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प्राइवेट नौकरियों में 75 प्रतिशत रोजगार देने संबंधित बिल को मंजूरी एक अच्छा निर्णय – प्रेम सिंह धनखड़

हरियाणा के महामहिम राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य द्वारा प्रदेश के युवाओं को प्राइवेट नौकरियों में 75 प्रतिशत रोजगार देने संबंधित बिल को मंजूरी देने के बाद जेजेपी नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने खुशी प्रकट करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का आभार जताया और सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव-2019 में वरिष्ठ जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला व जजपा पार्टी ने राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं का मर्म समझते हुए जेजेपी की सरकार आने पर राज्य के युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में 75 प्रतिशत नौकरियों का अधिकार दिलाने का प्रमुखता से वादा किया था। उन्होंने कहा कि जेजेपी-बीजेपी गठबंधन सरकार में डिप्टी सीएम बनने के बाद दुष्यंत चौटाला निरंतर इस बिल को लागू करवाकर राज्य के लाखों युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए प्रयासरत थे।

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प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने इस बिल को पिछले विधानसभा सत्र के दौरान सदन के पटल पर रखकर पास करवाया था और अब महामहिम राज्यपाल ने भी 75 प्रतिशत रोजगार बिल को हरी झंडी दे दी है यानी कि अब प्रदेश के प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में 75 प्रतिशत हरियाणवी युवाओं का अधिकार होगा। हर प्राइवेट कंपनी, ट्रस्ट व व्यवसाय में 75 प्रतिशत हरियाणा के युवाओं को रोजगार मिलेगा।

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प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि चुनाव के समय में जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने अपना सबसे बड़ा वायदा जो युवाओं से किया था वह आज पूरा हो गया है। धनखड़ ने कहा कि इस बिल की मंजूरी से अब निजी क्षेत्र में राज्य के लाखों युवाओं के लिए रोजगार का द्वार खुल गया है। इससे प्रदेश की सभी प्राइवेट नौकरियों में 75 प्रतिशत हरियाणा के युवाओं को रोजगार मिलेंगे। उन्होंने कहा कि दुष्यंत चौटाला जी प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में अब इस बिल को लागू जाएगा।

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जजपा नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि गठबंधन सरकार युवाओं की बेहतर शिक्षा व उनके रोजगार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में राज्य सरकार निरंतर बड़े-बड़े कदम उठा रही है। धनखड़ ने कहा कि गृह जिलों में प्रतियोगी परीक्षा करवाने के अलावा प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के लिए राज्य सरकार ने निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत नौकरियों देने संबंधित बिल, नई औद्योगिक नीति, रोजगार सहायता केंद्र, रोजगार पोर्टल, कौशल विकास के प्रशिक्षण केंद्र, 15 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज का निर्माण आदि ऐतिहासिक कदम उठाए है।

प्रेम सिंह धनखड़
जननायक जनता पार्टी
फरीदाबाद

नरेला में सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज ने किया निशुल्क हेल्थ चैकअप कैम्प का आयोजन

नई दिल्ली, जाट परिवार। स्वास्थ्य के क्षेत्र में अस्पतालों का अहम रोल होता है। लेकिन जब धर्म और स्वास्थ्य आपस में मिल जाते है तो एक अद्भत नजारा होता है। ऐसा ही नजारा देखने को मिला बाहरी दिल्ली के सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज में जहां श्री महाकाली शक्ति पीठ मन्दिर के पहले स्थापना दिवस के अवसर पर निशुल्क हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया। इस मौके पर विशेष रूप से ब्लड शुगर, ईसीजी, खून की जांच, ब्लड प्रेशर आदि की निशुल्क जांच की गई।

पूजा अर्चना

सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज के प्रागण में स्थित महाकाली मां की पूजा अर्चना से की कैम्प की शुरूआत

कार्यक्रम का आयोजन सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज के द्वारा श्री महाकाली शक्ति पीठ मन्दिर के पहले स्थापना दिवस पर किया गया था। सुबह सबसे पहले खत्री परिवार ने माता की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया जिसके बाद विधिवत रूप से डॉ सुशीला खत्री ने रिब्न काटकर निशुल्क कैम्प की शुरूआत की।

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सोशल डिस्टेंसिंग का रखा गया पालन

कैम्प में डॉक्टर अरूण खत्री (एमबीबीएस) व डॉक्टर आर्यन खत्री (एमबीबीएस), डॉक्टर सुशीला ने विशेष रूप से आए हुए मरीजों की जांच की और उन्हें उचित परामर्श दिया। जाचं के लिए आने वाले मरीजों को देखने के लिए विशेष रूप से कोरोना गाईडलाइन का पालन किया गया। इस दौरान आए हुए मरीजों के हाथ सेनिटाईज किए गए। और सभी मरीजों के शरीर का तापमान मापकर ही कैम्प में प्रवेश दिलाया गया। कैम्प के दौरान विशेष रूप से सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया।

नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं

नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने की पूरी सहायता

इस दौरान काफी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की। सुशीला नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने इस दौरान कोरोना गाईडलाइन का पूर्ण रूप से पालन करते हुए आए हुए मरीजों की मदद की और डॉक्टरों की सहायता की। एक सवाल के जवाब में एक छात्रा ने बताया कि इस प्रकार के निशुल्क कैम्प में शिरकत कर उन्हें काफी प्रसंन्नता हुई है क्योंकि एक ओर जहां उन्होंने प्रैक्टिस का मौका मिला वहीं दूसरी ओर इससे उन्हें लोगों की सेवा करने का भी अवसर प्राप्त हुआ। सुशीला नर्सिंग कालेज की यही सबसे अच्छा बात है कि यहां प्रैक्टिकल और थ्यौरी अच्छी तरह से करने का मौका प्राप्त होता है। हमे आशा करते है कि भविष्य में भी हमें इस प्रकार के कार्यक्रम में शिरकत करने का मौका मिलेगा।

आखिर क्या है सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज

सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज बाहरी दिल्ली के जाने माने अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज में से एक है। बाहरी दिल्ली के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए 111 बैड का उच्च आधुनिक अस्पताल तैयार किया गया है ताकि लोगों को अपने ईलाज के लिए दिल्ली की ओर जाना ना पड़े क्योंकि कई बार आने जाने में काफी समय लग जाता है जिसके कारण कई बार मरीज की जान भी चली जाती है।

सुशीला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज

अस्पताल तीन मंजिल तक फैला है ताकि जगह की कोई कमी ना हो। अस्पताल में इमरजेंसी रूम, शारीरिक जांच, व ऑपरेशन आदि की विशेष सुविधा है ताकि आने वाले किसी भी मरीज को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। मरीजों का ख्याल रखते हुए सफाई का विशेष प्रबंध रखा जाता है एवं सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बेड़ों में दुनिया रखी गई है। इसके साथ ही साथ अस्पताल में लिफ्ट का भी प्रबंध है ताकि एक मंजिल से दूसरी मंजिल पर जाने पर लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। इसके साथ ही साथ नर्सिंग कॉलेज में भी सीटें है जहां लडकियां नर्स बनकर अपने देश की सेवा कर सकती है। उनके दिल्ली के आंततिक हिस्सों में जाने की आवश्यकता नहीं है।

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जाट समाज ने महाराजा सूरजमल को की श्रद्धांजलि अर्पित
  • महाराजा सूरजमल ऐसे कुशल नेतृत्व करने वाले राजा थे जिनके एक आह्वान पर किसान भी अपने हथियार लेकर युद्ध के मैदान मे सेना के साथ खड़े हो जाते थे – बाबा परमेन्द्र आर्य

आज गांव रोरी मे अखाड़ा महाराजा सूरजमल द्वारा भरतपुर नरेश महाराजा सूरजमल जी की 315वी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए सभा का आयोजन किया गया। सबसे पहले यज्ञ हवन किया गया फिर सभी ने महाराजा सूरजमल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किये।

बाबा परमेन्द्र आर्य ने अपने सम्बोधन में कहा महाराजा सूरजमल का जन्म 13 फरवरी 1707 में हुआ था। इस्लामिक आक्रमणकारियों को मुंह तोड़ जवाब देने में उत्तर भारत में जिन राजाओं का विशेष स्थान रहा है, उनमें महाराजा सूरजमल का नाम बड़े ही गौरव के साथ लिया जाता है।
हिन्दू ह्रदय सम्राट महाराजा सूरजमल अठारहवीं सदी के भारत का निर्माण करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में से एक थे।

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उनके जन्म ऐसे समय में हुआ जब दिल्ली की राजनीति में भारी उथल-पुथल हो रही थी और देश विनाशकारी शक्तियों की जकड़न में था। विदेशी लुटेरों नादिरशाह और अहमदशाह अब्दाली ने उत्तर भारत में बहुत बड़ी संख्या में हिन्दुओं को मार डालने के साथ उनके तीर्थों-मंदिरों को भी नष्ट कर दिया था। और यहां से हिन्दूओं की बहन-बेटियों को बंदी बनाकर अपने देश ले जाते थे। इन बर्बर आक्रांताओं को रोकने वाला कोई नहीं था। उस समय मुगल, न तो दिल्ली का तख्त छोड़ते थे और न अफगानिस्तान से आने वाले आक्रांताओं को रोक पाते थे। ऐसे अंधकार में महाराजा सूरजमल हिन्दू धर्म रक्षक के रूप में प्रकट हुए।

राम नारायण आर्य ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा महाराजा सूरजमल जी आपने समय के उत्तर भारत के सबसे शक्तिशाली राजाओं में गिने जाते थे। उन्होंने अपने पराक्रम और कूटनीति से भरतपुर रियासत की स्थापना की। उनके राज्य में सभी जातियों को एक समान देखा जाता था। उनके शासन में किसान, कास्तकार , साहुकार , विद्वान सभी सुरक्षित व खुशहाल थे। महाराजा सूरजमल एक किसान परिवार से थे।

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उनका खेती बाड़ी से बहुत अधिक लगाव था। उन्होंने अपने राज्य में गांव गांव कुस्ती अखाड़े खुल वाये। वे स्वयम एक बहुत बड़े पहलवान थे। उन्होंने डींग के अपने जल महल में भी भव्य कुस्ती अखाड़ा बनवाया था। जो आज भी पुरातत्व विभाग की देखरेख में सुरक्षित है। उनके द्वारा किए गए सभी महान कार्यों को जन जन तक पहुंचाने की जरूरत है। ताकि आने वाली पीढ़ी उनके दिखाए रास्ते पर चल कर देश व समाज की सेवा कर सकें।

इस अवसर राम महेर चौधरी, मनोज चौधरी, कल्याण सिंह, गंगाराम श्यौराण, संदीप श्यौराण, सुरेश कलकल, ओमकारी, सरोज देवी, चंचल चौधरी, स्वाती आदि उपस्थित रहे।

महाराष्ट्र के भाईयों के साथ मिलकर जाट समाज के उत्थान के लिए किया विमर्श

नई दिल्ली। बाहरी दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में जाट समाज के गणमान्‍य लोगों व अखिल भारतीय जाट महासभा उत्तरी दिल्ली के द्वारा बैठक का आयोजन किया गया। जाट समाज की इस बैठक में विशेष रूप से महाराष्ट्र से धन सिंह सहरावत, अध्यक्ष जाट महासभा महाराष्ट्र और खेम राज कोर, किसान नेता ने कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर अखिल भारतीय जाट महासभा उत्तरी दिल्ली के पदाधिकारियों ने आए हुए अतिथियों को सर छोटूराम की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया।

जाट समाज की बैठक में धन सिंह सहरावत ने किया धन्यवाद

इस अवसर पर धन सिंह सहरावत ने सभी का धन्यवाद देते हुए कहा कि जो मान सम्मान हमें यहां के जाट भाईयों ने दिया है वह उन्हें हमेशा याद रहेगा। जाट भाई पूरे वर्ल्ड का कहीं का भी हो सभी का आपसी भाईचारा होता है। इसका उदाहरण आज हमने यहां देख लिया है। इस मौके पर बुराडी के जाट भाईयों ने भी महाराष्ट्र के भाईयों का धन्यवाद किया जो उन्होंने इतनी दूर से और अपने कीमती समय निकाल कर उनसे मुलाकात की।

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राजपाल सौलंकी ने रखे अपने विचार

इस मौके पर राजपाल सौलंकी ने बताया कि उन्होंने बैठक के दौरान समाज में फैली बुराईयों और उन्हें दूर करने पर भी चर्चा की। जाट समाज लगातार शिक्षित हो रहा है। लेकिन उसे आगे बढने के लिए एकजुटता की आवश्यकता है। राजनीतिक लोग लगातार जाट समाज को कमजोर करने का प्रयास कर रहे है जिससे समाज के लोगों को बचना होगा एवं एकजुट होकर समाज के विकास के लिए कार्य करना होगा।

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क्या कहा एडवोकेट राजीव तोमर ने

इस मौके पर एडवोकेट राजीव तोमर ने भी सभी को संबोधित करते हुए कहा कि यह काफी खुशी की बात है कि एक राज्य जाट भाई दूसरे राज्य के जाट भाई से मुलाकात कर रहा है क्योंकि यह मुलाकात ही समाज को ताकतवर बनाती है। जाटों में सांस्कृतिक, भाषिक तौर पर काफी भिन्नता है लेकिन व्यावहारिक तौर पर जाट समाज आपस में जुड़ा हुआ है जिसके कारण वह अपने आप ही एक दूसरे से आकर्षित होते है।

सतीश तोमर ने नौजवानों को इतिहास जानने के लिए किया प्रेरित

इस अवसर पर सतीश तोमर ने सभी नौजवानों को संबोधित करते हुए कहा कि नौजवानों को जाट गौरव का इतिहास जानना चाहिए। आखिर क्या कारण है कि आज दुनिया के हर कौने में जाट समाज का व्यक्ति मिल जाता है। इतिहास में जाटों का विशेष योगदान है जिससे नौजवान पीढी को जानना चाहिए। आज कई नौजवान ऐसे है जो यह तो जानते है कि जाट समाज से संबंध रखते है लेकिन जाट समाज का इतिहास क्या है इसके बारे में वे अनभिज्ञन है इस लिए सभी माता पिता को भी अपने बच्चों को इतिहास से रूबरू कराना चाहिए।

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इस अवसर पर अखिल भारतीय जाट महासभा उत्तरी दिल्ली के अध्यक्ष राजपाल सिंह सौलंकी, उपाध्यक्ष एडवोकेट राजीव तोमर, प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय लोकदल रजनीश मलिक, सचिव धर्मपाल रावत, सचिव जोगेन्द्र डांगी, सह महासचिव सतीश तौमर, सह कोषाध्यक्ष कृपाल सिंह, डॉ देवेन्द्र खोखर, रोबिन चौधरी, आदि गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की।

किसान आंदोलन में जाटों की एंट्री सरकार के लिए परेशानी

नई दिल्ली। सरकार के सामने एक बार फिर जाट खड़े हो चुके है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसान आंदोलन को लेकर सरकार की मुसीबत ओर बढ़ सकती है। हरियाणा और यूपी में जाटों की अच्छी खासी संख्या है जिसके कारण इनका राजनीतिक महत्व भी काफी बढ़ जाता है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के जाट खुल कर किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे है और भारी संख्या में आंदोलन में पहुंच रहे है।

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किसान आंदोलन को लेकर जाट महापंचायत में आखिर हुआ क्या

शुक्रवार को जाट महापंचायत का आयोजन किया गया था जिसमें किसानों का समर्थन करने का फैसला लिया गया है। जानकारी के अनुसार जाट महापंचायत में 10 हजार से ज्यादा किसान एकत्रित हुए थे। किसान आंदोलन का समर्थन भाजपा के लिए परेशानी का सबक बन सकता है। महापंचायत में एकत्रित जाटों की संख्या देख कर सभी चौंक गए है। राकेश टिकैत के आंसुओं ने जाटों को एकत्रित कर किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया है। भारी संख्या में हरियाणा और उत्तर प्रदेश के जाट किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए निकल गए है। जिससे सरकार की चिंता बढ़ गई है क्योंकि जाटों का आंदोलन में इस प्रकार से शामिल होना भाजपा को राजनीतिक नुकसान पहुंचा सकता है। पार्टी इस समुदाय को अपने मुख्य वोट बैंक के रूप में देखती है लेकिन जाटों के इस कदम ने भाजपा को चिंता में डाल दिया है।

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आखिर जाट राजनीति क्यों है महत्वपूर्ण

अगर हम बात करें पश्चिम उत्तर प्रदेश की तो यहां के लोगों को देखने से पता चलता है कि यहां या तो किसान है या फिर जवान । आपको बता दें कि जाट राजनीतिक के बड़े किसान नेताओं में महेन्द्र सिंह टिकैत और किसानों के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह इसी धरती से निकले है। एक समय था कि चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत की एक आवाज पर लखनऊ से दिल्ली तक सियासत के गलियारों में हलचल मच जाया करती थी।

वहीं अगर बात करें चौधरी चरण सिंह की तो उन्होंने अपनी जाट राजनीति से इतिहास के पन्नों में अपना एक अलग ही नाम दर्ज किया जिसके कारण उन्हें आज भी किसानों का मसीहा कहा जाता है।

जाट वोटों की गणित

दरअसल, यूपी में 6 से 7% आबादी जाटों की है लेकिन पश्चिमी यूपी में जाट आबादी 17% से अधिक है। तकरीबन 17 लोकसभा सीटों पर यह अपना असर रखते हैं। जबकि 120 विधानसभा सीट प्रभावित करते हैं। जानकार मानते हैं कि पश्चिमी यूपी में कभी जातीय दरार नहीं आई थी लेकिन 1992, 2002 और फिर 2013 में हुए दंगों ने यहां दरार पैदा कर दी। जिसका असर रहा कि 2014 लोकसभा चुनावों में विपक्ष का पश्चिमी यूपी से सूपड़ा ही साफ हो गया।

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इसके बाद 2017 विधानसभा चुनावों और 2019 लोकसभा चुनावों में भी हालात बहुत अच्छे नहीं रहे। ऐसे में समाजवादी पार्टी जहां एक बार फिर पिछड़े और मुस्लिम वोट बैंक के साथ जाटों को जोड़ना चाह रही है तो वहीं बसपा भी दलित और मुस्लिम वोट बैंक के साथ जाटों को जोड़ना चाह रही है। कमोबेश आरएलडी और कांग्रेस भी इसी बहाने अपनी जमीन ढूंढना चाहते हैं।

जाटों की किसान आंदोलन में कुदने की के महत्व की बात करें तो इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछल्ले काफी महीनों से यह आंदोलन चल रहा था लेकिन पीएम ने कभी कोई प्रतिक्रिया किसान आंदोलन पर नहीं दी लेकिन जैसे ही जाटों ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया तो स्थिति हाथ से निकलते देख कर उन्हें भी कहना पड़ा कि किसान उनसे बस एक फोन कॉल की दूरी पर हैं।

‘बीजेपी के लिए चिंता की कई वजहें’

“हरियाणा में बीजेपी और दुष्यंत चौटाला के विधायक सामाजिक बायकॉट झेल रहे हैं। पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और बादल परिवार नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहा है। उनका भरोसा जाट सिखों और किसानों पर है। आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल भी कूद पड़े हैं। पश्चिमी यूपी में हर जाट नेता, चाह वह राकेश टिकैत हों याचुका अजीत सिंह या हरेंद्र मलिक (कांग्रेस), सब आंदोलन का फायदा उठाना चाहते हैं। राजस्थान में एनडीए पहले ही हनुमान बेनीवाल को गंवा चुका है। जाट बेल्ट में जो मूड है, उसे लेकर बीजेपी को चिंता होनी ही चाहिए। मुझे उम्मीद है कि वे मूड सही से भांप पाएंगे।”

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किसानों के समर्थन में हनुमान बेनीवाल की संसद में गुंजी आवाज

नई दिल्ली। किसान आंदोलन के समर्थन में सांसद हनुमान बेनीवाल ने तीनों किसान बिलों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने किसानों के मान और सम्मान के लिए और किसान आदोलन के समर्थन में किसान विरोधी बिलों को वापिस लेने की मांग करते हुए बजट सत्र से पहले राष्टÑपति महोदय अभिभाषण का बहिष्कार करते हुए सदन से वाक आउट कर दिया। आपको बता दें कि हनुमान बेनीवाल ने एनडीए का भी साथ छोड़ कर किसानों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की है।

राष्ट्रपति के भाषण का कई पार्टियों ने किया बहिष्कार

जानकारी के अनुसार कांग्रेस समेत 19 विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया और कृषि कानूनों की वापसी को लेकर राहुल गांधी के साथ कांग्रेस पार्टी के अन्य सांसदों के साथ संसद परिसर में महात्मा गांधी की स्टैचू पर धरना प्रदर्शन करते हुए किसानों के समर्थन में अपनी बात रखीं।

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क्या कहा राष्ट्रपति ने

बजट सत्र से पहले अपना अभिभाषण देते हुए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने पिछल्ले साल आई विपदाओं कोरोना महामारी, सीमा पर तनाव आदि कई परेशानियों का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने अपने अभिभाषण में कहा कि भारत कितनी भी बड़ी परेशानी का सामना करने को तैयार है। चुनौती कितनी ही बड़ी क्यों ना हो लेकिन न हम रुकेंगे और न भारत रुकेगा।

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उन्होंने 26 जनवरी को को तिरंगे और गणतंत्र दिवस जेसे पवित्र दिन का अपमान को बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जो संविधान हमें अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार देता है, वही संविधान हमें सिखाता है कि कानून और नियम का भी उतना ही गंभीरता से पालन होना चाहिए। उन्होंने कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए कहा कि कृषि सुधार के जरिए सरकार ने किसानों को नई सुविधाएं उपलब्ध काने के साथ साथ नए अधिकार भी दिए हैं।

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वीरेंद्र सिंह तोमर बने हरियाणा जाट महासभा प्रदेश महासचिव

नई दिल्ली/रोहतक : हरियाणा जाट महासभा के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप हुड्डा ने प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह को दिल्ली इकाई के प्रदेश महासचिव का दायित्व सौंपा है। वर्तमान में वीरेंद्र सिंह तोमर दिल्ली के डीडीयू अस्पताल, हरि नगर के प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर पदस्थ हैं। शनिवार को नववर्ष के मौके पर यह घोषणा करने से पूर्व हरियाणा जाट महासभा के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप हुड्डा एवं प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह तोमर के साथ सामाजिक मुद्दों पर लम्बा मंथन हुआ।

किसान

इसके उपरांत श्री तोमर के सामाजिक क्षेत्र में किसान, युवा वर्ग के उत्थान को लेकर काम करने की जताई गई इच्छा का सम्मान करते हुए श्री प्रदीप हुड्डा ने उन्हें दिल्ली इकाई का विस्तार करते हुए प्रदेश महासचिव का दायित्व सौंपा।

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श्री हुड्डा ने कहा कि श्री तोमर द्वारा अपने 32 वर्ष के प्रशासनिक अनुभव के दौरान समाज मे दिया गया योगदान सराहनीय रहा है। एसडीएम द्वारका रहते हुए रिहायशी कल्याण एसोसिएशन के साथ मिलकर साप्ताहिक बैठकों का दौर शुरू कर नागरिकों के अनसुलझे मामलों का पूरी संजीदगी के साथ समाधान करना उनकी आमजन के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कराता है। इसी प्रकार उन्हें विभिन्न एनजीओ, ट्रस्टों के सामाजिक अभियानों में बढ़चढ़ कर कार्य करने का अनुभव है।

वीरेंद्र सिंह तोमर

श्री प्रदीप हुड्डा ने कहा कि श्री वीरेंद्र सिंह तोमर प्रशासनिक दायित्व बेहतर तरीके से निभाने के साथ साथ सामाजिक क्षेत्र में भी अच्छे कदम उठा रहे हैं। उनकी इसी सकारात्मक सोच को ध्यान में रखते हुए उनको हरियाणा जाट महासभा की दिल्ली इकाई में प्रदेश महासचिव का दायित्व सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा जाट महासभा देश के विभिन्न हिस्सों में किसानो, युवाओं को प्रगतिशील बनाने तथा उनके उत्थान के लिए कार्य कर रही है।

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बीते सालों के दौरान हरियाणा जाट महासभा द्वारा सामाजिक सद्भाव को बढ़ाने के लिए भी अपना दायरा बढ़ाया है। निश्चित तौर पर उनके अनुभव का फायदा मिलेगा और संगठनात्मक गतिविधियों का तेजी से विस्तार किया जा सकेगा। इस मौके पर राजीव सांगवान, विनोद देशवाल, पवन हुड्डा, सतीश सोलंकी, सुशील शर्मा, हिमांशु टंडन, विकास देशवाल, तरुण गिरधर, मनीष बबलानी, गोविंद गोपाल आदि मौजूद रहे।

हरियाणा जाट महासभा

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असिस्टेंट कमिश्नर अरूण सहरावत का किया भव्य स्वागत

नई दिल्ली, जाट परिवार। पालम जय श्री दादा देव महाराज के प्रागंण में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर इनकम टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर अरूण सहरावत का आए हुए सभी गणमान्य लोगों ने फूल माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर सभी को संबोधित करते हुए मीनू सहरावत ने कहा कि वह काफी खुशी का पल होता है जब कोई समाज का व्यक्ति देश के उच्च पदों पर बैठता है। क्योंकि आज किसी उच्च पद पर बैठकर ही समाज और देश के लिए पूर्ण निष्ठा और बिना किसी अवरोध के कार्य कर सकते है।

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देश के विकास में युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान है जिसका सभी को सम्मान करना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने असिस्टेंट कमिश्नर से भी अपील करते हुए कहा कि वे आज जिस उच्च पद पर बैठे है उसकी गरिमा को ध्याम में रखते हुए समाज के विकास के लिए भी योगदान दें।

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असिस्टेंट कमिश्नर अरूण सहरावत ने क्‍या कहा

इस अवसर पर इनकम टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर अरूण सहरावत ने भी आए हुए सभी लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि जो सम्मान उन्हें समाज के लोगों से मिला है वह उसके ऋणी रहेगें। उन्होंने युवाओं को भी संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवाओं में असीम क्षमताएं है। जरूरत है तो केवल अपनी क्षमताओं को पहचानने की। युवाओं को अपने लक्ष्य का निर्धारण करना चाहिए और उसे पाने के लिए पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ प्रयास करते रहचा चाहिए। जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है केवल जरूरत है तो सच्ची लगन से उसे प्राप्त करने के लिए मेहनत की।

शिक्षा के स्तर पर बढ रहा है जाट समाज

आपको बता दें कि पिछले कुछ सालों से जाट समाज में शिक्षा के स्तर पर भी युवाओं ने अपनी काफी प्रतिभा दिखाई है। क्योंकि पिछले कुछ समय से देश की आईएएस जैसी उच्च परीक्षाओं में भी बहुत से समाज के नौजवान निकल कर आ रहे है यह काफी खुशी की बात है। खेलों में तो जाट लोगों का दबदबा पहले से ही है शिक्षा में भी जाट समाज के युवा जिस प्रकार से महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे है इससे समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

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इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रधान भूप सिंह सोलंकी, पंडित ओमप्रकाश शर्मा, मूला प्रधान, भाई हरीश सोलंकी, बरम प्रकाश सोलंकी, छोटू सोलंकी, प्रधान रामकुमार सोलंकी, दीपक वशिष्ट , जिले सिंह गहलोत, मुकेश दहिया, जोगिंदर मोर, हरि सिंह मास्टर रामकरण अन्य सम्मानित लोग मौजूद रहें।

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जगमोहन महलावत महरौली के जिला अध्‍यक्ष मनोनीत

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में अपनी नई कार्यकारणी की घोषणा की है। इसमें कुछ ऐसे चहरों को जगहा मिली है जिन्होंने पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर कार्य किया है। ऐसा ही एक नाम है जगमोहन महलावत जी। जगमोहन जी को महरौली का जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। इससे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।

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जगमोहन जी को जिला अध्‍यक्ष मनोनीत होने पर बधाई देते हुए

लोगों का कहना है कि पिछले काफी सालों से जगमोहन महलावत Jagmohan_mehlawat जी पार्टी के लिए पूर्ण ईमानदारी और निष्ठा के साथ जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे थे। पार्टी की और से उन्हें जिला अध्यक्ष मनोनीत करना, पार्टी की और उनकी कर्मशीलता को सम्मान देना है।

जगमोहन महलावत को फूल माला पहनाकर किया सम्मानित

जैसे ही लोगों में जगमोहन महलावत जी को जिला अध्यक्ष मनोनीत करने की खबर लगी लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। खबर सुनते ही जगमोहन जी के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। लोगों ने फूल माला पहनाकर अपने नए जिला अध्यक्ष के प्रति सम्मान व्यक्त किया। लोगों ने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में क्षेत्र में पार्टी को और मजबूती प्रदान करने के लिए जगमोहन जी महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे।

प्रदेश महामंत्री किसान मोर्चा मीनू सहरावत ने दी बधाई

जगमोहन
Jagmohan_mehlawat जी को बधाई देते हुए 

इस अवसर पर नए जिला अध्यक्ष को बधाई देते हुए मीनू सहरावत ने कहा कि पार्टी ने जिस प्रकार से जगमोहन जी पर अपना भरोसा जताया है वह एक सही निर्णय है। उन्होंने जगमोहन जी को आश्वासन दिया कि क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने और सभी कार्यकर्ताओं को जोड कर रखने के लिए वे हर समय अपने जिला अध्यक्ष के साथ है।

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उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जगमोहन जी पिछले कई सालों से पार्टी की सेवा करते हुए आ रहें है। यह उनकी तपस्या का ही फल है जो आने वाले समय में पार्टी की मजबूत स्थिति के रूप में नजर आएगा। मीनू सहरावत ने अपने जिला अध्यक्ष फूल माला पहनाकर नए नेतृत्व के लिए बधाई दी।

क्या कहा जगमोहन महलावत जी ने

इस अवसर पर जगमोहन महलावत जी ने भी सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है वह उसके लिए पार्टी का आभार प्रकट करते है। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी किसी पद की लालसा नहीं रही लेकिन पार्टी का आदेश उनके लिए सर्वोपरि है।

उन्होंने अपने साथियों का भी आभार प्रकट करते हुए कहा कि आज का यह दिन क्षेत्र के उन सभी कार्यकर्ताओं की बदौलत है जिन्होंने हर समय पर उनके साथ मिलकर कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि पार्टी के भरोसे पर खरा उतरते हुए वह हर संभव प्रयास करेंगे ताकि पार्टी को क्षेत्र में मजबूत कर सकें। साथ ही साथ उन्होंने क्षेत्र के सभी कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि कोई भी व्यक्ति किसी भी समस्यां के निदान के लिए उनके पास आ सकता है। वह हर वह संभव प्रयास करेंगे ताकि समस्यां का निदान किया जा सके।

दिव्‍या काकरान – मुफलिसी से अर्जुन अवॉर्ड तक

नई दिल्‍ली। कहते है कि अगर आप धरती से जुडे होते है तो आपको कोई भी चीज अपनी मंजिल पाने से नहीं रोक सकती। ऐसी ही मिसाल पेश की है दिव्‍या काकरान ने। दिव्‍या काकरान का नाम अर्जुन अवॉर्ड के लिए तय किया गया है। उनके लिए यह सफर आसान नहीं था लेकिन जाट खून में होता ही कुछ ऐसा है कि वह हर कठिनाई को दूर कर अपना मुकाम हासिल कर लेता है।
दिव्‍या काकरान की आर्थिक स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके माता पिता लंगोट बनाकर बेचने का कार्य करते हैं। इसी से होने वाली आय से उनका घर चलता था लेकिन अपने मेहनत के बल पर दिव्‍या काकरान ने एशियाई खेलों में पदक हासिल किया और अपनी प्रतिभा के दम पर उन्‍होंने अर्जुन अवॉर्ड का रास्‍ता तय किया।

दिव्‍या काकरान एक प्रतियोगिता के दौरान

दिव्‍या काकरान ने तंगी से लडकर अर्जुन अवॉर्ड तक का सफर तय किया

आर्थिक तंगी के बावजूद दिव्या ने हार नहीं मानी और अब परिवार को बेहतर जिंदगी देने का सहारा बन रही हैं। दिव्या काकरान नोएडा कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन से बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंस का कोर्स कर रही हैं।

उन्हें खले दिवस के अवसर पर 29 अगस्त को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया है।

दिव्या वर्तमान में 68 किलो भार वर्ग में कुश्ती करती हैं।

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दो साल में गाजियाबाद शिफ्ट होगा परिवार : अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में शानदार प्रदर्शन करने वाली दिव्या काकरान रेलवे में सीनियर टिकट कलेक्टर की नौकरी कर रही हैं। वहीं उन्हें कंपनियां भी प्रायोजित करती हैं।

ऐसे में वह वर्तमान में एक कंपनी के खर्च पर मॉडल टाउन में रहकर अभ्यास कर रही हैं।

उनके पिता सूरज पहलवान और मां संयोगिता अभी भी दिल्ली के गोकलपुर स्थित एक मकान में किराये पर रह रहे हैं। वहीं, दिव्या की मां लंगोट की सिलाई करती हैं और उनके पिता सूरज पहलवान दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के दंगलों में जाकर लंगोट बेचते हैं।

उनका परिवार बीते 15 साल से यह काम कर रहा है। हालांकि, दिव्या को नौकरी और प्रायोजक मिलने के बाद परिवार की स्थिति काफी सुधरी है।

दिव्या के परिवार ने अब गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में फ्लैट भी खरीद लिया है, जहा उनका परिवार दो साल में शिफ्ट हो जाएगा।

दिव्या को सरकारों से मिली पुरस्कार राशि से उन्होंने फ्लैट खरीदा है।

दिव्या की मेहनत रंग लाई

दिव्या के पिता सूरज पहलवान बताते हैं कि बेटी को अर्जुन अवॉर्ड मिलना हमारे लिए बहुत ही बड़े गर्व और सम्मान की बात है। उसकी मेहनत रंग लाई है।

दिव्या खुद अपनी मंजिल को पा रही है। इसके साथ ही अपने परिवार को भी आर्थिक तंगी से उबार चुकी है।

भविष्य में भी उनसे देश के लिए पदक जीतने की उम्मीद है।

कॉलेज में बंटीं मिठाइयां

दिव्या काकरान को अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुने जाने के बाद नोएडा कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन में बुधवार को जश्न मनाया गया। सभी ने दिव्या को फोनकर बधाई दी। दिव्या की इस उपलब्धि पर कॉलेज में मिठाइयां भी बांटी गईं।

कॉलेज की एमडी सोनाली राजपूत ने बताया कि कॉलेज की छात्रा दिव्या को अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना जाना बड़ी उपलब्धि है।

उम्मीद है कि भविष्य में भी वह शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेंगी।

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