जाट समाज लगातार कमजोर होता जा रहा है। यह कमजोरी सामाजिक तौर पर आंतरिक रूप से पनप रही है । इसे दूर करने के लिए किसी भाई ने यह जाट कविता (jat poetry in hindi) लिखी है जिसे आपको पढना चाहिए। जाट कविता में आपको जाट समाज को आगे बढाने का रास्ता मिलेगा।
जाट होकर जाट का, आप सभी सम्मान करो! सभी जाट एक हमारे, मत उसका नुकसान करो! चाहे जाट कोई भी हो, मत उसका अपमान करो! जो ग़रीब हो, अपना जाट धन देकर धनवान करो! हो गरीब जाट की बेटी, मिलकर कन्या दान करो! अगर लड़े चुनाव जाट , शत प्रतिशत मतदान करो! हो बीमार कोई भी जाट , उसे रक्त का दान करो! बिन घर के कोई मिले जाट उसका खड़ा मकान करो
अगर जाट की हो फाईल, शीघ्र काम श्रीमान करो! जाट की लटकी हो राशि, शीघ्र आप भुगतान करो!
अगर मुसीबत में हो जाट , फौरन मदद का काम अगर जाट दिखे उदास, खुश करने का काम करो! अगर जाट घर पर आये, जय जाट राज बोल सम्मान करो! अपने से बड़ा जाट उसको आप प्रणाम करो! ह जाट का बेटा, उसकी मदद तमाम करो! बेटा हो गरीब जाट का पढ़ता, कापी पुस्तक दान करो! जय जाट समाज
धौलपुर । कोरोना काल के बीच धौलपुर में हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली जहां एक मुस्लिम महिला की जान बचाने के लिए एक हिन्दू व्यक्ति ने ब्लड डोनेट किया। जानकारी के अनुसार धौलपुर जिले में एक असहाय महिला के ऑपरेशन होना था ।
डॉक्टरों ने ऑपरेशन के लिए तीन यूनिट खून की मांग की । कोरोना के कारण परिवार को खून की मांग पूरी करने के लिए काफी परेशानी हो रही थी लेकिन जब यह बात कुछ युवाओं को पता चली तो उन्होंने तुरंत ही ब्लड डोनेट करने की इच्छा जाहिर की।
एक यूनि धौलपुर जिले की मां रहना वाली भक्त सेवा समिति धौलपुर के सदस्य द्वारा दिलाया गया जबकि एक यूनिट पुलिस मित्र आकिब खान और एक यूनिट करण शर्मा स्काउट ने देकर महिला की जांन बचाई। जब लोगों को पता चला कि करण शर्मा ने मुस्लिम महिला को खून डोनेट किया है तो लोगों ने इसे हिन्दू मुस्लिम एकता की सच्ची मिसाल बसाया।
इस अवसर पर रवि जाट प्रदेश उपाध्यक्ष युवा विंग राष्ट्रीय जाट एकता मंच राजस्थान ने बताया कि हमारे देश में चाहे कितनी भी परेशानी हो लेकिन समय समय पर मिलने वाली इस प्रकार की हिन्दू मुस्लिम एकता की कहानियां हमारे समाज के लिए मिसाल है कि भारत अखंडता में भी एकता निवास करती है। किसी भी परेशानी में सभी एक हो जाते है। कुछ नापाक लोगों के इरादे हमारी एकता को नहीं तोड़ सकते। उन्होंने लोगों से भी अपील करते हुए कहा कि हम सभी भारतवासी है और इसी का ध्यान सबका रखना होगा।
इस अवसर पर करण शर्मा ने भी बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कि कोई मरीज है जिसे खून की जरूरत है तो उन्होंने खून देने का इरादा कर लिया और अपने दोस्त के कहने पर यहां आ गए लेकिन जब पता चला कि महिला मुस्लिम है तो उन्होंने अपना ईरादा नहीं बदला। उन्होंने कहा कि इंसान को इंसानियत से देखना चाहिए ना कि धर्म से जोड कर ।
हम सब एक है यही हमारा धर्म है। उन्होंने कहा कि हिन्दू मुस्लिम एकता को बनाए रखने का उन्हें मौका मिला वे इसे लिए शुक्रगुजार है और आने वाले समय में भी वे इसी प्रकार से कार्य करते रहेगे केवल इंसानियत के लिए ।
nityanand land नई दिल्ली। एक बाबा का समृद्ध देश जहां आपको शिक्षा मुफ्त मिलेगी, खाना फ्री मिलेगा, स्वास्थ्य सेवाए भी फ्री मिलेगी। पूर्ण भारतीय संस्कृति पर आधारित देश। नाम होगा कैलासा (nation kailaasa)। पूर्ण रूप से हिन्दू राष्ट्र । हम बात कर रहें है स्वामी नित्यानंद (godman swami nithyananda) के टापू (private island) nityanand land की जिसका नाम रखा गया है कैलासा। इस देश nityanand land का अलग झंडा है, पासपोर्ट रखा गया है, अलग पैसा चलेगा। अगर देखे तो पूर्ण रूप से एक देश का ढांचा जहां अपना अलग से संविधान होगा। और इस देश के भगवान व सर्वे सर्वा होंगे स्वामी नित्यानंद महाराज। जी हां वहीं नित्यानंद स्वामी जिन पर पुलिस ने रेप के आरोप की जांच कर रही है लेकिन जैसे ही स्वामी जी को पता चला कि पुलिस का शिकंजा कस चुका है तो स्वामी जी हो गए रफू चक्कर। आधिकारिक तौर पर तो उनके देश छोडऩे की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन अंदर ही अंदर खबर चल रही है कि स्वामी जी देश छोड़ कर गायब हो गए है और उन्होंने हिन्दुस्तान से 16 हजार किलोमीटर दूर एक टापू खरीद (buying an island) लिया है जहां अलग देश के निर्माण की घोषणा की गई है। बाकायदा इसकी आधिकारिक वेबसाईट का भी निर्माण किया गया है जहां आपको इससे संबंधित सभी जानकारी मिल जाएगी।
nityanand is land कैरेबियाई टापू पर क्या क्या होगा
अगर वेबसाईट पर नजर डाले तो यह कैरेबियाई टापू (world who lost) का नाम रखा गया है कैलासा। नाम से ही जाहिर है कि यह टापू जिसे देश घोषित कर अपने में एक अलग ही इतिहास रचने की कोशिश कर रहा है नित्यानंद एक पूर्ण रूप से हिन्दू राष्ट्र (hindu nation) बनाने का प्रयास कर रहा है। जहां दूनिया भर के पीडि़त हिन्दूओं को जगह मिलेगी। इस देश की रूपरेखा भी तय कर ली गई है। इस नए देश का अलग से पासपोर्ट होगा, अपना संविधान होगा, अपनी कानून व्यवस्था होगी। अपने मंत्रिमंडल होंगे। फिलहाल बाबा जी यौन शोषण के आरोपों से घिरे हुए है। इन्हीं यौन शोषण के आरोपों के लिए जब पुलिस ने शिकंजा कसा तो बाबा जी ने अपने लिए अलग ही कानून का निर्माण कर लिया। और पहुंच गए उस कानून की गोदी में बचने के लिए।
कोई भी हिन्दू पा सकता है नागरिकता
स्वामी नित्यानंद का दावा है कि दुनिया का कोई भी हिन्दू यहां की नागरिकता प्राप्त कर सकता है। अब यह स्पष्ट नहीं हो सकता है की नित्यानंद की कैलासा। देश का लोकेशन क्या है, नक्शा क्या है । embassy of ecuador
वेबसाईट पर किया देश के ढांचे का खुलासा
अगर वेबसाईट पर नजर डाले तो हम पाते है कि नित्यानंद ने अपने देश कैलासा की सभी बुनियादी चीजों का चुनाव कर लिया है जो एक देश के लिए आवश्यक है। जैसे राष्ट्रीय पशु बैल नंदी को बनाया गया है। इस देश का अपना पासपोर्ट होगा, अपना झंडा होगा जिसमें नित्यानंद को भगवान शंकर के अंदाज में दिखाया गया है। और नंदी उसकी उपासना कर रहा है। इसके अलावा भी नित्यानंद के कैलाश देश का राष्ट्रीय फूल कमल, राष्ट्रीय पक्षी शारबम, राष्ट्रीय पेड़ बरगद को बताया गया है। जबकि इस देश की इकानमी पर बात की जाए तो वह धार्मिक तौर पर रखी गई है। पूर्ण व्यवस्था भारतीय संस्कृति पर आधारित होगी। styled godman nithyananda
– दुनियां के सभी हिन्दूओं का स्वागत
कैलासा का अपना व्यवस्थित ढांचा होगा
अगर वेबसाईट की बात माने तो कैलासा (practice hinduism authentically) देश की शिक्षा व्यवस्था गुरूकुल शिक्ष व्यवस्था पर आधारित होगी जहां गुरू नियम कायदों (government of ecuador) को मान्यता मिलेगी। गाय की रक्षा की जाएगी। इस देश (created by dispossessed hindus) की अपनी प्रशासकीय प्रणाली होगी जहां अपनी सरकार होगी, अपनी कैबिनेट होगी। कैबिनेट में डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट होगा, डिपार्टमेंट ऑफ टेक् नॉलजी होगी, डिपार्टमेंट ऑफ एनलाइटेंड सिविलाइज़ेशन, डिपार्टमेंट ऑफ ह्युमन सर्विसेज़ और डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स जैसे विभागों का जिक्र किया गया है। कैलासा का मुख्य उद्देश्य मंदिर आधारित (temple based) जीवनशैली को फिर से व्यवहार में लाना होगा। इसीलिए कैलासा की राष्ट्र भाषा संस्कृत रखी गई है जबकि दुनिया से संपर्क करने व आधुनिकता लाने के लिए मुख्य भाषा में अंग्रेजी को भी महत्व दिया गया है इसके साथ ही साथ तमिल को भी राष्ट्र भाषा (english sanskrit and tamil) में शामिल किया गया है। कैलासा की अर्थव्यवस्था कैसे चलेगी इसकी रूप रेखा तैयार है। trinidad and tobago पर भी ध्यान होगा। ecuador denies
मुफ्त होगी आधारभूत सुविधाएं
किसी भी विकसित देश की पहचान होती है कि वह अपने नागरिकों को आधारभूत सुविधाएं मुफ्त प्रदान करता है। कैलासा की वेबसाईट में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिलता है। जी हां वेबसाईट के मुताबिक यहां के निवासियों को (purchasing any land) मुफ्त में शिक्षा, भोजन, चिकित्सा प्राप्त होगा। विज्ञान के विभिन्न विषयों की पढाई होगी तथा रिसर्च होगी। नित्यानंद के कैलासा में स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल आदि सब कुछ होगा जहां लोगों को मुफ्त सुविधा प्राप्त होगी। बल्कि इस देश का अपना पैसा होगा। वैदिक गणित, योगा होगी, हिन्दू त्यौहार मनाने का विशेष प्रबंध मंदिर आधारित जीवन शैली होगी, सभी में समानता होगी, बच्चों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी, इसके अलावा भी जानवरों को भी सुरक्षित वातावरण दिया जाएगा।
विवादों से गहरा नाता स्वामी नित्यानंद का
गुजरात पुलिस (gujarat police) नित्यानंद की तलाश में है। नित्यानंद की देश से भागने की संभावना है। स्वयंभू बाबा नित्यानंद पर कर्नाटक में रेप (rape accused) और किडनैपिंग का केस दर्ज है, तो वहीं गुजरात में उत्पीडऩ को लेकर भी केस दर्ज है। कुछ साल पहले उनकी सैक्स सीडी आई थी जिसके बाद नित्यानंद गायब हो गया लेकिन कुछ सालों बाद एक बार फिर वह स्वामी की मुद्रा में आया और लोग फिर से उसके मुरिद हो गए। कुंभ के मेले में भी स्वामी नित्यानंद पर लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने काम करवा कर पैसा नहीं दिया। स्वामी नित्यानंद पर कानून का शिकंजा तब कसने लगा जब चार बच्चों को कथित तौर पर अगवा करने और उन्हें एक फ्लैट में बंधक बनाकर रखने का आरोप है। पुलिस नित्यानंद के आश्रम से लापता हुई एक महिला के मामले में भी जांच कर रही है। महिला के पिता जनार्दन शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने 20 नवंबर को स्वयंभू बाबा स्वामी नित्यानंद के खिलाफ मामला (rape case) दर्ज किया था। नित्यानंद पर अहमदाबाद में अपना आश्रम योगिनी सर्वज्ञपीठम चलाने के लिए बच्चों को कथित तौर पर अगवा करने और उन्हें बंधक बनाकर अनुयायियों से चंदा जुटाने के आरोप हैं। coronavirus outbreak
भागवत ज्योति फ्री संस्था देता है उज्जवल भविष्य निर्माण का मौका
संस्था के शुभारंभ के अवसर पर संस्था से जुडे सम्मानित सदस्य एवं बच्चे
नई दिल्ली। बहालगढ में भागवत ज्योति फ्री संस्था केन्द्र का उद्घाटन धूम धाम से किया गया। इस मौके पर क्षेत्रीय गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत कर संस्था के उज्जवल भविष्य की कामना की। आपको बता दें कि भागवत ज्योति फ्री संस्था केन्द्र ने काफी समय नरेला में काम करने के पश्चात बहालगढ़ में महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य करने का निर्णय लिया हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ब्यूटी पार्लर, टेडी बियर, मेहन्दी, पेन्टिंग, पैकिंग, फ्लावर मेकिंग, आर्ट एवं ग्राफ आदि विभिन्न प्रकार के कोर्स कराए जाएगे ताकि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इस मौके पर भागवत ज्योति फ्री संस्था की संचालिका ममता ने बताया कि हमारा लक्ष्य महिलाओं के विकास के लिए कार्य करना है। महिलाओं की आत्मनिर्भरता ही उस समाज में महिलाओं का स्थान निर्धारित करती है। महिला अपने परिवार के साथ कंधे से कंधा मिला कर चल सके इसके लिए जरूरी है कि वह आत्मनिर्भर हो। देखने में ये कोर्स छोटे लगते है लेकिन इन कोर्सों की अपनी अहमियत है। इस प्रकार के कोर्स कम अवधि में कोई भी सीख सकता है तथा अपने को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही साथ यह कोर्स किसी भी महिला के व्यक्तित्व को निखारने में काफी योगदान देते है जिसके कारण अपने समाज में उसका स्थान काफी बढ जाता हैं। इर वर्ग की महिलाओं एवं लडकियों को इस प्रकार के कोर्स करने चाहिए। इस अवसर पर मनीष आर्या ने भी संस्था के उज्जवल भविष्य की कामना की।
मनीषा- भागवत ज्योति फ्री संस्था ने बहालगढ में अपना केन्द्र खोल कर काफी प्रशंसा का कार्य किया हैं। यहां ज्यादातर ग्रामीण पृष्ठ भूमि की लडकिया आती है जिन्हें जीवन में आगे बढने के बहुत कम चांस मिलते है । इस प्रकार के कोर्स यहां की महिलाओं को आगे बढने के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करेंगे तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे।
राकेश गौतम- भागवत ज्योति फ्री संस्था ने एक प्रशंसा योग्य कार्य किया है। आज के समय में महिलाओं एवं लडकियों को आर्थिक रूप से सशक्त होने की जरूरत है। तभी महिलाओं का पूर्ण विकास संभव है। जिस प्रकार के कोर्स संस्था में कराए जाते है इनके बाद कोई भी महिला छोटी सी पूंजी में अपना व्यापार शुरू कर सकती है जिसके कारण वह घर को चलाने में अपना आर्थिक सहयोग भी दे सकती है जिससे उसके मान सम्मान में वृद्धि होगी तथा आने वाले समय में उसके लिए विकास के ओर रास्ते खुलेगे।
हरीश सैनी- हमें आशा है कि बहालगढ की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में यह संस्था भरपूर योगदान देगी। संस्था में एक सुरक्षित माहौल यहां के बच्चों को विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। कोर्स के साथ ही साथ यहां महिलाओं के व्यक्त्तिव को निखारने के प्रयास भी किए जा रहे हो जो कि काबिले तारीफ है। हमे आशा है कि बहालगढ के बच्चों को उज्जवल भविष्य निर्माण के लिए यह संस्था महत्वपूर्ण योगदान देगी।
मुंबई । मुंबई के प्रतिष्ठित स्कूल
टूनार्मेंट हैरिस शील्ड के पहले राउंड के नॉक आउट मैच के अजीब घटना हुई। ऐसी घटना
जिसे चिल्ड्रन वेलफेयर स्कूल जल्द से जल्द भूलना चाहेगा। अंधेरी का यह स्कूल
बोरीवली के स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल के खिलाफ मैच तो हारा लेकिन उसके अजब
बात यह रही कि उसके सारे बल्लेबाज जीरो पर आउट हुए। जी, उसका कोई भी बैट्समैन खाता भी नहीं खोल पाया। यह तो शुक्र
मनाइए कि विपक्षी टीम के गेंदबाजों ने 7 अतिरिक्त रन (छह वाइड और एक बाई) रन दे
दिया,
यदि ऐसा नहीं होता तो स्कोरबोर्ड पर कोई रन
नहीं टंगा होता। चिल्ड्रन वेलफेयर की पूरी टीम सिर्फ छह ओवरों में ही ऑल आउट हो
गई। विवेकानंद इंटरनैशनल स्कूल की ओर से मीडियम पेसर अलोक पाल ने तीन ओवरों में
तीन रन देकर छह विकेट लिए। कप्तान वरोद वाजे ने तीन रन देकर दो विकेट लिए। बाकी दो
बल्लेबाज रन आउट हुए। इस शर्मनाक प्रदर्शन के चलते चिल्ड्रन वेल्यफेयर की टीम यह
मैच 754 रनों के विशाल अंतर से हार गई। यह परंपरागत इंटरस्कूल टूनार्मेंट मे शायद
सबसे बड़ी हार होगी। आजाद मैदान के न्यू एरा ग्राउंड पर पहले बल्लेबाजी करते हुए
विवेकानंद स्कूल ने मीत मायेकर के तिहरे शतक (338 रन नाबाद, 134 बॉल, 56 चौके और सात
छक्के) की मदद से 39 ओवरों में 761 रन बनाए।
विपक्षी टीम के गेंदबाजों ने 7 अतिरिक्त रन दिए
156 रनों की पेनाल्टी भी
इस स्कोर में 156 रनों की पेनाल्टी भी शामिल है चूंकि चिल्ड्रन वेलफेयर के बोलर निर्धारित 3 घंटे के टाइम में 45 ओवर पूरे नहीं फेंक पाए। उन्होंने छह ओवर कम फेंके। कृष्णा पार्ते (95) और ईशान रॉय (67) रन बनाए। इस जीत से स्वामी विवेकानंद इंटरनैशनल स्कूल के कोच महेश लोतीकर बहुत खुश नजर आए। कमाल की बात तो यह है कि टीम के कप्तान आयुष जेथवा और दो अन्य खिलाड़ी मुंबई अंडर-16 कैंप में होने के चलते इस मैच में नहीं खेले थे। स्कूल के पूर्व छात्र रहे भारतीय टीम के सुपरस्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा भी अगर स्कोरकार्ड देखेंगे तो काफी खुश होंगे। बुधवार वाकई स्वामी विवेकानंद स्कूल के लिए परफेक्ट रहा।
राजस्थान के सीकर जिले के जाट भाई की एक सच्ची प्रेम कहानी love story
valentine week
राजेश (काल्पनिक नाम) है। यह कहानी राजेश की love story है। राजेश राजस्थान के सीकर जिले से हूं। 24 मार्च 2013 को मुईनुद्दीन चिस्ती के शहर अजमेर में मेरी जेलपहरी की परीक्षा थी। मैं और मेरा बड़ा भाई जो मुझ से एक बरस ही बड़ा है । दोनों ने परीक्षा दी और हम ट्रेन से अजमेर से अगले स्टेशन फुलेरा के लिए रवाना हुए ।
हमने अगले स्टेशन फुलेरा में ट्रेन बदली मेरे शहर सीकर के लिए। परीक्षा थी इस कारण ट्रेन पूरी तरह भरी हुई थी। ज़्यादातर ट्रेन में लड़के ही थे। मेरे ट्रेन के डिब्बे में चार लड़कियाँ आकर बैठ गई। मैं और मेरा भाई ट्रेन कि ऊपर की बर्थ पर बैठे थे। मेरी लड़कियों को घूरने की आदत नहीं इसलिए में अपने कानों में इयर फोन डाल के मेरे फोन NOKIA N72 में गाने सुन रहा था। love story
ट्रेन के डिब्बे में काफ़ी हल्ला हो रहा था क्योंकि ट्रेन लड़कों से भरी हुई थी और ट्रेन के डिब्बे में चार लड़कियाँ हो और लड़के हो हल्ला ना करें यह हो ही नहीं सकता इसलिए मैंने सोचा इनकी फ़ालतू की बातें सुनने से अच्छा इयर फोन लगाके गाने सुन लूँ ।
लेकिन एक लड़की जो आँखों पे चश्मा लगाये ठीक मेरे सामने नीचे की सीट पर बैठीं थी लगातार मुझे घूरे जा रही थी । मैंं अपनी मस्ती में था मुझे नहीं पता वो मुझे घूर रही हैं । मेरा भाई जो मेरे पास ही बैठा था उसने मुझे धीरे से कोहनी मारी और कहा नीचे देख वो लड़की जब से आकर बैठी है तुझे ही देख रही हैं । और सारे डिब्बे के लड़के उसे देख रहे हैं।
मैंने जब उसे पहली बार देखा वो एक टक होकर मुस्कुराते हुए मुझे देख रही थी मैंने भी उसे एकटक होकर देखने की कोशिश की लेकिन में भोला शर्मिला छोरा ज़्यादा देर तक ऐसा नहीं कर पाया।
लेकिन में बार-बार उसे देख रहा था। कुछ समय बाद में उसने इशारे में नम्बर माँगे। मेरा दिल उस समय एक मिनट में जैसे 120 बार धड़क रहा हो ऐसा प्रतीत हो रहा था।
मैंं सोच रहा था कि इसे नम्बर कैसे दूँ। साथ में बैठी लड़कियों को पता चल जाएगा ट्रेन में बैठे लड़कों को पता चल जाएगा तो क्या होगा लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी पिछली ट्रेन जिससे में आया था उसकी टिकट मेरी ऊपरी जेब में थी । एग्ज़ाम देकर आया था इसलिए पेन तो था ही मेरे पास । मैंने टिकट के पीछे जहां नम्बर लिखने का कॉलम भी होता हैं ।
उसमे नम्बर लिखे और उस टिकट को गोल कर के उसकी तरफ़ देखने लगा कि कब वो मुझे इशारा करे ओर मैं उसकी ओर टिकट पर लिख नम्बर फैंक सकूं। इस दौरान मैं बुरी तरह कांप रहा था। लेकिन जैसे ही उसने मुझे इशारा किया मैंने तुरंत ही टिकट को उसकी ओर फैंक दिया ओर उसने भी जल्दी से टिकट उठा कर अपने पर्स में रख लिया।
लेकिन इस दौरान ट्रेन में बैठे कुछ लड़के मुझे टिकट फैंकते देख लिया। अब इसके बाद हल्ला ना हो ऐसा तो हो नहीं सकता तो पूरी ट्रेन में लड़कों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया लेकिन गनीमत रही के थोड़ी देर बाद उस लड़की का स्टेशन आ गया। उसने मुझे ट्रेन से उतरते हुए मुस्कराते हुए देखा ओर ट्रेन से उतर गई। लड़के अब भी तरह तरह के कमेंट्स कर रहे थे। मैं बहुत खुश था।
उसी शाम को मैं अपने घर पहुंच गया। उसी शाम को 7 बजे के आस पास उसका फोन आया मैं तो इसी इंतजार में था जैसे ही मैंने अनजाना नंबर देखा मेरी धड़कने बहुत बढ गई जैसे ही मैंने फोन उठाया तो दूसरी ओर एक लड़की की आवाज आई। उसने अपना नाम राबिया बताया। वो मुस्लिम थी और मैं हिन्दू जाट। लेकिन कहते है ना प्यार में सब जायज है।
लेकिन मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था कि मेरा नम्बर एक लड़की ने मांगा लेकिन फिर अचानक उसे सवाल किया आपने उन लड़कों को हो हल्ला करने से क्यों नहीं रोका ? मेरा जवाब था क्या वो मेरे कहने से रूक जाते । लेकिन मेरे इस जवाब से वह असंतुष्ट दिखी।
उस दिन कुछ ज्यादा बाते नहीं हुई बस क्या करते हो, पेपर कैसा रहा भविष्य में क्या करने का प्लान है नॉर्मल बाते हुई ओर फोन रख दिया गया। उस दिन के बाद फिर उसका एक हफ्ते के बाद कॉल आया। मैंने इस बार हैलो बोलते ही मैंने सवाल किया इतने दिन फोन क्यों नहीं किया।
लेकिन उधर से जो जवाब आया मैं उसके लिए तैयार नहीं था ओर ना ही मुझे आशा थी। उसने एक क्षण के मौन के बाद जवाब दिया मेरी शादी थी। इस बार मौन होने की बारी मेरी थी। उसने बताया कि जब ट्रेन में मुलाकात हुई तो वह अपनी बहनों के साथ शादी की शॉपिंक करने के लिए गए हुए थे।
उसकी बाते सुन कर मैंने उससे पूछा तुम्हारी शादी थी तो मुझ से फोन नम्बर क्यों लिया। क्या तुम मुझ से प्यार करने लगी थी। उसका जवाब था। शादी-शादी होती है और प्यार प्यार।
फिर मेरी ओर उसकी प्रेम कहानी कभी मोबाईल से आगे नहीं बढ़ पाई उस दिन के बाद लगभग तीन महीने के बाद उसका फोन फिर आया उसने बताया कि वह अपनी ससुराल भीलवाड़ा जा रही है। मेरे शहर से लगभग 4०० किलोमीटर दूर। फिर उसके बाद हमारी कभी बात नहीं हुई। मैं अब भी सोचता हूं कि आखिर वह क्या था। क्या सच है कि आखिर प्यार प्यार love होता है ओर शादी शादी।
नई दिल्ली । samsung mobile मशहूर मोबाइल कंपनी सैमसंग के दो स्मार्टफोन की कीमत में भारी कटौती हो गई है। कंपनी के दो पॉपुलर फोन गैलेक्सी ए50एस और गैलेक्सी ए30एस को पहले से कम कीमत में खरीदा जा सकता है। आइए जानते हैं किस फोन की कितनी कम हुई कीमत। सैमसंग गैलेक्सी ए50एस को भारत में 22,999 रुपये की कीमत में लॉन्च किया गया था, लेकिन कटौती के बाद इस फोन के 4 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को सिर्फ 19,999 रुपये में घर लाया जा सकता है। यानी कि सैमसंग गैलेक्सी ए50एस की कीमत में 3,000 रुपये की कटौती की गई है। दूसरी तरफ गैलेक्सी ए50एस के 6 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की बात करें तो अब इस फोन को 24,999 रुपये के बजाय 21,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। फोन में 6.4 इंच का फुल-एचडी प्लस (1080×2340 पिक्सल) इनफिनिटी यू सुपर एमोलेड डिस्प्ले है। सैमसंग के इस फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन में 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरे के साथ 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा-वाइड एंगल सेंसर और 5 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर दिया गया है। फोन में 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है। कंपनी के दूसरे फोव गैलेक्सी ए30एस के 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत में कटौती के बाद इसे 15,999 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। इस फोन को सैमसंग नें 16,999 रुपये की कीमत में लॉन्च किया था। इस फोन में 6.4 इंच का एचडी+ (720×1560 पिक्सल) इनफिनिटी वी सुपर एमोलोल्ड डिस्प्ले दिया गया है। कैमरा सेटअप की बात करें तो सैमसंग गैलेक्सी ए30एस में रियर पर तीन कैमरा है। प्राइमरी सेंसर 25 मेगापिक्सल, दूसरा 8 मेगापिक्सल और 5 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। सेल्फी के लिए सैमसंग गैलेक्सी ए30एस में 16 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा दिया गया है।
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) IPL के अगले सत्र के लिए खिलाडिय़ों के नीलामी की तारीख तय हो चुकी हैं। इस संबंध में आईपीएल की संचालन परिषद ने एक बैठक के दौरान जानकारी दी के आईपीएल की पहली बार नीलामी का स्थान कोलकाता रखा गया हैं। जबकि पहले नीलामी कार्यक्रम के लिए बेंगलुरू में तय किया जाता था। इसके अलाया यह भी बताया गया कि जहां पहले फ्रैंचाइजी के तौर पर 2019 में एक टीम को 82 करोड़ रुपए आवंटित किए जाते थे वहीं इस बार यह राशि बढ़ा कर 85 करोड़ रुपए प्रति टीम कर दी गई हैं। इसके अलावा भी तीन करोड़ रुपए अतिरिक्त के तौर पर टीम के पास रहेंगे।
इसके अतिरिक्त तीन करोड़ रुपये अतिरिक्त हर टीम के पास होंगे। दिल्ली कैपिटल्स के पास 7.7 करोड़, राजस्थान रॉयल्स के पास 7.15 करोड़ और केकेआर के पास 6.05 करोड़ रुपये का बैलेंस है। आईपीएल 2020 की नीलामी से पहले टीमों के पास शेष राशि: चेन्नै सुपर किंग्स : 3.2 करोड़ रुपये, दिल्ली कैपिटल्स : 7.7 करोड़ रुपये, किंग्स इलेवन पंजाब : 3.7 करोड़ रुपये, कोलकाता नाइट राइडर्स : 6.05 करोड़ रुपये, मुंबई इंडियंस : 3.55 करोड़ रुपये, राजस्थान रॉयल्स : 7.15 करोड़ रुपये, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर : 1.80 करोड़ रुपये, सनराइजर्स हैदराबाद : 5.30 करोड़ रुपये हैं।
नई दिल्ली। गांव (village) वह मानव बस्तियों की छोटी इकाई होती हैं जहां पर थोड़े से लोगों (people) से लेकर हजारों की संख्या में लोग बस्तें हैं। अगर हम मारवाडी भाषा में इसका अर्थ ढूंढे तो इसे गोम कहते हैं। देखने में आया है कि गांव के निवासी ज्यादातर कृषि या फिर पशु पालन करते हैं। गांव में घरों का निर्माण अव्यवस्थित तरीके से होता हैं। अगर सुविधाओं की बात की जाए तो गावों में शहरों की अपेक्षा कम सुविधाएं होती हैं। चाहे वह शिक्षा हो या फिर रोजगार या फिर स्वास्थ्य सभी प्रकार की सुविधाएं शहरों के मुकाबले काफी कम मात्रा में प्राप्त होती हैं। भारत की आधी से ज्यादा आबादी गांवों में निवास करती हैं। अगर भारतीय समाज के परिपेक्षय में देखा जाए तो भारत भी दो परिप्रेक्ष्य में बंटा हुआ हैं । एक ग्रामीण परिवेश दूसरा शहरी परिवेश। भारत में गांवों का अस्तित्व वैदिक युग के दौरान या फिर कहें कि मौर्य के शोसनकाल के दौरान देखने को मिलता हैं। मौर्य राजवंश ३२३ ई पूर्व के दौरान राजा चंद्रगुप्त मौर्य के द्वारा स्थापित किया गया। उस समय भारतीय सामाजिक व्यवस्था राज्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी। समय के साथ साथ जब भारत में मुगलों का अगमन हुआ ततो भारतीय गांवों का सामाजिक रूप काफी बदल गया। लेकिन फिर भी ग्रामीण परिवेश में एक प्रकार की जमीनी जुड़ाव देखा गया जहां मुस्लिम व हिन्दू संस्कृति की मिलावट व भाईचारा देखा जाता रहा। लेकिन समय के साथ साथ जब भारत में ब्रिटिश का आगम हुआ तो भारतीय ग्रामीण परिवेश ने तेजी से आधुनिकता को अपनाना शुरू कर दिया। गांवों में ट्रेनों और अन्य ऑटोमोबाइल आदि शाुरू होने से भारतीय गांवों की परिवहन व्यवस्था में तेजी से विकास हुआ जिसका असर गांवों के निवासियों के जीवन में भी देखा जा सकता था। ब्रिटिश काल के दौरान ही भारतीय ग्रामीण परिवेश राजनीतिक रूप से भी जागरूक होनेे लगा जिससे उनकी सहभागिता राजनीति में बढऩे लगी। काफी लंबे समय से कृषि पर निर्भर करने वाले ग्रामीण लोग ब्रिटिश काल आने के पश्चात कुछ कुछ उद्योगों की तरफ आकर्षित होने लगे। हालांकि इनकी संख्या काफी कम थी लेकिन लोगों में जागरूकता बढऩे लगी। यातायात की व्यवस्था होने से लोगों ने रोजगार के लिए गांवों से शहरों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया। ब्रिटिश काल से पहले शिक्षा पर ब्राह्मण का कब्जा था लेकिन लोगों में जागरूकता बढऩे से अन्य वर्ग भी शिक्षा के लिए प्रयास करने लगा जो कि बहुत बड़ा परिवर्तन था भारतीय समाज में । वहीं से भारतीय समाज में बदलाव की शुरूआत हुई जो कि आज भारतीय गांवों को आज लगभग एक छोटे कस्बे के रूप में लाकर हमारे सामने खड़ा कर दिया हैं।