभी टक्कराए नहीं, आप जितने आश्वस्त तरीके से जाट ओर गुर्जर के गांव में जाकर रह सकते है शायद देश के किसी भी दूसरे हिस्से में आप माईग्रेट करके जाते है तो इतनी आराम से नहीं रह सकते। वो संरक्षक का भी काम करते है।
आप मुनिरिका का देख ले या बेगसराय का देख ले। मकान मालिक जरूर जाट व गुर्जर समुदाय के लोग है लेकिन हम लोगों का अनुभव उनके साथ लाजवाब रहा है। इन्हें इसका श्रेय देना चाहिए कि इस दिल्ली को कोस्मोपॉलिटन बनाने में जाट ओर गुर्जरों का बड़ा योगदान रहा है। लेकिन उनके कैरेक्टर को बदलने का प्रयास किया गया।
समाज में दूसरे किरदार से पेश किया जाता है जाटों को
इतने गौरवशाली इतिहास होने के बावजूद आज समाज में जाटों को दूसरे तरीके से ही पेश किया जाता है। दूसरे समुदाय के लोगों को खुले दिल से अपनाने के बावजूद अन्य लोगों के द्वारा घोडू शब्द का प्रयोग किया जाता है। जाट खापों को तालिबानी बताया जाता है। जबकि फिल्म इंडस्ट्री में जाट बोल को एक गंवार की बोली के रूप में दिखाया जाता है क्या यह सही है। यह समाज को सोचना होग।
Sh.Ramdas Athawale Ji (Minister of State for Social Justice & Empowerment) give the award to Sajan Baliyan Anchor
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में टी टाइम म्यूजिक व बॉलीवुड सिने रिपोर्टर द्वारा आयोजित 9 वे बी सी आर आवार्ड कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर समारोह में यूपी के साजन बालियान को केन्द्रीय मंत्री श्री रामदास अठावले ने बेस्ट एंकर व कॉमेडियन का अवार्ड देकर सम्मानित किया इस अवार्ड समारोह में मेडिकल ,शिक्षा , समाज सेवा ,राजनीति, खेल मीडिया व फ़िल्म एंटरटेनमेंट की दुनियां से जुड़े सैकड़ो लोंगो को केंन्द्रीय मंत्री श्री रामदास अठावले व उत्तरखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अवार्ड देकर सम्मनित किया गया। साजन बालियान ने अपने टैलेंट के दम पर मिडिया एंटरटेनमेंट की दुनियां अपनी अलग पहचान बनाई हैं । साजन जिला मुजफ्फरनगर के गाँव खेड़ी सुंडियाँन से एक किसान परिवार से है और निरंतर अपने प्रयास से अपने ज़िले व यूपी का नाम रोशन कर रहे हैं।उन्होंने 9 बी सी आर अवार्ड समारोह के आयोजक अजय शास्त्री व उनकी टीम को धन्यवाद दिया।
यह अवार्ड प्राप्त करना सम्मान की बात है। इस प्रकार के सम्मान उन्हें आगे बढने के लिए गौरवान्वित करते है तथा आगे बढने के लिए प्रेरित करते है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में अपना लक्ष्य पाने के लिए प्रयास करने चाहिए प्रयास व मेहनत ही वह वस्तु है जो किसी आम आदमी को खास व्यक्ति बनाने में मदद करती है। आज जो सम्मान लोगों ने उन्हें दिया है वह उसके आभारी है एवं भविष्य में भी वह प्रयास करेंगे की लोगों का प्यार इसी प्रकार से बना रहें ।
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